Tag: Global Investors

  • दुबई में गूंजी मध्यप्रदेश की शिल्प कला, मोहन यादव ने वैश्विक निवेशकों के सामने रखा MP का मॉडल

    दुबई में गूंजी मध्यप्रदेश की शिल्प कला, मोहन यादव ने वैश्विक निवेशकों के सामने रखा MP का मॉडल


    भोपाल।
    मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश और व्यापार के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल संयुक्त अरब अमीरात के दुबई पहुंचा है। चार दिवसीय दौरे के पहले दिन निवेश, व्यापार और औद्योगिक साझेदारी के साथ मध्यप्रदेश की पारंपरिक शिल्प एवं हथकरघा कला को भी अंतरराष्ट्रीय मंच मिला।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई के ताज होटल, बिजनेस बे में आयोजित वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) और जीआई उत्पाद प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को वैश्विक समुदाय के सामने पेश किया गया।

    छह विरासत उत्पादों ने खींचा ध्यान

    प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश के छह प्रमुख उत्पाद प्रदर्शित किए गए। इनमें बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट, अशोकनगर की चंदेरी साड़ी, खरगोन के महेश्वर की महेश्वरी साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी और ग्वालियर कारपेट शामिल हैं।

    इन उत्पादों के जरिए राज्य की सांस्कृतिक विविधता और पारंपरिक कारीगरों के हुनर को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य विदेशी खरीदारों तक इन उत्पादों की पहुंच बढ़ाने और स्थानीय कारीगरों के लिए नए कारोबारी अवसर तैयार करना है।

    प्रवासी भारतीयों ने किया मुख्यमंत्री का स्वागत

    दुबई पहुंचने पर भारतीय मिशन के अधिकारियों ने मध्यप्रदेश के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इसके बाद होटल फॉर्च्यून एट्रियम में यूएई में रहने वाले प्रवासी भारतीयों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। जितेंद्र वैद्य के नेतृत्व में करीब 50 प्रवासी भारतीय इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

    मुख्यमंत्री ने प्रवासी भारतीय समुदाय को मध्यप्रदेश के विकास और राज्य की वैश्विक ब्रांडिंग का महत्वपूर्ण साझेदार बताया।

    भारतीय राजनयिकों के साथ निवेश पर चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल और दुबई एवं नॉर्थ अमीरात में भारत के महावाणिज्य दूत डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी के साथ भी बैठक की। इसमें मध्यप्रदेश में निवेश आकर्षित करने और भारत-यूएई आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

    बैठक में राज्य की औद्योगिक भूमि, कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स, निवेशक-अनुकूल नीतियों और औद्योगिक अधोसंरचना को प्रमुखता से रखा गया। मुख्यमंत्री ने यूएई के सॉवरेन वेल्थ फंड, बड़े कॉरपोरेट समूहों और संस्थागत निवेशकों के साथ संपर्क बढ़ाने में भारतीय मिशन से सहयोग का आग्रह किया। साथ ही उन्हें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में भाग लेने का न्योता दिया।

    अरब संसद के अध्यक्ष से भी हुई मुलाकात

    दौरे के दौरान अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही के सम्मान में आयोजित विशेष भोज में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हिस्सा लिया। इस दौरान मध्यप्रदेश और अरब देशों के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन तथा शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर बातचीत हुई।

    मुख्यमंत्री ने अरब निवेशकों को मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, उन्नत विनिर्माण और शहरी अधोसंरचना से जुड़े निवेश अवसरों की जानकारी दी।

    खाद्य प्रसंस्करण, कृषि मूल्य श्रृंखला, कोल्ड चेन और कृषि लॉजिस्टिक्स को लेकर भी संभावित साझेदारी पर चर्चा हुई।

    22 देशों के संसदीय नेताओं को GIS-2027 का न्योता

    ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 के लिए मध्य पूर्व और अफ्रीका के कई देशों के संसदीय नेताओं को आमंत्रित करने की पहल भी की गई। इनमें अल्जीरिया, बहरीन, कोमोरोस, जिबूती, मिस्र, इराक, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, लीबिया, मॉरिटानिया, मोरक्को, ओमान, फिलिस्तीन, कतर, सऊदी अरब, सोमालिया, सूडान, सीरिया, ट्यूनीशिया, यूएई और यमन शामिल हैं।

    इस पहल का उद्देश्य निवेश, उद्योग, व्यापार, अवसंरचना, नवाचार और आर्थिक सहयोग के लिए मध्यप्रदेश के साथ इन देशों के रिश्तों को और मजबूत करना है।

    वैश्विक मीडिया के सामने रखा निवेश का रोडमैप

    मुख्यमंत्री ने मीडिया संवाद के दौरान मध्यप्रदेश की औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स क्षमता के साथ पर्यटन एवं अवसंरचना क्षेत्र की संभावनाओं को भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि राज्य का लक्ष्य केवल निवेश हासिल करना नहीं, बल्कि निवेशकों के साथ लंबे समय की विकास साझेदारी स्थापित करना है।

    उन्होंने सिंगल विंडो सिस्टम, तेज स्वीकृति प्रक्रिया, प्रगतिशील औद्योगिक नीतियों और रणनीतिक भौगोलिक स्थिति को मध्यप्रदेश की प्रमुख ताकत बताया।

    AIM कांग्रेस के ‘टाइकून्स डिनर’ में वैश्विक निवेशकों से संवाद

    दुबई दौरे के पहले दिन का समापन AIM कांग्रेस 2026 के ‘टाइकून्स रात्रि भोज’ में मुख्यमंत्री की भागीदारी के साथ हुआ। कार्यक्रम की मेजबानी AIM कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी ने की।

    इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में सॉवरेन वेल्थ फंड, फैमिली ऑफिस, संस्थागत निवेशकों, वित्तीय संस्थानों, वैश्विक कंपनियों और विभिन्न देशों के नीति-निर्माताओं ने हिस्सा लिया।

    मुख्यमंत्री ने इस दौरान वैश्विक निवेशकों और नीति-निर्माताओं के साथ मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, शहरी अधोसंरचना, टेक्नोलॉजी और निर्यात आधारित उद्योगों में निवेश के अवसरों को रेखांकित किया।

    दुबई दौरे के पहले ही दिन मध्यप्रदेश ने एक तरफ अपनी पारंपरिक शिल्प विरासत को वैश्विक बाजार के सामने रखा, वहीं दूसरी ओर निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ आर्थिक साझेदारी का रोडमैप भी पेश किया। अब नजर इस बात पर रहेगी कि इन बैठकों और संवादों से मध्यप्रदेश में निवेश के कितने नए रास्ते खुलते हैं।

  • गुजरात को ग्लोबल इन्वेस्टमेंट हब बनाने की तैयारी सीएम बोले कई कंपनियां निवेश को लेकर उत्साहित

    गुजरात को ग्लोबल इन्वेस्टमेंट हब बनाने की तैयारी सीएम बोले कई कंपनियां निवेश को लेकर उत्साहित


    नई दिल्ली। गुजरात में ग्लोबल निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार की कोशिशों को अमेरिका और कनाडा के दौरे से बड़ी उम्मीद मिली है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की विदेश यात्रा पूरी होने के बाद अहमदाबाद एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया गया। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी समेत कई नेताओं और अधिकारियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दुनिया की बड़ी कंपनियों और निवेशकों को गुजरात में निवेश के लिए आकर्षित करना था। मुख्यमंत्री के मुताबिक अमेरिका और कनाडा में निवेशकों के साथ हुई बैठकों के दौरान गुजरात को लेकर सकारात्मक और उत्साहजनक प्रतिक्रिया देखने को मिली है।

    भूपेंद्र पटेल ने कहा कि गुजरात सरकार लगातार यह प्रयास कर रही है कि भारत में आने वाला अधिक से अधिक ग्लोबल निवेश राज्य तक पहुंचे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक संबंधों और उनके प्रति दुनिया में मौजूद भरोसे को भी निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार विदेश यात्रा के दौरान यह स्पष्ट दिखाई दिया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक साख मजबूत हुई है और इसका सकारात्मक प्रभाव निवेशकों के रुख पर भी नजर आ रहा है। यही वजह है कि कई निवेशक गुजरात के अलग अलग क्षेत्रों में बड़े स्तर पर निवेश करने को लेकर उत्सुक दिखाई दिए।

    इस दौरे में सेमीकंडक्टर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा सेंटर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे तेजी से बढ़ते सेक्टरों पर विशेष जोर रहा। इन क्षेत्रों से जुड़ी बड़ी कंपनियों और निवेशकों के साथ प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इसके अलावा गुजरात के महत्वाकांक्षी गिफ्ट सिटी को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के तौर पर और मजबूत बनाने के लिए प्रमुख फाइनेंशियल कंपनियों के साथ भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठकों के दौरान मिली प्रतिक्रिया उत्साह बढ़ाने वाली रही और कई कंपनियां गुजरात में निवेश के लिए आगे बढ़ने को तैयार दिखाई दे रही हैं।

    विदेश यात्रा का एक बड़ा उद्देश्य आगामी वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2027 के लिए वैश्विक निवेशकों को आमंत्रित करना भी रहा। यह समिट 10 से 12 जनवरी 2027 तक आयोजित होने वाला है। सरकार की कोशिश है कि इस आयोजन के जरिए गुजरात को निवेश सहयोग और वैश्विक साझेदारी के लिए दुनिया के प्रमुख उद्योग समूहों के सामने एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश किया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने सैन फ्रांसिस्को वॉशिंगटन डीसी और न्यूयॉर्क में निवेशकों टेक्नोलॉजी लीडर्स युवा उद्यमियों इनोवेटर्स और गुजराती समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की।

    प्रतिनिधिमंडल में मुख्य सचिव एमके दास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टी नटराजन उद्योग और खान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव ममता वर्मा तथा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजीव कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों ने निवेश से जुड़े अवसरों और गुजरात में उपलब्ध औद्योगिक तथा वित्तीय सुविधाओं को लेकर संभावित निवेशकों के साथ चर्चा की। मुख्यमंत्री ने दौरे के बाद भरोसा जताया कि आने वाले समय में गुजरात में बड़े स्तर पर निवेश देखने को मिलेगा और राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

  • दावोस में पर्यटन निवेश पर वैश्विक मंच से मध्यप्रदेश का विज़न रखेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    दावोस में पर्यटन निवेश पर वैश्विक मंच से मध्यप्रदेश का विज़न रखेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    मध्यप्रदेश । देश का हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में नए आत्मविश्वास, नई ऊर्जा और दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त पहचान बना चुका है। प्रदेश, प्रकृति की अनुपम सुंदरता, समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, गहन आध्यात्मिक आस्था और विविध वन्य जीवों का अद्भुत संगम है। इन्हीं विशेषताओं और निवेश संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 जनवरी को दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में पर्यटन क्षेत्र में निवेश पर केंद्रित सत्र को संबोधित करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “विकास भी, विरासत भी” के दूरदर्शी दृष्टिकोण से प्रेरित होकर मध्यप्रदेश ने पर्यटन को समावेशी और सतत विकास के सशक्त माध्यम के रूप में विकसित किया है। इसके परिणामस्वरूप हाल के वर्षों में प्रदेश में 13.30 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया है, जो मध्यप्रदेश के प्रति बढ़ते राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय विश्वास को दर्शाता है।आध्यात्मिक पर्यटन मध्यप्रदेश की प्रमुख पहचान के रूप में स्थापित हुआ है। उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में 6.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन हो चुका है। इसके साथ ही खजुराहो, सांची, ओरछा, महेश्वर, अमरकंटक और चित्रकूट जैसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल देश-विदेश के पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण केंद्र बने हुए हैं।

    राज्य सरकार द्वारा पर्यटन नीति-2025 एवं फिल्म पर्यटन नीति-2025 के माध्यम से निवेश प्रोत्साहन, रोजगार सृजन और सतत पर्यटन विकास को नई दिशा दी गई है। फिल्म पर्यटन नीति-2025 के अंतर्गत मध्यप्रदेश राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म निर्माण के लिए एक पसंदीदा डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है, जिससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।ग्रामीण पर्यटन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रदेश के 81 गांवों में 370 से अधिक होमस्टे विकसित किए गए हैं, जिन्हें 1000 तक विस्तारित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष आय और रोजगार उपलब्ध करा रही है।

    पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने के लिए पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा के अंतर्गत भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सिंगरौली और खजुराहो को हवाई संपर्क से जोड़ा गया है। साथ ही पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा के माध्यम से पर्यटकों को तेज़, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बेस्ट टूरिज्म स्टेट ऑफ द ईयर” सहित 18 राष्ट्रीय पुरस्कार, यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में प्रदेश के 4 धरोहर स्थलों का शामिल होना और देश की 69 यूनेस्को धरोहरों में से 15 का मध्यप्रदेश में स्थित होना प्रदेश की वैश्विक पर्यटन क्षमता और प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करता है। मध्यप्रदेश आज पर्यटन, परंपरा और प्रगति के संगम के साथ वैश्विक निवेशकों और पर्यटकों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।