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  • 10 साल में कमर्शियल LPG सिलेंडर ₹838 से ₹2810 तक पहुंचा, जानें अक्टूबर में कैसे बदलती रही 19 किलो सिलेंडर की कीमत

    10 साल में कमर्शियल LPG सिलेंडर ₹838 से ₹2810 तक पहुंचा, जानें अक्टूबर में कैसे बदलती रही 19 किलो सिलेंडर की कीमत

    नई दिल्ली: कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में पिछले एक दशक के दौरान बड़ा बदलाव देखने को मिला है। दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत सितंबर 2016 में ₹838 थी, जो अक्टूबर 2026 में बढ़कर ₹2810 हो गई। यानी करीब 10 साल की अवधि में इसकी कीमत में बड़ा अंतर आया है। अक्टूबर के महीने में कई वर्षों के दौरान कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी देखने को मिली। 2026 में अक्टूबर की शुरुआत में दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 62.50 रुपये से 71.50 रुपये तक बढ़ी और दिल्ली में इसका दाम ₹2810 पहुंच गया।

    2014 से कीमतों में बदलाव का सिलसिला देखा जाए तो सितंबर 2014 में दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹1503 थी। 1 अक्टूबर को कीमत अपडेट होने के बाद यह ₹30.50 घटकर ₹1472.50 हो गई। 2015 में भी अक्टूबर में कीमत में कमी आई। सितंबर 2015 तक सिलेंडर की कीमत ₹1005.50 थी, जो अक्टूबर में ₹42.50 घटकर ₹963 रह गई। इसके बाद 2016 से 2021 के बीच अक्टूबर के दौरान कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का दौर देखने को मिला। सितंबर 2016 में ₹838 वाला सिलेंडर अक्टूबर में ₹57 महंगा होकर ₹895 हो गया।

    2021 तक यह बढ़ोतरी काफी आगे पहुंच चुकी थी। अक्टूबर 2021 में दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹1736.50 हो गई। इसके बाद अक्टूबर 2022 में सितंबर की ₹1885 कीमत के मुकाबले सिलेंडर ₹25.50 सस्ता होकर ₹1859.50 पर आ गया। 2023 में सितंबर के मुकाबले अक्टूबर में दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹209 बढ़ी और यह ₹1522.50 से बढ़कर ₹1731.50 हो गई। इस तरह अलग-अलग वर्षों में कीमतों में बढ़ोतरी और कमी दोनों देखने को मिली।

    2024 में भी अक्टूबर के दौरान कमर्शियल सिलेंडर महंगा हुआ। सितंबर की ₹1691.50 कीमत के मुकाबले अक्टूबर में इसमें ₹48.50 की बढ़ोतरी हुई और दाम ₹1740 हो गया। 2025 में भी अक्टूबर में कीमत ₹15.50 बढ़ी। सितंबर 2025 में 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत ₹1580 थी, जो अक्टूबर में बढ़कर ₹1595.50 हो गई। हालांकि सालाना आधार पर उस समय कीमत कम रही। इस तरह पिछले वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान कई बार कीमत बढ़ने का रुझान दिखाई देता है।

    कमर्शियल LPG की कीमत तय होने में अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतों की भी भूमिका होती है। LPG की अंतरराष्ट्रीय कीमतों के लिए अरब गल्फ बेंचमार्क महत्वपूर्ण माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय LPG रेट में बदलाव का असर भारत में इसकी लागत पर पड़ता है। कीमत तय करने में पिछले महीने के औसत अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और विदेशी मुद्रा की दर जैसे कारकों को ध्यान में रखा जाता है। इसी आधार पर तेल विपणन कंपनियां LPG की कीमतों में बदलाव करती हैं। पिछले एक दशक के आंकड़े बताते हैं कि 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में समय के साथ काफी उतार-चढ़ाव आया है और सितंबर 2016 के ₹838 से अक्टूबर 2026 के ₹2810 तक पहुंचने के बीच कई चरणों में बड़े बदलाव हुए।

  • LPG सिलेंडर के दाम आज स्थिर, लेह में घरेलू सिलेंडर 1179 रुपये; अक्टूबर में कॉमर्शियल गैस के रेट बढ़े

    LPG सिलेंडर के दाम आज स्थिर, लेह में घरेलू सिलेंडर 1179 रुपये; अक्टूबर में कॉमर्शियल गैस के रेट बढ़े

    नई दिल्ली: घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं हुआ है। अलग-अलग शहरों में घरेलू सिलेंडर के दाम अलग हैं। लेह में घरेलू सिलेंडर 1179 रुपये, दिल्ली में 942 रुपये, मुंबई में 941.50 रुपये और भोपाल में 947.50 रुपये में मिल रहा है। पटना में इसकी कीमत 1031.50 रुपये, लखनऊ में 979.50 रुपये, अहमदाबाद और कन्याकुमारी में 949 रुपये तथा तवांग में 1007.50 रुपये है। आम उपभोक्ताओं के लिए घरेलू सिलेंडर के दाम फिलहाल स्थिर हैं। घरेलू सिलेंडर की कीमत में आखिरी बढ़ोतरी जून में हुई थी और उसके बाद से इसमें बदलाव नहीं किया गया है।

    1 अक्टूबर को कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी। इस दौरान कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम में अधिकतम 71.50 रुपये तक का इजाफा हुआ। इसके बाद चेन्नई में कॉमर्शियल सिलेंडर का रेट 2983 रुपये हो गया। मुंबई में 63 रुपये की बढ़ोतरी के बाद कीमत 2701 रुपये और अहमदाबाद में 2831.50 रुपये पहुंच गई। लेह में कॉमर्शियल सिलेंडर 3450 रुपये का है। भोपाल में इसका दाम 2815 रुपये और लखनऊ में 2932.50 रुपये हो गया। लखनऊ में 1 अक्टूबर को कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 62.50 रुपये बढ़ाई गई थी। बिहार की राजधानी पटना में भी 1 अक्टूबर को 71.50 रुपये की बढ़ोतरी के बाद कॉमर्शियल सिलेंडर का दाम 3100.50 रुपये हो गया।

    इस साल कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कई बार बदलाव हुआ है। 1 जनवरी को दिल्ली में इसका रेट 1691.50 रुपये था। 1 फरवरी को यह बढ़कर 1740.50 रुपये और 1 मार्च को 1768.50 रुपये हो गया। इसके बाद 7 मार्च को 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत बढ़कर 1883 रुपये पहुंच गई। 1 अप्रैल को दाम 2078.50 रुपये और 1 मई को 3071.50 रुपये हो गया। 1 जून को दिल्ली में कॉमर्शियल सिलेंडर का रेट 3113.50 रुपये था। इसके बाद जुलाई में पहली बार कीमत में कमी की गई और राष्ट्रीय राजधानी में दाम 2930 रुपये हो गया।

    अगस्त में कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत में एक बार फिर कटौती हुई। 1 अगस्त के बाद दिल्ली में इसका रेट घटकर 2738 रुपये रह गया। सितंबर में यह रुख फिर बदला और कीमत बढ़ाई गई। इसके बाद 1 सितंबर को दिल्ली में कॉमर्शियल सिलेंडर का दाम 2747.50 रुपये हो गया। वहीं, घरेलू सिलेंडर की कीमतों में इस साल मार्च और फिर जून में बढ़ोतरी हुई थी। जून के बाद घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर बने हुए हैं और अक्टूबर की शुरुआत में भी इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया।

  • गैस सिलिंडर से लेकर दूध के दाम तक…. आज से हो रहे ये बड़े बदलाव

    गैस सिलिंडर से लेकर दूध के दाम तक…. आज से हो रहे ये बड़े बदलाव


    नई दिल्ली।
    आज यानी 1 सितंबर 2026 (1 September 2026) से नए महीने (New month) की शुरुआत हो चुकी है और ऐसे में हमारे लिए ये जानना जरूरी हो जाता है कि कौन से नियम बदल रहे हैं। दरअसल, हर महीने की शुरुआत में यानी पहली तारीख से कई नियम (Several Rules changes) बदलते हैं। ऐसे में कौन से नियम बदले हैं और इनका आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा? आप इस बारे में आगे जान सकते हैं…


    आज से क्या बदलाव हो रहे हैं?

    दरअसल, मुंबई में आज यानी 1 सितंबर से डेयरी फार्म से सप्लाई होने वाले भैंस के ताजा दूध की थोक कीमत 93 रुपये से बढ़कर 102 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी यानी दूध महंगा हो जाएगा मुंबई मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने दूध की थोक कीमत में 9 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है और ये नई कीमत 28 फरवरी 2027 तक जारी रहेगी।

    हालांकि, ये बढ़ोतरी दूध की थोक कीमत में हुई है। इसलिए ये जरूरी नहीं है कि हर ग्राहक के लिए दूध की कीमत सीधे 9 रुपये प्रति लीटर ही बढ़ जाए। खुदरा कीमत स्थानीय सप्लायर और दुकानदार के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है।


    दूसरा बदलाव

    1 सितंबर 2026 से अगर आप भारत से अंतरराष्ट्रीय यात्रा करते हैं, तो आपको इमिग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास पर स्टांप लगवाने की जरूरत नहीं होगी। यात्री अपने मोबाइल में इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास दिखा सकेंगे या फिर प्रिंटेड बोर्डिंग पास का इस्तेमाल भी कर पाएंगे। इससे डिपार्चर की प्रक्रिया पहले से आसान हो सकेगी।


    तीसरा बदलाव

    एलपीजी गैस सिलिंडर उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी करवाने के लिए कल यानी 31 अगस्त आखिरी तारीख थी। ऐसे में आज यानी 1 सितंबर से आपको गैस की बुकिंग, सब्सिडी और घरेलू दरों पर सिलेंडर मिलने में परेशानी आ सकती है। हालांकि, इससे गैस कनेक्शन नहीं कटेगा।


    चौथा बदलाव

    आज दिल्ली से पटना तक 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर के दाम में 9.50 रुपये की बढोतरी हुई है। हालांकि, घरेलू सिलिंडर के दामों में कोई इजाफा नहीं हुआ है ।

    पांचवां बदलाव

    अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइल करते हैं, तो जान लें कि इसकी तारीख को लेकर बदलाव हो रहा है। दरअसल, जिन टैक्सपेयर्स की बिजनेस या प्रोफेशन से आय है और जिनके खातों का ऑडिट जरूरी नहीं है, उनके लिए Assessment Year 2026-27 का आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 है।

    ये डेडलाइन मुख्य रूप से पात्र टैक्सपेयर्स के ITR-3 और ITR-4 दाखिल करने से जुड़ी है। अगर आप इस समय तक रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं, तो इन नियमों के तहत आप बिलेटेड ITR दाखिल कर सकते हैं। साथ ही ध्यान रहे कि इसके लिए लेट फाइलिंग से जुड़े नियम और शुल्क लागू हो सकते हैं।
  • Ghaziabad: सर्विस सेंटर में गैस सिलेंडर और AC कंप्रेसर में ब्लास्ट… भीषण आग लगने से जले कई वाहन, एक बुजुर्ग की मौत

    Ghaziabad: सर्विस सेंटर में गैस सिलेंडर और AC कंप्रेसर में ब्लास्ट… भीषण आग लगने से जले कई वाहन, एक बुजुर्ग की मौत


    गाजियाबाद।
    गाजियाबाद (Ghaziabad) से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां पटेल नगर में एयरकंडीशनर (AC) सर्विस सेंटर (Air Conditioner (AC) Service Center) में रखे गैस सिलेंडर (Gas Cylinder) और एसी कंप्रेसर में ब्लास्ट होने से आज तड़के भीषण आग लगी। आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग तीन मंजिला मकान में फैल गई। कई वाहन जल गए। फायर टेंडर ने मौके पर पहुंचकर बड़ी मशक्कत के बाद आग को काबू किया।

    इस दर्दनाक हादसे में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की जान चली गई, जबकि सर्विस सेंटर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। घटना कमिश्नरेट गाजियाबाद के पटेल नगर स्थित प्लॉट नंबर एफ-87 ‘ऑन स्पॉट एयरकंडीशनर सर्विस सेंटर’ की है।


    तीन मंजिला पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया

    जानकारी के अनुसार, रात लगभग 03:05 बजे कंट्रोल रूम को सर्विस सेंटर में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। देखते ही देखते आग ने तीन मंजिला पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि सर्विस सेंटर के भीतर रखे एसी के अंदर भरी जाने वाली गैस के सिलेंडरों और कंप्रेसरों में एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए। सर्विस सेंटर घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित है और आग इतनी भीषण थी की आस पास के घरों में फैलने की संभावना बनी हुई थी।


    फायर टेंडर्स के साथ मौके पर पहुंचे

    सूचना मिलते ही फायर स्टेशन कोतवाली से अग्निशमन अधिकारी अपनी टीम और फायर टेंडर्स के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं विकराल आग को देखते हुए फायर स्टेशन वैशाली, साहिबाबाद और मोदीनगर से भी गाड़ियो को घटना स्थल पर बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाया। फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई से आसपास के दर्जनों घरों को जलने से बचा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।


    कितना नुकसान हुआ?

    परिसर के अंदर खड़ी 02 कारें और 10 मोटरसाइकिलें जलकर खाक हो गईं। आग और धमाकों के कारण तीन मंजिला इमारत को भी काफी नुकसान पहुंचा है। आग बुझने के बाद जब सर्च ऑपरेशन चलाया गया, तो ग्राउंड फ्लोर पर एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान 80 वर्षीय त्रिलोकी नाथ के रूप में हुई है। यह सर्विस सेंटर ओंकार तोमर नाम के व्यक्ति का बताया जा रहा है।

    आग किस वजह से लगी फिलहाल इसका पता लगाया जा रहा है। चूंकि इमारत में एसी के अंदर भरी जाने वाली गैस के सिलेंडर थे इस वजह से आग काफी तेजी से फैली। गैस सिलेंडरों के फटने ने स्थिति को और अधिक विकराल बना दिया।

  • एमएस रोड पर बाइक टकराने के बाद बीच सड़क पर हाथापाई, पुलिस ने दोनों युवकों को किया बंद

    एमएस रोड पर बाइक टकराने के बाद बीच सड़क पर हाथापाई, पुलिस ने दोनों युवकों को किया बंद

    नई दिल्ली। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में एमएस रोड पर शनिवार को बाइक दुर्घटना के बाद दो युवकों के बीच हाथापाई की घटना सामने आई। यह विवाद अस्पताल के सामने मोड़ पर हुआ, जहां दोनों युवकों के कपड़े तक फट गए। स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर विवाद को शांत कराया, जबकि पुलिस ने धारा 151 के तहत दोनों युवकों को हिरासत में लेकर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की।

    जानकारी के अनुसार, हिमांशु नामक युवक अपनी बाइक पर गैस सिलेंडर लेकर घर जा रहा था। इसी दौरान एमएस रोड पर सामने से आ रहे वंश नामक युवक की बाइक से उसकी टक्कर हो गई। टक्कर के तुरंत बाद दोनों युवकों के बीच तीखी बहस और गाली-गलौज शुरू हो गई।

    बहस देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई और दोनों युवकों ने सड़क पर आपस में मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान दोनों के कपड़े फट गए और आसपास खड़े लोग दंग रह गए। स्थानीय लोगों ने स्थिति को संभालते हुए दोनों को अलग किया और विवाद को नियंत्रित करने की कोशिश की।

    मामले की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची। टीआई अमित भदौरिया ने बताया कि दोनों युवक शांत होने के बजाय झगड़े में लगे रहे। उन्होंने कहा, “बाइक भिड़ने से दोनों युवकों के बीच मारपीट हुई, लेकिन जब दोनों शांत नहीं हुए तो धारा 151 के तहत उन्हें बंद किया गया।”

    इस घटना ने सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता को भी उजागर किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क पर किसी भी टकराव को तुरंत शांत न किया जाए तो यह बड़े विवाद या दुर्घटना का रूप ले सकता है।

    स्थानीय लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि यदि हस्तक्षेप न किया जाता तो यह झगड़ा और बढ़ सकता था और आम जनता के लिए भी खतरा बन सकता था। वहीं, पुलिस ने चेतावनी दी कि सड़क पर सार्वजनिक जगहों पर किसी भी प्रकार के हिंसक व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    हिमांशु और वंश दोनों ही युवकों के लिए यह अनुभव एक सबक साबित हुआ। पुलिस का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए सड़क पर सावधानी और संयम जरूरी है। बाइक चलाते समय यातायात नियमों का पालन न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए, बल्कि अन्य राहगीरों और पड़ोसियों की सुरक्षा के लिए भी अनिवार्य है।

    इस घटना ने यह भी संकेत दिया कि स्थानीय लोगों की जागरूकता और त्वरित हस्तक्षेप विवादों को गंभीर रूप लेने से रोक सकता है। शहर में कोतवाली पुलिस ने आने वाले समय में ऐसी घटनाओं पर कड़ी निगरानी बनाए रखने का संकल्प लिया है

  • MP में LPG का बड़ा संकट: होटलों के चूल्हे ठंडे, घरों में 8 घंटे की कतार, प्रशासन अलर्ट पर

    MP में LPG का बड़ा संकट: होटलों के चूल्हे ठंडे, घरों में 8 घंटे की कतार, प्रशासन अलर्ट पर



    भोपाल। मध्य प्रदेश में रसोई गैस (LPG) संकट ने आम नागरिक और व्यवसाय दोनों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से मिली रिपोर्टों के मुताबिक, घरेलू गैस की कमी ने लोगों को धूप में घंटों कतार में खड़ा कर दिया है, वहीं कॉमर्शियल सिलेंडर न मिलने से होटलों और रेस्तरां के चूल्हे ठंडे पड़े हैं। राजधानी भोपाल के जहांगीराबाद और बोगदा पुल इलाकों में स्थिति गंभीर है। स्थानीय निवासी शीबा खान के अनुसार, उनके पास 13 मार्च को डिलीवरी का मैसेज तो आया, लेकिन सिलेंडर घर नहीं पहुंचा, जिससे उन्हें अब रिश्तेदारों के यहां खाना बनाने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं मोहम्मद रियाज ने तीन दिन गैस न मिलने के बाद नया इंडक्शन चूल्हा खरीदा, ताकि परिवार भूखा न रहे।

    कॉमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत ने प्रदेश के होटल और रेस्तरां उद्योग को भी प्रभावित किया है। पिछले छह दिनों में 50,000 से ज्यादा होटलों और छोटे रेस्टॉरेंट्स को सिलेंडर नहीं मिले हैं। भोपाल और इंदौर के कई होटलों ने मेन्यू छोटा कर दिया है, जबकि कई रेहड़ियां और स्ट्रीट फूड ठेले पूरी तरह बंद हो गए हैं। इससे दैनिक मजदूरी पर निर्भर दुकानदारों की आमदनी भी प्रभावित हो रही है।

    हालांकि ग्वालियर और उज्जैन में प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए हैं। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने दावा किया कि जिले में स्टॉक की कोई कमी नहीं है और खाद्य विभाग की टीमें लगातार चेकिंग कर रही हैं। अफवाहों को रोकने के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। उज्जैन में रविवार की छुट्टी के बावजूद महाकाल गैस एजेंसी खोलकर घरेलू गैस की सप्लाई जारी रखी गई। एजेंसी संचालक भगवान दास एरन ने बताया कि घरेलू सिलेंडर की निरंतर सप्लाई की जा रही है, हालांकि कॉमर्शियल सिलेंडरों के लिए नए आदेशों का इंतजार किया जा रहा है।

    इंदौर में स्थिति थोड़ी मिश्रित रही। प्रशासन के निर्देश पर रविवार को खुली एजेंसियों में उपभोक्ताओं ने बुकिंग कराने में कोई परेशानी नहीं बताई, लेकिन सप्लाई में देरी के कारण डिलीवरी 7-8 दिन में मिलने का आश्वासन दिया गया। वहीं कुछ उपभोक्ताओं ने KYC प्रक्रिया और गैस पाइप (नली) खरीदने का दबाव भी अनुभव किया।

    इस संकट ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में LPG की आपूर्ति और वितरण में प्रशासनिक और लॉजिस्टिक चुनौतियां हैं। घरों में खाना बनाने वाले आम नागरिक और व्यवसायिक स्तर पर रेस्तरां चलाने वाले दोनों ही इस संकट से प्रभावित हैं। ग्वालियर, उज्जैन और इंदौर में प्रशासन की सक्रियता के बावजूद राजधानी भोपाल सहित कई इलाकों में जनता को गैस के लिए लंबी कतारों और देरी का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं की मांग है कि राज्य सरकार और गैस एजेंसियां जल्द से जल्द सप्लाई और वितरण सुचारू करें ताकि रोजमर्रा के काम और व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित न हों।

  • मध्य प्रदेश में LPG संकट: सिलेंडर 30% महंगे, होटल और घरों में हाहाकार

    मध्य प्रदेश में LPG संकट: सिलेंडर 30% महंगे, होटल और घरों में हाहाकार

    भोपाल। मध्य प्रदेश में रसोई गैस (LPG) की कमी लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले 6 दिनों से प्रदेश के कई शहरों में कॉमर्शियल और घरेलू सिलेंडर की सप्लाई बाधित है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि होटल, रेस्टोरेंट और घरों में रसोई गैस की गंभीर किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।

    सिलेंडर के लिए लंबी लाइनें:
    भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे प्रमुख शहरों में लोग सुबह-सुबह सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़े हो रहे हैं। बड़ी संख्या में बच्चे और बुजुर्ग भी सिलेंडर लेने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं। कई बार बुकिंग पूरी नहीं हो पा रही है, जबकि कभी-कभी 6 से 8 घंटे इंतजार के बाद सिलेंडर मिल पा रहा है।

    होटल और रेस्टोरेंट्स पर असर:
    प्रदेश में करीब 50 हजार होटल और रेस्टोरेंट्स इस संकट से प्रभावित हैं। इन व्यवसायों को अपने संचालन के लिए कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल रहे, जिससे खाना पकाने में बाधा और ग्राहकों की सेवा प्रभावित हो रही है।

    विकल्प और बढ़ा खर्च:
    गैस की कमी के कारण इंडक्शन और डीजल भट्ठियों का उपयोग बढ़ गया है। हालांकि, इनके संचालन की लागत 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है। भोपाल में कुछ रेहड़ियां और छोटे स्ट्रीट फूड स्टॉल्स अस्थायी रूप से बंद भी हो गए हैं।

    राज्यव्यापी स्थिति:
    LPG संकट केवल भोपाल तक सीमित नहीं है। राजधानी से लेकर छिंदवाड़ा और अन्य शहरों में रसोई गैस की कमी ने आम जनता और व्यवसायों में हाहाकार मचा दिया है।

    विशेषज्ञों की चेतावनी:
    विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह संकट लंबा खिंचता है, तो इससे खाद्य सेवा उद्योग और घरेलू रसोई दोनों प्रभावित होंगे। लंबे समय तक गैस की कमी के कारण लोग सस्ता और असुरक्षित विकल्प, जैसे खुले भट्ठी या कोयला, इस्तेमाल करने पर मजबूर हो सकते हैं, जिससे सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं।

    सरकारी कदम:
    इस समय सरकारी एजेंसियां और वितरक प्रयास कर रहे हैं कि जल्द से जल्द सिलेंडर की सप्लाई बहाल हो। हालाँकि, अभी तक कोई ठोस समयरेखा नहीं दी गई है।

    मध्य प्रदेश में LPG संकट से गृहस्थी और व्यापार दोनों प्रभावित हैं। होटल और रेस्टोरेंट्स संचालन के लिए संघर्ष कर रहे हैं, घरों में रसोई गैस की कमी आमजन की दिनचर्या पर असर डाल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द ही स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की सुविधा दोनों पर लंबी अवधि में असर डाल सकता है।

  • Pakistan: इस्लामाबाद में शादी समारोह में हुआ गैस सिलेंडर में ब्लास्ट… दूल्हा-दुल्हन समेत 8 लोगों की मौत

    Pakistan: इस्लामाबाद में शादी समारोह में हुआ गैस सिलेंडर में ब्लास्ट… दूल्हा-दुल्हन समेत 8 लोगों की मौत

    इस्लामाबाद । पाकिस्तान (Pakistan) की राजधानी इस्लामाबाद (Islamabad) में रविवार की सुबह शादी समारोह (Wedding ceremony.) के बाद घर में रखा गैस सिलेंडर (Gas Cylinder suddenly exploded) अचानक फट गया। इसकी चपेट में आन से 8 लोगों की मौत हो गई, जिसमें दुल्हन और दूल्हा भी शामिल हैं। पुलिस और अधिकारियों ने यह जानकारी दी। विस्फोट तब हुआ जब शादी में शामिल मेहमान जोड़े के उत्सव के बाद घर में सो रहे थे। इस धमाके से घर का एक हिस्सा ढह गया, जिसके कारण यह हादसा हुआ। इस्लामाबाद पुलिस ने यह जानकारी दी है। इस घटना में 7 अन्य लोग घायल भी हुए हैं।

    पुलिस के बयान में कहा गया कि यह विस्फोट शहर के दिल में स्थित एक आवासीय इलाके में हुआ। सरकारी प्रशासक साहिबजादा यूसुफ ने बताया कि रविवार की सुबह जल्दी इस धमाके की सूचना मिली और अधिकारी अभी भी जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आसपास के कुछ घरों को भी नुकसान पहुंचा है। पुलिस ने कहा कि जांच अभी जारी है। यह दुखद घटना शादी के उत्सव को मातम में बदल देने वाली एक बड़ी त्रासदी बन गई।

    घटना पर प्रधानमंत्री ने जताया गहरा दुख
    प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Prime Minister Shehbaz Sharif) ने इस घटना में जान गंवाने वालों पर गहरा दुख व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उनके कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों को बेहतरीन इलाज उपलब्ध कराया जाए और पूर्ण जांच के आदेश दिए। पाकिस्तान के कई घरों में कम प्राकृतिक गैस दबाव के कारण तरल पेट्रोलियम गैस (LPG) सिलेंडरों का इस्तेमाल किया जाता है और गैस रिसाव के कारण ऐसे सिलेंडरों से जुड़े घातक हादसे अक्सर होते हैं।