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  • गौतम गंभीर की टीम में बड़ा बदलाव रयान टेन डोशेट ने छोड़ा असिस्टेंट कोच का पद फील्डिंग कोच टी दिलीप का कार्यकाल भी खत्म

    गौतम गंभीर की टीम में बड़ा बदलाव रयान टेन डोशेट ने छोड़ा असिस्टेंट कोच का पद फील्डिंग कोच टी दिलीप का कार्यकाल भी खत्म


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम को श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही फील्डिंग कोच टी दिलीप का कार्यकाल भी समाप्त हो गया है और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने उनके अनुबंध का नवीनीकरण नहीं करने का फैसला लिया है। इस बदलाव ने मुख्य कोच गौतम गंभीर के नेतृत्व वाले सपोर्ट स्टाफ में महत्वपूर्ण परिवर्तन कर दिया है।

    रयान टेन डोशेट पिछले दो वर्षों से भारतीय टीम के साथ जुड़े हुए थे। इस दौरान उन्होंने बल्लेबाजी और रणनीतिक तैयारियों में अहम भूमिका निभाई। गौतम गंभीर के करीबी सहयोगियों में शामिल टेन डोशेट ने इंग्लैंड दौरे के दौरान ही अपने इस्तीफे की जानकारी बीसीसीआई को दे दी थी। रिपोर्ट्स के अनुसार अब वह दोबारा नाइट राइडर्स समूह के साथ नई जिम्मेदारी निभा सकते हैं।

    बीसीसीआई ने फील्डिंग कोच टी दिलीप का अनुबंध भी आगे नहीं बढ़ाया है। उनके स्थान पर सुभदीप घोष को नया फील्डिंग कोच नियुक्त किया गया है। बोर्ड का मानना है कि नए विश्व टेस्ट चक्र और आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों को देखते हुए सपोर्ट स्टाफ में बदलाव जरूरी था।

    रयान टेन डोशेट का कार्यकाल भारतीय क्रिकेट के लिए कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों और कुछ चुनौतीपूर्ण दौर का गवाह रहा। उनके कार्यकाल में भारत ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में उल्लेखनीय सफलता हासिल की लेकिन टेस्ट क्रिकेट में टीम को कुछ कठिन दौर से भी गुजरना पड़ा। इसके बावजूद डोशेट को खिलाड़ियों के साथ बेहतर तालमेल और रणनीतिक सोच के लिए जाना जाता रहा।

    अब भारतीय टीम की नजर 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज पर है। इस दौरे पर शुभमन गिल टीम की कप्तानी करेंगे जबकि कोचिंग स्टाफ में हुए बदलावों के बीच खिलाड़ियों के सामने नई परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने की चुनौती भी होगी।

    बीसीसीआई और टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि नए सपोर्ट स्टाफ के साथ टीम अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखेगी। श्रीलंका दौरा नए कोचिंग संयोजन की पहली बड़ी परीक्षा होगा और क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर रहेंगी कि इन बदलावों का टीम के प्रदर्शन पर कितना प्रभाव पड़ता है।

  • केएल राहुल के साथ नाइंसाफी पर श्रीकांत का बड़ा हमला बोले बार बार प्रयोग से विश्व कप की तैयारी पर उठे सवाल

    केएल राहुल के साथ नाइंसाफी पर श्रीकांत का बड़ा हमला बोले बार बार प्रयोग से विश्व कप की तैयारी पर उठे सवाल


    नई दिल्ली । इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में मिली हार के बाद भारतीय क्रिकेट टीम की रणनीति और टीम चयन पर बहस तेज हो गई है। पूर्व भारतीय कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने हेड कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर खुलकर सवाल उठाते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि मजबूत टीमों के खिलाफ लगातार निराशाजनक प्रदर्शन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और केवल कमजोर टीमों पर जीत हासिल कर संतुष्ट होना भारतीय क्रिकेट के लिए सही संकेत नहीं है।

    श्रीकांत ने कहा कि भारतीय टीम को आयरलैंड टी20 सीरीज इंग्लैंड टी20 सीरीज और इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। ऐसे में टीम प्रबंधन को अपनी रणनीति की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि भारत जिम्बाब्वे श्रीलंका या वेस्टइंडीज जैसी टीमों के खिलाफ जीत दर्ज करता है तो उसे बड़ी उपलब्धि नहीं माना जाना चाहिए। असली पैमाना यह होना चाहिए कि टीम ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड और अन्य मजबूत देशों के खिलाफ कैसा प्रदर्शन करती है।

    पूर्व सलामी बल्लेबाज ने 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि विश्व कप से पहले बहुत कम वनडे मुकाबले बचे हैं इसलिए लगातार प्रयोग करना टीम के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि बार बार प्लेइंग इलेवन बदलने से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास प्रभावित होता है और टीम का संतुलन भी बिगड़ता है। चोटिल खिलाड़ियों की बढ़ती संख्या भी टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

    श्रीकांत ने विशेष रूप से केएल राहुल के बल्लेबाजी क्रम पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि लक्ष्य का पीछा करते समय राहुल जैसे अनुभवी बल्लेबाज को निचले क्रम में भेजना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि राहुल कई बार दबाव की परिस्थितियों में भारत को जीत दिला चुके हैं और उन्हें विराट कोहली के साथ शुरुआती चरण में बल्लेबाजी के लिए भेजा जाना चाहिए था। जब रन गति पूरी तरह हाथ से निकल चुकी थी तब उन्हें बल्लेबाजी के लिए भेजना उनके साथ अन्याय जैसा था।

    उन्होंने यह भी कहा कि टीम मैनेजमेंट लगातार खिलाड़ियों की भूमिका बदल रहा है जिससे उनकी लय प्रभावित हो रही है। श्रीकांत के अनुसार राहुल की बॉडी लैंग्वेज भी मैच के दौरान आत्मविश्वास से भरी नजर नहीं आई। उनका मानना है कि यदि राहुल चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते तो वह विराट कोहली के साथ बड़ी साझेदारी बनाकर मैच को अंत तक ले जा सकते थे जैसा उन्होंने 2023 विश्व कप में कई मौकों पर किया था।

    पूर्व कप्तान ने यह भी कहा कि भारतीय टीम को विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट को ध्यान में रखते हुए अब स्थिर संयोजन तैयार करना चाहिए। लगातार बदलाव और प्रयोग की नीति से टीम को दीर्घकालिक नुकसान हो सकता है। उनका मानना है कि टीम प्रबंधन को खिलाड़ियों की स्पष्ट भूमिकाएं तय करनी होंगी ताकि बड़े मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।

    भारतीय टीम की हालिया हार के बाद श्रीकांत के ये बयान क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ सकते हैं। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाली सीरीज में टीम मैनेजमेंट अपनी रणनीति में कोई बदलाव करता है या नहीं।

  • टी20 सीरीज में आयरलैंड के हाथों 0-2 से पिटी भारतीय टीम, निराशाजनक प्रदर्शन के बाद हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान श्रेयस अय्यर निशाने पर

    टी20 सीरीज में आयरलैंड के हाथों 0-2 से पिटी भारतीय टीम, निराशाजनक प्रदर्शन के बाद हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान श्रेयस अय्यर निशाने पर

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम को विदेशी सरजमीं पर एक बड़ा झटका लगा है, जहां आयरलैंड के खिलाफ खेली गई दो मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में उसे 0-2 से क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा है। इस चौंकाने वाली और निराशाजनक हार के बाद वैश्विक क्रिकेट जगत में भारतीय टीम के प्रदर्शन की भारी आलोचना हो रही है। इसी कड़ी में आइसलैंड क्रिकेट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक बेहद तंजिया पोस्ट साझा की है, जिसने भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों और प्रबंधन की चोट पर नमक छिड़कने का काम किया है। आइसलैंड क्रिकेट ने सीधे तौर पर भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की कोचिंग क्षमताओं पर निशाना साधा है।

    सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे इस बयान में आइसलैंड क्रिकेट ने व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा कि उनकी अपनी कोचिंग टीम में गौतम गंभीर को नियुक्त करने की कोई योजना नहीं है। पोस्ट में आगे लिखा गया कि गंभीर में निश्चित रूप से एक अलग तरह की प्रतिभा है, क्योंकि स्टार खिलाड़ियों से सजी भारतीय टीम को लेकर आयरलैंड जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीम के खिलाफ इस तरह के परिणाम देना वाकई एक असाधारण और विशिष्ट काबिलियत को दर्शाता है। इस तीखे कटाक्ष के बाद क्रिकेट गलियारों में भारतीय टीम के रणनीतिक स्तर और कोचिंग स्टाफ की जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो गई है।

    श्रृंखला के घटनाक्रम की बात करें तो बेलफास्ट में खेले गए पहले मुकाबले में भारत को 34 रनों की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी। इसके बाद रविवार को खेले गए दूसरे और अंतिम मैच में, जो कि बारिश से प्रभावित रहा, आयरलैंड ने सूझबूझ का परिचय देते हुए भारतीय टीम को रोमांचक मोड़ पर महज एक रन से पराजित कर दिया। हालांकि पूरी सीरीज के दौरान भारतीय गेंदबाजों ने अपेक्षाकृत अनुशासित और सराहनीय प्रदर्शन किया, लेकिन बल्लेबाजों के निराशाजनक रवैये ने टीम की लुटिया डुबो दी। दोनों ही मुकाबलों में भारतीय बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह ताश के पत्तों की तरह बिखरता नजर आया।

    इस सीरीज में टीम इंडिया की अगुवाई कर रहे कार्यवाहक कप्तान श्रेयस अय्यर और हाल ही में समाप्त हुए टी20 विश्व कप 2026 में ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ रहे विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन जैसे स्थापित खिलाड़ी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। पूरे दौरे पर इन प्रमुख बल्लेबाजों का बल्ला पूरी तरह खामोश रहा, जिसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। इस हार के साथ ही श्रेयस अय्यर भारत के ऐसे दूसरे कप्तान बन गए हैं, जिन्हें अपनी कप्तानी के शुरुआती दोनों टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में पराजय का स्वाद चखना पड़ा है। इस लचर प्रदर्शन के बाद चयनकर्ताओं और टीम संयोजन पर भी सवाल उठने लगे हैं।

    इस करारी हार के झटके से उबरने के लिए भारतीय टीम के पास बेहद कम समय है, क्योंकि उसके सामने अगली बड़ी चुनौती इंग्लैंड की है। भारतीय दल इसी सप्ताह पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए इंग्लैंड का दौरा करने वाला है। इस दौरे का पहला मुकाबला 1 जुलाई को चेस्टर-ले-स्ट्रीट के रिवरसाइड ग्राउंड पर खेला जाएगा। इसके बाद आगामी मैच क्रमशः 4, 7, 9 और 11 जुलाई को ओल्ड ट्रैफर्ड, नॉटिंघम, ब्रिस्टल और साउथेम्प्टन में आयोजित होने हैं। कप्तान श्रेयस अय्यर और मुख्य कोच गौतम गंभीर के लिए इंग्लैंड का यह दौरा अपनी रणनीतियों को सुधारने और साख बचाने के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण होने जा रहा है।

  • टी20 वर्ल्ड कप 2026: गौतम गंभीर कालीघाट मंदिर पहुंचे, भारत-वेस्टइंडीज मैच से पहले लिया आशीर्वाद

    टी20 वर्ल्ड कप 2026: गौतम गंभीर कालीघाट मंदिर पहुंचे, भारत-वेस्टइंडीज मैच से पहले लिया आशीर्वाद


    कोलकाता: भारतीय क्रिकेट टीम टी20 विश्व कप 2026 में अपना आखिरी सुपर-8 मुकाबला वेस्टइंडीज के खिलाफ रविवार को कोलकाता के ईडन गार्डेन में शाम 7 बजे खेलेगी। इस महत्वपूर्ण मैच से एक दिन पहले शनिवार को टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर कालीघाट मंदिर पहुंचे।

    गौतम गंभीर ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर टीम की बड़ी जीत के लिए आशीर्वाद मांगा। भारत के लिए यह मुकाबला क्वार्टर फाइनल जैसा है। टीम इंडिया को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए वेस्टइंडीज को हराना बेहद जरूरी है। वेस्टइंडीज के लिए भी यही स्थिति है, अगर वह भारत को हराने में सफल रहती है तो उसका सेमीफाइनल में प्रवेश पक्का हो जाएगा।

    टीम इंडिया इस मैच में वेस्टइंडीज को हल्के में लेने वाली नहीं है। वेस्टइंडीज ने ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन करते हुए बिना कोई मैच गंवाए सुपर-8 में जगह बनाई थी। सुपर-8 में उसने जिम्बाब्वे पर बड़ी जीत दर्ज की, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना किया। भारत का प्रदर्शन भी इसी तरह रहा है, सुपर-8 में टीम को केवल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार मिली।

    रविवार के मुकाबले में जो भी टीम जीतेगी, सीधे सेमीफाइनल में पहुंचेगी। वेस्टइंडीज की मजबूत बल्लेबाजी और कमजोर गेंदबाजी टीम इंडिया के लिए रणनीतिक फायदा हो सकती है। इस मैच में भारत के पास 2016 टी20 विश्व कप का बदला लेने का भी मौका है, जब वेस्टइंडीज ने उस साल सेमीफाइनल में भारत को हराकर टूर्नामेंट से बाहर किया था।

    गौतम गंभीर का मंदिर दौरा टीम के मनोबल और शुभंशी संकेत का हिस्सा माना जा रहा है, ताकि खिलाड़ी मानसिक रूप से तैयार होकर इस निर्णायक मुकाबले में उतरें।

  • नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत की नई रणनीति क्या अभिषेक की जगह संजू संभालेंगे ओपनिंग की कमान

    नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत की नई रणनीति क्या अभिषेक की जगह संजू संभालेंगे ओपनिंग की कमान


    नई दिल्ली। अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है जहाँ टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 के अपने पहले मैच में भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका से टकराएगी। ग्रुप स्टेज में अजेय रहकर यहाँ पहुँची टीम इंडिया का आत्मविश्वास तो बुलंद है लेकिन सलामी जोड़ी का फ्लॉप शो मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान के लिए चिंता का सबसे बड़ा सबब बन चुका है। सबसे ज्यादा नजरें युवा सनसनी अभिषेक शर्मा पर हैं, जो टूर्नामेंट से पहले टी20 रैंकिंग में नंबर-1 बल्लेबाज के तौर पर उभरे थे, लेकिन विश्व कप के मंच पर उनका बल्ला पूरी तरह खामोश है। लगातार तीन मैचों में ‘जीरो’ पर आउट होकर शर्मनाक रिकॉर्ड बनाने वाले अभिषेक इस समय गहरे मानसिक दबाव में हैं।

    अहमदाबाद की दूधिया रोशनी में शुक्रवार को हुए अभ्यास सत्र ने टीम इंडिया की नई रणनीति के संकेत दे दिए हैं। सूत्रों की मानें तो टीम प्रबंधन अब अभिषेक शर्मा की जगह अनुभवी संजू सैमसन को ईशान किशन के साथ ओपनिंग में उतारने का मन बना चुका है। अभ्यास के दौरान जहाँ गंभीर ने अभिषेक से लंबी बातचीत की, वहीं संजू सैमसन ने नेट पर घंटों पसीना बहाया। सैमसन की बल्लेबाजी में वह आत्मविश्वास और आक्रामकता दिखी, जिसकी तलाश भारतीय टीम को पावरप्ले में है। इसके अलावा, भारतीय बल्लेबाजी क्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की अधिकता को देखते हुए सैमसन (दाएं हाथ के बल्लेबाज) का शामिल होना टीम को एक जरूरी संतुलन भी प्रदान करेगा।

    संजू सैमसन को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मौका देने के पीछे एक ठोस वजह उनके आंकड़े भी हैं। सैमसन ने प्रोटियाज टीम के खिलाफ खेले पिछले पांच टी20 मुकाबलों में दो शानदार शतक जड़े हैं और 190 से अधिक की विस्फोटक स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। यह रिकॉर्ड साफ करता है कि उन्हें दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों की गति और उछाल पसंद है। सुपर-8 जैसे महत्वपूर्ण मोड़ पर टीम इंडिया किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहेगी। अब देखना यह है कि क्या गंभीर युवा प्रतिभा पर एक और दांव लगाते हैं या फिर आंकड़ों और अनुभव को तरजीह देते हुए सैमसन को ‘मैदान-ए-जंग’ में उतारते हैं।