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  • उज्जैन में मिलने बुलाकर महिला से चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, दो आरोपियों पर एफआईआर दर्ज

    उज्जैन में मिलने बुलाकर महिला से चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, दो आरोपियों पर एफआईआर दर्ज


    इंदौर: की एक महिला ने उज्जैन में चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म और मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। महिला के मुताबिक, इंस्टाग्राम के जरिए उसकी दोस्ती उज्जैन के रहने वाले चक्रेश जैन से हुई थी। युवक ने उसे मिलने के लिए उज्जैन बुलाया था। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने चक्रेश जैन और एक अन्य आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। महिला ने इस घटना में कुल पांच लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस ने फिलहाल दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

    महिला के अनुसार, कुछ महीने पहले इंस्टाग्राम पर उसकी पहचान चक्रेश जैन से हुई थी। इसके बाद दोनों एक-दो बार मिल भी चुके थे। सोमवार को चक्रेश ने उसे मिलने के लिए उज्जैन बुलाया। महिला बस से उज्जैन पहुंची, जहां मेघदूत होटल के पास चक्रेश अपने एक साथी के साथ कार लेकर उससे मिला। महिला का आरोप है कि इसके बाद दोनों उसे कार में घुमाते रहे और कुछ समय बाद चक्रेश के चार अन्य दोस्त भी कार में सवार हो गए।

    महिला ने आरोप लगाया है कि कार में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म और मारपीट की गई। उसने यौन हिंसा के दौरान गंभीर चोट पहुंचाने का आरोप भी लगाया है। महिला के अनुसार, आरोपियों ने उसके प्राइवेट पार्ट में लकड़ी डालकर उसे घायल किया। घटना के संबंध में महिला ने एक वीडियो जारी कर अपने साथ हुई कथित हिंसा की जानकारी दी है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    महिला ने बताया कि घटना के बाद आरोपी उसे इंदौर में अरबिंदो अस्पताल के बाहर छोड़ गए। महिला के मुंहबोले नाबालिग भाई के मुताबिक, रात करीब नौ बजे उसके पास महिला का फोन आया था। फोन पर वह रो रही थी और उसने अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। इसके बाद भाई उसे लेने अरबिंदो अस्पताल पहुंचा। वहां से महिला अपने भाई के साथ उज्जैन के नानाखेड़ा थाने पहुंची और पुलिस को शिकायत दी।

    जानकारी के मुताबिक, महिला रात करीब 12 बजे थाने पहुंची थी। पुलिस ने उसका बयान दर्ज करने के बाद मेडिकल जांच के लिए भेजा। मामले में सीएसपी श्वेता गुप्ता और थाना प्रभारी नरेंद्र यादव ने महिला से पूछताछ की। महिला के लिखित आवेदन के आधार पर चक्रेश जैन और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    सीएसपी श्वेता गुप्ता के मुताबिक, महिला अपनी मर्जी से बस में सवार होकर उज्जैन आई थी। पुलिस ने उसकी शिकायत पर दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस मामले में महिला की ओर से बताए गए आरोपियों की संख्या और दर्ज एफआईआर में नामजद आरोपियों की संख्या अलग-अलग है। महिला ने वीडियो में चार से पांच लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस ने फिलहाल दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामले की जांच में आरोपों और घटना से जुड़े तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा।

  • दिल्ली में गैंगरेप और अपराध की घटनाओं पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मानी प्रशासनिक कमी, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का दिया आश्वासन

    दिल्ली में गैंगरेप और अपराध की घटनाओं पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मानी प्रशासनिक कमी, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का दिया आश्वासन

    नई दिल्ली ।दिल्ली में महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ हुई गंभीर आपराधिक घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रशासनिक स्तर पर हुई कमियों को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं से प्रशासन को सबक मिला है और राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी आपराधिक घटना को रोकने के लिए संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और निगरानी जरूरी है।

    चलती बस में 16 वर्षीय लड़की के साथ गैंगरेप की घटना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने माना कि संबंधित बस की जांच नहीं हो पाई थी। उनसे पूछा गया था कि वर्ष 2012 के निर्भया कांड के बाद भी करीब 47 किलोमीटर तक चलने वाली बस कई चेकपॉइंट से गुजरती रही, लेकिन उसकी जांच क्यों नहीं की गई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में निश्चित रूप से गलती हुई और बस की जांच नहीं की गई थी। घटना के बाद सभी संबंधित एजेंसियों को यह एहसास हुआ कि किसी भी बस को बिना जांच के आगे नहीं जाने दिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि मामले में 11 चालान काटे गए हैं।

    मुख्यमंत्री के अनुसार, निजी एजेंसियों के ड्राइवर और कंडक्टर सहित बसों से जुड़े कर्मचारियों के पुलिस रिकॉर्ड और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आपराधिक रिकॉर्ड वाले किसी व्यक्ति को स्कूल बस, निजी बस या सरकारी बस चलाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में महिलाओं और बेटियों के साथ होने वाली हर घटना सरकार के लिए चिंता का विषय है। सरकार का प्रयास ऐसी घटनाओं को रोकना है और प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस बल बेहतर परिणाम देने के लक्ष्य के साथ काम करते हैं, लेकिन एक भी आपराधिक घटना होना चिंता का विषय है।

    दक्षिण दिल्ली के कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क में नाबालिग से गैंगरेप की घटना के बाद उठे सुरक्षा संबंधी सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाओं के बाद यह पता लगाने की कोशिश की जाती है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और व्यवस्था में क्या सुधार जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली के डार्क स्पॉट को सुरक्षित करने के निर्देश संबंधित एजेंसियों को दिए गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद करीब एक लाख नई स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। उनके अनुसार, ये लाइटें सेंसर से जुड़ी हैं और खराब होने पर कंट्रोल रूम को अलर्ट मिलता है, जिसके बाद संबंधित एजेंसी को उन्हें ठीक करने के लिए भेजा जाता है।

    सत्य निकेतन में इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के मामले पर मुख्यमंत्री ने सरकार और नगर निगम की जिम्मेदारी से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की मौजूदा व्यवस्थाएं कई वर्षों में विकसित हुई हैं और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए व्यवस्था में सुधार जरूरी है।

    PG रजिस्ट्रेशन के सवाल पर मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों के कार्यकाल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद करीब डेढ़ साल का समय हुआ है और यह भी देखा जाना चाहिए कि उनसे पहले ऐसी व्यवस्थाएं क्यों नहीं बनाई गईं।

    मुख्यमंत्री ने दिल्ली में SDRF का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले ऐसी विशेष व्यवस्था नहीं थी, जबकि आपदा या आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव के लिए इसकी जरूरत होती है। उनके मुताबिक अब दिल्ली के पास अपनी SDRF है और इसका इस्तेमाल आपात परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए किया जा सकता है।

  • चित्रकूट में NEET छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, तीन युवकों पर केस दर्ज, CCTV के आधार पर जांच तेज

    चित्रकूट में NEET छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, तीन युवकों पर केस दर्ज, CCTV के आधार पर जांच तेज


    नई दिल्ली ।
    उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में एक छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। घटना देवांगना घाटी क्षेत्र में हुई, जहां पीड़िता अपने परिचित के साथ गई थी। पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद तत्काल प्राथमिकी दर्ज की गई और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चला रही है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 20 वर्षीय छात्रा राजस्थान के कोटा में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही है और मध्य प्रदेश के सतना जिले की निवासी है। वह घूमने के उद्देश्य से चित्रकूट आई थी। उसके साथ मौजूद किशोर ने पुलिस को बताया कि घटना के दौरान तीन युवकों ने उन्हें रोका और खुद को वन विभाग का कर्मचारी बताते हुए धमकाया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद किशोर को बांध दिया गया और छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया।

    पुलिस का कहना है कि घटना की सूचना मिलने के बाद मौके का निरीक्षण किया गया और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए गए। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। जांच के दौरान कुछ फुटेज में संदिग्ध व्यक्तियों के बाइक से गुजरने की जानकारी मिली है, जिसके आधार पर उनकी पहचान का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

    जांच अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराया जा रहा है और उसके बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही घटना के समय उसके साथ मौजूद किशोर से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।

    जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों को सक्रिय किया गया है। आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच के साथ स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी संभावित सुरागों पर काम किया जा रहा है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास जारी है।

    इस घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। समाजवादी पार्टी के विधायक अनिल प्रधान ने कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिस स्थान पर यह घटना हुई, वह प्रशासनिक और महत्वपूर्ण संस्थानों से अधिक दूर नहीं है। उन्होंने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

    यह मामला एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष और तेज जांच की जाएगी तथा उपलब्ध सभी साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस ने लोगों से अफवाहों से बचते हुए केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।

  • पाकिस्तान में गैंगरेप मामले ने बढ़ाई शहबाज सरकार की मुश्किलें, विदेश मंत्री इशाक डार के रिश्तेदार की गिरफ्तारी के बाद इस्तीफे की मांग हुई तेज

    पाकिस्तान में गैंगरेप मामले ने बढ़ाई शहबाज सरकार की मुश्किलें, विदेश मंत्री इशाक डार के रिश्तेदार की गिरफ्तारी के बाद इस्तीफे की मांग हुई तेज

    नई दिल्ली । पाकिस्तान के लाहौर में दो विदेशी महिलाओं के कथित अपहरण और गैंगरेप के मामले ने वहां की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले में विदेश मंत्री और उप-प्रधानमंत्री इशाक डार के करीबी रिश्तेदार की गिरफ्तारी के बाद विपक्षी नेताओं ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और इशाक डार से इस्तीफे की मांग भी सामने आने लगी है।

    मामले के अनुसार, नीदरलैंड और वेनेजुएला की दो महिलाओं के साथ लाहौर में कथित तौर पर अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और अब तक चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। अदालत ने गिरफ्तार आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

    जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए प्रमुख आरोपियों में मुहम्मद रज़ा डार का नाम सामने आया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह इस मामले का मुख्य संदिग्ध माना जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि दोनों विदेशी महिलाओं की मुलाकात रज़ा डार से पिछले वर्ष सिंगापुर में हुई थी। बाद में कथित तौर पर एक कारोबारी परियोजना के सिलसिले में संपर्क बढ़ा और महिलाओं के पाकिस्तान आने की व्यवस्था की गई।

    मामले के राजनीतिक पहलू ने तब और तूल पकड़ लिया जब विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रभावशाली पारिवारिक संबंधों के कारण कार्रवाई में देरी हुई। विपक्ष का कहना है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद मामले में निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। इसी मुद्दे को लेकर इशाक डार के पद पर बने रहने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

    विपक्षी नेता फैसल वावडा ने सार्वजनिक रूप से इशाक डार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि जब उनके करीबी रिश्तेदार पर इतने गंभीर आरोप लगे हैं, तब उन्हें सरकार के महत्वपूर्ण पदों पर बने रहने पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी की गिरफ्तारी में देरी हुई और मामले में उच्च स्तर पर प्रभाव डालने की कोशिश की गई। हालांकि इन आरोपों पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    घटना ने पाकिस्तान की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी बहस तेज कर दी है। विदेशी नागरिकों से जुड़े गंभीर आपराधिक मामलों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच और त्वरित न्यायिक प्रक्रिया को लेकर दबाव बढ़ना स्वाभाविक माना जा रहा है।

    फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है। जांच एजेंसियां घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं, जबकि राजनीतिक हलकों में इस मामले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। आने वाले दिनों में जांच की प्रगति और न्यायिक प्रक्रिया इस मामले की दिशा तय करेगी, वहीं यह घटनाक्रम पाकिस्तान की राजनीति और सरकार के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनता दिखाई दे रहा है।

  • लाहौर गैंगरेप मामले में बड़ा खुलासा, दो विदेशी महिलाओं से दुष्कर्म के आरोप में उप प्रधानमंत्री इशाक डार के रिश्तेदार सहित चार गिरफ्तार

    लाहौर गैंगरेप मामले में बड़ा खुलासा, दो विदेशी महिलाओं से दुष्कर्म के आरोप में उप प्रधानमंत्री इशाक डार के रिश्तेदार सहित चार गिरफ्तार

    नई दिल्ली । पाकिस्तान के लाहौर में दो विदेशी महिलाओं के कथित अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और फिरौती से जुड़े मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर हलचल पैदा कर दी है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार का एक रिश्तेदार भी शामिल बताया जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत ने सभी आरोपियों को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, जबकि जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की विस्तृत पड़ताल कर रही हैं।

    पुलिस के अनुसार, पीड़ित महिलाओं में एक नीदरलैंड और दूसरी वेनेजुएला की नागरिक हैं। आरोप है कि 29 जून को लाहौर में दोनों महिलाओं का अपहरण कर उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब स्पेन से प्राप्त एक आपातकालीन सूचना के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए महिलाओं का पता लगाया और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।

    जांच के दौरान पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लिया। इनमें अहमद रजा डार, सिकंदर अजीज खान, हसन रजा और साजिद अली शामिल हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार अहमद रजा डार को मामले का मुख्य आरोपी माना जा रहा है। चूंकि आरोपी का संबंध देश के उप प्रधानमंत्री के परिवार से बताया जा रहा है, इसलिए पूरे मामले पर राष्ट्रीय स्तर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन पर भी कार्रवाई की गई है। प्राथमिकी दर्ज करने वाले संबंधित थाना प्रभारी सहित दो अन्य पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जाएगी।

    जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले के प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर घटनाक्रम, कथित अपहरण, अपराध की परिस्थितियों और संभावित अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। साथ ही उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, घटनास्थल से मिले प्रमाणों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया जा रहा है।

    यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि आरोपी का संबंध देश के एक वरिष्ठ राजनीतिक परिवार से बताया जा रहा है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया को लेकर सार्वजनिक निगरानी बढ़ जाती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच कानून के दायरे में रहकर की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल सभी आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और जांच जारी है। अदालत द्वारा दी गई रिमांड अवधि के दौरान पुलिस साक्ष्य जुटाने, पीड़िताओं के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले को आगे बढ़ाएगी। इस बीच संबंधित प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियां भी पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रही हैं ताकि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप पूरी की जा सके।