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  • टीम इंडिया के सामने फिटनेस का बड़ा संकट! गंभीर-अगरकर संग BCCI की अहम बैठक में हार, न्यूजीलैंड दौरे और 2027 वर्ल्ड कप पर चर्चा

    टीम इंडिया के सामने फिटनेस का बड़ा संकट! गंभीर-अगरकर संग BCCI की अहम बैठक में हार, न्यूजीलैंड दौरे और 2027 वर्ल्ड कप पर चर्चा


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के लिए आने वाला समय बेहद अहम माना जा रहा है। हाल के दौरों में मिली हार, लगातार बढ़ती खिलाड़ियों की चोट की समस्या और 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड अब गंभीर मंथन करने जा रहा है। 3 सितंबर को मुंबई में होने वाली BCCI की अहम बैठक में टीम इंडिया के मौजूदा प्रदर्शन से लेकर भविष्य की रणनीति तक कई बड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इस बैठक में बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया, मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर, मुख्य कोच गौतम गंभीर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण समेत टीम प्रबंधन से जुड़े अन्य अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है।

    बैठक का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया को मिली हार की समीक्षा होगा। बोर्ड यह जानने की कोशिश करेगा कि आखिर टीम के प्रदर्शन में कहां कमी रही और भविष्य के बड़े मुकाबलों से पहले किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर टीम की जरूरतों तथा आगे की योजनाओं को बोर्ड के सामने रख सकते हैं। इसके साथ ही आगामी न्यूजीलैंड दौरे को लेकर भी रणनीति बनाई जाएगी क्योंकि इस सीरीज को भविष्य की तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    BCCI के सामने इस समय खिलाड़ियों की फिटनेस सबसे बड़ी चिंता बनकर उभरी है। कई खिलाड़ी चोट से जूझ रहे हैं और उनकी रिकवरी में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है। अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए चुनी गई टीम में भी कुछ खिलाड़ियों की उपलब्धता फिटनेस टेस्ट पर निर्भर बताई गई है। ऐसे में चयन प्रक्रिया और खिलाड़ियों की मेडिकल स्थिति के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत पर भी बैठक में चर्चा हो सकती है।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ अगले महीने शुरू होने वाले दौरे पर टीम प्रबंधन तेज गेंदबाजों का मजबूत समूह तैयार करना चाहता है। मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरुनूर बरार, जसप्रीत बुमराह और आकाशदीप जैसे तेज गेंदबाजों की फिटनेस, उपलब्धता और भूमिका पर विचार किया जा सकता है। लगातार क्रिकेट और खिलाड़ियों के कार्यभार को देखते हुए BCCI को यह तय करना होगा कि महत्वपूर्ण खिलाड़ियों को कैसे फिट और फ्रेश रखा जाए।

    हार्दिक पांड्या की फिटनेस भी टीम प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। वनडे विश्व कप की योजनाओं में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है लेकिन लगातार फिटनेस से जुड़ी चिंताओं के कारण टीम संयोजन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में बोर्ड, चयनकर्ता और टीम प्रबंधन को खिलाड़ियों की चोट, वर्कलोड और मैचों की प्राथमिकता पर एक स्पष्ट नीति बनानी होगी।

    कुल मिलाकर 3 सितंबर की यह बैठक केवल पिछली हार का रिव्यू भर नहीं होगी बल्कि टीम इंडिया के भविष्य की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण चर्चा भी साबित हो सकती है। इंग्लैंड और आयरलैंड में मिली निराशा से सबक लेने के साथ BCCI की नजर न्यूजीलैंड दौरे और 2027 विश्व कप पर होगी। आने वाले वर्षों में भारतीय टीम किस रणनीति के साथ आगे बढ़ेगी, इसका संकेत इस अहम बैठक से मिल सकता है।

  • साइकिल चलाओ फिट रहो देश को मजबूत बनाओ मांडविया और गंभीर ने युवाओं को दिया फिटनेस मंत्र

    साइकिल चलाओ फिट रहो देश को मजबूत बनाओ मांडविया और गंभीर ने युवाओं को दिया फिटनेस मंत्र


    नई दिल्लीनई दिल्ली में रविवार को आयोजित फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल इवेंट में फिटनेस और खेलों को लेकर लोगों में खास उत्साह देखने को मिला। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया के साथ भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज और मौजूदा मुख्य कोच गौतम गंभीर भी शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को नियमित शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करना और फिटनेस को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने के प्रति जागरूकता पैदा करना रहा। बड़ी संख्या में बच्चों युवाओं और अलग अलग उम्र के लोगों ने इसमें हिस्सा लिया और साइकिलिंग के साथ कई अन्य खेल गतिविधियों में भी भागीदारी की।

    केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने इस दौरान युवाओं को खास तौर पर मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन से दूरी बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि संडे ऑन साइकिल का यह 88वां संस्करण है और देशभर में अब तक 25 हजार से ज्यादा स्थानों पर इसका आयोजन किया जा चुका है। उनके मुताबिक साइकिल चलाने को लेकर देश में लोगों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है और यह अभियान धीरे धीरे एक जुनून और पैशन का रूप ले रहा है। उन्होंने साइकिलिंग को व्यायाम का बेहतरीन माध्यम बताते हुए कहा कि इससे व्यक्ति खुद को फिट रखने के साथ पर्यावरण और यातायात से जुड़ी चुनौतियों को कम करने में भी योगदान दे सकता है।

    मांडविया ने युवाओं से अपील की कि वे रोजाना कम से कम एक घंटे मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन से दूर रहने की कोशिश करें। इस समय को साइकिल चलाने या किसी अन्य खेल गतिविधि में लगाने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है। उनका संदेश खास तौर पर ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब बच्चों और युवाओं के बीच स्क्रीन टाइम तेजी से बढ़ रहा है और शारीरिक गतिविधियों के लिए समय कम होता जा रहा है।

    कार्यक्रम में गौतम गंभीर ने भी फिटनेस को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने फिट इंडिया अभियान को सरकार की एक बेहतरीन पहल बताते हुए कहा कि जिस तरह देश के लोग स्वस्थ होंगे उसी तरह देश मजबूत और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। गंभीर ने फिटनेस को किसी एक दिन या आयोजन तक सीमित रखने के बजाय इसे व्यापक अभियान के रूप में देखने की जरूरत बताई। उन्होंने युवाओं और इस अभियान से जुड़े लोगों से अपील की कि वे फिटनेस का संदेश ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं और समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएं।

    गंभीर ने इस बात पर जोर दिया कि स्वस्थ नागरिक किसी भी मजबूत देश की नींव होते हैं। उनके अनुसार फिटनेस को केवल खेल खेलने या व्यायाम करने तक सीमित नहीं समझना चाहिए बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना जरूरी है। नियमित खेल गतिविधियां व्यक्ति को सक्रिय रखने के साथ अनुशासन और आत्मविश्वास बढ़ाने में भी मदद करती हैं।

    जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में हुए इस आयोजन में ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल प्रतिनिधियों और अतिथियों का सम्मान किया। मुख्य अतिथि गौतम गंभीर के अलावा पहलवान और अभिनेता संग्राम सिंह तथा अभिनेत्री मुधरिमा तुली भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। अतिथियों का फूल और बुके देकर स्वागत किया गया।

    साइकिलिंग के अलावा कार्यक्रम में कई अन्य खेल गतिविधियां भी आयोजित की गईं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक अलग अलग आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी ने इसे सामूहिक फिटनेस उत्सव का रूप दिया। आयोजन के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि फिट रहना केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं बल्कि स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र के निर्माण से भी जुड़ा विषय है। मांडविया और गंभीर की अपील ने युवाओं को खेल और नियमित शारीरिक गतिविधियों से जोड़ने के अभियान को नई ऊर्जा दी।

  • बिना बयानबाजी के छा गए वीवीएस लक्ष्मण टीम इंडिया में भरोसे और संतुलन की नई संस्कृति से बदली जीत की तस्वीर

    बिना बयानबाजी के छा गए वीवीएस लक्ष्मण टीम इंडिया में भरोसे और संतुलन की नई संस्कृति से बदली जीत की तस्वीर


    नई दिल्ली। जिम्बाब्वे दौरे पर भारतीय क्रिकेट टीम ने सिर्फ सीरीज जीतकर ही नहीं बल्कि अपने बदले हुए अंदाज से भी सभी का ध्यान आकर्षित किया है। इस बदलाव के केंद्र में अंतरिम मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण रहे जिन्होंने बिना किसी बयानबाजी और विवाद के केवल तीन मैचों में टीम के भीतर नया आत्मविश्वास पैदा कर दिया। खिलाड़ियों पर भरोसा जताने की उनकी शैली और शांत नेतृत्व ने यह साबित किया कि सफल कोचिंग केवल रणनीति तक सीमित नहीं होती बल्कि ड्रेसिंग रूम का माहौल भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।

    इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के दौरान भारतीय टीम लगातार हार और आलोचनाओं का सामना कर रही थी। टीम चयन से लेकर रणनीति तक कई फैसलों पर सवाल उठे थे। ऐसे समय में जब गौतम गंभीर उपलब्ध नहीं थे तब वीवीएस लक्ष्मण ने अंतरिम कोच की जिम्मेदारी संभाली और खिलाड़ियों के साथ सकारात्मक संवाद स्थापित किया। उन्होंने किसी भी खिलाड़ी पर सार्वजनिक दबाव बनाने के बजाय उनका मनोबल बढ़ाने पर जोर दिया।

    इसका असर मैदान पर भी साफ दिखाई दिया। कप्तान श्रेयस अय्यर और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी समेत कई खिलाड़ियों ने खुलकर लक्ष्मण के मार्गदर्शन की सराहना की। टीम के भीतर आत्मविश्वास और सहजता का माहौल बना जिससे खिलाड़ी बिना किसी अतिरिक्त दबाव के अपना स्वाभाविक खेल दिखा सके। लंबे समय बाद भारतीय ड्रेसिंग रूम में सकारात्मक ऊर्जा स्पष्ट नजर आई।

    वीवीएस लक्ष्मण की चयन नीति भी चर्चा का विषय बनी। उन्होंने टीम में बदलाव जरूर किए लेकिन केवल प्रयोग करने के लिए नहीं बल्कि खिलाड़ियों की क्षमता और टीम की जरूरत को ध्यान में रखकर फैसले लिए। दूसरे टी20 मुकाबले में यश ठाकुर को मौका दिया गया जबकि सीरीज अपने नाम करने के बाद तीसरे मैच में सूर्यांश शेडगे को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। इससे खिलाड़ियों को यह संदेश मिला कि प्रदर्शन और तैयारी के आधार पर सभी को अवसर मिलेगा।

    युवा खिलाड़ियों के साथ लक्ष्मण का जुड़ाव उनकी सबसे बड़ी ताकत माना जाता है। बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में लंबे समय तक काम करने के कारण वह उभरते क्रिकेटरों की मानसिकता और उनकी जरूरतों को अच्छी तरह समझते हैं। शुभमन गिल यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी जैसे कई खिलाड़ियों ने उनके मार्गदर्शन में अपने खेल को निखारा है। यही अनुभव अंतरिम कोच के रूप में भी उनके काम आया।

    हालांकि तीन मैचों के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि टीम की सभी समस्याएं समाप्त हो गई हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने कई आसान कैच छोड़े जिससे फील्डिंग अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। बल्लेबाजी और रणनीति में सुधार जरूर दिखाई दिया लेकिन फील्डिंग में निरंतरता लाने की जरूरत बनी हुई है।

    वीवीएस लक्ष्मण इससे पहले भी कई बार अंतरिम मुख्य कोच की भूमिका निभा चुके हैं और हर बार उनके काम की सराहना हुई है। इसके बावजूद उन्होंने स्थायी मुख्य कोच बनने के बजाय सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में युवा खिलाड़ियों को तैयार करने की जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी। अब उनके हालिया प्रदर्शन के बाद एक बार फिर यह बहस तेज हो गई है कि क्या भारतीय क्रिकेट को भविष्य में अलग अलग प्रारूपों के लिए अलग मुख्य कोच की व्यवस्था पर विचार करना चाहिए।

    फिलहाल इतना तय है कि जिम्बाब्वे दौरे ने यह साबित कर दिया है कि टीम की सफलता केवल रणनीति या तकनीक पर निर्भर नहीं करती बल्कि खिलाड़ियों के भीतर विश्वास जगाने और उन्हें खुलकर खेलने का माहौल देने वाला नेतृत्व भी उतना ही अहम होता है। वीवीएस लक्ष्मण ने अपने शांत स्वभाव और संतुलित फैसलों से यही संदेश पूरी क्रिकेट दुनिया को दिया है।

  • “पंत को गेम बदलने को नहीं कहा, परिस्थितियों के अनुसार खेलना जरूरी”: गौतम गंभीर

    “पंत को गेम बदलने को नहीं कहा, परिस्थितियों के अनुसार खेलना जरूरी”: गौतम गंभीर


    नई दिल्ली । भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को लेकर चल रही चर्चाओं पर स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन पंत से उनका प्राकृतिक आक्रामक खेल बदलने की उम्मीद नहीं करता, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में परिस्थितियों को समझकर खेलना बेहद जरूरी है।

    गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हर खिलाड़ी को उसके प्रदर्शन के आधार पर आंका जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी को अपनी शैली पूरी तरह बदलनी होगी। उनके अनुसार, टेस्ट, वनडे या टी20—हर फॉर्मेट में लक्ष्य रन बनाना और टीम के लिए योगदान देना ही होता है, लेकिन यह कैसे करना है, यह मैच की स्थिति पर निर्भर करता है।

    उन्होंने साफ किया कि पंत को “गेम बदलने” या अलग तरीके से खेलने का निर्देश नहीं दिया गया है। बल्कि उनसे उम्मीद है कि वह अपने नैचुरल गेम के साथ-साथ हालात को पढ़कर समझदारी से बल्लेबाजी करें।

    ऋषभ पंत हाल के समय में फॉर्म को लेकर चर्चा में रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। हालांकि, इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की थी, लेकिन चोट के कारण वह सीरीज बीच में छोड़कर बाहर हो गए थे।

    अब पंत के पास अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट में खुद को साबित करने का बड़ा मौका होगा। यह मुकाबला उनके टेस्ट करियर का 50वां मैच भी हो सकता है, जो उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

  • गौतम गंभीर का बड़ा बयान, साई सुदर्शन को बताया वर्ल्ड क्लास टैलेंट

    गौतम गंभीर का बड़ा बयान, साई सुदर्शन को बताया वर्ल्ड क्लास टैलेंट


    टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सुदर्शन को भारतीय टेस्ट टीम में पर्याप्त मौके दिए जाएंगे और उन्हें जल्दबाजी में नहीं आंका जाएगा।

    गंभीर ने कहा कि साई सुदर्शन एक वर्ल्ड क्लास खिलाड़ी हैं और हाल ही में आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने अपनी क्षमता साबित की है। सुदर्शन ने इस सीजन में 700 से अधिक रन बनाकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। गंभीर के अनुसार, किसी भी खिलाड़ी को सिर्फ कुछ पारियों के आधार पर जज नहीं किया जा सकता, बल्कि उन्हें खुद को स्थापित करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने यह भी कहा कि चयन प्रक्रिया में सभी खिलाड़ियों के साथ समान अवसर दिया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि सुदर्शन को नंबर तीन पर लगातार मौका मिल सकता है, जिससे वह टेस्ट टीम में अपनी जगह मजबूत कर सकें।

    साई सुदर्शन का अब तक का टेस्ट रिकॉर्ड भी संतुलित रहा है। उन्होंने भारत के लिए 6 टेस्ट मैचों में 11 पारियों में 302 रन बनाए हैं, जिसमें दो अर्धशतक शामिल हैं। हालांकि, उनके प्रदर्शन को लेकर टीम प्रबंधन का मानना है कि उनमें लंबी रेस का घोड़ा बनने की क्षमता है।

    आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस की ओर से खेलते हुए सुदर्शन ने 17 मैचों में 157 के स्ट्राइक रेट से 722 रन बनाए, जो उनके शानदार फॉर्म को दर्शाता है। इसी प्रदर्शन के आधार पर उन्हें टेस्ट टीम में निरंतर मौके मिलने की संभावना बढ़ गई है।

    भारत और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मैच 6 जून से मुल्लांपुर स्थित महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा, जिसमें साई सुदर्शन के खेलने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

  • टीम इंडिया की कप्तानी पर सस्पेंस, सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा में रेस तेज

    टीम इंडिया की कप्तानी पर सस्पेंस, सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा में रेस तेज


    नई दिल्ली। भारतीय टी20 क्रिकेट टीम में एक बार फिर नेतृत्व को लेकर बड़ा बदलाव देखने की संभावना बन रही है। मौजूदा कप्तान सूर्यकुमार यादव की कप्तानी फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानी जा रही है। हालांकि उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम किया था, लेकिन व्यक्तिगत फॉर्म में लगातार गिरावट ने चयनकर्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सूर्यकुमार यादव की कप्तानी का भविष्य अब पूरी तरह से टीम के हेड कोच गौतम गंभीर की राय और भूमिका पर निर्भर करता है। माना जा रहा है कि चयन समिति इस बात पर गंभीरता से विचार कर रही है कि यदि कोई खिलाड़ी बल्ले से लगातार योगदान नहीं दे पा रहा है, तो उसे कप्तानी की जिम्मेदारी कितनी उचित है।

    पिछले एक साल से सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा है। आईपीएल 2026 में भी उनका बल्ला खामोश रहा, जहां उन्होंने 12 पारियों में केवल 210 रन बनाए और उनका औसत 18 से भी कम रहा। इस खराब फॉर्म ने न सिर्फ उनके बल्लेबाजी स्थान को अस्थिर किया है, बल्कि कप्तानी पर भी दबाव बढ़ा दिया है।

    एक वरिष्ठ बीसीसीआई सूत्र के हवाले से कहा गया है कि चयनकर्ता इस बात पर सहमत दिख रहे हैं कि “अगर कोई खिलाड़ी अपनी जगह बल्लेबाज के रूप में पक्की नहीं कर पा रहा है, तो उसके लिए कप्तान बने रहना मुश्किल होता है।” हालांकि इस पूरे समीकरण में सबसे बड़ा फैक्टर गौतम गंभीर माने जा रहे हैं।

    गंभीर और सूर्यकुमार यादव के बीच संबंध काफी मजबूत बताए जाते हैं। यहां तक कि ‘SKY’ उपनाम भी गंभीर ने ही दिया था। टीम मैनेजमेंट में दोनों के बीच बेहतर समझ होने के कारण यदि गंभीर उनका समर्थन करते हैं, तो चयनकर्ता फिलहाल कोई बड़ा फैसला टाल सकते हैं।

    इसी बीच भविष्य की योजनाओं को लेकर भी बीसीसीआई 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक को ध्यान में रखकर नई रणनीति बना रहा है। इसी कारण कई युवा खिलाड़ियों को नेतृत्व भूमिकाओं में आजमाया जा रहा है।

    इस रेस में श्रेयस अय्यर का नाम मजबूत दावेदार के रूप में सामने आ रहा है। उनकी आक्रामक कप्तानी शैली और अनुभव चयनकर्ताओं को आकर्षित कर रहा है। हालांकि उनके और गौतम गंभीर के रिश्तों को लेकर भी क्रिकेट सर्कल में चर्चा बनी हुई है।

    वहीं शुभमन गिल को लेकर भी संभावनाएं बनी हुई हैं। खराब प्रदर्शन के चलते उन्हें टी20 टीम से बाहर रखा गया था, लेकिन कप्तानी में बदलाव की स्थिति में उनकी वापसी लगभग तय मानी जा रही है।

    सबसे दिलचस्प नाम तिलक वर्मा का सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार चयनकर्ता उन्हें भविष्य के कप्तान के रूप में देख रहे हैं। इसी कारण उन्हें इंडिया-ए टीम की कप्तानी सौंपी गई है, ताकि उनकी नेतृत्व क्षमता का आकलन किया जा सके।

    इसके अलावा संजू सैमसन, ईशान किशन और युवा प्रतिभा वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों के नाम भी भविष्य की योजनाओं में शामिल बताए जा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि टीम इंडिया की टी20 कप्तानी किस दिशा में जाती है और क्या सूर्यकुमार यादव अपनी कुर्सी बचा पाते हैं या नहीं।

  • सूर्यकुमार यादव और गौतम गंभीर टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी लेकर मंदिर पहुंचे; अभिषेक शर्मा ने वैष्णो देवी के दर्शन किए

    सूर्यकुमार यादव और गौतम गंभीर टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी लेकर मंदिर पहुंचे; अभिषेक शर्मा ने वैष्णो देवी के दर्शन किए


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में तीसरी बार खिताब जीतकर इतिहास रचा। जीत के जश्न में कप्तान सूर्यकुमार यादव और हेड कोच गौतम गंभीर शनिवार को टी-20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी लेकर मुंबई के प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान गणेश के दर्शन कर टीम की सफलता और देशवासियों के लिए आशीर्वाद मांगा।

    हनुमान मंदिर दर्शन और कीर्ति आजाद की प्रतिक्रिया:
    वहीं, चैंपियन बनने के बाद 8 मार्च की रात सूर्यकुमार यादव और टीम के कुछ सदस्य अहमदाबाद के हनुमान मंदिर भी गए। इस पर पूर्व क्रिकेटर और TMC सांसद कीर्ति आजाद ने सवाल उठाते हुए कहा कि टीम को शर्म आनी चाहिए, क्योंकि विजेता टीम में सभी धर्मों के खिलाड़ी शामिल थे और ट्रॉफी को मंदिर में ले जाना उचित नहीं था।

    इस पर हेड कोच गौतम गंभीर ने जवाब दिया कि यह पूरे देश के लिए गर्व का पल है और ऐसी बातों को उठाने का कोई मतलब नहीं। गंभीर ने कहा कि अगर हर बयान को गंभीरता से लिया जाएगा तो इससे टीम के 15 खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियों का सम्मान कम हो जाएगा।

    अभिषेक शर्मा ने वैष्णो देवी में मांगी आशीर्वाद:
    टीम इंडिया के ओपनर अभिषेक शर्मा ने 13 मार्च को जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित प्रसिद्ध वैष्णो देवी मंदिर में माता रानी के दर्शन किए। उन्होंने अपनी यात्रा की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर साझा कीं और कैप्शन में लिखा “जय माता दी।” फोटोज में अभिषेक सफेद कुर्ता-पायजामा पहनकर माथे पर तिलक लगाए हाथ जोड़कर दर्शन करते नजर आए।

    अभिषेक की फाइनल में शानदार पारी:
    टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में अभिषेक ने अहम भूमिका निभाई। टूर्नामेंट के पहले मैचों में उनका प्रदर्शन कमजोर रहा और लगातार तीन बार शून्य पर आउट हुए। लेकिन फाइनल में उन्होंने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में महज 21 गेंदों में 52 रन की पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई।

    टीम इंडिया तीसरी बार चैंपियन बनी:
    8 मार्च को हुए फाइनल मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराया और टी-20 वर्ल्ड कप का तीसरा खिताब अपने नाम किया।

    टीम के अन्य सदस्य भी बोले:
    ईशान किशन ने कीर्ति आजाद के बयान पर कहा, इतना अच्छा वर्ल्ड कप जीतें, तो अच्छे सवाल पूछिए। कीर्ति आजाद क्या बोले, इस पर मैं क्या कहूं? कुछ अच्छा सवाल करिए।

  • कीर्ति आजाद के बेतुके बयान पर भड़के भारतीय क्रिकेट के बड़े दिग्गज, हरभजन ने भी जमकर लताड़ लगाई

    कीर्ति आजाद के बेतुके बयान पर भड़के भारतीय क्रिकेट के बड़े दिग्गज, हरभजन ने भी जमकर लताड़ लगाई


    नई दिल्ली। न्यूजीलैंड को परास्त करके टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम करने के बाद पूरे भारत में खुशियां मनाई जा रही थी। देशभर में जश्न का महौल था। टीम इंडिया को जैसे ही ट्रॉफी मिली तो टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर अगले ही दिन अहमदाबाद के हनुमान मंदिर में गए जिसके लेकर पूर्व क्रिकेटर और TMC सांसद कीर्ति आजाद ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने ट्रॉफी को मंदिर ले जाए जाने पर आपत्ति जताई।

    दिग्गज क्रिकेटर्स ने बयान की निंदा की
    न्यूज एजेंसी IANS द्वारा जब गौतम गंभीर ने कीर्ति आजाद के इस बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि “वैसे तो इस सवाल का जवाब देना ही ठीक नहीं है। यह देश के लिए बड़ा पल है। मुझे लगता है कि जरूरी यह है कि हमें वर्ल्ड कप सेलिब्रेट करना चाहिए। ऐसे बयान सिर्फ आपकी उपलब्धियों को कम करेंगे। अगर आप ऐसे बयान देते हैं, तो आप अपने खिलाड़ियों का अपमान कर रहे हैं।”

    उनके अलावा हरभजन सिंह ने भी उनके बयान की निंदा की। हरभजन ने कहा “यह बेतुका है कि कोई ट्रॉफी को मंदिर ले जाने वाले खिलाड़ियों की घटना को राजनीतिक रंग दे रहा है। कीर्ति खुद एक पूर्व खिलाड़ी हैं, इसलिए उनसे ऐसा बोलने की उम्मीद नहीं थी। शायद वह राजनीति को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं और भूल गए हैं कि वह एक स्पोर्ट्समैन हैं।”

    ईशान किशन ने भी प्रतिक्रिया दी
    टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी जीतने के बाद अपने गृह नगर पटना पहुंचे ईशान किशन से जब एयरपोर्ट पर पत्रकारों ने पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद के विवादित बयान पर उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही तो उन्होंने निराशा जाहिर करते हुए कहा कि “इतना अच्छा वर्ल्ड कप जीते। आप लोग अच्छे सवाल करिएगा। ये कीर्ति आजाद क्या बोले? इस पर मैं क्या बोलूं? कुछ अच्छा सवाल करिए।”

  • T20 विश्व कप जीत के बाद आलोचकों पर बरसे गौतम गंभीर, बोले- वह ड्रेसिंग रूम के प्रति जवाबदेह, सोशल मीडिया नहीं

    T20 विश्व कप जीत के बाद आलोचकों पर बरसे गौतम गंभीर, बोले- वह ड्रेसिंग रूम के प्रति जवाबदेह, सोशल मीडिया नहीं


    अहमदाबाद।
    टीम इंडिय (Team India) ने आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 (ICC Men’s T20 World Cup 2026) के फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर खिताब अपने नाम किया. 8 मार्च (रविवार) को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हुए मुकाबले में भारतीय टीम ने कीवियों को जीत के लिए 256 रनों का टारगेट दिया था. टारगेट का पीछा करते हुए कीवी टीम 19 ओवर में 159 रनों पर ही पैक हो गई.

    इस ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर (Head Coach Gautam Gambhir) ने आलचकों पर जमकर निशाना साधा. गंभीर ने कहा कि वह ड्रेसिंग रूम में मौजूद लोगों के प्रति ही जवाबदेह हैं. उनकी जिम्मेदारी केवल टीम और सपोर्ट स्टाफ तक ही है, साथ ही सोशल मीडिया की आलोचना उन्हें प्रभावित नहीं करती. गंभीर ने टी20 विश्व कप में भारत की खिताबी जीत दिग्गज खिलाड़ियों वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ को समर्पित की.

    गौतम गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘मेरी जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर लोगों के लिए नहीं है. मेरी जिम्मेदारी उन 30 लोगों के लिए है जो ड्रेसिंग रूम में हैं.’ गंभीर 2007 में भारत के पहले टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे. अब 2026 में कोच के तौर उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप खिताब जीतकर इतिहास रच दिया।

    गौतम गंभीर कहते हैं, ‘कोच उतना ही अच्छा होता है जितनी अच्छी उसकी टीम. खिलाड़ी ही मुझे ऐसा कोच बनाते हैं जो मैं हूं.’ भारत की जीत में विकेटकीपर संजू सैमसन (89 रन), ओपनर अभिषेक शर्मा (52 रन) और ईशान किशन (54 रन) की आक्रामक बल्लेबाजी ने बड़ी भूमिका निभाई।

    गौतम गंभीर ने कहा कि भारतीय क्रिकेट में अब ट्रॉफी को प्राथमिकता देनी चाहिए, व्यक्तिगत रिकॉर्ड को नहीं. गंभीर कहते हैं, ‘हमने बहुत समय तक माइलस्टोन्स के जश्न मनाए. माइलस्टोन्स मायने नहीं रखते, ट्रॉफी मायने रखती है. मैं यह खिताब राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण को समर्पित करता हूं. राहुल भाई ने भारतीय क्रिकेट के लिए जो कुछ किया है, उसके लिए. वहीं वीवीएस लक्ष्मण ने जिस तरह से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) का नेतृत्व किया है, उसके लिए गौतम गंभीर ने भारतीय टीम की निडर और साहसी बल्लेबाजी की भी जमकर तारीफ की. गंभीर कहते हैं, ‘हमें अब हार का डर छोड़ना होगा. 120 रन बनाकर आउट होना ठीक है. हमारी ताकत साहस और हिम्मत है. सेमीफाइनल और फाइनल में 250-250 रन बनाना इसका प्रमाण है।

    कप्तान सूर्यकुमार यादव ने गौतम गंभीर के नेतृत्व की तारीफ की और उनके साथ भरोसे और समझ को रेखांकित किया. सूर्या कहते हैं, ‘मैंने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) में चार साल गौतम गंभीर की कप्तानी में खेला. कभी बहस नहीं हुई क्योंकि हमारी प्राथमिकता हमेशा टीम की जीत रही।

    गौतम गंभीर ने सूर्यकुमार यादव की सराहना की और दोहराया कि ट्रॉफी जीतना व्यक्तिगत रिकॉर्ड से ज्यादा महत्वपूर्ण है. गंभीर कहते हैं, ‘सूर्या ने मेरा काम आसान किया. अब हमारी जिम्मेदारी ट्रॉफी जीतने की है, उपलब्धियों का जश्न मनाने की नहीं.’भारत की टीम निडर, साहस और मेहनत के दम पर टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने में सफल हुई. कोच गौतम गंभीर ने यह जीत खिलाड़ियों की मेहनत और ट्रॉफी की अहमियत के नाम समर्पित की।

  • टी20 वर्ल्ड कप जीत पर धोनी का खास मैसेज, गौतम गंभीर और टीम इंडिया को दी बधाई, पोस्ट हुई वायरल

    टी20 वर्ल्ड कप जीत पर धोनी का खास मैसेज, गौतम गंभीर और टीम इंडिया को दी बधाई, पोस्ट हुई वायरल


    नई दिल्ली। आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की शानदार जीत के बाद मैदान के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी एक खास पल चर्चा में आ गया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर भारत ने तीसरी बार टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। जीत के तुरंत बाद पूर्व कप्तान एमएस धोनी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर टीम को बधाई दी, जो तेजी से वायरल हो गई।

    फाइनल मैच के दौरान धोनी वीवीआईपी बॉक्स में मौजूद थे। उनके साथ भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और बीसीसीआई सचिव जय शाह भी नजर आए। मैच खत्म होने के बाद धोनी ने इंस्टाग्राम पर टीम की उपलब्धि की सराहना करते हुए खास तौर पर मुख्य कोच गौतम गंभीर की तारीफ की।

    धोनी का संदेश बना चर्चा का विषय

    धोनी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “कोच साहब, आप पर मुस्कान बहुत अच्छी लगती है।” इसके साथ ही उन्होंने टीम के शानदार प्रदर्शन और पिछले कुछ समय में हुए बदलावों की भी सराहना की। उन्होंने लिखा कि अहमदाबाद में इतिहास रचा गया है और यह जीत पूरे देश के लिए गर्व का पल है। धोनी ने टीम, सपोर्ट स्टाफ और दुनियाभर में मौजूद भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को बधाई देते हुए कहा कि सभी को खेलते देखना बेहद खुशी की बात रही। धोनी का “कोच साहब” वाला संबोधन सीधे गौतम गंभीर के लिए था। गंभीर अपनी सख्त और गंभीर छवि के लिए जाने जाते हैं, इसलिए जीत के बाद उनकी मुस्कान को लेकर धोनी की टिप्पणी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रही।



    बुमराह की भी जमकर तारीफ

    धोनी ने अपनी पोस्ट में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की भी तारीफ की। उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा, “बुमराह के बारे में अगर कुछ न लिखूं तो ही बेहतर है… चैंपियन गेंदबाज।” दरअसल फाइनल मुकाबले में बुमराह ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 15 रन देकर 4 विकेट लिए और न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को बड़ा झटका दिया।

    भारत ने 96 रन से जीता फाइनल

    फाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 255 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में 256 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम शुरुआत से ही दबाव में रही और 19 ओवर में 159 रन पर सिमट गई। इस तरह भारत ने 96 रन की बड़ी जीत के साथ टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया।