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  • जियो फाइनेंशियल की बड़ी वैश्विक साझेदारी…. बैंक ऑफ अमेरिका से हुई ₹1,8000 करोड़ की डील

    जियो फाइनेंशियल की बड़ी वैश्विक साझेदारी…. बैंक ऑफ अमेरिका से हुई ₹1,8000 करोड़ की डील


    मुम्बई।
    मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की जियो फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (Jio Financial Services Limited) ने वित्तीय सेवा कारोबार को विस्तार देने के लिए बैंक ऑफ अमेरिका (Bank of America) के साथ बड़ी डील किया है। 12 अगस्त 2026 को हुए ज्वाइंट वेंचर एग्रीमेंट के तहत बैंक ऑफ अमेरिका की सहायक कंपनी NB Holdings, जियो क्रेडिट लिमिटेड में कुल 49.9 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करेगी। इसके लिए बैंक ऑफ अमेरिका करीब 1.9 अरब डॉलर यानी लगभग ₹18,168 करोड़ का निवेश करेगा।इस डील से जियो क्रेडिट का वैल्यूएशन उसकी नेटवर्थ के करीब 2.5 गुना पर होता है। खास बात यह है कि जियो क्रेडिट को शुरू हुए अभी करीब दो साल ही हुए हैं।


    मुकेश अंबानी ने क्या कहा?

    मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित अर्थव्यवस्था बनाने के लिए ऐसा वित्तीय तंत्र जरूरी है, जो बड़े पैमाने पर काम करने के साथ भरोसेमंद और समावेशी हो। उन्होंने कहा कि जियो फाइनेंशियल तकनीक और बेहतर गवर्नेंस के जरिए भारतीयों के लिए वित्तीय सेवाओं को आसान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके मुताबिक बैंक ऑफ अमेरिका की वैश्विक विशेषज्ञता और जियो की डिजिटल पहुंच का मेल भारत में क्रेडिट की पहुंच बढ़ाने में मदद करेगा।


    पहले 26.5% हिस्सेदारी, फिर 49.9% तक पहुंच जाएगा निवेश

    समझौते के तहत एनबी होल्डिंग्स पहले प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए जियो क्रेडिट के 4.29 करोड़ इक्विटी शेयर खरीदेगी। इसके लिए करीब ₹6,613 करोड़ का भुगतान किया जाएगा। इससे बैंक ऑफ अमेरिका को शुरुआती तौर पर 26.50 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलेगी।

    इसके बाद एनबी होल्डिंग्स 7.56 करोड़ वारंट के लिए करीब ₹11,655 करोड़ का निवेश करेगी। इन वारंट को 18 महीने के भीतर इक्विटी शेयरों में बदला जा सकेगा। वारंट के कन्वर्जन के बाद बैंक ऑफ अमेरिका की हिस्सेदारी बढ़कर 49.90 प्रतिशत हो जाएगी।


    महज 2 साल में खड़ा हो गया बहुत बड़ा कारोबार

    जियो क्रेडिट, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज की NBFC कंपनी है। यह ग्राहकों को अलग-अलग तरह के कर्ज उपलब्ध कराती है। कंपनी ने बहुत कम समय में बड़ा कारोबार खड़ा किया है। करीब दो साल में इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट ₹30,667 करोड़, यानी लगभग 3.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। कंपनी का फोकस डिजिटल तरीके से कर्ज उपलब्ध कराने और भारत में क्रेडिट की पहुंच बढ़ाने पर है।


    क्या रंग लाएगी यह साझेदारी

    इस साझेदारी का मकसद जियो फाइनेंशियल की भारत में मजबूत डिजिटल पहुंच और स्थानीय बाजार की समझ को बैंक ऑफ अमेरिका की वैश्विक वित्तीय विशेषज्ञता के साथ जोड़ना है। दोनों कंपनियां डिजिटल वित्तीय सेवाओं, नए क्रेडिट उत्पादों, रिस्कक मैनेजमेंट और ग्राहकों तक कर्ज की पहुंच बढ़ाने पर काम करेंगी।


    बोर्ड में दोनों कंपनियों की बराबर हिस्सेदारी
    डील के बाद जियो क्रेडिट के बोर्ड में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और बैंक ऑफ अमेरिका को बराबर प्रतिनिधित्व मिलेगा। हालांकि कंपनी की मौजूदा मैनेजमेंट टीम ही इसके रोजमर्रा के संचालन और रणनीति को आगे बढ़ाएगी। जियो क्रेडिट, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज की वित्तीय रिपोर्टिंग में सहायक कंपनी के रूप में बनी रहेगी।


    बैंक ऑफ अमेरिका भी भारत को लेकर उत्साहित

    बैंक ऑफ अमेरिका के चेयरमैन और सीईओ ब्रायन मोयनिहान ने भारत को दुनिया के महत्वपूर्ण विकासशील बाजारों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि जियो फाइनेंशियल ने सिर्फ दो वर्षों में उल्लेखनीय पैमाना हासिल किया है। बैंक ऑफ अमेरिका की वैश्विक पहुंच और डिजिटल विशेषज्ञता को जियो फाइनेंशियल के मार्केट पर पकड़ और ग्राहक आधार से जोड़ने से भारत में वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

  • अफ्रीका के बिना विकास अधूरा जयशंकर का बड़ा बयान, इंडिया-अफ्रीका समिट की तैयारी तेज

    अफ्रीका के बिना विकास अधूरा जयशंकर का बड़ा बयान, इंडिया-अफ्रीका समिट की तैयारी तेज


    नई दिल्ली । नई दिल्ली में भारत और अफ्रीकी देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है जहां विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने 23 अप्रैल 2026 को चौथे इंडिया अफ्रीका फोरम समिट का लोगो थीम और आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च की यह समिट 31 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी जिसमें पूरे अफ्रीकी महाद्वीप के नेता अफ्रीकन यूनियन कमीशन और विभिन्न क्षेत्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे

    इस आयोजन का उद्देश्य भारत और अफ्रीका के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग को और गहरा करना और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करना है विदेश मंत्रालय के अनुसार यह समिट आईए स्पिरिट इंडिया अफ्रीका स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फॉर इनोवेशन रेजिलिएंस एंड इनक्लूसिव ट्रांसफॉर्मेशन थीम पर आधारित होगी जो दोनों क्षेत्रों के बीच सहयोग के व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाती है

    समिट की तैयारी के तहत कई महत्वपूर्ण बैठकें भी आयोजित की जाएंगी जिसमें 28 मई 2026 को वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक होगी जबकि 29 मई को भारत और अफ्रीकी देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक होगी इन बैठकों में आपसी सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी

    भारत अफ्रीका फोरम समिट को दोनों क्षेत्रों के बीच संवाद और साझेदारी का एक महत्वपूर्ण मंच माना जाता है जो समानता आपसी सम्मान और साझा विकास के सिद्धांतों पर आधारित है पिछले संस्करणों में इस मंच के माध्यम से अफ्रीकी देशों के लिए भारत की विकास सहायता और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है जिससे कई देशों को लाभ मिला है

    इस अवसर पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि अफ्रीका की स्वतंत्रता के बिना भारत की स्वतंत्रता अधूरी मानी जा सकती है और अफ्रीका के विकास के बिना भारत का विकास भी पूर्ण नहीं हो सकता उन्होंने कहा कि दोनों क्षेत्रों की प्रगति एक दूसरे से जुड़ी हुई है और वास्तविक विकास तभी संभव है जब अफ्रीका की तरक्की भी सुनिश्चित हो

    उन्होंने यह भी कहा कि भारत की विकास साझेदारी अफ्रीकी देशों की प्राथमिकताओं और स्थानीय आवश्यकताओं पर आधारित है और डिजिटल फिनटेक तथा नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग तेजी से बढ़ रहा है जिससे अफ्रीकी अर्थव्यवस्थाओं को नया आकार मिल रहा है

    जयशंकर ने सस्टेनेबल भविष्य के लिए भारत की वैश्विक पहलों का उल्लेख करते हुए इंटरनेशनल सोलर अलायंस ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर और बिग कैट अलायंस जैसे मंचों में सक्रिय भागीदारी को रेखांकित किया उन्होंने कहा कि जी20 में अफ्रीकन यूनियन को शामिल किए जाने का भारत का समर्थन वैश्विक शासन में अफ्रीका की उचित भूमिका सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है

    उन्होंने यह भी कहा कि भारत और अफ्रीका का संबंध केवल विकास तक सीमित नहीं है बल्कि यह एक बेहतर और अधिक संतुलित वैश्विक व्यवस्था के निर्माण की साझा जिम्मेदारी भी है जो भविष्य में दोनों क्षेत्रों को और करीब लाएगी