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  • गौतम गुलाटी की हरकत पर भड़के वीरेंद्र सहवाग, मंच छोड़कर गए होस्ट, बोले- मुझे चुनौती देना स्वीकार नहीं

    गौतम गुलाटी की हरकत पर भड़के वीरेंद्र सहवाग, मंच छोड़कर गए होस्ट, बोले- मुझे चुनौती देना स्वीकार नहीं

    नई दिल्ली । रियलिटी शो राइज एंड फॉल 2 के हालिया एपिसोड में गौतम गुलाटी और वीरेंद्र सहवाग के बीच तनाव देखने को मिला। शो में मनीष कश्यप के साथ गौतम की बहस के दौरान सहवाग नाराज हो गए और गुस्से में मंच छोड़कर चले गए। कुछ देर बाद लौटे सहवाग ने गौतम के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी को होस्ट करने के लिए बुलाया गया हो, तो उसके सामने इस तरह का बर्ताव करना सही नहीं है। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है।

    दरअसल, मनीष कश्यप के साथ बहस के दौरान गौतम गुलाटी ने सोफे पर पैर रख दिया था। सहवाग को उनका यह व्यवहार पसंद नहीं आया और वह मंच से उठकर चले गए। उस समय शो में मौजूद निहारिका तिवारी ने भी इस घटनाक्रम पर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि सहवाग सर मंच से चले गए हैं, लेकिन गौतम रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसके बाद शो का माहौल और तनावपूर्ण हो गया।

    कुछ समय बाद सहवाग वापस आए और उन्होंने कंटेस्टेंट्स के व्यवहार पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह की बातें सुनने की आदत नहीं है। प्रतियोगियों के रवैये पर टिप्पणी करते हुए सहवाग ने कहा कि उन्हें लगा था कि यह सेलिब्रिटी वाला शो है, लेकिन अब उन्हें ऐसा लग रहा है कि यह ‘क्रिमिनल’ वाला शो बन गया है। उनके इस बयान से साफ था कि वह शो में हो रहे व्यवहार से असहज थे।

    सहवाग ने गौतम गुलाटी को सीधे संबोधित करते हुए पूछा कि यह कैसा तरीका है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति शो में होस्ट करने आया है, तो उसके सामने पैर रखकर इस तरह खड़े होना उचित नहीं है। सहवाग ने यह भी कहा कि गौतम उन्हें चुनौती दे रहे हैं, जबकि ऐसा व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसी दौरान ऋषभ ने भी बीच में अपनी बात रखी, तो सहवाग ने उन्हें भी टोकते हुए कहा कि वह उनकी जगह आ जाएं और सहवाग दूसरी जगह बैठ जाते हैं।

    इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर गौतम गुलाटी के व्यवहार को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने उनके रवैये की आलोचना की और कहा कि खुद को जेंटलमैन बताने वाले गौतम को होस्ट के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए। कुछ अन्य प्रतिक्रियाओं में भी उनके व्यवहार और दूसरों को सलाह देने के तरीके पर सवाल उठाए गए। हालांकि, ये प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया यूजर्स की व्यक्तिगत राय हैं।

    एपिसोड के दौरान सहवाग ने अपने क्रिकेट करियर से जुड़ा एक पुराना अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1999 में एक मैच के दौरान पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने उन्हें गाली दी थी। सहवाग के अनुसार, उस समय उन्होंने तत्काल जवाब देने के बजाय अपने खेल पर ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि बाद में 309 रन बनाकर उन्होंने मैदान पर अपने प्रदर्शन से जवाब दिया।

    सहवाग ने इस किस्से के जरिए प्रतियोगियों के व्यवहार और सीमाओं को लेकर अपनी बात रखी। उनके मुताबिक, राइज एंड फॉल 2 के कंटेस्टेंट्स ने कई सीमाएं पार कर दी हैं। शो में गौतम और मनीष के बीच बहस से शुरू हुआ विवाद सहवाग की नाराजगी तक पहुंच गया। अब इस घटनाक्रम को लेकर दर्शकों के बीच चर्चा हो रही है, खासकर गौतम के व्यवहार और सहवाग की प्रतिक्रिया को लेकर।

  • शरद पूर्णिमा पर गौतम अदाणी ने अदाणी विद्या मंदिर के 14 पूर्व छात्रों से की मुलाकात, शिक्षा की ताकत पर दिया संदेश

    शरद पूर्णिमा पर गौतम अदाणी ने अदाणी विद्या मंदिर के 14 पूर्व छात्रों से की मुलाकात, शिक्षा की ताकत पर दिया संदेश

    नई दिल्ली । शरद पूर्णिमा के अवसर पर अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने अदाणी विद्या मंदिर के 14 पूर्व छात्रों से मुलाकात की। इन पूर्व छात्रों ने शिक्षा के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है। इनमें डॉक्टर, वकील, आईआईटी इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, वैज्ञानिक, पुलिसकर्मी और मर्चेंट नेवी अधिकारी शामिल हैं। इस मुलाकात के दौरान अदाणी ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि प्रतिभा को सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर युवा अपनी क्षमताओं को पहचानकर आगे बढ़ सकते हैं।

    गौतम अदाणी ने इस मुलाकात को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इन युवाओं की उपलब्धियां दिखाती हैं कि शिक्षा किस तरह जीवन में बदलाव ला सकती है। उन्होंने कहा कि जब प्रतिभाशाली बच्चों को अवसर मिलता है और शिक्षक उनके सपनों पर भरोसा करते हैं, तो वे अपने लिए नए रास्ते बना सकते हैं। उनके मुताबिक, इन पूर्व छात्रों की जीवन यात्राएं शिक्षा की ताकत और सही मार्गदर्शन के महत्व को सामने लाती हैं।

    अदाणी ने अपने संदेश में 14 युवाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कहानियों की शुरुआत अदाणी विद्या मंदिर से हुई थी। अलग-अलग पेशों में काम कर रहे ये युवा इस बात का उदाहरण हैं कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अवसर मिलने पर विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने सभी पूर्व छात्रों पर गर्व जताया और उन्हें इसी तरह आगे बढ़ते रहने के लिए प्रोत्साहित किया।

    अदाणी विद्या मंदिर की स्थापना आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। संस्थान का लक्ष्य बच्चों को सीखने, अपने सपने पूरे करने और अपनी क्षमताओं का विकास करने का अवसर देना है। यहां ऐसे विद्यार्थियों को शिक्षा दी जाती है, जिनके परिवारों में कई बच्चे पहली बार स्कूल तक पहुंचते हैं।

    यह सह-शिक्षा संस्थान वंचित वर्गों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करता है। इसका उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि उनमें सामाजिक जागरूकता और भारतीय मूल्यों के प्रति समझ भी विकसित करना है। संस्थान बच्चों को बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर देता है।

    गौतम अदाणी की पूर्व छात्रों से हुई मुलाकात ने शिक्षा के जरिए हासिल की गई उपलब्धियों को सामने रखा। डॉक्टरों, इंजीनियरों, वकीलों, वैज्ञानिकों और अन्य पेशेवर क्षेत्रों में पहुंचे इन युवाओं की यात्रा इस बात को रेखांकित करती है कि शिक्षा विद्यार्थियों के लिए नए अवसर खोल सकती है। साथ ही, शिक्षकों का विश्वास और उचित मार्गदर्शन बच्चों को अपने लक्ष्यों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    अदाणी विद्या मंदिर का उद्देश्य वंचित बच्चों को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना और उन्हें आर्थिक कठिनाइयों से आगे बढ़ने का अवसर देना है। संस्थान की पृष्ठभूमि और पूर्व छात्रों की उपलब्धियां इसी लक्ष्य से जुड़ी हैं। शरद पूर्णिमा पर आयोजित यह मुलाकात इन युवाओं की सफलता और शिक्षा के व्यापक प्रभाव को रेखांकित करने का अवसर बनी।