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  • सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट के संकेत, ईरान-अमेरिका तनाव का पड़ सकता है असर

    सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट के संकेत, ईरान-अमेरिका तनाव का पड़ सकता है असर


    नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और महंगाई के आंकड़ों के बीच इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में हलचल जारी रहने की संभावना है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल कीमती धातुओं पर दबाव बना रह सकता है और इनमें गिरावट का रुख देखने को मिल सकता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में महंगाई से जुड़े आंकड़े वैश्विक ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की उम्मीदों को प्रभावित करेंगे, जिसका सीधा असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ सकता है।

    ईरान-अमेरिका तनाव से वैश्विक बाजारों में चिंता
    पश्चिम एशिया में एक बार फिर बढ़े तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। ईरान ने हाल में दावा किया था कि उसने एक ऐसे जहाज को निशाना बनाया जो उसकी अनुमति के बिना निर्धारित मार्ग से गुजर रहा था। इसके बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की घोषणा की।

    इसके जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान पर हमले किए, जिसके बाद ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन में अमेरिका से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया। इस घटनाक्रम के बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है।

    जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च) प्रणव मेर के अनुसार, सोने और चांदी में फिलहाल गिरावट और करेक्शन का दौर जारी है। उन्होंने कहा कि अब बाजार की नजरें अमेरिका-ईरान तनाव की दिशा पर रहेंगी।

    उनके मुताबिक, यदि भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों को मजबूती मिल सकती है।

    पिछले सप्ताह सोने-चांदी के दाम में गिरावट
    घरेलू बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव सप्ताह के दौरान 3,900 रुपये यानी 2.65 प्रतिशत गिरकर 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं, सितंबर अनुबंध वाली चांदी में 14,746 रुपये यानी 6.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और इसका भाव 2.22 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गया।

    तेजी पर निवेशकों ने की मुनाफावसूली
    एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने कहा कि सोने के लिए पिछला सप्ताह भी कमजोर रहा। मजबूत अमेरिकी डॉलर, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया, जिससे सोने में दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। उन्होंने कहा कि कीमतों में सुधार की कोशिशों के बावजूद तेजी टिक नहीं पाई और हर उछाल पर निवेशकों ने मुनाफावसूली की। त्रिवेदी के मुताबिक, भारतीय रुपये में मामूली कमजोरी से एमसीएक्स सोने को कुछ समर्थन जरूर मिला, लेकिन वैश्विक बाजार में कमजोर रुख ने इसके असर को सीमित कर दिया।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी नरमी
    अंतरराष्ट्रीय बाजार में न्यूयॉर्क कॉमेक्स सोना वायदा 12 डॉलर यानी 0.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,113.7 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। वहीं, चांदी में 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 60.16 डॉलर प्रति औंस पर रही।

    अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर
    विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशक अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगे की मौद्रिक नीति को समझने के लिए कई अहम आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखेंगे। इनमें खुदरा बिक्री, आवास क्षेत्र के आंकड़े और साप्ताहिक बेरोजगारी दावे प्रमुख हैं। इन आंकड़ों से ब्याज दरों की दिशा को लेकर संकेत मिल सकते हैं, जिसका असर आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतों पर दिखाई देगा।

  • ETF में निवेश का बढ़ता दायरा: सोना-चांदी से आगे बैंकिंग, टेक और ग्लोबल मार्केट में भी मौका

    ETF में निवेश का बढ़ता दायरा: सोना-चांदी से आगे बैंकिंग, टेक और ग्लोबल मार्केट में भी मौका


    नई दिल्ली। कई निवेशक हाल के दिनों में थोड़ा निराश हैं, क्योंकि जब वे देखते हैं कि पिछले एक साल में सोने ने करीब 56% और चांदी ने 155% तक का रिटर्न दिया है, तो उन्हें लगता है कि उन्होंने निवेश का अच्छा मौका गंवा दिया। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश की दुनिया अब केवल सोने-चांदी तक सीमित नहीं रही है। Exchange Traded Fund यानी ईटीएफ आज निवेश का एक ऐसा विकल्प बन चुका है, जिसमें बैंकिंग, आईटी, सरकारी बॉन्ड और यहां तक कि विदेशी बाजारों में भी निवेश का मौका मिलता है। यह निवेशकों के लिए एक तरह की “मल्टी-कुजीन थाली” जैसा बन गया है, जहां अलग-अलग विकल्प मौजूद हैं।

    भारत में पैसिव निवेश को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। इसी का नतीजा है कि वित्त वर्ष 2025-26 में ईटीएफ में निवेश पिछले साल की तुलना में लगभग 94% तक बढ़ गया है।

    सोना-चांदी बने सबसे बड़े आकर्षण
    पिछले साल ईटीएफ निवेश में सबसे ज्यादा पैसा गोल्ड और सिल्वर फंड्स में आया। गोल्ड ईटीएफ में करीब 350% और सिल्वर ईटीएफ में लगभग 296% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसकी वजह मजबूत रिटर्न रहा है। हालांकि कुछ अन्य ईटीएफ ऐसे भी हैं जिन्होंने पिछले तीन वर्षों में 250% तक का रिटर्न दिया है।

    क्यों बढ़ रहा है ETF का क्रेज?
    ईटीएफ की लोकप्रियता के पीछे मुख्य तीन कारण हैं—
    कम लागत: कम एक्सपेंस रेशियो के कारण यह सस्ता निवेश विकल्प है।
    पारदर्शिता: यह सीधे किसी इंडेक्स को फॉलो करता है, जिससे पोर्टफोलियो साफ-सुथरा रहता है।
    लिक्विडिटी: स्टॉक एक्सचेंज पर इसे कभी भी खरीदा और बेचा जा सकता है।

    ETF के प्रमुख प्रकार
    ईटीएफ कई तरह के होते हैं—
    इक्विटी ईटीएफ: जैसे Nifty 50, बैंकिंग, आईटी और सेक्टर आधारित फंड
    कमोडिटी ईटीएफ: सोना और चांदी आधारित फंड
    डेट/बॉन्ड ईटीएफ: सरकारी और कॉर्पोरेट बॉन्ड में निवेश
    इंटरनेशनल ईटीएफ: जैसे NASDAQ 100 या S&P 500 में निवेश का अवसर

    निवेश से पहले किन बातों का ध्यान रखें
    विशेषज्ञों के अनुसार ईटीएफ चुनते समय तीन बातें जरूरी हैं—
    लिक्विडिटी: ज्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम वाले ETF चुनें
    एक्सपेंस रेशियो: कम खर्च वाला फंड बेहतर होता है
    ट्रैकिंग एरर: इंडेक्स और ETF रिटर्न में अंतर जितना कम हो, फंड उतना बेहतर माना जाता है

    निवेश में समझदारी जरूरी
    ईटीएफ में निवेश करते समय ध्यान रखना चाहिए कि इसमें कोई सक्रिय फंड मैनेजर लगातार निर्णय नहीं लेता। इसलिए एसेट एलोकेशन, एंट्री-एग्जिट और पोर्टफोलियो रीबैलेंस की जिम्मेदारी निवेशक की होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश को केवल ट्रेंड के आधार पर नहीं, बल्कि अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम क्षमता और लंबी अवधि की रणनीति के अनुसार करना चाहिए।

  • टैरिफ पर US सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सोने-चांदी के दामों में जबरदस्त उछाल….

    टैरिफ पर US सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सोने-चांदी के दामों में जबरदस्त उछाल….


    नई दिल्ली।
    सोने और चांदी के भाव (Gold-Silver Rate) में आज सोमवार को जबरदस्त उछाल (Tremendous Surge) देखने को मिला। सोने की कीमतों में 1.61% और चांदी की कीमतों में 5% तक की तेजी दर्ज की गई। यह तेजी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट (US Supreme Court) के एक फैसले के बाद आई है, जिसमें अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) द्वारा लगाए गए व्यापक ग्लोबल टैरिफ को खारिज कर दिया। निवेशक अब इसके बाद अमेरिका की ओर से संभावित नए कदमों का आकलन कर रहे हैं। एशियाई बाजारों में आज स्पॉट गोल्ड की कीमत 1.61% बढ़कर 5,160 डॉलर प्रति औंस और चांदी की कीमत 5% उछलकर 86 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।


    क्यों बढ़ रहे हैं सोना-चांदी के दाम?

    अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया भर पर “पारस्परिक” टैरिफ लगाने के लिए आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करके अपने अधिकार का उल्लंघन किया था। इस फैसले के साथ ही ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में लगाए गए कई महत्वपूर्ण टैरिफ अब समाप्त हो गए हैं।

    इस फैसले के जवाब में ट्रंप ने कहा है कि रद्द किए गए टैरिफ को बदलने के लिए वैकल्पिक तंत्र लागू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह मौजूदा शुल्कों के अलावा, कानून की धारा 122 के तहत 10% का वैश्विक टैरिफ लागू करेंगे। साथ ही, राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य मामलों से जुड़े मौजूदा टैरिफ पूरी तरह से लागू रहेंगे।

    वहीं, जियो-पॉलिटिकल मोर्चे पर भी तनाव बना हुआ है। अमेरिकी सेना ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य तैनाती बढ़ा दी है। ट्रंप ने ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर चेतावनी दी है, जिससे क्षेत्र में टकराव की आशंका और बढ़ गई है। ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले से वहां पहले से मौजूद आंतरिक अस्थिरता और गहरी हो सकती है और यह अमेरिका के लिए एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है।


    क्या सोना-चांडी के भाव में और तेजी आ सकती है?

    जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के कमोडिटी रिसर्च हेड हरीश वी के अनुसार, हालांकि मजबूत डॉलर और बदलती ब्याज दर की उम्मीदें कीमतों में तेज उछाल को फिलहाल रोक सकती हैं, लेकिन लगातार बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर ले जा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

    हरीश ने कहा, “निवेशक आमतौर पर भू-राजनीतिक संकटों के दौरान सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं, क्योंकि ये धातुएं मूल्य संरक्षण करती हैं, बाजार में उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करती हैं और मुद्राओं व वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता के समय एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में काम करती हैं।”


    नई ऊंचाई छूने की संभावना

    एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने सोने की कीमतों के तकनीकी परिदृश्य पर कहा कि कीमतों में हालिया गिरावट मुनाफावसूली का हिस्सा है और व्यापक रुझान तेजी वाला ही बना हुआ है। उन्होंने कहा कि 4,500-4,700 डॉलर के बीच मजबूत खरीदारी देखी जा रही है और अगर कीमतें 5,100-5,200 डॉलर के स्तर को पार कर जाती हैं, तो नई ऊंचाई छूने की संभावना बन सकती है।

    वहीं, चांदी के भाव पर पोनमुडी ने कहा कि हालिया गिरावट के बावजूद, बड़े समय के फ्रेम में तेजी वाली संरचना बरकरार है। 65-70 डॉलर के बीच मजबूत खरीदारी का समर्थन स्तर है। अगर यह आधार बना रहता है और कीमतें 85-92 डॉलर के स्तर को पार करके वापसी करती हैं, तो तेजी का रुख फिर से मजबूत हो सकता है। मिड टू लॉन्ग टर्म नजरिए से चांदी के लिए संभावनाएं सकारात्मक बनी हुई हैं।

  • सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट का दौर जारी…. जानिए क्यों गिर रहे दाम?

    सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट का दौर जारी…. जानिए क्यों गिर रहे दाम?

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    नई दिल्ली। सोने और चांदी (Gold- Silver Price) के लिए मंगलवार को दिन अच्छा नहीं रहा है। इस दिन कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है। एमसीएक्स गोल्ड फ्यूचर (MCX Gold Futures) का रेट गिरकर 151244 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। गोल्ड की आज की कीमतों में 3500 रुपये या फिर 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, एमसीएक्स सिल्वर मार्च कॉन्ट्रैक्ट्स (MCX Silver March Contracts) के शेयरों में भी भारी गिरावट देखने को मिली है। चांदी का रेट 10,500 रुपये फिर 4.4 प्रतिशत टूटकर 229352 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया।


    सोने और चांदी की कीमतों में क्यों आ रही है गिरावट

    गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में गिरावट के पीछे की वजह डॉलर का मजूबत होना है। इसके अलावा अमेरिका-ईरान बातचीत, यूएस फेड रिजर्व का ताजा अपडेट और छुट्टी की वजह से ज्यादा एशियाई बाजार के बंद होने की वजह से यह गिरावट देखने को मिली है। बता दें, आज डॉलर इंडेक्स में 0.40 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है।

    एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं?
    जियोजीत इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के कमोडिटी रिसर्च हेड हरीश वी कहते हैं, “गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में गिरावट का सिलसिला आज भी जारी है। इसके पीछे की वजह डॉलर का मजबूत होना और हालिया तेजी के बाद प्रॉफिट बुकिंग है। कल छुट्टी की वजह से यूएस मार्केट बंद था। इसकी वजह से भी सोने और चांदी की कीमतों पर असर पड़ा है।” हरीश कहते हैं, “बाजार में मौजूद निवेशक इस हफ्ते आने वाले अमेरिकी इकनॉमिक आंकड़ों से पहले सतर्कता दिखा रहे हैं। ताजा जीडीपी आंकड़े और FOMC मीटिंग का असर फेड रिजर्व की उम्मीदों पर पड़ेगा।”


    क्या सोना और चांदी खरीदने का यह है सही समय?

    गोल्ड और सिल्वर इस समय काफी अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि कोई भी तेजी शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए बेच कर बाहर निकलने का सही मौका होगा। ब्रोकरेज हाइस च्वाइस ब्रोकिंग का कहना है कि गोल्ड के लिए 149000 रुपये और चांदी 225000 का रेट काफी अहम होगा। अगर दाम इसके नीचे जाते हैं तो दबाव के कारण कीमतों में और गिरावट देखने को मिलेगी।

  • Gold-Silver Crash: चांदी फिर क्रैश… झटके में ₹16000 सस्ती, सोना भी 4000 रुपये फिसला

    Gold-Silver Crash: चांदी फिर क्रैश… झटके में ₹16000 सस्ती, सोना भी 4000 रुपये फिसला

    नई दिल्ली :सोना-चांदी की कीमतें क्रैश होने का सिलसिला जारी है. बजट के दिन भर-भराकर टूटने के बाद सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में वायदा कारोबार की शुरुआत के साथ ही दोनों कीमती धातुएं और सस्ती हो गईं. एक ओर जहां 1 Kg Silver Price झटके में करीब 16,000 रुपये गिर गया, तो वहीं दूसरी ओर 10 Gram 24 Karat Gold का वायदा भाव एमसीएक्स पर 4000 रुपये से ज्यादा कम हो गया.
    इतना रह गया 1 किलो चांदी का भाव
    चांदी की कीमतें बीते सप्ताह के गुरुवार को इतिहास में पहली बार 4 लाख रुपये के पार निकलने के बाद से ही लगातार क्रैश हो रही हैं. रविवार को Budget 2026 वाले दिन करीब 9 फीसदी से ज्यादा टूटने के बाद सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को जब MCX पर कमोडिटी ट्रेडिंग की शुरुआत हुई, तो चांदी खुलते ही और भी सस्ती हो गई. बीते कारोबारी दिन सिल्वर प्राइस तगड़ी गिरावट और फिर रिकवरी के बाद अंत में 2,65,652 रुपये पर क्लोज हुआ था और सोमवार को जैसे ही कारोबार ओपन हुआ, तो ये गिरकर 2,55,652 रुपये प्रति किलो पर आ गया और फिर इसके कुछ ही मिनटों बाद ये 2,49,713 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया. इसका मतलब है कि चांदी वायदा 15,943 रुपये और सस्ती हो गई.

    अपने हाई से अब इतनी सस्ती Silver
    चांदी में जिस रफ्तार से बीते कुछ दिनों में तेजी देखने को मिली थी, उससे तेज रफ्तार इसके फिसलने की है. बता दें कि पिछले गुरुवार को एमसीएक्स पर 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी के वायदा भाव ने अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ते 4,20,048 रुपये के नया लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था, लेकिन इस स्तर से अब तक Silver Price 1,70,335 रुपये कम हो चुका है.

    सोने का भी चांदी जैसा हाल

    Silver Price Crash होने से साथ ही सोना भी धड़ाम नजर आ रहा है. बजट वाले दिन ये भी 13,000 रुपये तक टूट गया था, हालांकि फिर थोड़ी रिकवरी भी देखने को मिली थी. रविवार को ये 1,47,753 रुपये के लेवल पर क्लोज हुआ था और सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कारोबार की शुरुआत होते ही ये फिसलकर 1,43,321 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. यानी 10 Gram 24 Karat Gold Rate 4432 रुपये तक सस्ता हो गया.

    हाई से अब कितना सस्ता Gold
    सोने की कीमत ने भी चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए बीते गुरुवार को अपना नया हाई लेवल छुआ था और तूफानी तेजी के साथ 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर पहुंच गई थी. इस स्तर पर पहुंचने के बाद Gold Rate बिखरता हुआ चला गया और अब तक ये 49,775 रुपये सस्ता मिल रहा है.