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  • असम विधानसभा चुनाव 2026: कांग्रेस की दूसरी सूची जारी, 23 उम्मीदवारों को मिला टिकट, गठबंधन के लिए 15 सीटें छोड़ीं

    असम विधानसभा चुनाव 2026: कांग्रेस की दूसरी सूची जारी, 23 उम्मीदवारों को मिला टिकट, गठबंधन के लिए 15 सीटें छोड़ीं

    नई दिल्ली । भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आगामी असम विधान सभा चुनाव 2026 के मद्दे नजर अपनी तैयारियों को और तेज करते हुए उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है। शनिवार को जारी इस सूची में पार्टी ने 23 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है। इससे पहले कांग्रेस तीन मार्च को 42 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर चुकी थी। पार्टी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार 15 सीटें गठबंधन सहयोगी दलों के लिए छोड़ी गई हैं जिन पर उनके उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरेंगे।

    दूसरी सूची में कई अहम विधानसभा क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों का ऐलान किया गया है। कांग्रेस ने गोलकगंज सीट से कार्तिक चंद्र रे को उम्मीदवार बनाया है जबकि बिलासीपारा से अमृत बादशा को टिकट दिया गया है। बिरसिंग जरूआ सीट से वाजेद अली चौधरी को मैदान में उतारा गया है। इसके अलावा मनकाचर से मोहिबुर रहमान गोलपाड़ा पूर्व से अबुल कलाम रशीद आलम और दुधनई एसटी सीट से किशोर कुमार ब्रह्मा को पार्टी ने अपना प्रत्याशी घोषित किया है।

    इसी तरह सृजनग्राम सीट से नुरुल इस्लाम मंडिया से अब्दुल खलीक और चमरिया से रकीबुद्दीन अहमद को टिकट दिया गया है। वहीं रंगिया सीट से प्रंजीत चौधरी डिमोरिया एससी से किशोर कुमार बरुआ न्यू गुवाहाटी से शांतनु बोरा और मंगलदै से रिजुमोनी तालुकदार को कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया है। इन नामों के जरिए पार्टी ने कई क्षेत्रों में स्थानीय नेतृत्व को आगे बढ़ाने की कोशिश की है ताकि विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।

    उम्मीदवारों की घोषणा से पहले पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित की गई थी। यह बैठक लगभग चार घंटे तक चली जिसमें चुनावी रणनीति सीटों के समीकरण और संभावित सब्जियों के नामों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे वरिष्ठ नेता राहुल गांधी असम कांग्रेस के प्रभारी जितेंद्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नेताओं ने आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सीटों की राजनीतिक स्थिति और उम्मीदवारों की संभावनाओं पर गहन मंथन किया।

    बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने बताया कि उम्मीदवारों के चयन में स्थानीय समीकरण संगठन की राय और जीत की संभावना को ध्यान में रखा गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में मजबूत प्रदर्शन करेगी और राज्य की राजनीति में नई ऊर्जा के साथ उतरेगी।

    इससे पहले तीन मार्च को जारी पहली सूची में भी कई प्रमुख नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा गया था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई खुद जोरहाट सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं असम विधानसभा में पार्टी के नेता देवव्रत सैकिया को नाजिरा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। राज्यसभा के पूर्व सांसद रिपुन बोरा को बरछल्ला से टिकट दिया गया है। इसके अलावा मीरा बोरठाकुर गोस्वामी को दिसपुर और इंद्रनील पेगु को माजुली विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार घोषित किया गया है।

    कुल मिलाकर कांग्रेस ने असम विधानसभा चुनाव को लेकर उम्मीदवारों की घोषणा की प्रक्रिया तेज कर दी है और गठबंधन के साथ मिलकर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में पार्टी की ओर से और उम्मीदवारों की घोषणा भी की जा सकती है।

  • Assam Elections: कांग्रेस ने जारी की पहली लिस्ट, गौरव गोगोई समेत 42 उम्मीदवारों के नाम शामिल

    Assam Elections: कांग्रेस ने जारी की पहली लिस्ट, गौरव गोगोई समेत 42 उम्मीदवारों के नाम शामिल


    नई दिल्ली।
    कांग्रेस (Congress) ने आगामी असम विधानसभा चुनाव (Assam Assembly Elections) के लिए पहली लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें कुल 42 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। इस सूची के अनुसार, असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई (Gaurav Gogoi) जोरहाट विधानसभा क्षेत्र (Jorhat Assembly Constituency) से चुनाव लड़ेंगे। यह कदम चुनाव की आधिकारिक घोषणा से पहले उम्मीदवारों के नाम सामने लाकर कांग्रेस की रणनीतिक तैयारी को दर्शाता है। असम में 2016 से सत्ता से बाहर रही कांग्रेस राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए सक्रिय प्रयास कर रही है। पार्टी ने विभिन्न क्षेत्रों से प्रभावशाली और स्थानीय स्तर पर मजबूत नेता चुने हैं, ताकि मतदाताओं के बीच अच्छी पैठ बनाई जा सके।

    सूची में कांग्रेस विधायक दल के नेता देबब्रत सैकिया को नजीरा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रिपुन बोरा को बरचल्ला सीट से टिकट मिला है। इसके अलावा अब्दुस सोबहान अली सरकार गौरीपुर, मार्कलाइन मराक गोलपारा वेस्ट (अनुसूचित जनजाति आरक्षित), गिरीश बरुआ बोंगाईगांव और महानंद सरकार बरपेटा (अनुसूचित जाति आरक्षित) से चुनाव लड़ेंगे। रामेन सिंह राभा बोको-चायगांव (ST), नंदिता दास हाजो-सुआलकुची (SC) और सत्यब्रत कलिता कमलपुर सीट से मैदान में होंगे। इन नामों के चयन में पार्टी ने जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर खास ध्यान दिया है।


    किसे कहां से मिला टिकट

    प्रमुख उम्मीदवारों में मीरा बोरठाकुर गोस्वामी को डिस्पुर, दिगंत बर्मन को बरखेत्री और अशोक कुमार शर्मा को नलबाड़ी से टिकट दिया गया है। कांग्रेस ने आरक्षित सीटों पर भी मजबूत प्रत्याशी उतारे हैं, जो अनुसूचित जाति और जनजाति समुदायों के बीच पार्टी की पकड़ बढ़ाने में सहायक साबित हो सकते हैं। यह सूची पार्टी की संगठनात्मक ताकत और चुनावी तैयारियों को दिखाती है। कांग्रेस ने उम्मीदवारों की घोषणा में तेजी दिखाकर सत्ताधारी दल को संकेत दिया है कि वह इस बार असम में कड़ी चुनौती पेश करेगी।


    रणनीतिक बढ़त बनाने की कोशिश

    असम विधानसभा की 126 सीटों के लिए चुनाव अप्रैल महीने में होने की संभावना है। पिछले कई वर्षों से भारतीय जनता पार्टी के शासन वाले इस राज्य में कांग्रेस वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। पहले उम्मीदवारों की सूची जारी करके पार्टी ने रणनीतिक बढ़त बनाने की कोशिश की है। विश्लेषकों का मानना है कि आगे आने वाली सूचियां और संगठनात्मक प्रयास मिलकर कांग्रेस की स्थिति को मजबूत कर सकते हैं। यह चुनाव असम की राजनीति में अहम मोड़ साबित हो सकता है, जहां कांग्रेस पुरानी ताकत वापस हासिल करने की कोशिश में जुटी है।

  • असम राजनीति: गौरव गोगोई ने हिमंता बिस्वा सरमा को कहा ‘असम का जिन्ना’, भूपेन बोरा को कांग्रेस का आखिरी हिंदू नेता बताने पर कसा तंज

    असम राजनीति: गौरव गोगोई ने हिमंता बिस्वा सरमा को कहा ‘असम का जिन्ना’, भूपेन बोरा को कांग्रेस का आखिरी हिंदू नेता बताने पर कसा तंज



    नई दिल्ली। असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने पूर्व कांग्रेस नेता भूपेन बोरा के बीजेपी में शामिल होने पर प्रतिक्रिया दी है। गौरव गोगोई ने कहा कि बीजेपी में शामिल होने वाले लोग अपने राजनीतिक सफर में महत्वहीन हो चुके हैं और भूपेन बोरा का भी यही हाल होगा। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्हें नेताओं को “हिंदू प्रमाण पत्र” देना बंद कर देना चाहिए और साथ ही कहा कि सरमा असम के जिन्ना हैं।

    गौरव गोगोई ने कहा कि बीजेपी पुराने कांग्रेस नेताओं से भरी हुई है, जो राज्य में कांग्रेस के 15 साल के शासनकाल में सबसे भ्रष्ट माने जाते थे। उन्होंने कांग्रेस को समंदर के समान बताते हुए कहा कि पार्टी हमारे पूर्वजों के अस्तित्व से बहुत पहले से मौजूद है और हम सब उसमें पानी की बूंदें मात्र हैं।

    भूपेन बोरा ने कांग्रेस से इस्तीफा देने का कारण बताया कि उन्हें पार्टी में अपनी कोई जरूरत महसूस नहीं हुई। उन्होंने कहा कि उन्हें एहसास हुआ कि बीजेपी विरोधी वोट को एकजुट करने की जिम्मेदारी थी और अकेले कांग्रेस इसके लिए सक्षम नहीं थी। भूपेन बोरा ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस अब गौरव गोगोई के नियंत्रण में नहीं है, बल्कि धुबरी के सांसद रकीबुल हुसैन गठबंधन वार्ता के मुख्य कर्ताधर्ता हैं।

    भूपेन बोरा ने यह भी कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उनके इस्तीफे के बारे में एक शब्द तक नहीं कहा, जबकि उन्होंने पार्टी को आगे बढ़ाने में योगदान दिया था। गौरव गोगोई ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में मुकाबला असली कांग्रेस और पुरानी कांग्रेस के बीच होगा और बीजेपी में शामिल पुराने नेता चुनावी तौर पर कोई असर नहीं डालेंगे।

  • गौरव गोगोई का हिमंता बिस्वा सरमा पर हमला: भ्रष्टाचार और मतदान अधिकारों

    गौरव गोगोई का हिमंता बिस्वा सरमा पर हमला: भ्रष्टाचार और मतदान अधिकारों

    नई दिल्ली| गौरव गोगोई का आरोपअसम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके शासन में भ्रष्टाचार और कुशासन की बातें की हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक समुदायों के मतदान अधिकारों का हनन किया जा रहा है।
    पत्रकारों से बातचीत करते हुए गोगोई ने कहा कि भाजपा के खिलाफ वोट देने वाले लोगों को दोबारा मतदान करने से रोका जा रहा है, जो उनकी डर का संकेत है।

    जुबीन गर्ग हत्याकांड पर सवाल

    गोगोई ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सरमा जुबीन गर्ग हत्या मामले में न्याय दिलाने में असफल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरमा अक्सर झूठे और भ्रामक बयान देते हैं, और उनके शब्दों में कोई विश्वसनीयता नहीं है। गोगोई ने कहा कि जुबीन गर्ग मामले में कमजोर चार्जशीट पेश की गई है, और इसमें शामिल लोगों के नाम इसलिए नहीं हैं क्योंकि वे मुख्यमंत्री के करीबी हैं।

    जाति बचाओ, मति बचाओ अभियान

    गौरव गोगोई ने ‘जाति बचाओ, मति बचाओ’ अभियान के तहत गुवाहाटी में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में कई सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा की। शामिल होने वालों में प्रमुख आदिवासी नेता रुकमा कुमार मेडोक और पूर्व अल्पसंख्यक छात्र संघ के अध्यक्ष रेजाउल करीम सरकार शामिल थे।

    तरुण गोगोई की याद

    गोगोई ने अपने दिवंगत पिता और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई को याद करते हुए कहा कि उन्होंने एक बार असम के राजनीतिक माहौल को बदल दिया था। उन्होंने कहा कि आज असम के लोग फिर से सत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। गोगोई ने चेतावनी दी कि वर्तमान सरकार ने भय का माहौल बनाया है और इसे समाप्त करना आवश्यक है।