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  • किचन के कचरे से बगीचे में जान, तरबूज के छिलकों से लौटेगी हरियाली..

    किचन के कचरे से बगीचे में जान, तरबूज के छिलकों से लौटेगी हरियाली..

    नई दिल्ली। गर्मियों का मौसम जहां इंसानों के लिए मुश्किलें लेकर आता है, वहीं पौधों के लिए भी यह समय किसी परीक्षा से कम नहीं होता। जब तापमान लगातार बढ़कर 40 डिग्री के पार पहुंच जाता है, तो बगीचों और घरों में लगे पौधे धीरे-धीरे अपनी ताजगी खोने लगते हैं। पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं, उनके किनारे सूखने लगते हैं और कई बार पौधों की बढ़त भी रुक जाती है। ऐसे हालात में लोग अक्सर महंगे खाद और रासायनिक उर्वरकों का सहारा लेते हैं, लेकिन हर बार ये उपाय संतोषजनक परिणाम नहीं देते। कई बार तो ये केमिकल गर्मी में पौधों को और नुकसान पहुंचा देते हैं।

    इसी समस्या का एक सरल और किफायती समाधान घर की रसोई में ही छिपा होता है, जिसे अक्सर लोग बेकार समझकर फेंक देते हैं। तरबूज के छिलके, जिन्हें आमतौर पर कचरे में डाल दिया जाता है, दरअसल पौधों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं। इनमें मौजूद प्राकृतिक तत्व मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और पौधों को ठंडक देने में मदद करते हैं। यह उपाय खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो बिना केमिकल के अपने बगीचे को स्वस्थ और हरा-भरा रखना चाहते हैं।

    इस देसी टॉनिक को तैयार करना भी बेहद आसान है और इसके लिए किसी विशेष उपकरण या सामग्री की जरूरत नहीं होती। सबसे पहले तरबूज के छिलकों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लिया जाता है। इसके बाद इन्हें एक बाल्टी या बड़े बर्तन में डालकर पर्याप्त मात्रा में पानी भर दिया जाता है। इस मिश्रण को दो से तीन दिनों तक ढककर किसी ठंडी जगह पर रखा जाता है, ताकि छिलकों में मौजूद पोषक तत्व धीरे-धीरे पानी में घुल जाएं और एक पौष्टिक घोल तैयार हो सके।

    जब यह मिश्रण तैयार हो जाए, तो इसे छानकर सीधे पौधों की जड़ों में डाला जा सकता है। इसका उपयोग सुबह या शाम के समय करना अधिक लाभकारी माना जाता है, क्योंकि उस समय धूप कम होती है और पौधे इस पोषण को बेहतर तरीके से ग्रहण कर पाते हैं।

    इस प्राकृतिक घोल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह मिट्टी की नमी को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करता है, जिससे पौधों को बार-बार पानी देने की जरूरत कम हो जाती है। इसके अलावा यह पौधों को जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करता है, जिससे उनकी वृद्धि बेहतर होती है और पत्तियों के सूखने या जलने की समस्या कम हो जाती है।

    हालांकि, इसका उपयोग संतुलित मात्रा में करना जरूरी है। बहुत अधिक मात्रा में या रोजाना इसका इस्तेमाल करने से मिट्टी पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए हफ्ते में एक या दो बार इसका उपयोग पर्याप्त माना जाता है।

  • पानी में उगाएं ये 5 इंडोर पौधे, घर और बालकनी बनेगी हरी-भरी मिनी गार्डन

    पानी में उगाएं ये 5 इंडोर पौधे, घर और बालकनी बनेगी हरी-भरी मिनी गार्डन


    नई दिल्ली। घर में हरियाली लाने का शौक आजकल तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन शहरों और अपार्टमेंट में जगह की कमी या मिट्टी और खाद की परेशानी के कारण कई लोग गार्डनिंग से दूर रह जाते हैं। ऐसे में पानी में उगने वाले इंडोर पौधे एक शानदार विकल्प साबित हो सकते हैं। ये पौधे कम जगह में भी आसानी से बढ़ते हैं और घर की सजावट में चार चाँद लगाते हैं।

     मनी प्लांट

    मनी प्लांट इंडोर पौधों में सबसे लोकप्रिय है। इसे उगाना बेहद आसान है। बस इसकी एक छोटी बेल काटकर पानी से भरे गिलास या जार में रखें। कुछ ही दिनों में जड़ें उगने लगती हैं। इसे हल्की रोशनी वाली जगह रखें और पानी हर सप्ताह बदलते रहें। यह न सिर्फ घर को सजाता है बल्कि सकारात्मक ऊर्जा भी बढ़ाता है।

    स्नेक प्लांट

    स्नेक प्लांट को आमतौर पर मिट्टी में उगाया जाता है, लेकिन इसकी पत्ती की कटिंग को पानी में डालने पर भी यह जड़ें उगाती है। जड़ें निकलने में लगभग डेढ़ से दो महीने लग सकते हैं। यह कम रोशनी में भी बढ़ता है, इसलिए इसे बेडरूम, लिविंग रूम या ऑफिस में रखा जा सकता है।

    मॉन्स्टेरा

    मॉन्स्टेरा अपने बड़े और डिजाइनदार पत्तों के लिए जाना जाता है। इसकी कटिंग को पानी में डालें और दो-तीन हफ्तों में जड़ें दिखने लगेंगी। हल्की छनकर आने वाली रोशनी इसे सबसे अच्छा बढ़ने में मदद करती है। यह पौधा घर के इंटीरियर को स्टाइलिश लुक देता है।

     सिंगोनियम

    सिंगोनियम या एरोहेड प्लांट की पत्तियां तीर के आकार की होती हैं। इसे पानी में उगाना आसान है और लगभग दो हफ्तों में जड़ें निकलने लगती हैं। इसे स्टडी टेबल, ऑफिस डेस्क, किचन विंडो या छोटे कोने में रखा जा सकता है। इसकी आकर्षक पत्तियां घर की सजावट में निखार लाती हैं।

    लकी बैम्बू

    लकी बैम्बू आमतौर पर पानी में उगाया जाता है और इसकी देखभाल बहुत कम मेहनत में होती है। इसे तेज धूप से दूर, अच्छी रोशनी वाली जगह रखें और जड़ें हमेशा पानी में डूबी रहें। वास्तु और फेंगशुई के अनुसार यह घर में सकारात्मक ऊर्जा और शुभता लाता है।

    इंडोर पौधों के फायदे

    पानी में उगने वाले ये पौधे न केवल घर को हरा-भरा बनाते हैं बल्कि हवा को साफ करने और मानसिक तनाव कम करने में भी मदद करते हैं। कम जगह में भी इन्हें सजाकर आप अपने घर या बालकनी को छोटे-छोटे गार्डन में बदल सकते हैं।