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  • गाजियाबाद के खोड़ा में 17 वर्षीय किशोर की हत्या से फैला तनाव, पुलिस जांच में जुटी, इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई

    गाजियाबाद के खोड़ा में 17 वर्षीय किशोर की हत्या से फैला तनाव, पुलिस जांच में जुटी, इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई


    नई दिल्ली । 
    से जुड़े इस प्रकार के संवेदनशील मामलों में गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र से सामने आई एक घटना ने स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति पैदा कर दी है, जहां 17 वर्षीय एक किशोर की हत्या के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना कुछ दिन पहले हुई, जब किशोर को कुछ परिचित युवकों द्वारा बुलाए जाने के बाद उस पर हमला किए जाने का आरोप सामने आया। घटना के बाद गंभीर रूप से घायल किशोर को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस पूरे मामले ने स्थानीय लोगों में आक्रोश और चिंता दोनों को बढ़ा दिया है।

    पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि घटना के पीछे पुरानी रंजिश का मामला हो सकता है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही या गलतफहमी से बचने के लिए साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

    घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। स्थानीय प्रशासन लगातार इलाके में निगरानी बनाए हुए है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लोगों से सहयोग की अपील की जा रही है। वहीं मृतक के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है और मामले की तेजी से जांच कर न्याय सुनिश्चित करने की बात कही है।

    इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय स्तर पर युवाओं के बीच बढ़ते विवाद और आपसी रंजिश के गंभीर परिणामों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ संदेशों पर ध्यान न दिया जाए और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा किया जाए। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है।

    फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी संभावित कोणों से घटना की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। स्थानीय स्तर पर शांति बनाए रखने के लिए लगातार संवाद और निगरानी की जा रही है ताकि स्थिति सामान्य बनी रहे और किसी भी तरह की अप्रिय घटना दोबारा न हो सके।

  • गाजियाबाद में दिल दहला देने वाली वारदात: 80 वर्षीय पति ने कुल्हाड़ी से पत्नी की हत्या, खुद पहुंचा थाने

    गाजियाबाद में दिल दहला देने वाली वारदात: 80 वर्षीय पति ने कुल्हाड़ी से पत्नी की हत्या, खुद पहुंचा थाने


    गाजियाबाद । गाजियाबाद के मुरादनगर थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 80 वर्षीय बुजुर्ग ने अपनी 72 वर्षीय पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा और पुलिस को बताया कि उसने अपनी पत्नी को मार दिया है और उसे गिरफ्तार किया जाए।

    घटना शनिवार सुबह की बताई जा रही है। आरोपी हरपाल रावली कला गांव का रहने वाला है। वह सुबह करीब 5 बजे रावली चौकी पहुंचा और पुलिस को स्पष्ट शब्दों में बताया कि उसने पत्नी उर्मिला की हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत आरोपी को साथ लेकर उसके घर पहुंची, जहां कमरे में चारपाई पर महिला का शव खून से लथपथ पड़ा मिला।

    पुलिस ने मौके पर फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था।

    परिवार के सदस्यों के अनुसार, आरोपी की मानसिक स्थिति भी पूरी तरह ठीक नहीं बताई जा रही है। मृतका के परिजनों और बच्चों ने बताया कि दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे, लेकिन इस तरह की घटना की किसी को उम्मीद नहीं थी।

    जानकारी के मुताबिक, घटना के समय घर में दो नाती भी मौजूद थे, जो कमरे में सो रहे थे और उन्हें वारदात की जानकारी नहीं हुई। बाद में सुबह जब परिवार के अन्य सदस्य घर पहुंचे तो घटना का खुलासा हुआ।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ जारी है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे पर फिर मौत का तांडव: तेज रफ्तार बाइक ट्रक से टकराई, दो युवाओं की दर्दनाक मौत

    दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे पर फिर मौत का तांडव: तेज रफ्तार बाइक ट्रक से टकराई, दो युवाओं की दर्दनाक मौत



    नई दिल्ली। गाजियाबाद में दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे (Delhi–Meerut Expressway) पर एक बार फिर रफ्तार ने दो युवाओं की जान ले ली। यह दर्दनाक हादसा भोजपुर इलाके के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार बाइक आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई और दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।

    जानकारी के अनुसार, दीपू (18) और सागर (18) बाइक से दिल्ली से गाजियाबाद की ओर जा रहे थे। बाइक सागर चला रहा था और दीपू पीछे बैठा था। जैसे ही दोनों भोजपुर के पास पहुंचे, अचानक आगे चल रहे ट्रक ने ब्रेक लगा दिया। तेज रफ्तार में होने के कारण बाइक ट्रक से जा टकराई और दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हादसे के बाद मौके पर पहुंची पेट्रोलिंग टीम ने दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, सागर ने हेलमेट पहना था जबकि दीपू बिना हेलमेट था, जिससे चोट और गंभीर हो गई।

    टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक चालक मौके से वाहन लेकर फरार हो गया। पुलिस अब ट्रक की पहचान के लिए एक्सप्रेसवे पर लगे CCTV फुटेज की जांच कर रही है।

    सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि बाइक पर प्रतिबंध होने के बावजूद दोनों युवक करीब 30 किलोमीटर तक एक्सप्रेसवे पर कैसे पहुंच गए और किसी भी चेकिंग पॉइंट पर उन्हें रोका क्यों नहीं गया। इससे सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी सिस्टम पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    हादसे के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मच गया है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है। स्थानीय लोग लगातार हो रहे ऐसे हादसों को लेकर प्रशासन से सख्त निगरानी और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

    कुल मिलाकर यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि नियमों की अनदेखी और तेज रफ्तार किस तरह जानलेवा साबित हो सकती है, खासकर हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे पर जहां छोटी सी गलती भी बड़ा हादसा बन जाती है।

  • Ghaziabad: सर्विस सेंटर में गैस सिलेंडर और AC कंप्रेसर में ब्लास्ट… भीषण आग लगने से जले कई वाहन, एक बुजुर्ग की मौत

    Ghaziabad: सर्विस सेंटर में गैस सिलेंडर और AC कंप्रेसर में ब्लास्ट… भीषण आग लगने से जले कई वाहन, एक बुजुर्ग की मौत


    गाजियाबाद।
    गाजियाबाद (Ghaziabad) से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां पटेल नगर में एयरकंडीशनर (AC) सर्विस सेंटर (Air Conditioner (AC) Service Center) में रखे गैस सिलेंडर (Gas Cylinder) और एसी कंप्रेसर में ब्लास्ट होने से आज तड़के भीषण आग लगी। आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग तीन मंजिला मकान में फैल गई। कई वाहन जल गए। फायर टेंडर ने मौके पर पहुंचकर बड़ी मशक्कत के बाद आग को काबू किया।

    इस दर्दनाक हादसे में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की जान चली गई, जबकि सर्विस सेंटर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। घटना कमिश्नरेट गाजियाबाद के पटेल नगर स्थित प्लॉट नंबर एफ-87 ‘ऑन स्पॉट एयरकंडीशनर सर्विस सेंटर’ की है।


    तीन मंजिला पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया

    जानकारी के अनुसार, रात लगभग 03:05 बजे कंट्रोल रूम को सर्विस सेंटर में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। देखते ही देखते आग ने तीन मंजिला पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि सर्विस सेंटर के भीतर रखे एसी के अंदर भरी जाने वाली गैस के सिलेंडरों और कंप्रेसरों में एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए। सर्विस सेंटर घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित है और आग इतनी भीषण थी की आस पास के घरों में फैलने की संभावना बनी हुई थी।


    फायर टेंडर्स के साथ मौके पर पहुंचे

    सूचना मिलते ही फायर स्टेशन कोतवाली से अग्निशमन अधिकारी अपनी टीम और फायर टेंडर्स के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं विकराल आग को देखते हुए फायर स्टेशन वैशाली, साहिबाबाद और मोदीनगर से भी गाड़ियो को घटना स्थल पर बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाया। फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई से आसपास के दर्जनों घरों को जलने से बचा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।


    कितना नुकसान हुआ?

    परिसर के अंदर खड़ी 02 कारें और 10 मोटरसाइकिलें जलकर खाक हो गईं। आग और धमाकों के कारण तीन मंजिला इमारत को भी काफी नुकसान पहुंचा है। आग बुझने के बाद जब सर्च ऑपरेशन चलाया गया, तो ग्राउंड फ्लोर पर एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान 80 वर्षीय त्रिलोकी नाथ के रूप में हुई है। यह सर्विस सेंटर ओंकार तोमर नाम के व्यक्ति का बताया जा रहा है।

    आग किस वजह से लगी फिलहाल इसका पता लगाया जा रहा है। चूंकि इमारत में एसी के अंदर भरी जाने वाली गैस के सिलेंडर थे इस वजह से आग काफी तेजी से फैली। गैस सिलेंडरों के फटने ने स्थिति को और अधिक विकराल बना दिया।

  • गाजियाबाद में ISI जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़, 5 नाबालिग समेत 9 और गिरफ्तार; 15 तक पहुंची संख्या

    गाजियाबाद में ISI जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़, 5 नाबालिग समेत 9 और गिरफ्तार; 15 तक पहुंची संख्या


    गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक बड़े जासूसी नेटवर्क का खुलासा करते हुए पुलिस ने शुक्रवार को 9 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 5 नाबालिग भी शामिल हैं। इसके साथ ही इस मामले में अब तक कुल 15 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। नाबालिग आरोपियों को बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया है।

    पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह आईएसआई के इशारे पर देश के सैन्य ठिकानों और संवेदनशील स्थानों की जानकारी पाकिस्तान भेज रहा था। इतना ही नहीं, आरोपियों ने देश के बड़े उद्योगपतियों जैसे गौतम अडानी और मुकेश अंबानी के घरों की लोकेशन और वीडियो भी साझा किए थे।

    नाबालिग भी साजिश में शामिल

    गिरफ्तार नाबालिगों की उम्र 15 से 17 वर्ष के बीच बताई जा रही है।

    इनमें एक 9वीं कक्षा का छात्र भी शामिल है, जो संवेदनशील जगहों की रेकी और कैमरे लगाने के काम में लगा था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 9 मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड बरामद किए हैं।

    जांच में सामने आया है कि आरोपी पाकिस्तानी नंबरों के अलावा मलेशिया और यूके के वर्चुअल नंबर के जरिए अपने हैंडलर्स से संपर्क में थे।

    कई राज्यों से जुड़े साजिश के तार

    पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में मेरठ, कौशांबी और नवी मुंबई से जुड़े लोग शामिल हैं। वहीं, गिरोह के मुख्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। शुरुआती जांच में इस नेटवर्क के तार बिहार और अन्य राज्यों से भी जुड़े पाए गए हैं।

    बड़े आतंकी हमले की थी साजिश

    जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क देश के कई राज्यों—जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, मुंबई, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश—में सिलसिलेवार हमलों की साजिश रच रहा था। यह साजिश करीब दो साल से चल रही थी और दूसरे चरण में ही आरोपियों को पकड़ लिया गया।

    सूत्रों के मुताबिक, साजिश के तहत 50 से ज्यादा जगहों पर सौर ऊर्जा से चलने वाले कैमरे लगाने की योजना थी, ताकि संवेदनशील गतिविधियों की निगरानी की जा सके।

    समुद्री रास्तों की भी रेकी

    एक आरोपी ने मुंबई पोर्ट की रेकी कर वहां की फोटो और वीडियो पाकिस्तान भेजे थे। जांच एजेंसियां इसे बेहद गंभीर मान रही हैं, क्योंकि पहले भी 26/11 जैसे आतंकी हमलों में समुद्री रास्ते का इस्तेमाल किया जा चुका है।

    अगला निशाना जालंधर था

    पूछताछ में सामने आया है कि दिल्ली के बाद जालंधर को निशाना बनाने की तैयारी थी। हालांकि, एक आरोपी निजी कारणों से तय समय पर वहां नहीं पहुंच सका, जिससे संभावित बड़ा हमला टल गया।

    फिलहाल, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं और आरोपियों पर कड़े कानूनों के तहत कार्रवाई की तैयारी है।

  • गाजियाबाद से 6 संदिग्ध जासूस पकड़े, PAK भेजते थे लाइव वीडियो; दिल्ली में लगा रखा था IP सोलर कैमरा

    गाजियाबाद से 6 संदिग्ध जासूस पकड़े, PAK भेजते थे लाइव वीडियो; दिल्ली में लगा रखा था IP सोलर कैमरा

    नई दिल्‍ली। दिल्ली-एनसीआर के संवेदनशील स्थानों के वीडियो और फोटो बनाकर पाकिस्तान भेजने वाले छह संदिग्ध जासूसों को गाजियाबाद के कौशांबी थानाक्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों में एक महिला शामिल है। शनिवार को पकड़े गए ये छह आरोपी देश के खिलाफ बड़ी साजिश रच रहे थे। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी एक साल में 50 से अधिक वीडियो पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को भेज चुके हैं।

    पुलिस ने शनिवार सुबह गुप्त सूचना पर भोवापुर तिराहा के पास से मेरठ के परतापुर निवासी सुहेल मलिक, भोवापुर निवासी प्रवीन, राज, शिवा और रितिक को गिरफ्तार कर लिया। इनसे पूछताछ के बाद आनंद विहार बॉर्डर से संभल निवासी साने इरम उर्फ महक को पकड़ लिया।
    दिल्ली में आईपी सोलर कैमरे लगा पाक भेजते थे लाइव वीडियो

    आरोपियों के पास से आठ मोबाइल फोन मिले हैं। इनमें दिल्ली के रेलवे स्टेशनों और सैन्य ठिकानों के फोटो, वीडियो हैं। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि इन लोगों ने दिल्ली में कुछ स्थान पर आईपी सोलर कैमरे भी लगा रखे थे और वहां की लाइव वीडियो पाकिस्तान भेजते थे। सूत्रों के अनुसार, अभी तक दिल्ली में सिर्फ एक स्थान पर ऐसे कैमरे के बारे में आरोपियों ने बताया है। इसकी सूचना दिल्ली पुलिस को दे दी गई है। आगे की जांच में पता चलेगा कि और कितनी जगहों पर आरोपियों ने ऐसे कैमरे लगाए थे।
    पाकिस्तान से आई डिमांड पर आरोपी संबंधित जगह जाकर फोटो-वीडियो बनाकर भेजते थे। लोकेशन के हिसाब से इन्हें पांच से आठ हजार रुपये तक एक जगह के मिलते थे। आरोपियों के मोबाइलों से पुलिस को अब तक एक ही पाकिस्तानी नंबर मिला है। जांच में सामने आया है कि आरोपी करीब एक साल से पाकिस्तान में बैठे सरगना के संपर्क में थे। बातचीत सिर्फ वॉट्सऐप चैट के जरिये होती थी। पाकिस्तान में बैठा मास्टरमाइंड गिरोह से जुड़ने वाले हर सदस्य से सीधे संपर्क में रहता था। वह सभी से अलग-अलग स्थानों के फोटो और वीडियो की मांग करता था और आरोपी उसका आदेश को पूरा करते थे। हालांकि, अब तक की जांच में सुहेल के खाते में ही पाकिस्तान से रकम भेजने की बात सामने आई है। बाकी आरोपियों के बैंक खातों की जानकारी भी जल्द पुलिस को मिलेगी। शनिवार शाम सभी आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने सभी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।
    दिल्ली के कई स्थानों पर थी नजर

    मोबाइल से दिल्ली स्थित आनंद विहार रेलवे स्टेशन, दिल्ली कैंटोनमेंट, बीएसएफ व सीआरपीएफ के मुख्यालय समेत कई संवेदनशील स्थानों के फोटो-वीडियो मिले हैं। इन्हें पाकिस्तानी नंबर पर भेजा गया है। आरोपियों के मोबाइल से 20 से अधिक स्थानों के 50 वीडियो और इससे भी अधिक फोटो मिले हैं। सभी वीडियो और फोटो दिल्ली में ही अलग-अलग संवेदनशील स्थानों के हैं। पुलिस इन चैट और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। आशंका है कि दिल्ली में घटना को अंजाम देने साजिश की जा रही थी। दिल्ली में बीते साल लाल किला के पास हुए धमाके से भी इसे जोड़कर देखा जा रहा है।
    सुहेल-इरम मिलने आते थे

    मेरठ में रहने वाले गिरोह का सरगना सुहेल बिजनौर के नरगढ़ी का मूल निवासी है। राज वाल्मीकि औरैया कोतवाली क्षेत्र, शिवा बदायूं के उझियानी और रितिक शाहजहांपुर के कटरा का है। सुहेल और इरम के अलावा बाकी चारों भोवापुर में किराये के मकान में रहते थे। चारों साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों में कर्मचारी के पद पर काम करते थे। कानून-व्यवस्था एवं यातायात के एडिशनल सीपी राजकरन नैय्यर ने बताया कि सभी छह आरोपियों के मोबाइल से पाकिस्तानी नंबर पर बातचीत और संवेदनशील ठिकानों के फोटो और वीडियो मिले हैं। आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच की जा रही है।
    नाहल में पकड़े गए आरोपियों से भी संबंध होने की आशंका

    गाजियाबाद के नाहल क्षेत्र से एटीएस ने भी छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। आशंका है कि इनका एटीएस द्वारा पकड़े गए आरोपियों से भी संपर्क था। हालांकि, अभी तक पुलिस जांच में यह तथ्य नहीं आया है। नाहल के किसी भी आरोपी या उनसे जुड़े पाकिस्तानी नंबर पुलिस को आरोपियों के फोन से नहीं मिले। आरोपियों के सभी आठ मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जाएंगे तभी पता चल पाएगा कि आरोपी कब से पाकिस्तान के संपर्क में थे।
    गिरोह में कुछ और युवतियां शामिल

    सुहेल के बाद इरम गिरोह में दूसरे नंबर पर थी। दोनों समय-समय पर मेरठ और संभल से आकर चारों से मिलते थे। इरम मुख्य रूप से गिरोह में शामिल करने के लिए युवाओं को चिह्नित कर उनसे संपर्क करती थी। शुरुआत में कंटेंट के लिए फोटो व वीडियो के लिए बात करते। पहली बार आरोपियों को रुपये मिल जाते, जिसके बाद वे सवाल पूछे बिना आरोपियों की कही बात मानते रहते थे। अंदेशा है कि गिरोह में कुछ और युवतियां भी शामिल हो सकती हैं।
    एजेंसियों ने पूछताछ की

    आरोपियों के पकड़े जाते ही इसकी सूचना खुफिया एजेंसियों को दी गई। तुरंत एटीएस और आईबी के साथ स्थानीय खुफिया इकाई पहुंची और आरोपियों से लंबी पूछताछ की। सभी के बयान दर्ज किए गए। पाकिस्तान में कितने लोगों से संपर्क हैं, कितने समय से काम कर रहे हैं, गिरोह में कितने लोग, कहां-कहां के शामिल हैं। फोटो-वीडियो क्यों मंगाए गए, क्या साजिश है, इन सभी बिंदुओं पर पूछताछ के बाद खुफिया टीम कौशांबी थाने से लौट गई।
    स्थानीय लोगों की सजगता से पकड़े गए

    आरोपी दिल्ली के अलावा आसपास के इलाकों के भी फोटो और वीडियो बनाते थे। आरोपियों ने पड़ोसियों को बताया था कि इसके लिए रुपये मिलते हैं और वे रुपयों का लालच देकर अन्य लोगों को भी इससे जोड़ने के प्रयास में थे। आसपास के लोगों को इनकी गतिविधि पर शक हुआ और इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस के मुताबिक स्थानीय लोगों की सजगता से बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है।

  • ईरान की जेल से रिहा हुए गाजियाबाद के मर्चेंट नेवी इंजीनियर केतन मेहता

    ईरान की जेल से रिहा हुए गाजियाबाद के मर्चेंट नेवी इंजीनियर केतन मेहता

    तेहरान। मर्चेंट नेवी इंजीनियर केतन मेहता को 57 दिन बाद ईरान की जेल से रिहा किया गया। फिलहाल वह भारतीय दूतावास की निगरानी में हैं और हालात सामान्य होने पर भारत लौटेंगे।
    मर्चेंट नेवी केतन मेहता खबर
    गाजियाबाद: ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच शहर के लिए खुशखबरी आई है। डीएलएफ कॉलोनी में रहने वाले मर्चेंट नेवी इंजीनियर केतन मेहता को 57 दिन बाद ईरान की जेल से रिहा कर दिया गया।

    केतन फिलहाल ईरान में ही भारतीय दूतावास की निगरानी में एक होटल में रह रहे हैं। स्थिति सामान्य होने पर उन्हें भारत लाया जाएगा।

    उनके घर पर परिवार में जश्न का माहौल है।
    गिरफ्तारी का सिलसिला
    केतन मेहता को 6 जनवरी 2026 को ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट पर ईरानी कोस्ट गार्ड ने गिरफ्तार कर लिया था। तब से वह तेहरान की जेल में बंद थे। उनके पिता मुकेश मेहता ने विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री से उनके सुरक्षित भारत लाने की मदद की गुहार लगाई थी।

    केतन दुबई की तेल कंपनी में थर्ड इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने जून 2025 में मरीन इंजीनियर के रूप में कंपनी जॉइन की थी। इस कंपनी के जहाज ईरान से तेल लाने का कार्य करते हैं।

    परिवार से संपर्क और राहत की खबर
    भारतीय दूतावास के सहयोग से केतन मेहता को जेल से ही अपने परिवार से बात करने की अनुमति मिली थी।

    इस प्रक्रिया के जरिए मुकेश मेहता अक्सर अपने बेटे से संपर्क बनाए रखते थे।

    मुकेश मेहता ने बताया कि 31 दिसंबर को आखिरी बार फोन पर बात हुई थी। केतन ने कहा था कि तीन-चार दिन में वह दुबई लौटेंगे, लेकिन उसके बाद उसका फोन नहीं लगा। 16 जनवरी को पता चला कि उनके बेटे को ईरान कोस्ट गार्ड्स ने गिरफ्तार कर लिया है।

    होली पर मिली खुशी
    अब 4 मार्च, यानी होली वाले दिन फोन की घंटी बजी और बेटे की आवाज आई, पापा मैं छूट गया हूं। इस खबर ने परिवार को बहुत भावुक कर दिया। भारत सरकार की एंबेसी ने कोर्ट में पैरवी कर उन्हें रिहा कराया। केतन को फिलहाल एक होटल में दूतावास की निगरानी में रखा गया है। भारत लौटने के लिए सभी पेपर्स तैयार किए जा रहे हैं और जैसे ही फ्लाइट्स शुरू होंगी, केतन अपने देश लौट जाएंगे।

  • शालीमार गार्डन हिंसा: पिंकी चौधरी और बेटे सहित 12 आरोपियों पर कार्रवाई तेज

    शालीमार गार्डन हिंसा: पिंकी चौधरी और बेटे सहित 12 आरोपियों पर कार्रवाई तेज


    गाजियाबाद । उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां हिंदू रक्षा दल के लोगों द्वारा तलवारों का वितरण और शक्ति प्रदर्शन का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने सख्त कदम उठाया। शालीमार गार्डन थाने की पुलिस ने इस मामले में हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी और उनके बेटे हर्ष चौधरी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि कुछ दिन पहले दोनों ने स्थानीय लोगों में तलवारें बांटी और कहा कि “
    जिहादियों से सुरक्षा के लिए इसे अपने घर में रखें और अगर कोई बहन या बेटी पर बुरी नजर डाले तो इसका प्रयोग करें।

    यह मामला पहले भी चर्चा में रहा था। पुलिस ने इस घटना की सूचना मिलने के बाद जांच शुरू की और अब तक कुल 12 आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हथियार वितरण और शक्ति प्रदर्शन की यह घटना कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है, इसलिए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

    इस मामले पर विपक्ष भी सख्त है। आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने प्रदेश सरकार को कानून व्यवस्था में चूक के लिए कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि आज देश में क्या हो रहा है, तलवारें बांटी जा रही हैं, एक संप्रदाय के खिलाफ भावनात्मक नारे लगाकर हिंसा की कोशिश की जा रही है, लेकिन सरकार को दिखाई नहीं दे रहा।

    उनका यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बना।

    पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। अधिकारियों का कहना है कि शालीमार गार्डन और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। इस घटना ने यह सवाल उठाया है कि समाज में हथियारों का वितरण और युवा वर्ग को हिंसा के लिए उकसाना कितनी गंभीर समस्या बन सकता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे घटनाक्रम न केवल समाज में भय और असुरक्षा पैदा करते हैं, बल्कि कानून व्यवस्था और सामुदायिक शांति पर भी गंभीर असर डालते हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय थाने को दें और कानून का पालन सुनिश्चित करें।

    शालीमार गार्डन मामला यह भी दर्शाता है कि हथियारों का गलत तरीके से वितरण और सामूहिक शक्ति प्रदर्शन केवल राजनीतिक या सामाजिक तनाव ही नहीं बल्कि सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। इसलिए अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी घटना को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    इस पूरे मामले ने राज्य में राजनीतिक हलकों और आम जनता के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। विपक्षी दलों के आरोपों और पुलिस की सक्रिय कार्रवाई ने इसे अब तक के सबसे बड़े हथियार वितरण मामलों में शामिल कर दिया है। स्थानीय प्रशासन ने चेतावनी जारी की है कि किसी भी व्यक्ति को हथियार लेकर सार्वजनिक स्थानों पर इकट्ठा नहीं होने दिया जाएगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    इस प्रकार गाजियाबाद की शालीमार गार्डन घटना ने यह संदेश दिया है कि हथियारों का वितरण और सामूहिक हिंसा किसी भी समाज के लिए गंभीर खतरा है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्काल कार्रवाई अनिवार्य है।