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  • आज का पंचांग: 4 फरवरी 2026 गणेश पूजा और बुधवार व्रत का संयोग..

    आज का पंचांग: 4 फरवरी 2026 गणेश पूजा और बुधवार व्रत का संयोग..


    नई दिल्ली।आज बुधवार, 4 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। पंचांग के अनुसार यह दिन भगवान गणेश की उपासना और बुधवार व्रत के लिए विशेष महत्व रखता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुधवार का दिन बुद्धि, विवेक और बाधा निवारण के प्रतीक गणेश जी को समर्पित माना जाता है। साथ ही यह दिन बुध ग्रह से भी जुड़ा हुआ है, जिसे वाणी, व्यापार, शिक्षा और तर्कशक्ति का कारक ग्रह कहा गया है। इस कारण आज का दिन पूजा-पाठ के साथ-साथ जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए भी शुभ माना जाता है।

    फाल्गुन मास का पहला बुधवार होने के कारण आज का व्रत और पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन विधि-विधान से गणेश पूजन करने से बुध ग्रह की स्थिति सुदृढ़ होती है। इसका असर करियर, शिक्षा और व्यापार में स्थिरता के रूप में देखने को मिलता है। विद्यार्थी नौकरीपेशा और कारोबारी वर्ग आज के दिन पूजा और संकल्प को विशेष महत्व देते हैं।

    आज तृतीया तिथि रात 12:09 बजे तक प्रभावी रहेगी उसके बाद चतुर्थी तिथि प्रारंभ होगी। दिन में पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रात 10:12 बजे तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र प्रभाव में आएगा। आज अतिगण्ड योग बना हुआ है, जो 5 फरवरी की रात 1:05 बजे तक रहेगा, इसके पश्चात सुकर्मा योग का आरंभ होगा। चंद्रमा सिंह राशि में स्थित रहेगा और बाद में कन्या राशि में प्रवेश करेगा।सूर्योदय आज सुबह 7:08 बजे और सूर्यास्त शाम 6:03 बजे होगा। चंद्रोदय रात 8:37 बजे और चंद्रास्त सुबह 8:36 बजे है। ये समय व्रत, पूजा और दान कार्य के लिए शुभ माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:23 से 6:15 बजे तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2:24 से 3:08 बजे तक और अमृत काल 3:48 से 5:24 बजे तक रहेगा। शाम को गोधूलि मुहूर्त 6:00 से 6:26 बजे तक प्रभावी रहेगा।

    अशुभ समय में राहुकाल दोपहर 12:35 से 1:57 बजे, भद्रा दोपहर 12:19 बजे से रात 12:09 बजे तक (5 फरवरी) रहेगा। इसके अतिरिक्त यमगण्ड, गुलिक काल और दुर्मुहूर्त भी दिन में पड़ रहे हैं। उत्तर दिशा में दिशाशूल होने के कारण आज इस दिशा में यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।

    गणेश पूजा करने के लिए सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। लाल पुष्प, मोदक या लड्डू का भोग लगाएं और “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। हरी वस्तुओं का दान करना, कटु वाणी से बचना और व्रत के नियमों का पालन करना शुभ माना गया है।आज का यह दिन बुद्धि, व्यापार और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। सरल उपाय और विधि-विधान से गणेश पूजन करने से जीवन में बाधाएं दूर होती हैं और बुध ग्रह का सकारात्मक प्रभाव मिलता है।

  • बुधवार के उपाय: गणेश पूजा और बुध ग्रह की पूजा से बढ़ाएं बुद्धि, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति

    बुधवार के उपाय: गणेश पूजा और बुध ग्रह की पूजा से बढ़ाएं बुद्धि, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति


    नई दिल्ली।बुधवार को भगवान गणेश और बुध ग्रह की पूजा विशेष महत्व रखती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए उपाय व्यक्ति की बुद्धि, वाणी, निर्णय क्षमता और आर्थिक स्थिति पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। गणेश पूजा से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, जबकि बुध ग्रह की शांति से मानसिक स्थिरता और व्यावसायिक समझ मजबूत होती है। इसे ध्यान में रखते हुए बुधवार को पूजा, व्रत, दान और सेवा से जुड़े उपायों को जीवन में अपनाना शुभ माना जाता है।

    धार्मिक ग्रंथों में बुधवार को प्रथम पूज्य भगवान गणेश का दिन माना गया है। बुध ग्रह से जुड़े उपाय बुद्धि, तर्क, व्यापार और संवाद में सुधार लाते हैं। इस दिन गणेश जी को 21 दूर्वा अर्पित करना, गुड़, मोदक या लड्डू का भोग लगाना और मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है। मंत्र जाप के दौरान एकाग्रता और मानसिक संतुलन बनाए रखने की विशेष सलाह दी जाती है।

    धार्मिक मान्यताओं में बुधवार को गाय की सेवा का भी महत्व बताया गया है। हरा चारा, पालक या घास देने से बुध ग्रह से जुड़े दोष कम होते हैं। हरी मूंग की दाल, हरे वस्त्र या हरी वस्तुओं का दान जरूरतमंदों को करने से सामाजिक संतुलन और पुण्य की प्राप्ति होती है।बुधवार को हरे रंग को शुभ माना जाता है। हरे वस्त्र पहनने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और बुध ग्रह का अनुकूल प्रभाव मिलता है। इसके विपरीत काले रंग के कपड़े पहनने से बचने की सलाह दी जाती है। इस दिन उधार लेने या देने से भी परहेज करने की परंपरा है, ताकि आर्थिक अस्थिरता से बचा जा सके।

    पारिवारिक और स्वास्थ्य से जुड़े उपायों में बहन या बेटी को हरी वस्तु या पढ़ाई की सामग्री भेंट करने से शिक्षा और करियर में उन्नति के योग बनते हैं। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से राहत के लिए गणेश जी को धूप और हरा फल अर्पित करना, गौशाला में हरा चारा दान करना शुभ माना जाता है।इन सरल उपायों को अपनाकर बुधवार को गणेश और बुध ग्रह की पूजा से मानसिक संतुलन, व्यावसायिक सफलता और पारिवारिक सुख-समृद्धि सुनिश्चित की जा सकती है। धार्मिक आस्था और सही समय पर उपाय करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की संभावना बढ़ जाती है।

  • Budhwar Puja: मोदक के साथ ये 5 फल भी अतिप्रिय हैं गणेश जी को, बुधवार को जरूर चढ़ाएं

    Budhwar Puja: मोदक के साथ ये 5 फल भी अतिप्रिय हैं गणेश जी को, बुधवार को जरूर चढ़ाएं

    बुधवार का दिन भगवान गणेश की उपासना के लिए शुभ माना जाता है। हिंदू धर्म में गणपति को विघ्नहर्ता और प्रथम पूजनीय देवता का दर्जा दिया गया है। इसी कारण किसी भी मांगलिक कार्य की शुरुआत से पहले उनका आह्वान किया जाता है ताकि जीवन से बाधाएं दूर हों और सफलता मिले।

    आम तौर पर गणेश जी को मोदक का भोग अति प्रिय माना जाता है, लेकिन इसके साथ कुछ ऐसे फल भी हैं जो उन्हें विशेष रूप से पसंद हैं। मान्यता है कि बुधवार के दिन ये फल अर्पित करने से भगवान गणेश अत्यंत प्रसन्न होते हैं और भक्तों को शुभ फल प्राप्त होता है।

    बुधवार की पूजा में जरूर चढ़ाएं ये 5 फल
    1. केला

    गणेश जी को केला बहुत पसंद है। कहा जाता है कि बुधवार के दिन केले का भोग लगाने से जीवन में उन्नति होती है।
    ध्यान रहे—केला कभी अकेला न चढ़ाएं, हमेशा जोड़े में ही अर्पित करें।

    2. अमरूद

    अमरूद भगवान गणेश के प्रिय फलों में से एक है। मान्यता है कि अमरूद चढ़ाने से मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं और जीवन में सौभाग्य बढ़ता है।

    3. बेल का फल

    जहां बेल का फल शिवजी को अत्यंत प्रिय है, वहीं शिवपुत्र गणेश भी इसे पसंद करते हैं। बुधवार के दिन बेल का फल अर्पित करने से घर में सुख-शांति आती है और शुभाशीष मिलता है।

    4. जामुन

    जामुन भी पंचफलों में शामिल है जो गणेश जी के प्रिय माने जाते हैं। यह मौसमी फल होते हुए भी बहुत शुभ माना जाता है। बुधवार की पूजा में जामुन चढ़ाने से बप्पा प्रसन्न होते हैं और भक्तों की कठिनाइयाँ दूर होती हैं।

    5. सीताफल (शरीफा)

    सीताफल को भी गणपति का प्रिय फल बताया गया है। मान्यता है कि इसे भोग लगाने से गणेश जी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में स्थिरता आती है।

    बुधवार के दिन मोदक के साथ इन पांच फलों का भोग लगाने से भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है। यह न केवल पूजा को पूर्णता देता है, बल्कि भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता भी लाता है।