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  • मुकेश अंबानी फिर बने भारत के सबसे अमीर व्यक्ति, गौतम अडानी से छीना नंबर-1 का ताज

    मुकेश अंबानी फिर बने भारत के सबसे अमीर व्यक्ति, गौतम अडानी से छीना नंबर-1 का ताज

    नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी एक बार फिर भारत के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। फोर्ब्स की रियल-टाइम बिलियनेयर्स लिस्ट के अनुसार, अंबानी ने संपत्ति के मामले में अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का खिताब चीन की कंपनी बाइटडांस के संस्थापक झांग यिमिंग के पास है। वहीं, दुनिया के अरबपतियों की सूची में एलन मस्क शीर्ष स्थान पर बने हुए हैं।

    फोर्ब्स के दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, मुकेश अंबानी की अनुमानित कुल संपत्ति 78.8 अरब डॉलर है। इसके साथ वह दुनिया के अमीरों की सूची में 25वें स्थान पर हैं। दूसरी ओर, गौतम अडानी की संपत्ति 74.9 अरब डॉलर आंकी गई है।

    भारत के टॉप-5 अरबपतियों में कौन-कौन?

    फोर्ब्स की सूची में भारत के प्रमुख अरबपतियों में सावित्री जिंदल, लक्ष्मी मित्तल और शिव नादर भी शामिल हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इनकी अनुमानित संपत्ति इस प्रकार है।

    • मुकेश अंबानी: 78.8 अरब डॉलर

    • गौतम अडानी: 74.9 अरब डॉलर

    • सावित्री जिंदल: 36.6 अरब डॉलर

    • लक्ष्मी मित्तल: 30.6 अरब डॉलर

    • शिव नादर: 27.4 अरब डॉलर


    सावित्री जिंदल दुनिया के अरबपतियों की सूची में 64वें स्थान पर बताई गई हैं। इन आंकड़ों के आधार पर अंबानी और अडानी के बीच संपत्ति का अंतर 3.9 अरब डॉलर है।

    अंबानी-अडानी को पछाड़कर झांग यिमिंग बने एशिया के सबसे अमीर शख्स

    भारत के दोनों दिग्गज उद्योगपतियों को पीछे छोड़ते हुए चीन की कंपनी बाइटडांस के संस्थापक झांग यिमिंग एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। बाइटडांस टिकटॉक की मूल कंपनी है।

    दिए गए आंकड़ों के अनुसार, झांग यिमिंग की अनुमानित संपत्ति 84 अरब डॉलर है। एशिया के अमीरों की सूची में मुकेश अंबानी दूसरे और गौतम अडानी तीसरे स्थान पर हैं।

    वहीं, एलन मस्क दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। <Entity value=”फोर्ब्स रियल-टाइम बिलियनेयर्स लिस्ट” category=”other” disambig=”अरबपतियों की अनुमानित संपत्ति और रैंकिंग”/> के आंकड़ों के अनुसार, मस्क की संपत्ति एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक बताई गई है। <Cite refs={[“turn299138search2″,”turn299138search10”]}/>

    हर दिन कैसे बदलती है अरबपतियों की संपत्ति?

    फोर्ब्स की रियल-टाइम बिलियनेयर्स लिस्ट दुनिया के अरबपतियों की अनुमानित संपत्ति में होने वाले बदलावों पर नजर रखती है। इसमें उनकी नेटवर्थ, वैश्विक रैंकिंग और पिछले कारोबारी दिन के मुकाबले संपत्ति में हुई बढ़ोतरी या गिरावट दिखाई जाती है।

    अरबपतियों की संपत्ति का बड़ा हिस्सा कंपनियों में शेयरों के रूप में निवेश किया गया होता है। इसलिए शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का उनकी अनुमानित नेटवर्थ पर सीधा असर पड़ता है।

    उदाहरण के लिए, यदि किसी अरबपति के पास किसी कंपनी के 10 करोड़ शेयर हैं और प्रत्येक शेयर की कीमत 1,000 रुपये है, तो उसकी हिस्सेदारी का बाजार मूल्य 10,000 करोड़ रुपये होगा। शेयर की कीमत बढ़कर 1,100 रुपये होने पर यह मूल्य 11,000 करोड़ रुपये हो जाएगा।

    इस तरह शेयर की कीमत में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी से हिस्सेदारी के मूल्य में 1,000 करोड़ रुपये का इजाफा हो जाएगा। हालांकि, यह कागजों पर संपत्ति के मूल्य में हुई बढ़ोतरी है। इसका अर्थ यह नहीं है कि अरबपति के बैंक खाते में इतनी नकदी जमा हो गई है।

    हर पांच मिनट में अपडेट होती है नेटवर्थ

    फोर्ब्स के मुताबिक, शेयर बाजार खुले रहने के दौरान सार्वजनिक कंपनियों में अरबपतियों की हिस्सेदारी के मूल्य को हर पांच मिनट में अपडेट किया जाता है। हालांकि, शेयरों की कीमतों के आंकड़ों में लगभग 15 मिनट की देरी हो सकती है। <Cite refs={[“turn299138search0″,”turn299138search10”]}/>

    इसी वजह से शेयर बाजार में तेजी या गिरावट आने पर अरबपतियों की अनुमानित संपत्ति और उनकी रैंकिंग भी बदल सकती है। शेयरों के भाव बढ़ने से नेटवर्थ में इजाफा होता है, जबकि कीमतें गिरने पर संपत्ति का अनुमानित मूल्य कम हो जाता है।

    इसलिए मुकेश अंबानी, गौतम अडानी और दूसरे उद्योगपतियों की रैंकिंग को स्थायी नहीं माना जा सकता। यह बाजार की चाल और उनकी कंपनियों के शेयरों के प्रदर्शन के साथ बदलती रहती है।

  • अडानी-अंबानी की दौलत पर बाजार की मार: एक दिन में ₹59 हजार करोड़ से ज्यादा घटे नेटवर्थ

    अडानी-अंबानी की दौलत पर बाजार की मार: एक दिन में ₹59 हजार करोड़ से ज्यादा घटे नेटवर्थ


    नई दिल्ली। शेयर बाजार में मंगलवार की तेज गिरावट का असर देश के दो बड़े उद्योगपतियों की संपत्ति पर भी दिखाई दिया। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक गौतम अडानी की नेटवर्थ एक दिन में 4.44 अरब डॉलर यानी करीब 42 हजार करोड़ रुपए घट गई, जबकि मुकेश अंबानी की संपत्ति में 1.78 अरब डॉलर यानी करीब 17 हजार करोड़ रुपए की कमी आई। अडानी की नेटवर्थ घटकर 105 अरब डॉलर रह गई और वे अरबपतियों की सूची में 20वें स्थान पर पहुंच गए।

    अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट

    अडानी की संपत्ति में कमी की बड़ी वजह ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट रही। मंगलवार, 15 सितंबर को अडानी एंटरप्राइजेज का शेयर 4.29% टूटकर ₹2,928.60 पर बंद हुआ। अडानी पावर में 3.80% की गिरावट रही और यह ₹202 पर बंद हुआ। अडानी पोर्ट्स एंड SEZ 2.88% गिरकर ₹1,713.80 पर आ गया।

    इसी तरह अडानी ग्रीन एनर्जी में 2.05% की कमजोरी रही और शेयर ₹1,255 पर बंद हुआ। अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस 1.86% गिरकर ₹1,347.50 पर आ गया, जबकि अडानी टोटल गैस में करीब 2.46% की गिरावट दर्ज की गई।

    अंबानी की संपत्ति भी घटी

    मुकेश अंबानी की नेटवर्थ में भी मंगलवार को 1.78 अरब डॉलर यानी करीब 17 हजार करोड़ रुपए की कमी दर्ज की गई। उनकी कुल संपत्ति घटकर 81.3 अरब डॉलर रह गई।

    रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में मंगलवार को तेज गिरावट रही। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार शेयर ₹1,235.30 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 1.77% नीचे था।

    अरबपतियों की संपत्ति में रोजाना होने वाले बदलाव में शेयर बाजार की भूमिका अहम होती है। इन कारोबारियों की नेटवर्थ का बड़ा हिस्सा उनकी कंपनियों में मौजूद हिस्सेदारी से जुड़ा होता है। इसलिए संबंधित कंपनियों के शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव का सीधा असर उनकी संपत्ति के अनुमानित मूल्य पर पड़ता है।

    सेंसेक्स-निफ्टी भी दबाव में

    मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में व्यापक गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 1.04% टूटकर 74,003.82 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 1.19% गिरकर 23,118.60 अंक पर आ गया।

    बाजार में दबाव की वजहों में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी शामिल रही। ऐसे माहौल में बड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव बढ़ा और इसका असर अडानी तथा रिलायंस समूह के शेयरों पर भी दिखाई दिया।

    मस्क की दौलत में भी बड़ी गिरावट

    दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क की संपत्ति में भी मंगलवार को बड़ी कमी दर्ज की गई। टेस्ला और स्पेसएक्स के शेयरों में गिरावट के चलते उनकी नेटवर्थ करीब 24.8 अरब डॉलर घटने की बात सामने आई है। इसके बाद उनकी संपत्ति करीब 892 अरब डॉलर रह गई।

    अरबपतियों की नेटवर्थ में इस तरह के दैनिक बदलाव को उनकी कंपनियों के शेयरों के बाजार मूल्य से जोड़कर देखा जाता है। शेयर कीमतों में बदलाव के साथ नेटवर्थ के आंकड़े भी लगातार बदलते रहते हैं।

  • ब्रिटेन के 21 पोर्ट पर अडानी की नजर! ABP में हिस्सेदारी खरीदने की तैयारी, वैश्विक विस्तार को मिलेगी रफ्तार

    ब्रिटेन के 21 पोर्ट पर अडानी की नजर! ABP में हिस्सेदारी खरीदने की तैयारी, वैश्विक विस्तार को मिलेगी रफ्तार


    नई दिल्ली। अडानी समूह की प्रमुख कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (APSEZ) ब्रिटेन के सबसे बड़े पोर्ट ऑपरेटर एसोसिएटेड ब्रिटिश पोर्ट्स (ABP) में हिस्सेदारी खरीदने की संभावनाएं तलाश रही है। यदि यह सौदा सफल होता है, तो अडानी समूह का बंदरगाह कारोबार भारत से आगे बढ़कर ब्रिटेन तक पहुंच जाएगा और वैश्विक स्तर पर उसकी मौजूदगी और मजबूत होगी।

    63.9% हिस्सेदारी बिक्री के लिए उपलब्ध
    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ABP की 63.9% नियंत्रक हिस्सेदारी बिक्री के लिए उपलब्ध है। यह हिस्सेदारी कनाडा के दो प्रमुख पेंशन फंड—कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB) और ओंटारियो म्युनिसिपल एम्प्लॉइज़ रिटायरमेंट सिस्टम (OMERS)—के पास है। दोनों निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया के लिए बैंकर नियुक्त किए हैं।

    21 बंदरगाहों का संचालन करती है ABP
    ABP इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स में फैले 21 प्रमुख बंदरगाहों का संचालन करती है। इनमें इमिंघम, जो ब्रिटेन का सबसे बड़ा बंदरगाह है, और साउथेम्प्टन, जो देश का प्रमुख आयात केंद्र माना जाता है, शामिल हैं। कंपनी के पोर्ट ब्रिटेन के कुल समुद्री व्यापार का लगभग 25 प्रतिशत संभालते हैं।

    वर्ष 2025 में ABP ने 42.5 मिलियन टन बल्क कार्गो और 3.1 मिलियन कंटेनर एवं रोल-ऑन/रोल-ऑफ यूनिट्स का संचालन किया। इस दौरान कंपनी का राजस्व 819.8 मिलियन पाउंड और परिचालन लाभ 586.5 मिलियन पाउंड रहा।

    अडानी के लिए क्यों अहम है यह सौदा?
    विशेषज्ञों के अनुसार, ABP की आय का बड़ा हिस्सा दीर्घकालिक ग्राहक अनुबंधों और पायलटेज सेवाओं से आता है, जिससे कंपनी को स्थिर राजस्व मिलता है। यही वजह है कि इसे अडानी पोर्ट्स के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण निवेश माना जा रहा है।

    पहले से कई देशों में मौजूद है अडानी पोर्ट्स
    अडानी पोर्ट्स फिलहाल भारत में 15 बंदरगाहों का संचालन करती है, जिनकी कुल क्षमता 653 मिलियन टन है। इसके अलावा कंपनी इज़रायल, तंजानिया, श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया में भी पोर्ट कारोबार से जुड़ी हुई है।

    वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने 501 मिलियन टन कार्गो का संचालन किया। अडानी पोर्ट्स का लक्ष्य 2030 तक अपनी कार्गो हैंडलिंग क्षमता 1 अरब टन तक पहुंचाने का है। इसके लिए अगले पांच वर्षों में ₹1 लाख करोड़ तक निवेश की योजना बनाई गई है, जिसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर विस्तार पर जोर रहेगा।

    कंपनी ने क्या कहा?
    अडानी पोर्ट्स के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी अपनी दीर्घकालिक रणनीति के अनुरूप नए निवेश अवसरों का लगातार मूल्यांकन करती रहती है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बाजार में चल रही अटकलों या संभावित सौदों पर कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की जाएगी।

  • गौतम अडानी की संपत्ति में एक दिन में ₹84,500 करोड़ का उछाल, दुनिया के अरबपतियों की रैंकिंग में बड़ा फेरबदल

    गौतम अडानी की संपत्ति में एक दिन में ₹84,500 करोड़ का उछाल, दुनिया के अरबपतियों की रैंकिंग में बड़ा फेरबदल

    नई दिल्ली। दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में मंगलवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला। भारत के उद्योगपति गौतम अडानी की संपत्ति में एक ही दिन में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। उनकी कंपनियों के शेयरों में आई तेज तेजी के चलते उनकी नेटवर्थ में करीब 8.85 अरब डॉलर यानी लगभग 84,500 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।

    ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, इस उछाल के बाद अडानी की कुल संपत्ति बढ़कर 117 अरब डॉलर पहुंच गई है। वहीं भारत के दूसरे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी की संपत्ति भी बढ़कर 89.1 अरब डॉलर हो गई। मंगलवार को उनकी नेटवर्थ में करीब 195 मिलियन डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई।

    दुनिया के टॉप-10 अरबपतियों की सूची में भी बड़ा फेरबदल देखने को मिला। लैरी एलिसन अब दुनिया के पांचवें सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। उन्होंने मार्क जुकरबर्ग को पीछे छोड़ते हुए यह स्थान हासिल किया।

    वहीं स्टीव बाल्मर ने एक बार फिर दुनिया के शीर्ष-10 अरबपतियों की सूची में वापसी की है। उन्होंने जिम वाल्टन को पीछे छोड़कर सूची में जगह बनाई।

    साल 2026 में अब तक दुनिया के कई बड़े अरबपतियों की संपत्ति में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क ने इस साल अब तक अपनी नेटवर्थ में 114 अरब डॉलर जोड़े हैं, जिसके बाद उनकी कुल संपत्ति 733 अरब डॉलर तक पहुंच गई है।

    दूसरे स्थान पर मौजूद लेरी पेज की संपत्ति में इस साल 59.3 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है और उनका नेटवर्थ 328 अरब डॉलर हो गया है। वहीं सर्गेई ब्रिन ने 54.9 अरब डॉलर की बढ़त के साथ अपनी कुल संपत्ति 305 अरब डॉलर तक पहुंचा दी है।

    इसके अलावा माइकल डेल की संपत्ति में 51.7 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है और उनका नेटवर्थ 192 अरब डॉलर हो गया है। डेविड सन की संपत्ति में भी इस साल 47.5 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है।

    ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक दुनिया के टॉप-10 अमीरों की सूची में एलन मस्क पहले, लैरी पेज दूसरे, सर्गी ब्रिन तीसरे और Jeff Bezos चौथे स्थान पर हैं। इसके बाद लैरी एलिसन, मार्क जुकरबर्ग, माइकल डेल, Jensen Huang, Bernard Arnault और स्टीव बाल्मर शामिल हैं।

  • हरित ऊर्जा से डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तक, भारत के भविष्य को नई दिशा दे रहा अदाणी ग्रुप: गौतम अदाणी

    हरित ऊर्जा से डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तक, भारत के भविष्य को नई दिशा दे रहा अदाणी ग्रुप: गौतम अदाणी

    नई दिल्ली । एक बड़े उद्योग सम्मेलन के दौरान अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने भारत के भविष्य को लेकर अपनी रणनीति और विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि समूह ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से काम कर रहा है जो आने वाले वर्षों में देश के डिजिटल और स्वच्छ विकास की मजबूत नींव साबित होगा। उनके मुताबिक, हरित ऊर्जा, डेटा सेंटर और आधुनिक तकनीकी ढांचे में किया जा रहा निवेश भारत को नई दिशा देने वाला है।

    उन्होंने बताया कि गुजरात के खावड़ा क्षेत्र में विकसित हो रहा विशाल नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट दुनिया के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है। इस परियोजना का बड़ा हिस्सा पहले ही शुरू किया जा चुका है और इसे भारत की ऊर्जा व्यवस्था में बदलाव लाने वाला कदम माना जा रहा है। उनका कहना था कि आने वाले समय में स्वच्छ ऊर्जा देश की सबसे बड़ी जरूरतों में शामिल होगी और भारत इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    गौतम अदाणी ने कहा कि समूह ने ऊर्जा परिवर्तन और हरित ऊर्जा क्षेत्र में बड़े स्तर पर निवेश की योजना बनाई है। उनका मानना है कि भविष्य में वही देश सबसे मजबूत होंगे जो ऊर्जा और तकनीक दोनों क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बन पाएंगे। इसी सोच के साथ समूह लगातार बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है।

    उन्होंने डेटा सेंटर को भी भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बताया। उनके अनुसार, भारत में तेजी से बढ़ते डिजिटल उपयोग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर को देखते हुए मजबूत डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। इसी दिशा में देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़े डेटा सेंटर कैंपस तैयार किए जा रहे हैं, जिनसे डिजिटल क्षमता को नई मजबूती मिलेगी।

    उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक का भविष्य केवल मशीनों और सर्वर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें लाखों युवाओं की भागीदारी होगी। इंजीनियर, तकनीशियन, ऑपरेटर और स्किल्ड प्रोफेशनल्स इस बदलाव की असली ताकत बनेंगे। इसी वजह से समूह कौशल विकास और नई तकनीकों से जुड़ी ट्रेनिंग पर भी विशेष ध्यान दे रहा है।

    सामाजिक विकास को लेकर भी उन्होंने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास जैसे क्षेत्रों में बड़े स्तर पर काम करने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि देश का भविष्य तभी मजबूत होगा जब तकनीकी विकास के साथ समाज का हर वर्ग आगे बढ़े।

    अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने हमेशा ऐसी जगहों पर निर्माण किया जहां पहले संभावनाएं बेहद कम थीं। उनका मानना है कि चुनौतियों के बीच ही सबसे बड़े अवसर छिपे होते हैं और भविष्य उन्हीं का होता है जो नई सोच और बड़े विजन के साथ आगे बढ़ते हैं।

  • अदाणी समूह के शेयरों में तेजी से संपत्ति में भारी बढ़ोतरी और बाजार में सकारात्मक असर

    अदाणी समूह के शेयरों में तेजी से संपत्ति में भारी बढ़ोतरी और बाजार में सकारात्मक असर

    नई दिल्ली: वैश्विक अरबपति रैंकिंग में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है जिसमें भारतीय उद्योग जगत के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव दर्ज किया गया है बाजार में जारी उतार चढ़ाव और शेयरों में तेज गतिविधियों के बीच गौतम अदाणी ने एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का स्थान हासिल कर लिया है और इस उपलब्धि के साथ उन्होंने लंबे समय से शीर्ष पर बने मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ दिया है यह बदलाव ऐसे समय में सामने आया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता और निवेश प्रवाह में लगातार बदलाव देखा जा रहा है

    ताजा आंकड़ों के अनुसार गौतम अदाणी की कुल संपत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है जिससे वह वैश्विक रैंकिंग में भी ऊपर पहुंच गए हैं उनकी संपत्ति में यह उछाल मुख्य रूप से उनके समूह की कंपनियों के शेयरों में आई तेजी के कारण देखा गया है विशेषकर ऊर्जा बंदरगाह और गैस क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों की बढ़ती रुचि ने उनकी संपत्ति को नई ऊंचाई दी है दूसरी ओर मुकेश अंबानी की संपत्ति में मामूली गिरावट देखने को मिली है जिसके चलते वह रैंकिंग में दूसरे स्थान पर खिसक गए हैं

    शेयर बाजार में अदाणी समूह की कंपनियों ने हाल के सत्रों में मजबूत प्रदर्शन किया है जिससे न केवल समूह की बाजार स्थिति मजबूत हुई है बल्कि निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है एक ही दिन में संपत्ति में अरबों डॉलर का इजाफा इस बात को दर्शाता है कि बाजार में सकारात्मक धारणा तेजी से बदल सकती है और बड़े उद्योगपतियों की रैंकिंग पर इसका सीधा असर पड़ता है

    वैश्विक स्तर पर अरबपतियों की सूची में टेक्नोलॉजी सेक्टर का दबदबा लगातार बना हुआ है और शीर्ष स्थानों पर अधिकांश नाम इसी क्षेत्र से जुड़े हुए हैं टेस्ला और अन्य बड़ी टेक कंपनियों से जुड़े उद्योगपति अब भी सूची में मजबूत स्थिति में हैं जबकि विभिन्न क्षेत्रों जैसे ऊर्जा खुदरा और औद्योगिक सेक्टर के अरबपतियों की संपत्ति में अधिक उतार चढ़ाव देखा जा रहा है

    विश्लेषकों के अनुसार यह रैंकिंग केवल व्यक्तिगत संपत्ति का संकेत नहीं है बल्कि यह वैश्विक बाजारों में पूंजी प्रवाह तकनीकी विकास और भू राजनीतिक परिस्थितियों का भी प्रतिबिंब है पिछले कुछ समय से वैश्विक निवेश माहौल में अस्थिरता बनी हुई है जिसके कारण बड़े उद्योगपतियों की संपत्ति में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है

    भारतीय उद्योग जगत की बात करें तो अन्य प्रमुख नाम भी वैश्विक सूची में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए हुए हैं जिनमें विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गज शामिल हैं हालांकि उनकी रैंकिंग में मामूली उतार चढ़ाव देखा गया है लेकिन समग्र रूप से भारतीय अरबपतियों की वैश्विक प्रभावशीलता बनी हुई है

    अदाणी समूह की कंपनियों में हालिया तेजी ने निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल बनाया है और बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में वैश्विक और घरेलू परिस्थितियों के आधार पर यह स्थिति और भी बदल सकती है फिलहाल यह बदलाव भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है

  • मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ गौतम अडानी बने एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति… .

    मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ गौतम अडानी बने एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति… .


    नई दिल्ली।
    रिलायंस के चेयरमैन (Reliance Chairman) मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) से अडानी ग्रुप (Adani Group) के मालिक गौतम अडानी (Gautam Adani) ने उनके सिर से एशिया और भारत के सबसे बड़े रईस शख्स (Asia and India Richest People) का ताज छीन लिया है। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स (Bloomberg Billionaires Index) के मुताबिक गुरुवार को गौतम अडानी पर डॉलर की बारिश हुई। उनकी संपत्ति 3.56 अरब डॉलर बढ़कर 92.6 अरब डॉलर पर पहुंच गई। जबकि, मुकेश अंबानी का नेटवर्थ अडानी से कम 90.8 अरब डॉलर रह गया। अडानी अब दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 19वें स्थान पर पहुंच गए हैं और अंबानी 20वें पोजीशन पर खिसक गए हैं।


    अडानी ने अंबानी को कैसे पछाड़ा

    अडानी और अंबानी के नेटवर्थ का बड़ा हिस्सा उनकी कंपनियों के शेयरों से आता है। गुरुवार को अडानी ग्रुप के शेयर उछाल के साथ बंद हुए। इसका असर अडानी के नेटवर्थ पर पड़ा। अडानी ग्रुप के शेयरों में अडानी पोर्ट्स 2.20 पर्सेंट उछला, अडानी ग्रीन में 2.44 प्रतिशत की तेजी रही।

    अडानी एंटरप्राइजेज 3.06%, अडानी एनर्जी 4.86%, अडानी पावर 5.84% उछला। इसी तरह अडानी ग्रुप के अन्य शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए। जबकि, अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 0.13 प्रतिशत की मामूली बढ़त हुई।

    गुरुवार को अंबानी संपत्ति में केवल 76.7 मिलियन डॉलर का ही इजाफा हुआ। दूसरी ओर अडानी की संपत्ति में 3.56 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई और अडानी को कुल नेटवर्थ अंबानी के नेटवर्थ से ज्यादा हो गया।


    अरबपतियों के टॉप-10 लिस्ट में भी उथल-पुथल

    ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के टॉप-10 अरबपतियों की लिस्ट में अब कुल 6 लोग 200 अरब डॉलर क्लब में शामिल हो गए हैं। लैरी एलिसन की संपत्ति में गुरुवार को भारी इजाफा हुआ। उनका नेटवर्थ 8.46 अरब डॉलर उछला है। अब इस क्लब में सबसे ऊपर और दुनिया सबसे अमीर एलन मस्क है। इनके बाद लैरी पेज, जेफ बजोस, सर्गी ब्रिन, मार्क जुकरबर्ग और लैरी एलिसन हैं।


    दुनिया के अमीरों की टॉप-10 लिस्ट में कौन-कौन हैं

    ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स में सबसे ऊपर 656 अरब डॉलर के साथ एलन मस्क हैं। लैरी पेज के पास 286 अरब डॉल कर संपत्ति है। जेफ बेजोस 269 अरब डॉलर के साथ तीसरे स्थान पर हैं। चौथे स्थान पर सर्गी ब्रिन हैं। इनका नेटवर्थ 266 अरब डॉलर है। मार्क जुकरबर्ग 5वें नंबर पर हैं और इनके पास कुल 239 अरब डॉलर की संपत्ति है। लैरी एलिसन 230 अरब डॉलर के साथ छठे स्थान पर हैं।

    टॉप-10 अरबपतियों में माइकल डेल ने 5.19 अरब डॉलर की छलांग लगाकर 7वां स्थान हासिल किया है। इनका नेटवर्थ अब 170 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। जेनसेंग हुआंग 164 अरब डॉलर के साथ 8वें स्थान पर हैं। बर्नार्ड अरनाल्ट 164 अरब डॉलर के साथ 9वें और जिम वॉल्टन 150 अरब डॉलर के साथ 10वें पोजीशन पर हैं।

  • शर्म की असली वजह क्या? एपस्टीन फाइल्स और अडानी केस को लेकर राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा वार

    शर्म की असली वजह क्या? एपस्टीन फाइल्स और अडानी केस को लेकर राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा वार


    नई दिल्ली । लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए सियासी बहस को नई धार दे दी है। एआई समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अर्धनग्न प्रदर्शन को प्रधानमंत्री द्वारा शर्मनाक बताए जाने पर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए पलटवार किया और कहा कि असली शर्म प्रदर्शन नहीं बल्कि उन मामलों पर सरकार की चुप्पी है जिनमें गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री उनके एक मंत्री और एक करीबी सहयोगी का नाम सामने आना चिंता का विषय है और यही वास्तव में शर्म की बात है।

    राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा मोदी जी आप शर्म की बात करते हो? शर्म की बात यह है कि एपस्टीन फाइल्स में आपका आपके मंत्री और आपके मित्र का नाम साथ में आ रहा है। ऐसे घिनौने अपराधी के साथ नाम जुड़ना ही शर्मनाक है। उन्होंने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इस समझौते से देश के किसानों टेक्सटाइल उद्योग और डेटा सुरक्षा को नुकसान पहुंचा है। उनके मुताबिक सरकार ने देशहित से समझौता किया है और इन मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।

    राहुल जिस संदर्भ का जिक्र कर रहे हैं उसमें केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम भी चर्चा में आया था। हालांकि पुरी ने स्पष्ट किया है कि उनके संबंध केवल आधिकारिक और कार्यगत थे। इसी प्रकरण में प्रधानमंत्री मोदी के एक विदेशी दौरे का उल्लेख भी सामने आने की बात कही गई थी जिस पर संसद में पहले भी हंगामा हो चुका है। अब राहुल गांधी ने उसी मुद्दे को फिर से उठाकर सरकार पर नैतिक जवाबदेही का दबाव बनाने की कोशिश की है।

    इसके साथ ही राहुल गांधी ने उद्योगपति गौतम अडानी पर अमेरिका में चल रहे मामलों को लेकर भी प्रधानमंत्री को घेरा। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक कारोबारी तक सीमित नहीं है बल्कि सत्ता और पूंजी के रिश्तों से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने आरोप लगाया कि 14 महीनों से इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई जो अपने आप में कई संदेह पैदा करती है। राहुल ने अनिल अंबानी का नाम लेते हुए भी सरकार और बड़े उद्योगपतियों की नजदीकियों पर सवाल उठाए और कहा कि कांग्रेस एक इंच भी पीछे नहीं हटेगी तथा देशहित के मुद्दों पर आवाज उठाती रहेगी।

    यह पूरा विवाद नई दिल्ली में आयोजित एआई समिट से जुड़ा है जहां कांग्रेस यूथ कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री मोदी ने मेरठ की सभा में कड़ी टिप्पणी की थी। उन्होंने इसे कांग्रेस की गंदी और शर्म वाली राजनीति बताते हुए कहा था कि देश की सबसे पुरानी पार्टी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि खराब कर रही है। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया।

    कांग्रेस के प्रदर्शन की आलोचना केवल सत्तापक्ष तक सीमित नहीं रही। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में इस तरह की हरकत से देश की छवि धूमिल होती है। वहीं बसपा प्रमुख मायावती समेत कई विपक्षी नेताओं ने भी कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाए। इसके बावजूद कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं का समर्थन किया और इसे लोकतांत्रिक विरोध बताया।

    सियासत के इस तीखे दौर में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो चुका है। एक ओर प्रधानमंत्री कांग्रेस की राजनीति को शर्मनाक बता रहे हैं तो दूसरी ओर राहुल गांधी सरकार की नीतियों अंतरराष्ट्रीय संबंधों और कारोबारी गठजोड़ पर सवाल उठाकर जवाब मांग रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और चुनावी मंचों पर और अधिक गूंजने की संभावना है।