Tag: gas cylinder shortage

  • नई दिल्ली में एलपीजी व्यवस्था को लेकर न्यायिक टिप्पणी, नीति निर्धारण को कार्यपालिका का विषय बताया गया

    नई दिल्ली में एलपीजी व्यवस्था को लेकर न्यायिक टिप्पणी, नीति निर्धारण को कार्यपालिका का विषय बताया गया


    नई दिल्ली :में एलपीजी सिलेंडर की कमी और कथित कालाबाजारी से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। अदालत ने इस याचिका को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि इस प्रकार के मामलों का समाधान न्यायपालिका के बजाय कार्यपालिका के स्तर पर किया जाना चाहिए। इस फैसले के बाद एलपीजी आपूर्ति और उससे जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है।
    याचिका में यह दावा किया गया था कि राजधानी में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति में कमी के कारण आम लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और कई स्थानों पर कालाबाजारी के चलते उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। याचिकाकर्ता ने सरकार पर पर्याप्त कदम न उठाने का आरोप लगाते हुए न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की थी।
    सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि एलपीजी जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, वितरण और मूल्य निर्धारण से जुड़े निर्णय सरकार और प्रशासनिक तंत्र के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। अदालत ने यह भी कहा कि नीति निर्धारण और संसाधन प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर न्यायिक आदेश देना उचित नहीं होगा, क्योंकि यह कार्यपालिका की जिम्मेदारी है।
    न्यायालय ने यह टिप्पणी भी की कि सामाजिक और आर्थिक समस्याओं जैसे गरीबी, शिक्षा और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता से जुड़े विषयों का समाधान सरकार की नीतियों और योजनाओं के माध्यम से किया जाता है। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि वह ऐसे मामलों में प्रशासनिक निर्णयों की जगह नहीं ले सकती, चाहे परिस्थितियां कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों।
    एलपीजी आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर हाल के समय में कुछ क्षेत्रों में अस्थायी बाधाएं और वितरण संबंधी शिकायतें सामने आई थीं, जिससे उपभोक्ताओं में असंतोष देखा गया। कुछ स्थानों पर कीमतों में अनियमितता और जमाखोरी की शिकायतें भी दर्ज की गई थीं, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की गई थी। संबंधित एजेंसियों ने ऐसे मामलों में जांच और छापेमारी की प्रक्रिया भी अपनाई थी।
    अदालत के इस निर्णय के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि एलपीजी आपूर्ति और वितरण से जुड़े सभी मुद्दों का समाधान सरकार और संबंधित विभागों द्वारा ही किया जाएगा। न्यायालय ने संकेत दिया कि ऐसे मामलों में नीति सुधार और प्रशासनिक दक्षता ही मुख्य समाधान का आधार हैं।
    यह फैसला इस बात को भी रेखांकित करता है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति जैसे विषयों में संतुलन बनाए रखना प्रशासनिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। इससे यह संदेश भी जाता है कि न्यायपालिका और कार्यपालिका की भूमिकाएं स्पष्ट रूप से अलग हैं और दोनों अपने अपने दायरे में कार्य करते हैं।
  • गैस सिलेंडर न मिलने से भड़की महिला, एजेंसी पर किया हंगामा; लोगों ने कहा माता आ गई,

    गैस सिलेंडर न मिलने से भड़की महिला, एजेंसी पर किया हंगामा; लोगों ने कहा माता आ गई,


    मुरैना । मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के जौरा क्षेत्र से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है जहां घरेलू गैस सिलेंडर नहीं मिलने से परेशान एक महिला ने गैस एजेंसी के बाहर जमकर हंगामा कर दिया। कई दिनों से सिलेंडर के लिए एजेंसी के चक्कर लगा रही महिला जब इस बार भी खाली हाथ रह गई तो उसने वहीं खड़े होकर जोर जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। इस दौरान वह जीभ निकालकर अजीब हरकतें करने लगी जिससे वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए।

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला एजेंसी के गेट के पास खड़ी होकर जोर जोर से चिल्ला रही है और कर्मचारियों से बार बार गैस सिलेंडर देने की मांग कर रही है। इसी दौरान वह जीभ निकालकर डरावनी आवाजें भी निकालने लगती है। उसकी हरकतों को देखकर वहां मौजूद कुछ लोगों ने इसे माता आना बता दिया और कहने लगे कि महिला पर देवी का साया आ गया है। हालांकि कई लोग उसे समझाने और शांत कराने की कोशिश करते भी दिखाई दिए।

    बताया जा रहा है कि महिला पिछले कई दिनों से घरेलू गैस सिलेंडर के लिए एजेंसी के चक्कर लगा रही थी। बार बार आने के बावजूद जब उसे सिलेंडर नहीं मिला तो उसका गुस्सा फूट पड़ा। गुस्से और हताशा में उसने एजेंसी के गेट को पकड़कर जोर जोर से हिलाना भी शुरू कर दिया और उसे तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान मौके पर मौजूद अन्य उपभोक्ता और कर्मचारी भी उसकी स्थिति देखकर हैरान रह गए।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक इलाके में पिछले कुछ दिनों से घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर दिक्कतें आ रही थीं। कई उपभोक्ताओं को सिलेंडर लेने के लिए बार बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। इसी वजह से लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है।

    इस पूरे मामले को लेकर जौरा के एसडीएम शुभम शर्मा का कहना है कि हाल ही में गैस बुकिंग के सर्वर में तकनीकी समस्या आ गई थी जिसके कारण कई उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिलने में देरी हुई। उन्होंने बताया कि अब सर्वर की समस्या ठीक कर दी गई है और एजेंसियों में गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उपभोक्ताओं के नंबर के अनुसार सिलेंडर दिए जा रहे हैं।

    एसडीएम ने यह भी कहा कि वायरल वीडियो की जानकारी मिली है और महिला को किस वजह से परेशानी हुई इसकी भी जांच कराई जाएगी। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि देर तक चले इस पूरे हंगामे के बाद भी महिला को उस समय गैस सिलेंडर नहीं मिल पाया और उसे खाली हाथ ही लौटना पड़ा।