Tag: Gautam Gambhir

  • “पंत को गेम बदलने को नहीं कहा, परिस्थितियों के अनुसार खेलना जरूरी”: गौतम गंभीर

    “पंत को गेम बदलने को नहीं कहा, परिस्थितियों के अनुसार खेलना जरूरी”: गौतम गंभीर


    नई दिल्ली । भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को लेकर चल रही चर्चाओं पर स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन पंत से उनका प्राकृतिक आक्रामक खेल बदलने की उम्मीद नहीं करता, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में परिस्थितियों को समझकर खेलना बेहद जरूरी है।

    गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हर खिलाड़ी को उसके प्रदर्शन के आधार पर आंका जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी को अपनी शैली पूरी तरह बदलनी होगी। उनके अनुसार, टेस्ट, वनडे या टी20—हर फॉर्मेट में लक्ष्य रन बनाना और टीम के लिए योगदान देना ही होता है, लेकिन यह कैसे करना है, यह मैच की स्थिति पर निर्भर करता है।

    उन्होंने साफ किया कि पंत को “गेम बदलने” या अलग तरीके से खेलने का निर्देश नहीं दिया गया है। बल्कि उनसे उम्मीद है कि वह अपने नैचुरल गेम के साथ-साथ हालात को पढ़कर समझदारी से बल्लेबाजी करें।

    ऋषभ पंत हाल के समय में फॉर्म को लेकर चर्चा में रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। हालांकि, इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की थी, लेकिन चोट के कारण वह सीरीज बीच में छोड़कर बाहर हो गए थे।

    अब पंत के पास अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट में खुद को साबित करने का बड़ा मौका होगा। यह मुकाबला उनके टेस्ट करियर का 50वां मैच भी हो सकता है, जो उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

  • गौतम गंभीर का बड़ा बयान, साई सुदर्शन को बताया वर्ल्ड क्लास टैलेंट

    गौतम गंभीर का बड़ा बयान, साई सुदर्शन को बताया वर्ल्ड क्लास टैलेंट


    टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सुदर्शन को भारतीय टेस्ट टीम में पर्याप्त मौके दिए जाएंगे और उन्हें जल्दबाजी में नहीं आंका जाएगा।

    गंभीर ने कहा कि साई सुदर्शन एक वर्ल्ड क्लास खिलाड़ी हैं और हाल ही में आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने अपनी क्षमता साबित की है। सुदर्शन ने इस सीजन में 700 से अधिक रन बनाकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। गंभीर के अनुसार, किसी भी खिलाड़ी को सिर्फ कुछ पारियों के आधार पर जज नहीं किया जा सकता, बल्कि उन्हें खुद को स्थापित करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने यह भी कहा कि चयन प्रक्रिया में सभी खिलाड़ियों के साथ समान अवसर दिया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि सुदर्शन को नंबर तीन पर लगातार मौका मिल सकता है, जिससे वह टेस्ट टीम में अपनी जगह मजबूत कर सकें।

    साई सुदर्शन का अब तक का टेस्ट रिकॉर्ड भी संतुलित रहा है। उन्होंने भारत के लिए 6 टेस्ट मैचों में 11 पारियों में 302 रन बनाए हैं, जिसमें दो अर्धशतक शामिल हैं। हालांकि, उनके प्रदर्शन को लेकर टीम प्रबंधन का मानना है कि उनमें लंबी रेस का घोड़ा बनने की क्षमता है।

    आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस की ओर से खेलते हुए सुदर्शन ने 17 मैचों में 157 के स्ट्राइक रेट से 722 रन बनाए, जो उनके शानदार फॉर्म को दर्शाता है। इसी प्रदर्शन के आधार पर उन्हें टेस्ट टीम में निरंतर मौके मिलने की संभावना बढ़ गई है।

    भारत और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मैच 6 जून से मुल्लांपुर स्थित महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा, जिसमें साई सुदर्शन के खेलने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

  • टीम इंडिया की कप्तानी पर सस्पेंस, सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा में रेस तेज

    टीम इंडिया की कप्तानी पर सस्पेंस, सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा में रेस तेज


    नई दिल्ली। भारतीय टी20 क्रिकेट टीम में एक बार फिर नेतृत्व को लेकर बड़ा बदलाव देखने की संभावना बन रही है। मौजूदा कप्तान सूर्यकुमार यादव की कप्तानी फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानी जा रही है। हालांकि उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम किया था, लेकिन व्यक्तिगत फॉर्म में लगातार गिरावट ने चयनकर्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सूर्यकुमार यादव की कप्तानी का भविष्य अब पूरी तरह से टीम के हेड कोच गौतम गंभीर की राय और भूमिका पर निर्भर करता है। माना जा रहा है कि चयन समिति इस बात पर गंभीरता से विचार कर रही है कि यदि कोई खिलाड़ी बल्ले से लगातार योगदान नहीं दे पा रहा है, तो उसे कप्तानी की जिम्मेदारी कितनी उचित है।

    पिछले एक साल से सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा है। आईपीएल 2026 में भी उनका बल्ला खामोश रहा, जहां उन्होंने 12 पारियों में केवल 210 रन बनाए और उनका औसत 18 से भी कम रहा। इस खराब फॉर्म ने न सिर्फ उनके बल्लेबाजी स्थान को अस्थिर किया है, बल्कि कप्तानी पर भी दबाव बढ़ा दिया है।

    एक वरिष्ठ बीसीसीआई सूत्र के हवाले से कहा गया है कि चयनकर्ता इस बात पर सहमत दिख रहे हैं कि “अगर कोई खिलाड़ी अपनी जगह बल्लेबाज के रूप में पक्की नहीं कर पा रहा है, तो उसके लिए कप्तान बने रहना मुश्किल होता है।” हालांकि इस पूरे समीकरण में सबसे बड़ा फैक्टर गौतम गंभीर माने जा रहे हैं।

    गंभीर और सूर्यकुमार यादव के बीच संबंध काफी मजबूत बताए जाते हैं। यहां तक कि ‘SKY’ उपनाम भी गंभीर ने ही दिया था। टीम मैनेजमेंट में दोनों के बीच बेहतर समझ होने के कारण यदि गंभीर उनका समर्थन करते हैं, तो चयनकर्ता फिलहाल कोई बड़ा फैसला टाल सकते हैं।

    इसी बीच भविष्य की योजनाओं को लेकर भी बीसीसीआई 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक को ध्यान में रखकर नई रणनीति बना रहा है। इसी कारण कई युवा खिलाड़ियों को नेतृत्व भूमिकाओं में आजमाया जा रहा है।

    इस रेस में श्रेयस अय्यर का नाम मजबूत दावेदार के रूप में सामने आ रहा है। उनकी आक्रामक कप्तानी शैली और अनुभव चयनकर्ताओं को आकर्षित कर रहा है। हालांकि उनके और गौतम गंभीर के रिश्तों को लेकर भी क्रिकेट सर्कल में चर्चा बनी हुई है।

    वहीं शुभमन गिल को लेकर भी संभावनाएं बनी हुई हैं। खराब प्रदर्शन के चलते उन्हें टी20 टीम से बाहर रखा गया था, लेकिन कप्तानी में बदलाव की स्थिति में उनकी वापसी लगभग तय मानी जा रही है।

    सबसे दिलचस्प नाम तिलक वर्मा का सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार चयनकर्ता उन्हें भविष्य के कप्तान के रूप में देख रहे हैं। इसी कारण उन्हें इंडिया-ए टीम की कप्तानी सौंपी गई है, ताकि उनकी नेतृत्व क्षमता का आकलन किया जा सके।

    इसके अलावा संजू सैमसन, ईशान किशन और युवा प्रतिभा वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों के नाम भी भविष्य की योजनाओं में शामिल बताए जा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि टीम इंडिया की टी20 कप्तानी किस दिशा में जाती है और क्या सूर्यकुमार यादव अपनी कुर्सी बचा पाते हैं या नहीं।

  • सूर्यकुमार यादव और गौतम गंभीर टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी लेकर मंदिर पहुंचे; अभिषेक शर्मा ने वैष्णो देवी के दर्शन किए

    सूर्यकुमार यादव और गौतम गंभीर टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी लेकर मंदिर पहुंचे; अभिषेक शर्मा ने वैष्णो देवी के दर्शन किए


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में तीसरी बार खिताब जीतकर इतिहास रचा। जीत के जश्न में कप्तान सूर्यकुमार यादव और हेड कोच गौतम गंभीर शनिवार को टी-20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी लेकर मुंबई के प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान गणेश के दर्शन कर टीम की सफलता और देशवासियों के लिए आशीर्वाद मांगा।

    हनुमान मंदिर दर्शन और कीर्ति आजाद की प्रतिक्रिया:
    वहीं, चैंपियन बनने के बाद 8 मार्च की रात सूर्यकुमार यादव और टीम के कुछ सदस्य अहमदाबाद के हनुमान मंदिर भी गए। इस पर पूर्व क्रिकेटर और TMC सांसद कीर्ति आजाद ने सवाल उठाते हुए कहा कि टीम को शर्म आनी चाहिए, क्योंकि विजेता टीम में सभी धर्मों के खिलाड़ी शामिल थे और ट्रॉफी को मंदिर में ले जाना उचित नहीं था।

    इस पर हेड कोच गौतम गंभीर ने जवाब दिया कि यह पूरे देश के लिए गर्व का पल है और ऐसी बातों को उठाने का कोई मतलब नहीं। गंभीर ने कहा कि अगर हर बयान को गंभीरता से लिया जाएगा तो इससे टीम के 15 खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियों का सम्मान कम हो जाएगा।

    अभिषेक शर्मा ने वैष्णो देवी में मांगी आशीर्वाद:
    टीम इंडिया के ओपनर अभिषेक शर्मा ने 13 मार्च को जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित प्रसिद्ध वैष्णो देवी मंदिर में माता रानी के दर्शन किए। उन्होंने अपनी यात्रा की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर साझा कीं और कैप्शन में लिखा “जय माता दी।” फोटोज में अभिषेक सफेद कुर्ता-पायजामा पहनकर माथे पर तिलक लगाए हाथ जोड़कर दर्शन करते नजर आए।

    अभिषेक की फाइनल में शानदार पारी:
    टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में अभिषेक ने अहम भूमिका निभाई। टूर्नामेंट के पहले मैचों में उनका प्रदर्शन कमजोर रहा और लगातार तीन बार शून्य पर आउट हुए। लेकिन फाइनल में उन्होंने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में महज 21 गेंदों में 52 रन की पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई।

    टीम इंडिया तीसरी बार चैंपियन बनी:
    8 मार्च को हुए फाइनल मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराया और टी-20 वर्ल्ड कप का तीसरा खिताब अपने नाम किया।

    टीम के अन्य सदस्य भी बोले:
    ईशान किशन ने कीर्ति आजाद के बयान पर कहा, इतना अच्छा वर्ल्ड कप जीतें, तो अच्छे सवाल पूछिए। कीर्ति आजाद क्या बोले, इस पर मैं क्या कहूं? कुछ अच्छा सवाल करिए।

  • कीर्ति आजाद के बेतुके बयान पर भड़के भारतीय क्रिकेट के बड़े दिग्गज, हरभजन ने भी जमकर लताड़ लगाई

    कीर्ति आजाद के बेतुके बयान पर भड़के भारतीय क्रिकेट के बड़े दिग्गज, हरभजन ने भी जमकर लताड़ लगाई


    नई दिल्ली। न्यूजीलैंड को परास्त करके टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम करने के बाद पूरे भारत में खुशियां मनाई जा रही थी। देशभर में जश्न का महौल था। टीम इंडिया को जैसे ही ट्रॉफी मिली तो टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर अगले ही दिन अहमदाबाद के हनुमान मंदिर में गए जिसके लेकर पूर्व क्रिकेटर और TMC सांसद कीर्ति आजाद ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने ट्रॉफी को मंदिर ले जाए जाने पर आपत्ति जताई।

    दिग्गज क्रिकेटर्स ने बयान की निंदा की
    न्यूज एजेंसी IANS द्वारा जब गौतम गंभीर ने कीर्ति आजाद के इस बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि “वैसे तो इस सवाल का जवाब देना ही ठीक नहीं है। यह देश के लिए बड़ा पल है। मुझे लगता है कि जरूरी यह है कि हमें वर्ल्ड कप सेलिब्रेट करना चाहिए। ऐसे बयान सिर्फ आपकी उपलब्धियों को कम करेंगे। अगर आप ऐसे बयान देते हैं, तो आप अपने खिलाड़ियों का अपमान कर रहे हैं।”

    उनके अलावा हरभजन सिंह ने भी उनके बयान की निंदा की। हरभजन ने कहा “यह बेतुका है कि कोई ट्रॉफी को मंदिर ले जाने वाले खिलाड़ियों की घटना को राजनीतिक रंग दे रहा है। कीर्ति खुद एक पूर्व खिलाड़ी हैं, इसलिए उनसे ऐसा बोलने की उम्मीद नहीं थी। शायद वह राजनीति को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं और भूल गए हैं कि वह एक स्पोर्ट्समैन हैं।”

    ईशान किशन ने भी प्रतिक्रिया दी
    टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी जीतने के बाद अपने गृह नगर पटना पहुंचे ईशान किशन से जब एयरपोर्ट पर पत्रकारों ने पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद के विवादित बयान पर उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही तो उन्होंने निराशा जाहिर करते हुए कहा कि “इतना अच्छा वर्ल्ड कप जीते। आप लोग अच्छे सवाल करिएगा। ये कीर्ति आजाद क्या बोले? इस पर मैं क्या बोलूं? कुछ अच्छा सवाल करिए।”

  • T20 विश्व कप जीत के बाद आलोचकों पर बरसे गौतम गंभीर, बोले- वह ड्रेसिंग रूम के प्रति जवाबदेह, सोशल मीडिया नहीं

    T20 विश्व कप जीत के बाद आलोचकों पर बरसे गौतम गंभीर, बोले- वह ड्रेसिंग रूम के प्रति जवाबदेह, सोशल मीडिया नहीं


    अहमदाबाद।
    टीम इंडिय (Team India) ने आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 (ICC Men’s T20 World Cup 2026) के फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर खिताब अपने नाम किया. 8 मार्च (रविवार) को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हुए मुकाबले में भारतीय टीम ने कीवियों को जीत के लिए 256 रनों का टारगेट दिया था. टारगेट का पीछा करते हुए कीवी टीम 19 ओवर में 159 रनों पर ही पैक हो गई.

    इस ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर (Head Coach Gautam Gambhir) ने आलचकों पर जमकर निशाना साधा. गंभीर ने कहा कि वह ड्रेसिंग रूम में मौजूद लोगों के प्रति ही जवाबदेह हैं. उनकी जिम्मेदारी केवल टीम और सपोर्ट स्टाफ तक ही है, साथ ही सोशल मीडिया की आलोचना उन्हें प्रभावित नहीं करती. गंभीर ने टी20 विश्व कप में भारत की खिताबी जीत दिग्गज खिलाड़ियों वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ को समर्पित की.

    गौतम गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘मेरी जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर लोगों के लिए नहीं है. मेरी जिम्मेदारी उन 30 लोगों के लिए है जो ड्रेसिंग रूम में हैं.’ गंभीर 2007 में भारत के पहले टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे. अब 2026 में कोच के तौर उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप खिताब जीतकर इतिहास रच दिया।

    गौतम गंभीर कहते हैं, ‘कोच उतना ही अच्छा होता है जितनी अच्छी उसकी टीम. खिलाड़ी ही मुझे ऐसा कोच बनाते हैं जो मैं हूं.’ भारत की जीत में विकेटकीपर संजू सैमसन (89 रन), ओपनर अभिषेक शर्मा (52 रन) और ईशान किशन (54 रन) की आक्रामक बल्लेबाजी ने बड़ी भूमिका निभाई।

    गौतम गंभीर ने कहा कि भारतीय क्रिकेट में अब ट्रॉफी को प्राथमिकता देनी चाहिए, व्यक्तिगत रिकॉर्ड को नहीं. गंभीर कहते हैं, ‘हमने बहुत समय तक माइलस्टोन्स के जश्न मनाए. माइलस्टोन्स मायने नहीं रखते, ट्रॉफी मायने रखती है. मैं यह खिताब राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण को समर्पित करता हूं. राहुल भाई ने भारतीय क्रिकेट के लिए जो कुछ किया है, उसके लिए. वहीं वीवीएस लक्ष्मण ने जिस तरह से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) का नेतृत्व किया है, उसके लिए गौतम गंभीर ने भारतीय टीम की निडर और साहसी बल्लेबाजी की भी जमकर तारीफ की. गंभीर कहते हैं, ‘हमें अब हार का डर छोड़ना होगा. 120 रन बनाकर आउट होना ठीक है. हमारी ताकत साहस और हिम्मत है. सेमीफाइनल और फाइनल में 250-250 रन बनाना इसका प्रमाण है।

    कप्तान सूर्यकुमार यादव ने गौतम गंभीर के नेतृत्व की तारीफ की और उनके साथ भरोसे और समझ को रेखांकित किया. सूर्या कहते हैं, ‘मैंने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) में चार साल गौतम गंभीर की कप्तानी में खेला. कभी बहस नहीं हुई क्योंकि हमारी प्राथमिकता हमेशा टीम की जीत रही।

    गौतम गंभीर ने सूर्यकुमार यादव की सराहना की और दोहराया कि ट्रॉफी जीतना व्यक्तिगत रिकॉर्ड से ज्यादा महत्वपूर्ण है. गंभीर कहते हैं, ‘सूर्या ने मेरा काम आसान किया. अब हमारी जिम्मेदारी ट्रॉफी जीतने की है, उपलब्धियों का जश्न मनाने की नहीं.’भारत की टीम निडर, साहस और मेहनत के दम पर टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने में सफल हुई. कोच गौतम गंभीर ने यह जीत खिलाड़ियों की मेहनत और ट्रॉफी की अहमियत के नाम समर्पित की।

  • टी20 वर्ल्ड कप जीत पर धोनी का खास मैसेज, गौतम गंभीर और टीम इंडिया को दी बधाई, पोस्ट हुई वायरल

    टी20 वर्ल्ड कप जीत पर धोनी का खास मैसेज, गौतम गंभीर और टीम इंडिया को दी बधाई, पोस्ट हुई वायरल


    नई दिल्ली। आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की शानदार जीत के बाद मैदान के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी एक खास पल चर्चा में आ गया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर भारत ने तीसरी बार टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। जीत के तुरंत बाद पूर्व कप्तान एमएस धोनी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर टीम को बधाई दी, जो तेजी से वायरल हो गई।

    फाइनल मैच के दौरान धोनी वीवीआईपी बॉक्स में मौजूद थे। उनके साथ भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और बीसीसीआई सचिव जय शाह भी नजर आए। मैच खत्म होने के बाद धोनी ने इंस्टाग्राम पर टीम की उपलब्धि की सराहना करते हुए खास तौर पर मुख्य कोच गौतम गंभीर की तारीफ की।

    धोनी का संदेश बना चर्चा का विषय

    धोनी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “कोच साहब, आप पर मुस्कान बहुत अच्छी लगती है।” इसके साथ ही उन्होंने टीम के शानदार प्रदर्शन और पिछले कुछ समय में हुए बदलावों की भी सराहना की। उन्होंने लिखा कि अहमदाबाद में इतिहास रचा गया है और यह जीत पूरे देश के लिए गर्व का पल है। धोनी ने टीम, सपोर्ट स्टाफ और दुनियाभर में मौजूद भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को बधाई देते हुए कहा कि सभी को खेलते देखना बेहद खुशी की बात रही। धोनी का “कोच साहब” वाला संबोधन सीधे गौतम गंभीर के लिए था। गंभीर अपनी सख्त और गंभीर छवि के लिए जाने जाते हैं, इसलिए जीत के बाद उनकी मुस्कान को लेकर धोनी की टिप्पणी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रही।



    बुमराह की भी जमकर तारीफ

    धोनी ने अपनी पोस्ट में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की भी तारीफ की। उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा, “बुमराह के बारे में अगर कुछ न लिखूं तो ही बेहतर है… चैंपियन गेंदबाज।” दरअसल फाइनल मुकाबले में बुमराह ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 15 रन देकर 4 विकेट लिए और न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को बड़ा झटका दिया।

    भारत ने 96 रन से जीता फाइनल

    फाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 255 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में 256 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम शुरुआत से ही दबाव में रही और 19 ओवर में 159 रन पर सिमट गई। इस तरह भारत ने 96 रन की बड़ी जीत के साथ टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया।

  • IND vs NZ: टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल अहमदाबाद में, धोनी पहुंचे स्टेडियम

    IND vs NZ: टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल अहमदाबाद में, धोनी पहुंचे स्टेडियम


    नई दिल्ली। टी-20 वर्ल्ड कप का फाइनल डिफेंडिंग चैंपियन भारत और न्यूजीलैंड के बीच आज शाम 7 बजे अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। टॉस शाम 6:30 बजे होगा। स्टेडियम के बाहर फैंस का उत्साह देखने लायक है। यहां तक कि भारत को सपोर्ट करने जर्मनी से एक फैन भी आया है।

    पूर्व कप्तान एमएस धोनी, भारतीय कोच गौतम गंभीर की पत्नी नताशा और उनकी बेटियां भी फाइनल देखने के लिए अहमदाबाद पहुंच चुकी हैं। वहीं, उज्जैन के महाकाल मंदिर में भारतीय टीम की जीत के लिए प्रार्थना की गई।

    भारत और न्यूजीलैंड पहली बार टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में आमने-सामने हैं। भारत 2 बार की चैंपियन है और चौथी बार फाइनल में है, जबकि न्यूजीलैंड दूसरी बार फाइनल खेल रही है और पहली ट्रॉफी की तलाश में है। 2021 में उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खिताबी मुकाबला हार का सामना करना पड़ा था।

    टी-20 इंटरनेशनल रिकॉर्ड में भारत का पलड़ा भारी है। दोनों टीमों ने अब तक 30 टी-20 इंटरनेशनल खेले हैं, जिनमें भारत ने 18 और न्यूजीलैंड ने 11 मैच जीते हैं, जबकि एक मैच टाई रहा। सुपर ओवर में भारत ने 2 मैच अपने नाम किए। घरेलू मैदान पर भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 16 में से 11 मुकाबले जीते हैं।

    जनवरी में न्यूजीलैंड की टीम भारत दौरे पर आई थी, जहां 5 मैचों की टी-20 सीरीज खेली गई। भारत ने 4-1 से जीत दर्ज की थी। इस सीरीज में कुल 6 बार 200+ का स्कोर बना और अंतिम मैच में भारत ने 271 रन बनाए थे।

    भारत के पास फाइनल में तीन बड़े रिकॉर्ड बनाने का मौका है – तीसरा खिताब जीतने वाला पहला देश बनने का, लगातार दूसरी ट्रॉफी जीतने वाला पहला देश बनने का, और होमग्राउंड पर टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश बनने का।

    वर्तमान वर्ल्ड कप में भारत के लिए ईशान किशन सबसे बड़े रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने 8 मैचों में 263 रन बनाए हैं, जिसमें 2 अर्धशतक शामिल हैं। उनके बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव हैं, जिन्होंने 242 रन बनाए। गेंदबाजी में वरुण चक्रवर्ती 8 मैचों में 13 विकेट लेकर टीम के टॉप प्रदर्शनकारियों में हैं।

    न्यूजीलैंड के लिए फिन एलन 8 मैचों में 289 रन के साथ टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ नाबाद 100 रन का शतक बनाया। वहीं, रचिन रवींद्र ने 8 मैचों में 11 विकेट लिए हैं।

    फाइनल मैच बैटिंग फ्रेंडली पिच पर खेला जाएगा। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में फ्रेश पिच का उपयोग होगा। काली और लाल मिट्टी को मिलाकर बनाई गई इस पिच में कम स्पिन लेकिन ज्यादा बाउंस और पेस देखने को मिलेगा। इस मैदान पर पहले बैटिंग करने वाली टीमों ने 14 टी-20 मैचों में 8 बार जीत दर्ज की है, जबकि चेज करने वाली टीमों ने 5 बार जीत हासिल की है। सबसे बड़ा स्कोर 234 रन है, जो भारत ने 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ बनाया था।

    इस वर्ल्ड कप में अहमदाबाद में अब तक 6 मैच खेले गए। भारत ने 2 मैच खेले हैं – ग्रुप स्टेज में नीदरलैंड पर जीत और सुपर-8 में साउथ अफ्रीका से हार। न्यूजीलैंड ने यहां दो मैच खेले हैं और दोनों हारे हैं। 2023 में यहां भारत और न्यूजीलैंड का एक मैच हुआ था, जिसमें भारत ने 168 रन से जीत हासिल की थी।

    फाइनल देखने के लिए पूर्व कप्तान एमएस धोनी, रोहित शर्मा और कई क्रिकेट दिग्गज स्टेडियम में मौजूद रहेंगे। ICC चेयरमैन जय शाह भी मैच के दौरान स्टेडियम में मौजूद रहेंगे।

    अहमदाबाद में आज बारिश की संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है और रात में 23 डिग्री के आसपास रहेगा। ICC ने फाइनल के लिए रिजर्व डे भी रखा है। यदि किसी कारण मैच पूरा नहीं हो पाया तो 9 मार्च को रिजर्व डे पर मुकाबला खेला जाएगा। रिजर्व डे पर भी मैच न हो सका तो ट्रॉफी दोनों टीमों में साझा होगी।

    संभावित प्लेइंग-11:

    भारत: संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती

    न्यूजीलैंड: फिन एलन, टिम साइफर्ट (विकेटकीपर), रचिन रवींद्र, ग्लेन फिलिप्स, मार्क चापमन, डेरिल मिचेल, मिचेल सैंटनर (कप्तान), कोल मैकॉन्ची, मैट हेनरी, जिमी नीशम, लॉकी फर्ग्यूसन

    अंपायरिंग टीम: रिचर्ड इलिंगवर्थ और एलेक्स व्हार्फ ऑन-फील्ड, अल्लाहुद्दीन पालेकर थर्ड अंपायर, एड्रियन होलस्टोक चौथा अंपायर, एंडी पाइक्रॉफ्ट मैच रेफरी।

    मैच लाइव देखें: स्टार स्पोर्ट्स और जियोहॉटस्टार ऐप पर। दैनिक भास्कर ऐप पर भी लाइव कवरेज उपलब्ध है।

  • करारी हार के बाद खुलासा: आखिर क्यों बाहर हुए उपकप्तान अक्षर?

    करारी हार के बाद खुलासा: आखिर क्यों बाहर हुए उपकप्तान अक्षर?


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 चरण में भारत राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ 76 रन की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी, और इस हार ने न सिर्फ सेमीफाइनल की राह कठिन कर दी बल्कि टीम चयन को लेकर भी तीखी बहस छेड़ दी है। अहमदाबाद में खेले गए इस अहम मुकाबले से पहले टीम प्रबंधन के एक फैसले ने सबको चौंका दिया था

    उपकप्तान अक्षर पटेल को प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठाना। उनकी जगह ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर को मौका दिया गया, लेकिन मैच का नतीजा भारत के पक्ष में नहीं गया और अब इस रणनीति पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हार के बाद भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से बात करते हुए स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी दबाव या व्यक्तिगत कारण से नहीं, बल्कि पूरी तरह रणनीतिक सोच के तहत लिया गया था। उनके अनुसार, कप्तान सूर्यकुमार यादव और मुख्य कोच गौतम गंभीर ने मैच से पहले अक्षर से लंबी और सकारात्मक चर्चा की थी, जिसमें टीम संयोजन और विपक्षी बल्लेबाजी क्रम को ध्यान में रखते हुए स्थिति समझाई गई थी। दक्षिण अफ्रीका के शीर्ष क्रम में तीन बाएं हाथ के बल्लेबाजों की मौजूदगी को देखते हुए टीम मैनेजमेंट को लगा कि ऑफ स्पिन विकल्प अधिक कारगर साबित हो सकता है, इसलिए संयोजन में बदलाव किया गया।

    शुरुआती ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने असर भी दिखाया और कुछ महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए, जिससे रणनीति सही दिशा में जाती दिखी, लेकिन बीच के ओवरों में गेंदबाजी योजना पटरी से उतर गई। खास तौर पर सुंदर से पावरप्ले में गेंदबाजी नहीं कराई गई, जबकि मूल रणनीति यही थी कि वे नई गेंद से बाएं हाथ के बल्लेबाजों पर दबाव बनाएंगे। बल्लेबाजी मोर्चे पर भी टीम अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी और नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से बड़ा स्कोर खड़ा करने का मौका हाथ से निकल गया। नतीजा यह रहा कि दक्षिण अफ्रीका ने लक्ष्य का बचाव करते हुए एकतरफा जीत दर्ज कर ली। इस हार ने अंकतालिका की तस्वीर बदल दी है और अब भारत के लिए सुपर-8 के बाकी मुकाबले किसी फाइनल से कम नहीं रह गए हैं। सेमीफाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए टीम को अपने शेष दोनों मैच हर हाल में जीतने होंगे। हालांकि कोटक ने भरोसा जताया कि भारतीय खिलाड़ी बड़े मंच और दबाव की परिस्थितियों के अभ्यस्त हैं और वापसी की क्षमता रखते हैं। कुल मिलाकर, अक्षर को बाहर करने का निर्णय रणनीतिक था, लेकिन मैदान पर रणनीति का सही क्रियान्वयन न हो पाने और बल्लेबाजों के फ्लॉप प्रदर्शन ने भारत की राह मुश्किल कर दी है; अब देखना होगा कि टीम इस झटके से कितनी जल्दी उबरकर मजबूती से वापसी करती है।

  • गंभीर का मास्टरमाइंड और सूर्या का 'स्काई' अवतार: टी20 विश्व कप में खिताब बचाने उतरेगी कोच-कप्तान की यह बेमिसाल जोड़ी

    गंभीर का मास्टरमाइंड और सूर्या का 'स्काई' अवतार: टी20 विश्व कप में खिताब बचाने उतरेगी कोच-कप्तान की यह बेमिसाल जोड़ी

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में एक नई और आक्रामक युग की शुरुआत हो चुकी है। राहुल द्रविड़ और रोहित शर्मा की सफल विरासत को आगे ले जाने की जिम्मेदारी अब गौतम गंभीर और सूर्यकुमार यादव के कंधों पर है। 72 घंटे से भी कम समय में भारतीय टीम टी20 विश्व कप में अपने खिताब को बचाने के अभियान का आगाज करेगी, और दुनिया भर की नजरें उस केमिस्ट्री पर टिकी हैं जो मैदान के बाहर गंभीर के दिमाग में पकती है और मैदान के अंदर सूर्या के बल्ले से आकार लेती है।

    आंकड़े दे रहे हैं गवाही नतीजों के लिहाज से देखें तो गंभीर और सूर्या की जोड़ी अब तक अपराजेय सी नजर आई है। 39 मैचों में 31 जीत और लगभग 80 प्रतिशत का जीत का रिकॉर्ड यह बताने के लिए काफी है कि इन दोनों की फ्रीक्वेंसी एक ही धुन पर बज रही है। भारतीय क्रिकेट में अक्सर कप्तान को जनरल माना जाता रहा है, जैसा रवि शास्त्री और विराट कोहली के दौर में था। लेकिन टी20 प्रारूप के बदलते मिजाज ने अब ‘फुटबॉल मैनेजर’ शैली की कोचिंग की मांग की है। यहाँ गंभीर एक रणनीतिकार की भूमिका में हैं और सूर्या उस योजना को शत-प्रतिशत मैदान पर उतारने वाले ‘एक्जीक्यूटर’ हैं।

    पुराना रिश्ता, नई इबारत इन दोनों का रिश्ता आज का नहीं है। सूर्यकुमार यादव को पहली बार वैश्विक पहचान तब मिली थी जब वे गौतम गंभीर की कप्तानी में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए फिनिशर की भूमिका निभा रहे थे। दिलचस्प बात यह है कि सूर्या का मशहूर नाम ‘स्काई’ (SKY) भी उन्हें गंभीर ने ही दिया था। यह भारतीय क्रिकेट का एक खुला राज है कि 2024 में हार्दिक पंड्या के ऊपर सूर्यकुमार को टी20 की कप्तानी दिलाने में गंभीर की अहम भूमिका रही थी। गंभीर को पता था कि सूर्या जैसा निडर खिलाड़ी ही उनकी आक्रामक रणनीति को अंजाम दे सकता है।

    अलग मिजाज, एक लक्ष्य निजी तौर पर दोनों ध्रुवों की तरह अलग हैं। गंभीर दिल्ली के एक समृद्ध व्यावसायिक परिवार से आते हैं और स्वभाव से बेहद गंभीर और ‘नो-नॉनसेन्स’ खिलाड़ी रहे हैं। वहीं सूर्या मुंबई के मध्यमवर्गीय परिवार से हैं और मैदान पर बेहद शांत और हंसमुख नजर आते हैं। लेकिन इस सामाजिक-आर्थिक अंतर के बावजूद दोनों का ‘क्रिकेटिंग डीएनए’ एक है। दोनों ही पक्के राष्ट्रवादी हैं और हार न मानने की जिद्द उनके चरित्र का मुख्य हिस्सा है। गंभीर जानते हैं कि उन्हें सहवाग जैसी नैसर्गिक प्रतिभा नहीं मिली थी, इसलिए उन्होंने कड़ी मेहनत से अपनी जगह बनाई। ठीक उसी तरह सूर्या ने भी लंबे समय तक घरेलू क्रिकेट में संघर्ष किया और अपनी जगह छीनी।

    अब विश्व कप के महामंच पर गंभीर का गेम प्लान तैयार है और सूर्या को बस अपनी उस आजादी के साथ खेलना है जिसके लिए वे जाने जाते हैं। अगर यह जुगलबंदी अपने पूरे शबाब पर रही, तो भारत को अपना विश्व कप खिताब बचाने से रोकना नामुमकिन होगा।