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  • सोना-चांदी के दामों में भारी गिरावट, बाजार में एक हफ्ते में बड़ा बदलाव..

    सोना-चांदी के दामों में भारी गिरावट, बाजार में एक हफ्ते में बड़ा बदलाव..

    नई दिल्ली। कीमती धातुओं के बाजार में इस सप्ताह अचानक तेज बदलाव देखने को मिला है, जहां सोने और चांदी दोनों के दामों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। लगातार बढ़ते भावों के बाद आई इस नरमी ने बाजार की दिशा बदल दी है और निवेशकों से लेकर आम खरीदारों तक सभी को प्रभावित किया है।

    सोने की कीमतों में इस सप्ताह करीब एक हजार रुपये से अधिक की गिरावट देखने को मिली है। पहले जहां सोना ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहा था, वहीं अब इसके दामों में कमी आने से बाजार में हलचल बढ़ गई है। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतों में समान रूप से गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ज्वेलरी सेक्टर में खरीदारी के रुझान पर भी असर पड़ा है।

    चांदी के बाजार में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिला है। चांदी की कीमतों में तीन हजार रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे प्रति किलो चांदी के भाव में बड़ा अंतर आया है। इस गिरावट के कारण औद्योगिक उपयोग और निवेश दोनों ही क्षेत्रों में अस्थिरता का माहौल बन गया है।

    सप्ताह के दौरान सोने और चांदी के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया। कुछ दिनों में कीमतें ऊंचे स्तर पर पहुंचीं, लेकिन उसके बाद अचानक गिरावट ने पूरे बाजार को प्रभावित कर दिया। इस अस्थिरता के चलते व्यापारियों और निवेशकों में सतर्कता बढ़ गई है और सभी आगे के रुझानों पर नजर बनाए हुए हैं।

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला है। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव और नीतिगत संकेतों ने निवेश के माहौल को प्रभावित किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, मुद्रास्फीति को लेकर दिए गए संकेत और ब्याज दरों में संभावित बदलाव ने सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ाया है।

    इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता से ऊपर बने रहने की स्थिति ने भी बाजार पर अप्रत्यक्ष प्रभाव डाला है। निवेशकों का रुझान बदलने से सुरक्षित निवेश विकल्पों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जिसका असर सीधे तौर पर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान गिरावट अस्थायी भी हो सकती है और आने वाले समय में बाजार फिर से बदलाव देख सकता है। वैश्विक आर्थिक संकेत, मांग और आपूर्ति की स्थिति तथा नीतिगत निर्णय आगे की दिशा तय करेंगे।

    फिलहाल इस गिरावट ने आम उपभोक्ताओं को कुछ राहत जरूर दी है, लेकिन निवेशकों के लिए यह समय सावधानी और विश्लेषण का माना जा रहा है। बाजार की अनिश्चितता को देखते हुए आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और बदलाव की संभावना बनी हुई है।

  • रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद सोने की चमक पड़ी फीकी, चांदी ने ज़ोरदार वापसी कर पकड़ी रफ्तार

    रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद सोने की चमक पड़ी फीकी, चांदी ने ज़ोरदार वापसी कर पकड़ी रफ्तार

    नई दिल्ली। सोमवार को ऐतिहासिक ऊंचाई छूने के बाद हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को कीमती धातुओं के बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी ने गिरावट से उबरते हुए मजबूती दिखाई।

    एमसीएक्स पर सोना कमजोर, चांदी में उछाल

    एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 0.32 प्रतिशत टूटकर 1,41,577 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी 0.50 प्रतिशत यानी 1,352 रुपये की तेजी के साथ 2,70,322 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखी। इससे साफ है कि रिकॉर्ड स्तर के बाद सोने में जहां दबाव बना, वहीं चांदी में खरीदारी लौटी।

    घरेलू बाजार में भी हल्की नरमी

    इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 24 कैरेट सोने के 10 ग्राम का भाव घटकर 1,40,482 रुपये रह गया, जो पिछले कारोबारी दिन 1,40,499 रुपये था। यह गिरावट भले ही मामूली हो, लेकिन यह संकेत देती है कि ऊंचे दामों पर निवेशक फिलहाल सतर्क हो गए हैं।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिला संकेत

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना पहली बार 4,600 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंचा था। इसी रिकॉर्ड स्तर के बाद वैश्विक निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू की, जिसका असर घरेलू बाजारों पर भी पड़ा। हालांकि भू-राजनीतिक तनावों के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बनी हुई है।

    भू-राजनीति और फेड पर टिकी नजर

    सोने में हालिया तेजी के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत टैक्स लगाने का ऐलान और सैन्य कार्रवाई की चेतावनी बड़ा कारण रही। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख जेरोम पॉवेल से जुड़ी जांच की खबरों ने भी बाजार में अनिश्चितता बढ़ाई। मेहता इक्विटीज लिमिटेड के कमोडिटी उपाध्यक्ष राहुल कलंत्री के मुताबिक, निवेशकों की नजर अब अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों और ब्याज दर नीति पर टिकी है।

    ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद

    हालिया अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट में उम्मीद से कम नौकरियां बढ़ने से यह भरोसा मजबूत हुआ है कि इस साल के अंत तक फेड ब्याज दरों में दो बार कटौती कर सकता है। यही उम्मीद कीमती धातुओं को मध्यम अवधि में सहारा दे रही है।

    तकनीकी स्तर और आगे का रुख

    विश्लेषकों के अनुसार सोने को 1,39,550 से 1,37,310 रुपये के दायरे में मजबूत सपोर्ट मिल रहा है, जबकि ऊपर की ओर 1,44,350 से 1,46,670 रुपये पर रेजिस्टेंस है। चांदी के लिए 2,60,810 से 2,54,170 रुपये सपोर्ट जोन है और 2,71,810 से 2,74,470 रुपये रेजिस्टेंस।

    चांदी की लंबी अवधि में चमक

    एक्सपर्ट्स का मानना है कि उद्योगों और हरित ऊर्जा क्षेत्रों में बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति के कारण चांदी की दीर्घकालिक मांग मजबूत बनी रहेगी। ऐसे में आने वाले समय में चांदी की कीमतें सोने से बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।