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  • मिडिल ईस्ट तनाव से कच्चे तेल में उछाल, होर्मुज स्ट्रेट संकट का बड़ा असर!

    मिडिल ईस्ट तनाव से कच्चे तेल में उछाल, होर्मुज स्ट्रेट संकट का बड़ा असर!


    नई दिल्ली। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में शुक्रवार को 1% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz में सप्लाई बाधित होने की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल सप्लाई रूट्स में से एक है, जहां किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर वैश्विक बाजार पर पड़ता है।

    ब्रेंट और WTI में तेजी

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 1.13% बढ़कर 97.01 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं WTI क्रूड 1.39% की बढ़त के साथ 99.24 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता नजर आया।

    गौरतलब है कि इससे पहले बुधवार को तेल की कीमतों में करीब 20% की गिरावट आई थी और यह 100 डॉलर के नीचे आ गया था। अब दोबारा तेजी ने बाजार में अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है।

    Multi Commodity Exchange पर भी दिखा असर

    भारतीय बाजार में Multi Commodity Exchange (MCX) पर क्रूड ऑयल फ्यूचर्स (20 अप्रैल डिलीवरी) करीब 2.43% बढ़कर 9,150 रुपये प्रति बैरल तक पहुंच गया। यह तेजी घरेलू बाजार में भी वैश्विक संकेतों का असर दर्शाती है।

    सीजफायर के बावजूद तनाव बरकरार

    हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर की घोषणा हुई है, लेकिन जमीन पर हालात अभी भी पूरी तरह शांत नहीं हैं। Israel द्वारा Lebanon में जारी हमले और Iran की गतिविधियों ने स्थिति को जटिल बना रखा है।

    बताया जा रहा है कि Iran ने Strait of Hormuz को बंद कर दिया है, जिससे शिपिंग गतिविधियां सामान्य स्तर के 10% से भी कम रह गई हैं। शिपिंग कंपनियां भी स्थिति स्पष्ट होने तक इस मार्ग से जहाज भेजने में सतर्कता बरत रही हैं।

    Donald Trump की चेतावनी

    इस बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि अगर सीजफायर का पालन नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसकी संभावना फिलहाल कम है।

    उन्होंने दोहराया कि Iran को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी और Strait of Hormuz को खुला और सुरक्षित रखने के लिए अमेरिका तैयार है।

    आगे क्या संकेत?

    Asian Development Bank (ADB) के अनुसार, मौजूदा हालात को देखते हुए निकट भविष्य में तेल की कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं। हालांकि, यदि भू-राजनीतिक तनाव कम होता है, तो बाजार में धीरे-धीरे स्थिरता लौट सकती है।

  • ऑयल मार्केट में हलचल: कीमतों में जोरदार उछाल, साल के उच्चतम स्तर के पास

    ऑयल मार्केट में हलचल: कीमतों में जोरदार उछाल, साल के उच्चतम स्तर के पास


    नई दिल्ली पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ नजर आने लगा है। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की 3 प्रतिशत से अधिक की तेज बढ़त दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 3.66 प्रतिशत पैमाना 116.70 डॉलर प्रति पाउंड इंट्रा-डे हाई रीच तक पहुंच गया, जो 52 सामान्य के करीब है। वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 3 प्रतिशत से अधिक उछालकर 103 डॉलर प्रति शेयर के पार पहुंच गया।

    पश्चिम एशिया तनाव बना सबसे बड़ा कारण

    तेल की इस तेजी की मुख्य वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। विशेष रूप से यमन के होती विद्रोहियों के इस संघर्ष में शामिल हैं और इजराइल पर हमले के बाद हमले और हमले हुए हैं। हूती ग्रुप ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जब तक उनके सहयोगी आतंकवादी हमले जारी रखेंगे, तब तक वे भी कार्रवाई करेंगे। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।

    अक्रियाशील होने का खतरा

    विशेषज्ञ का मानना ​​है कि अगर यह तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो कच्चे तेल की विषाक्तता प्रभावित हो सकती है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में अहम समुद्री मील का पत्थर पर प्रभाव का खतरा है, जहां से दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल की आपूर्ति होती है।
    मार्च महीने में ही ब्रेंट क्रूड के बाजार में 50 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है, जो संकेत देता है कि अनिश्चितता और जोखिम लगातार बढ़ रहे हैं।

    200 डॉलर तक पहुंच संभव है

    कुछ वैश्विक अनुमानों के अनुसार, यदि दरें और विशेषताएं हैं तो कच्चे तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति शेयर तक पहुंच सकती है। यह स्थिति ग्लोबल इंडस्ट्री के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है।

    भारत पर उत्खनन दबाव

    भारत जैसे राष्ट्र के लिए यह स्थिति विशेष रूप से चिंता का विषय है, क्योंकि देश में 85 से 90 प्रतिशत तेल कोटा के लिए मान्यता पर प्रतिबंध है। सरकारी कच्चे तेल से शेयरों में बढ़ोतरी हो सकती है, कंपनी के शेयरों पर असर पड़ सकता है और चालू खाते में भी बढ़ोतरी हो सकती है।

    वैश्विक शेयर प्रभावकारी

    तेल के स्टॉक में तेजी का असर वैश्विक शेयर पर भी देखने को मिला। अमेरिकी उद्यमों में गिरावट दर्ज की गई, वहीं एशियाई बाजारों में भी गिरावट जारी है। इसका असर भारत के शेयर बाजार पर भी पड़ा है, जहां बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों ही शुरुआती कारोबार में गिरावट के साथ खुले हैं।

  • तेल बाजार में गिरावट, IEA के संभावित रिजर्व रिलीज के बीच क्रूड 90 डॉलर से नीचे

    तेल बाजार में गिरावट, IEA के संभावित रिजर्व रिलीज के बीच क्रूड 90 डॉलर से नीचे


    नई दिल्ली: वैश्विक बाजार में बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली और दाम 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गए। गिरावट की प्रमुख वजह International Energy Agency (IEA) द्वारा इमरजेंसी रिजर्व से तेल जारी कर आपूर्ति बढ़ाने की संभावित योजना को माना जा रहा है।

    ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई दोनों में गिरावट
    रिपोर्ट्स के मुताबिक खबरों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई।

    Brent Crude की कीमत 0.99% गिरकर 86.93 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। वहीं West Texas Intermediate (WTI) वायदा 0.75% गिरकर 82.82 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।

    आपूर्ति बढ़ाने की तैयारी
    रिपोर्ट्स के अनुसार International Energy Agency इमरजेंसी रिजर्व से कच्चे तेल की आपूर्ति जारी करने पर विचार कर रहा है ताकि हाल के दिनों में तेजी से बढ़ी कीमतों को नियंत्रित किया जा सके।

    बताया जा रहा है कि यह प्रस्तावित आपूर्ति 2022 में Russia द्वारा Ukraine पर हमले के बाद जारी किए गए 182 मिलियन बैरल से भी अधिक हो सकती है। G7 देशों ने भी आईईए से इस तरह के कदम के लिए तैयार रहने को कहा है।

    होर्मुज जलडमरूमध्य से बढ़ा था तनाव
    हाल के दिनों में Strait of Hormuz में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया था। यह दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 20% हिस्सा गुजरता है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंका के कारण Brent Crude की कीमत हाल के दिनों में करीब 50% बढ़कर 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी।

    ट्रंप के बयान का भी असर
    कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट की एक वजह Donald Trump का बयान भी माना जा रहा है। उन्होंने कहा था कि United States और Iran के बीच चल रहा युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। हालांकि, दोनों देशों के बीच तनाव अभी भी जारी है और संघर्ष दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है।

    इस बीच खबरें सामने आई हैं कि Iran Strait of Hormuz में बारूदी सुरंगें बिछाने की तैयारी कर रहा है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी कि अगर ऐसा हुआ है तो उन्हें तुरंत हटाया जाना चाहिए।