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  • गुजरात को ग्लोबल इन्वेस्टमेंट हब बनाने की तैयारी सीएम बोले कई कंपनियां निवेश को लेकर उत्साहित

    गुजरात को ग्लोबल इन्वेस्टमेंट हब बनाने की तैयारी सीएम बोले कई कंपनियां निवेश को लेकर उत्साहित


    नई दिल्ली। गुजरात में ग्लोबल निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार की कोशिशों को अमेरिका और कनाडा के दौरे से बड़ी उम्मीद मिली है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की विदेश यात्रा पूरी होने के बाद अहमदाबाद एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया गया। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी समेत कई नेताओं और अधिकारियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दुनिया की बड़ी कंपनियों और निवेशकों को गुजरात में निवेश के लिए आकर्षित करना था। मुख्यमंत्री के मुताबिक अमेरिका और कनाडा में निवेशकों के साथ हुई बैठकों के दौरान गुजरात को लेकर सकारात्मक और उत्साहजनक प्रतिक्रिया देखने को मिली है।

    भूपेंद्र पटेल ने कहा कि गुजरात सरकार लगातार यह प्रयास कर रही है कि भारत में आने वाला अधिक से अधिक ग्लोबल निवेश राज्य तक पहुंचे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक संबंधों और उनके प्रति दुनिया में मौजूद भरोसे को भी निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार विदेश यात्रा के दौरान यह स्पष्ट दिखाई दिया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक साख मजबूत हुई है और इसका सकारात्मक प्रभाव निवेशकों के रुख पर भी नजर आ रहा है। यही वजह है कि कई निवेशक गुजरात के अलग अलग क्षेत्रों में बड़े स्तर पर निवेश करने को लेकर उत्सुक दिखाई दिए।

    इस दौरे में सेमीकंडक्टर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा सेंटर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे तेजी से बढ़ते सेक्टरों पर विशेष जोर रहा। इन क्षेत्रों से जुड़ी बड़ी कंपनियों और निवेशकों के साथ प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इसके अलावा गुजरात के महत्वाकांक्षी गिफ्ट सिटी को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के तौर पर और मजबूत बनाने के लिए प्रमुख फाइनेंशियल कंपनियों के साथ भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठकों के दौरान मिली प्रतिक्रिया उत्साह बढ़ाने वाली रही और कई कंपनियां गुजरात में निवेश के लिए आगे बढ़ने को तैयार दिखाई दे रही हैं।

    विदेश यात्रा का एक बड़ा उद्देश्य आगामी वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2027 के लिए वैश्विक निवेशकों को आमंत्रित करना भी रहा। यह समिट 10 से 12 जनवरी 2027 तक आयोजित होने वाला है। सरकार की कोशिश है कि इस आयोजन के जरिए गुजरात को निवेश सहयोग और वैश्विक साझेदारी के लिए दुनिया के प्रमुख उद्योग समूहों के सामने एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश किया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने सैन फ्रांसिस्को वॉशिंगटन डीसी और न्यूयॉर्क में निवेशकों टेक्नोलॉजी लीडर्स युवा उद्यमियों इनोवेटर्स और गुजराती समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की।

    प्रतिनिधिमंडल में मुख्य सचिव एमके दास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टी नटराजन उद्योग और खान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव ममता वर्मा तथा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजीव कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों ने निवेश से जुड़े अवसरों और गुजरात में उपलब्ध औद्योगिक तथा वित्तीय सुविधाओं को लेकर संभावित निवेशकों के साथ चर्चा की। मुख्यमंत्री ने दौरे के बाद भरोसा जताया कि आने वाले समय में गुजरात में बड़े स्तर पर निवेश देखने को मिलेगा और राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

  • दावोस में पर्यटन निवेश पर वैश्विक मंच से मध्यप्रदेश का विज़न रखेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    दावोस में पर्यटन निवेश पर वैश्विक मंच से मध्यप्रदेश का विज़न रखेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    मध्यप्रदेश । देश का हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में नए आत्मविश्वास, नई ऊर्जा और दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त पहचान बना चुका है। प्रदेश, प्रकृति की अनुपम सुंदरता, समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, गहन आध्यात्मिक आस्था और विविध वन्य जीवों का अद्भुत संगम है। इन्हीं विशेषताओं और निवेश संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 जनवरी को दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में पर्यटन क्षेत्र में निवेश पर केंद्रित सत्र को संबोधित करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “विकास भी, विरासत भी” के दूरदर्शी दृष्टिकोण से प्रेरित होकर मध्यप्रदेश ने पर्यटन को समावेशी और सतत विकास के सशक्त माध्यम के रूप में विकसित किया है। इसके परिणामस्वरूप हाल के वर्षों में प्रदेश में 13.30 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया है, जो मध्यप्रदेश के प्रति बढ़ते राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय विश्वास को दर्शाता है।आध्यात्मिक पर्यटन मध्यप्रदेश की प्रमुख पहचान के रूप में स्थापित हुआ है। उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में 6.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन हो चुका है। इसके साथ ही खजुराहो, सांची, ओरछा, महेश्वर, अमरकंटक और चित्रकूट जैसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल देश-विदेश के पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण केंद्र बने हुए हैं।

    राज्य सरकार द्वारा पर्यटन नीति-2025 एवं फिल्म पर्यटन नीति-2025 के माध्यम से निवेश प्रोत्साहन, रोजगार सृजन और सतत पर्यटन विकास को नई दिशा दी गई है। फिल्म पर्यटन नीति-2025 के अंतर्गत मध्यप्रदेश राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म निर्माण के लिए एक पसंदीदा डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है, जिससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।ग्रामीण पर्यटन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रदेश के 81 गांवों में 370 से अधिक होमस्टे विकसित किए गए हैं, जिन्हें 1000 तक विस्तारित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष आय और रोजगार उपलब्ध करा रही है।

    पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने के लिए पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा के अंतर्गत भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सिंगरौली और खजुराहो को हवाई संपर्क से जोड़ा गया है। साथ ही पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा के माध्यम से पर्यटकों को तेज़, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बेस्ट टूरिज्म स्टेट ऑफ द ईयर” सहित 18 राष्ट्रीय पुरस्कार, यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में प्रदेश के 4 धरोहर स्थलों का शामिल होना और देश की 69 यूनेस्को धरोहरों में से 15 का मध्यप्रदेश में स्थित होना प्रदेश की वैश्विक पर्यटन क्षमता और प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करता है। मध्यप्रदेश आज पर्यटन, परंपरा और प्रगति के संगम के साथ वैश्विक निवेशकों और पर्यटकों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।