Tag: GMC Bhopal

  • भोपाल की बेटियों की प्रतिभा का राष्ट्रीय मंच पर जलवा, शोध पत्र के लिए डॉ. कीर्ति सम्मानित और डॉ. जोशेना को मिला गोल्ड मेडल

    भोपाल की बेटियों की प्रतिभा का राष्ट्रीय मंच पर जलवा, शोध पत्र के लिए डॉ. कीर्ति सम्मानित और डॉ. जोशेना को मिला गोल्ड मेडल


    भोपाल । भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज यानी GMC की दो डॉक्टरों ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर चिकित्सा के क्षेत्र में प्रदेश का मान बढ़ाया है। कॉलेज के नाक कान और गला यानी ENT विभाग की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. कीर्ति वाई. के. और पीजी छात्रा डॉ. जोशेना वर्मा को राज्य स्तरीय सम्मान से नवाजा गया है। उज्जैन में 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को आयोजित राज्य स्तरीय ENT कॉन्फ्रेंस MPENTCON में दोनों डॉक्टरों की उपलब्धियों को सराहा गया। डॉ. कीर्ति को उनके शोध पत्र और प्रभावी प्रस्तुति के लिए बेस्ट पेपर अवॉर्ड दिया गया। वहीं डॉ. जोशेना को MS ENT परीक्षा में पूरे मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान हासिल करने पर एच.एच. खान गोल्ड मेडल प्रदान किया गया। दोनों डॉक्टरों की इस उपलब्धि से GMC भोपाल के साथ चिकित्सा जगत में भी खुशी का माहौल है।

    डॉ. कीर्ति वाई. के. को सीनियर कंसल्टेंट श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ पेपर प्रस्तुति का पुरस्कार मिला। उन्होंने अपने शोध पत्र में सांस लेने में परेशानी से जुड़ी समस्याओं के उपचार में राइनोप्लास्टी और ओपन सेप्टोप्लास्टी की भूमिका को समझाया। इन सर्जिकल प्रक्रियाओं के माध्यम से नाक की आंतरिक संरचना में सुधार किया जाता है। इससे मरीजों को सांस लेने में होने वाली दिक्कत से राहत मिल सकती है। इन प्रक्रियाओं का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि जरूरत के अनुसार नाक की बाहरी बनावट में भी सुधार किया जा सकता है। डॉ. कीर्ति ने अपने शोध और प्रस्तुति के माध्यम से इन आधुनिक तकनीकों के चिकित्सकीय महत्व को सामने रखा। इसी योगदान के लिए उन्हें कॉन्फ्रेंस में सम्मानित किया गया।

    इस उपलब्धि के साथ GMC भोपाल में उपलब्ध आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की भी चर्चा हुई। दी गई जानकारी के अनुसार प्रदेश के शासकीय मेडिकल कॉलेजों में राइनोप्लास्टी और ओपन सेप्टोप्लास्टी की यह आधुनिक प्रक्रिया फिलहाल केवल गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में की जा रही है। इन तकनीकों के जरिए मरीजों की सांस से जुड़ी समस्याओं के उपचार के साथ नाक की संरचना में सुधार करने की सुविधा मिलती है। ENT विभाग में इस तरह की विशेषज्ञता विकसित होना मरीजों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    दूसरी ओर GMC की पीजी छात्रा डॉ. जोशेना वर्मा ने भी अपनी शैक्षणिक उपलब्धि से कॉलेज का नाम रोशन किया है। मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी यानी MPMSU की ओर से आयोजित MS ENT परीक्षा 2025 में उन्होंने पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। उनकी इस सफलता के लिए उन्हें एच.एच. खान स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। यह पदक एसोसिएशन ऑफ ओटोलैरिंगोलॉजिस्ट्स ऑफ इंडिया की मध्यप्रदेश इकाई की ओर से दिया जाता है। हर साल MS ENT परीक्षा में प्रदेश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को इस सम्मान से नवाजा जाता है।

    डॉ. जोशेना की सफलता उनकी मेहनत और विषय पर मजबूत पकड़ को दर्शाती है। वहीं डॉ. कीर्ति का शोध और पुरस्कार चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान तथा आधुनिक उपचार पद्धतियों के महत्व को सामने लाता है। दोनों डॉक्टरों की उपलब्धियां यह दिखाती हैं कि गांधी मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा शिक्षा के साथ शोध और मरीजों के बेहतर उपचार की दिशा में भी काम किया जा रहा है। राज्य स्तरीय मंच पर मिली यह पहचान कॉलेज के ENT विभाग के लिए गौरव की बात है।