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  • Share Market Holiday: 14 सितंबर को स्टॉक मार्केट बंद, कमोडिटी और EGR सेगमेंट में शाम पांच बजे बाद शुरू होगी ट्रेडिंग

    Share Market Holiday: 14 सितंबर को स्टॉक मार्केट बंद, कमोडिटी और EGR सेगमेंट में शाम पांच बजे बाद शुरू होगी ट्रेडिंग

    नई दिल्ली ।गणेश चतुर्थी के अवसर पर सोमवार, 14 सितंबर 2026 को देश के शेयर बाजार में कारोबार बंद है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE पर आज सामान्य ट्रेडिंग नहीं होगी। बाजार की छुट्टी के कारण निवेशक इक्विटी समेत कई प्रमुख सेगमेंट में खरीद-बिक्री नहीं कर सकेंगे।

    आज इक्विटी सेगमेंट, डेरिवेटिव्स सेगमेंट और सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग यानी SLB सेगमेंट में कारोबार पूरी तरह बंद रहेगा। इसके अलावा करेंसी डेरिवेटिव्स सेगमेंट और इंटरेस्ट रेट डेरिवेटिव्स में भी सोमवार को कोई ट्रेडिंग नहीं होगी। इस तरह इन सभी प्रमुख बाजार सेगमेंट में पूरे कारोबारी दिन गतिविधियां बंद रहेंगी।

    गणेश चतुर्थी के मौके पर बाजार बंद रहने के साथ देश के कई सरकारी और निजी कार्यालयों में भी अवकाश है। इसके अलावा कई सरकारी और निजी बैंक भी सोमवार को बंद रहने वाले हैं। हालांकि, सभी कार्यालयों में छुट्टी होना जरूरी नहीं है और कुछ जगहों पर सामान्य कामकाज जारी रहेगा।

    शेयर बाजार में छुट्टी के बावजूद कमोडिटी डेरिवेटिव्स और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट यानी EGR सेगमेंट में आंशिक कारोबार की व्यवस्था रहेगी। इन सेगमेंट में सुबह का कारोबारी सत्र बंद रहेगा। शाम के सत्र में कारोबार दोबारा शुरू किया जाएगा।

    कमोडिटी बाजार में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक कारोबार नहीं होगा। इसके बाद शाम 5 बजे से ट्रेडिंग दोबारा शुरू होगी। यानी इक्विटी और अन्य प्रमुख सेगमेंट के विपरीत कमोडिटी डेरिवेटिव्स और EGR सेगमेंट में दिन के दूसरे हिस्से में कारोबार किया जा सकेगा।

    बाजार बंद रहने की यह व्यवस्था गणेश चतुर्थी के अवसर पर लागू है। ऐसे में निवेशकों और बाजार से जुड़े लोगों के लिए सोमवार को शेयर बाजार की सामान्य गतिविधियां उपलब्ध नहीं रहेंगी। BSE की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, आज संबंधित सेगमेंट में ट्रेडिंग नहीं होगी।

    अब बाजार अगले कारोबारी दिन मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को फिर से खुलेगा। उस दिन BSE और NSE पर सामान्य कारोबार शुरू होने की उम्मीद रहेगी। वहीं, कमोडिटी डेरिवेटिव्स और EGR सेगमेंट के लिए सोमवार शाम 5 बजे के बाद कारोबार का सत्र उपलब्ध रहेगा।

    गणेश चतुर्थी के कारण शेयर बाजार की छुट्टी निवेशकों के लिए कारोबारी कैलेंडर का हिस्सा है। इसलिए 14 सितंबर को इक्विटी, डेरिवेटिव्स, SLB, करेंसी डेरिवेटिव्स और इंटरेस्ट रेट डेरिवेटिव्स में लेन-देन नहीं किया जा सकेगा। बाजार से जुड़े लोगों को अगले कारोबारी दिन यानी 15 सितंबर से सामान्य गतिविधियां फिर शुरू करनी होंगी।

    इस तरह सोमवार को शेयर बाजार की प्रमुख गतिविधियां बंद रहेंगी, जबकि कमोडिटी डेरिवेटिव्स और EGR में शाम के सत्र में सीमित कारोबार जारी रहेगा। निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि बाजार की छुट्टी केवल संबंधित ट्रेडिंग सेगमेंट के तय कार्यक्रम के अनुसार लागू है और मंगलवार से सामान्य कारोबार फिर शुरू होगा।

  • वैशाख विनायक चतुर्थी 2026: आज गणेश पूजा का शुभ संयोग, बनेंगे सुख-समृद्धि के योग

    वैशाख विनायक चतुर्थी 2026: आज गणेश पूजा का शुभ संयोग, बनेंगे सुख-समृद्धि के योग


    नई दिल्ली। आज 20 अप्रैल 2026 को वैशाख माह की विनायक चतुर्थी का पावन व्रत रखा जा रहा है। हिंदू धर्म में चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। हर माह शुक्ल और कृष्ण पक्ष में आने वाली चतुर्थी तिथि पर भक्त गणपति बप्पा की पूजा कर जीवन के कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। वैशाख मास की यह विनायक चतुर्थी विशेष रूप से फलदायी मानी गई है क्योंकि इस दिन शोभन योग का भी शुभ संयोग बन रहा है।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शोभन योग में की गई पूजा-अर्चना का फल कई गुना बढ़ जाता है। इस योग में भगवान गणेश की विधिवत आराधना करने से जीवन में सुख, समृद्धि, सफलता और स्थिरता के योग बनते हैं। साथ ही यह माना जाता है कि इस दिन की गई पूजा से सभी प्रकार की बाधाएं दूर हो जाती हैं और रुके हुए कार्य भी पूरे होने लगते हैं।

    धार्मिक शास्त्रों के अनुसार विनायक चतुर्थी व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित होता है जिन्हें विघ्नहर्ता कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से व्यक्ति के जीवन से सभी प्रकार की बाधाएं समाप्त हो जाती हैं और बुद्धि, विवेक, मान-सम्मान तथा समृद्धि में वृद्धि होती है।

    ऐसा भी माना जाता है कि जो लोग लगातार असफलताओं का सामना कर रहे होते हैं उनके लिए यह व्रत अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है। गणपति की कृपा से जीवन में नई दिशा और सफलता के मार्ग खुलते हैं। घर-परिवार में सुख-शांति का वातावरण बनता है और मांगलिक कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।

    विनायक चतुर्थी की पूजा विधि भी अत्यंत सरल मानी गई है। इस दिन प्रातः स्नान कर घर के मंदिर को स्वच्छ कर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाती है। लाल वस्त्र बिछाकर गणपति को विराजमान किया जाता है और गंगाजल से संकल्प लेकर पूजा प्रारंभ की जाती है। इसके बाद भगवान गणेश को दूर्वा, मोदक, लड्डू और पुष्प अर्पित किए जाते हैं। धूप-दीप जलाकर विधिवत आराधना की जाती है और गणेश मंत्रों का जाप तथा गणेश चालीसा का पाठ किया जाता है।

    शाम के समय चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाता है जिसे पारण कहा जाता है। इस पूरी विधि से की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शुभ फल लेकर आती है। कुल मिलाकर विनायक चतुर्थी का यह पावन अवसर भक्तों के लिए भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ समय माना जाता है।