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  • सैमसन को प्लेइंग इलेवन में लाने का फैसला आक्रामक सोच से प्रेरित, वह पावर प्ले में मैच जीता सकते हैं: गौतम गंभीर

    सैमसन को प्लेइंग इलेवन में लाने का फैसला आक्रामक सोच से प्रेरित, वह पावर प्ले में मैच जीता सकते हैं: गौतम गंभीर


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने कहा है कि टी20 विश्व कप 2026 के दौरान संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में लाने का फैसला आक्रामक सोच से प्रेरित था। किसी तकनीकी खामी की वजह से उन्हें टीम में नहीं लाया गया था। गंभीर ने कहा कि संजू के पास पावर प्ले में मैच का रुख अपनी टीम के पक्ष में मोड़ने की क्षमता है।

    गंभीर ने जियोस्टार पर कहा, “मुझे पता है कि बहुत से लोग इस बारे में बात करेंगे कि हम टॉप पर मौजूद तीन बाएं हाथ के बल्लेबाजों से हो रही समस्या से कैसे निपटना चाहते थे। हमें लगा कि हम और ज्यादा आक्रामक होना चाहते हैं क्योंकि पिछले डेढ़ साल में हमारी सोच यही रही है कि हम मैदान पर जाकर जितना हो सके उतना आक्रामक रहें। संजू को लाने का कारण दूसरे छोर से ऑफ-स्पिनर को मैनेज करना नहीं था। मेरा मानना ​​है कि एक अच्छा बल्लेबाज किसी भी तरह के गेंदबाज के खिलाफ अच्छा होगा, चाहे वह ऑफ-स्पिनर हो या लेफ्ट-आर्म स्पिनर। यह इस बारे में था कि क्या हम टॉप पर और भी ज्यादा आक्रामक रहते हुए पहले छह ओवरों में और ज्यादा रन बना सकते हैं।”

    उन्होंने कहा, “हम जानते हैं कि संजू क्या कर सकता है। उसकी प्रतिभा और खेल पर किसी को कभी कोई शक नहीं था। अगर वह अच्छा खेलता है, तो वह आपको पहले छह ओवर में ही मैच जिता सकता है। सोचिए कि अभिषेक, संजू और ईशान आपके टॉप तीन खिलाड़ी हैं, और फिर आपके पास सूर्या, हार्दिक, तिलक, शिवम और अक्षर जैसे खिलाड़ी हैं। तो, आप इससे ज्यादा कुछ नहीं मांग सकते।”

    सैमसन की प्लेइंग इलेवन में वापसी पर विस्तार से बात करते हुए गंभीर ने कहा, “मैंने उसे जिम में यह बताया। हम दोनों साथ में ट्रेनिंग कर रहे थे। मैंने बस उसे बताया कि तुम जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलोगे, और उसने कहा, ‘आने दो।’ हमारी इस तरह की बातचीत होती है। यह हेड कोच और खिलाड़ी के रिश्ते जैसा नहीं है। यह एक ऐसा रिश्ता है जहां हमारी ज्यादातर आमने-सामने की बातें अभ्यास सत्र के दौरान होती हैं।”

    सैमसन ने प्लेइंग इलेवन में वापसी के बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97, सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 89 और फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 89 रन की पारी खेली। इन लगातार तीन पारियों से उन्होंने भारत को चैंपियन बनाते हुए टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का खिताब जीता।

  • टी20 वर्ल्ड कप के पीछे की कहानी, गंभीर बोले अगरकर ईमानदारी से काम कर रहे, अजीत ने रचा 'चक्रव्यूह'

    टी20 वर्ल्ड कप के पीछे की कहानी, गंभीर बोले अगरकर ईमानदारी से काम कर रहे, अजीत ने रचा 'चक्रव्यूह'


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत के पीछे टीम के लिए रणनीति तैयार करने वाले मास्टरमाइंड अजीत अगरकर थे, जिनके कड़े और साहसिक फैसलों ने टीम इंडिया को विजेता बनाया। हेड कोच गौतम गंभीर ने इस मौके पर कहा, “अगरकर की काफी आलोचना होती रही, लेकिन वह अपना काम पूरी ईमानदारी से कर रहे हैं।” अगरकर के नेतृत्व में भारत ने पिछले तीन वर्षों में वनडे वर्ल्ड कप 2023, टी20 वर्ल्ड कप 2024, और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भी जीत हासिल की थी।

    सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में अगरकर की रणनीति
    अजीत अगरकर ने 2023 में सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष का पद संभाला। इस दौरान उन्होंने टीम की लंबी अवधि की रणनीति पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को मौके दिए, फिटनेस और फॉर्म को प्राथमिकता दी और टीम में संतुलन बनाए रखने के लिए कुछ सीनियर खिलाड़ियों को बाहर किया। अगरकर के फैसलों में एक खास रणनीति यह थी कि भविष्य की पीढ़ी को मजबूत आधार मिल सके। उनके इस दृष्टिकोण का असर टी20 वर्ल्ड कप 2026 में साफ नजर आया, जब टीम ने शानदार प्रदर्शन किया।

    कप्तान और कोच के बीच तालमेल
    टी20 वर्ल्ड कप में सूर्यकुमार यादव को कप्तान बनाया गया, जबकि हार्दिक पंड्या पर भी दांव खेला जा रहा था। अगरकर ने सूर्या पर भरोसा जताया और वह तीसरे भारतीय कप्तान बने जिन्होंने टी20 वर्ल्ड कप जीताया। सूर्यकुमार ने बताया कि हेड कोच गंभीर के साथ उनका तालमेल शानदार रहा, जिससे प्लेइंग इलेवन तैयार करना आसान हुआ। अगरकर की यह रणनीति टीम के भीतर सामंजस्य और विजेता मानसिकता बनाने में सफल रही।

    युवा सितारों को मिले मौके, टीम को मिले नायक
    टी20 वर्ल्ड कप में ईशान किशन को टीम में मौका दिया गया, जिन्होंने 9 मैचों में 317 रन बनाए और चौथे नंबर पर सर्वाधिक रन बनाने वालों की सूची में स्थान पाया। इसके अलावा संजू सैमसन, जो पिछले साल खासा प्रभावित नहीं कर सके थे, को अगरकर ने टीम में शामिल किया। संजू ने वेस्टइंडीज (97*), इंग्लैंड (89) और न्यूजीलैंड (89) के खिलाफ शानदार पारियां खेली और 321 रन बनाकर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ बने।

    पर्दे के पीछे का मास्टरमाइंड
    अजीत अगरकर ने पूरी टूर्नामेंट के दौरान पर्दे के पीछे टीम के लिए रणनीति बनाई और निर्णायक कदम उठाए। रोहित शर्मा के स्थान पर शुभमन गिल को वनडे टीम की कमान देना और युवा खिलाड़ियों को मौके देना उनके साहसिक फैसलों का हिस्सा था। अगरकर ने अपनी ईमानदारी और दूरदर्शिता से भारतीय क्रिकेट को नए बुलंदियों तक पहुंचाया।