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  • सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर, घरेलू बाजार में फिसले भाव, अमेरिकी फेड की बैठक से पहले निवेशक सतर्क

    सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर, घरेलू बाजार में फिसले भाव, अमेरिकी फेड की बैठक से पहले निवेशक सतर्क


    नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को गिरावट दर्ज की गई। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव कच्चे तेल की ऊंची कीमतों मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बनी आशंकाओं ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी का असर भारतीय वायदा बाजार में भी दिखाई दिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर सोना और चांदी दोनों लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। निवेशक फिलहाल अमेरिकी केंद्रीय बैंक की आगामी बैठक और महंगाई से जुड़े आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना जताई जा रही है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर सोने की कीमत खबर लिखे जाने तक 0.23 प्रतिशत गिरकर 4 हजार 133 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई थी। वहीं चांदी में ज्यादा कमजोरी देखने को मिली और इसकी कीमत 1.03 प्रतिशत फिसलकर 57.405 डॉलर प्रति औंस रह गई। वैश्विक बाजार में निवेशकों की सतर्कता और डॉलर की मजबूती को इस गिरावट के प्रमुख कारणों में शामिल किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलावों का असर घरेलू कीमतों पर भी पड़ता है इसलिए विदेशी बाजार में कमजोरी के साथ भारतीय निवेशकों की नजर भी सोने और चांदी के भाव पर बनी हुई है।

    घरेलू वायदा बाजार में दिसंबर डिलीवरी वाला सोना एमसीएक्स पर करीब 519 रुपये यानी 0.35 प्रतिशत गिरकर 1 लाख 46 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। कारोबारी सत्र की शुरुआत में सोना अपने पिछले बंद भाव 1 लाख 46 हजार 519 रुपये से गिरकर 1 लाख 46 हजार 328 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। इसके बाद बिकवाली का दबाव बढ़ा और कीमत घटकर 1 लाख 45 हजार 689 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर तक पहुंच गई। इस तरह कारोबार के दौरान सोने में 830 रुपये तक की गिरावट देखने को मिली।

    चांदी की कीमतों में भी तेज कमजोरी दर्ज की गई। एमसीएक्स पर चांदी करीब 2 हजार 267 रुपये यानी 1.07 प्रतिशत गिरकर 2 लाख 9 हजार 218 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई। चांदी पिछले कारोबारी सत्र के 2 लाख 11 हजार 485 रुपये के बंद भाव के मुकाबले 2 लाख 10 हजार 400 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली थी। इसके बाद कीमतों में और गिरावट आई और एक समय चांदी 2 लाख 8 हजार 801 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। यानी दिन के कारोबार में इसमें 2 हजार 684 रुपये तक की कमजोरी दर्ज की गई।

    बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास बढ़ी अस्थिरता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। इसके अलावा रूस की ऊर्जा खरीद से जुड़े अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले और वैश्विक व्यापार नीतियों को लेकर बनी अनिश्चितता ने भी कमोडिटी बाजार को प्रभावित किया है। महंगे कच्चे तेल से महंगाई बढ़ने की आशंका पैदा होती है जिससे केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति पर असर पड़ सकता है।

    निवेशकों की नजर अब 27 और 28 अक्टूबर को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक पर है। बाजार के अनुमानों के अनुसार अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना करीब 16 प्रतिशत जबकि दिसंबर में बढ़ोतरी की संभावना लगभग 90 प्रतिशत बताई जा रही है। ब्याज दरें बढ़ने पर सोने जैसी संपत्तियों का आकर्षण घट सकता है क्योंकि इनसे नियमित ब्याज नहीं मिलता। मजबूत डॉलर भी सोने की मांग को सीमित कर सकता है।

    आने वाले दिनों में सोने और चांदी की चाल अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों खासकर व्यक्तिगत उपभोग व्यय यानी पीसीई मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर निर्भर कर सकती है। यदि महंगाई उम्मीद से अधिक रहती है तो ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका मजबूत होने से कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। इसके विपरीत महंगाई के नरम संकेत मिलने पर कीमती धातुओं में खरीदारी लौटने की संभावना बन सकती है। ऐसे में सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बाजार के उतार-चढ़ाव और अपने बजट को ध्यान में रखना जरूरी होगा।

  • मुनाफावसूली के बाद भी सोने में तेजी के संकेत, एक्सपर्ट बोले- इस रेंज में खरीदारी का मौका न गंवाएं

    मुनाफावसूली के बाद भी सोने में तेजी के संकेत, एक्सपर्ट बोले- इस रेंज में खरीदारी का मौका न गंवाएं


    नई दिल्ली । सोने की चमक फिलहाल फीकी पड़ने के संकेत नहीं दे रही है। पिछले चार वर्षों में जिस रफ्तार से सोने की कीमतों ने ऊंचाई हासिल की है उसने निवेशकों और खरीदारों दोनों को हैरान कर दिया है। सितंबर 2022 में करीब 50 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास रहने वाला 24 कैरेट सोना अब सितंबर 2026 में करीब 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। यानी चार साल में सोने ने करीब 210 फीसदी का जबरदस्त रिटर्न दिया है। हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में मुनाफावसूली जरूर देखने को मिली है लेकिन बाजार विशेषज्ञ इसे तेजी के दौर का अंत नहीं बल्कि लंबे बुल रन के बीच सामान्य करेक्शन मान रहे हैं।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 29 जनवरी को 5608 डॉलर प्रति औंस के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच गया था। इसके बाद कीमतों में करीब 20 फीसदी की गिरावट आई और फिलहाल सोना लगभग 4500 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। हालांकि बाजार जानकारों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 4400 डॉलर प्रति औंस का महत्वपूर्ण स्तर बना रहता है तब तक सोने की तेजी को मजबूत समर्थन मिलता रहेगा। घरेलू बाजार में भी करीब 1.49 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर वैश्विक बाजार में बड़ी गिरावट नहीं आती है तो दीपावली तक सोने का भाव 1.60 लाख से 1.62 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है।

    सोने की तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की लगातार बढ़ती खरीदारी है। वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच कई देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। इसे डी डॉलराइजेशन की रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। कई देशों को अब यह चिंता है कि विदेशी मुद्रा या दूसरे देशों के वित्तीय साधनों पर पूरी तरह निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है जबकि अपने पास रखा सोना अधिक सुरक्षित संपत्ति माना जाता है। यही वजह है कि चीन जैसे देश लगातार अपने स्वर्ण भंडार में इजाफा कर रहे हैं और अन्य केंद्रीय बैंक भी बड़ी मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं।

    सोने की मजबूती की दूसरी बड़ी वजह इसकी मौद्रिक परिसंपत्ति के रूप में बढ़ती अहमियत है। पहले सोने को मुख्य रूप से महंगाई और आर्थिक संकट से बचाव के साधन के तौर पर देखा जाता था लेकिन अब वैश्विक स्तर पर इसे करेंसी के अवमूल्यन और वित्तीय जोखिमों के खिलाफ मजबूत सुरक्षा कवच माना जा रहा है। बदलती वैश्विक परिस्थितियों में निवेशकों और देशों दोनों के लिए सोना भरोसेमंद संपत्ति बनकर उभरा है।

    इसके अलावा भारत और चीन जैसे बड़े बाजारों में त्योहारों और शादी के सीजन के दौरान बढ़ने वाली भौतिक मांग भी कीमतों को मजबूत आधार दे रही है। आपूर्ति की सीमित स्थिति और संस्थागत खरीदारी के कारण सोने पर दबाव कम दिखाई दे रहा है। हालांकि कीमतों में बीच बीच में गिरावट संभव है लेकिन लंबी अवधि का रुझान अभी भी मजबूत माना जा रहा है।

    खरीदारी को लेकर विशेषज्ञों की सलाह है कि शादी या अन्य जरूरी जरूरतों के लिए सोना खरीदने वालों को बहुत बड़ी गिरावट का इंतजार नहीं करना चाहिए। यदि कीमत 1.45 लाख से 1.52 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में नीचे आती है तो चरणबद्ध तरीके से खरीदारी की जा सकती है। एक साथ पूरी रकम लगाने के बजाय जरूरत और बजट के हिसाब से 40 से 50 फीसदी खरीदारी पहले की जा सकती है। हालांकि निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि सोने की कीमतें वैश्विक बाजार और रुपये की चाल से प्रभावित होती हैं इसलिए तेजी की उम्मीद के बावजूद निवेश से पहले अपनी वित्तीय जरूरत और जोखिम क्षमता का आकलन जरूर करना चाहिए।

  • Gold Silver Price Today: 22 अगस्त को सोने-चांदी के दाम ने बदली करवट, खरीदारी से पहले जान लें कीमतों का हाल

    Gold Silver Price Today: 22 अगस्त को सोने-चांदी के दाम ने बदली करवट, खरीदारी से पहले जान लें कीमतों का हाल

    नई दिल्ली । सोने और चांदी की कीमतों पर नजर रखने वाले लोगों के लिए 22 अगस्त का दिन अहम है। घरेलू सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं की कीमतें कई कारकों के असर से बदलती रहती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की चाल से लेकर डॉलर की स्थिति कच्चे तेल की कीमतें वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और निवेशकों की खरीदारी तक इन धातुओं के भाव को प्रभावित करती है। ऐसे में अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो केवल एक दिन के भाव को देखकर फैसला करने के बजाय बाजार की मौजूदा दिशा को समझना जरूरी है।

    सोने की कीमतों में तेजी या गिरावट का सीधा असर आभूषण खरीदने वालों के बजट पर पड़ता है। खासकर शादी विवाह या किसी बड़े पारिवारिक आयोजन के लिए सोना खरीदने वाले लोग कीमत में मामूली बदलाव को भी गंभीरता से लेते हैं। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है जबकि आभूषणों के लिए आम तौर पर 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल अधिक किया जाता है। इसलिए बाजार में सोने का भाव जानने के साथ यह भी देखना जरूरी है कि कीमत किस कैरेट के सोने की बताई जा रही है।

    चांदी की बात करें तो इसकी कीमत भी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुख पर निर्भर करती है। चांदी को केवल आभूषणों और पारंपरिक खरीदारी तक सीमित नहीं माना जाता बल्कि इसका इस्तेमाल औद्योगिक क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर होता है। इलेक्ट्रॉनिक्स सोलर पैनल और कई तकनीकी उत्पादों में चांदी की मांग बनी रहती है। यही वजह है कि वैश्विक औद्योगिक मांग में बदलाव का असर भी चांदी की कीमत पर दिखाई दे सकता है। निवेशकों की गतिविधियां बढ़ने पर चांदी में तेज उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

    22 अगस्त को सोने और चांदी की खरीदारी करने वालों को एक और महत्वपूर्ण बात ध्यान में रखनी चाहिए। बाजार में बताए जाने वाले सोने के भाव में कई बार मेकिंग चार्ज जीएसटी और अन्य शुल्क शामिल नहीं होते हैं। इसलिए यदि आप आभूषण खरीद रहे हैं तो दुकान पर मिलने वाली अंतिम कीमत बाजार भाव से अलग हो सकती है। अलग अलग शहरों और ज्वेलर्स के बीच भी कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिल सकता है। इसी कारण खरीदारी से पहले स्थानीय सर्राफा बाजार में उसी दिन का ताजा रेट और बिल में लगने वाले सभी शुल्क जरूर जांचें।

    वर्तमान वैश्विक माहौल में निवेशकों की नजर अमेरिकी ब्याज दरों डॉलर की चाल और दुनिया की आर्थिक अनिश्चितताओं पर भी बनी हुई है। जब बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है तो सोने को अक्सर सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर देखा जाता है। इससे सोने की मांग बढ़ सकती है। वहीं चांदी में निवेश का रुख औद्योगिक मांग और निवेश दोनों से प्रभावित होता है।

    अगर आप सोना या चांदी निवेश के उद्देश्य से खरीदना चाहते हैं तो केवल तेजी देखकर जल्दबाजी में बड़ी रकम लगाने से बचना बेहतर है। कीमतों में कभी भी बदलाव हो सकता है। जरूरत और बजट के अनुसार खरीदारी करना और शुद्धता तथा बिल की पूरी जानकारी लेना जरूरी है। सोने में हॉलमार्क और चांदी में शुद्धता की जांच जरूर करें। 22 अगस्त के भाव को देखते हुए खरीदारी करने से पहले अपने शहर के ताजा रेट की पुष्टि करना सबसे सुरक्षित तरीका रहेगा।

  • Gold Silver Price Today 8 July आज खरीदारी से पहले जरूर जान लें सोने और चांदी की नई कीमतें

    Gold Silver Price Today 8 July आज खरीदारी से पहले जरूर जान लें सोने और चांदी की नई कीमतें


    नई दिल्ली । सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। 7 जुलाई को घरेलू सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज दोनों में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती और निवेशकों की सतर्कता के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में आज खरीदारी करने वाले ग्राहकों को पिछले दिनों की तुलना में कुछ राहत मिल सकती है।

    आज के कारोबार में 24 कैरेट सोने का खुदरा भाव लगभग 145260 रुपये प्रति 10 ग्राम जबकि 22 कैरेट सोने का भाव करीब 133150 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास दर्ज किया गया। वहीं 18 कैरेट सोने की कीमत लगभग 108950 रुपये प्रति 10 ग्राम रही। चांदी की बात करें तो 999 शुद्धता वाली चांदी का भाव करीब 241700 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। अलग अलग शहरों में स्थानीय टैक्स और ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज के कारण कीमतों में मामूली अंतर हो सकता है।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर भी सोने और चांदी दोनों में कमजोरी देखने को मिली। एमसीएक्स पर सोना करीब आधा प्रतिशत तक फिसला जबकि चांदी में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी डॉलर में मजबूती और वैश्विक आर्थिक संकेतों के कारण निवेशकों ने फिलहाल सुरक्षित निवेश में सतर्क रुख अपनाया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आप लंबी अवधि के निवेश के लिए सोना खरीदना चाहते हैं तो मौजूदा गिरावट एक अच्छा अवसर हो सकती है। हालांकि निवेश से पहले बाजार की चाल और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर नजर रखना जरूरी है। वहीं आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों को भी अलग अलग ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज और हॉलमार्क की जांच करने के बाद ही खरीदारी करनी चाहिए।

    सोना खरीदते समय हमेशा बीआईएस हॉलमार्क वाला आभूषण ही लें और बिल लेना न भूलें। इससे शुद्धता की गारंटी मिलती है और भविष्य में बेचने या बदलने में किसी तरह की परेशानी नहीं होती। चांदी खरीदते समय भी उसकी शुद्धता और प्रमाणित विक्रेता का ध्यान रखना जरूरी है।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और डॉलर इंडेक्स की चाल के आधार पर सोने और चांदी की कीमतों में उतार चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी के बजाय सोच समझकर फैसला लेना चाहिए। फिलहाल कीमतों में आई नरमी खरीदारी की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत देने वाली मानी जा रही है।

  • सोने-चांदी में जबरदस्त उछाल, एक हफ्ते में सोना ₹8 हजार से ज्यादा महंगा

    सोने-चांदी में जबरदस्त उछाल, एक हफ्ते में सोना ₹8 हजार से ज्यादा महंगा

    नई दिल्ली। देश में सोने और चांदी की कीमतों में इस सप्ताह जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। लगातार बढ़ती कीमतों ने निवेशकों और आम खरीदारों दोनों का ध्यान खींचा है। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के आंकड़ों के अनुसार, बीते एक हफ्ते में सोने की कीमत में 8 हजार रुपए से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि चांदी भी रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गई है।

    24 कैरेट सोना 1.58 लाख रुपए के पार
    आईबीजेए के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर 1,58,210 रुपए प्रति 10 ग्राम पहुंच गई है। पिछले सप्ताह इसी अवधि में इसकी कीमत 1,51,078 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। यानी सिर्फ एक हफ्ते में सोना 8,132 रुपए प्रति 10 ग्राम महंगा हो गया। इसी तरह 22 कैरेट सोने का दाम बढ़कर 1,44,920 रुपए प्रति 10 ग्राम पहुंच गया, जो पहले 1,38,387 रुपए था। वहीं 18 कैरेट सोने की कीमत भी 1,13,309 रुपए से बढ़कर 1,18,658 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई।

    चांदी ने भी दिखाई तेज चमक
    सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी बड़ी तेजी दर्ज की गई है। एक हफ्ते में चांदी 12,900 रुपए प्रति किलो महंगी होकर 2,68,500 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई। पिछले सप्ताह इसकी कीमत 2,55,600 रुपए प्रति किलो थी। हाजिर बाजार में चांदी ने 14 मई को सुबह के सत्र में 2,87,350 रुपए प्रति किलो का उच्चतम स्तर छुआ, जबकि सप्ताह का न्यूनतम भाव 11 मई को 2,55,300 रुपए प्रति किलो दर्ज किया गया।

    आयात शुल्क बढ़ने से बढ़े दाम
    विशेषज्ञों के अनुसार, इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी की बड़ी वजह केंद्र सरकार द्वारा कीमती धातुओं पर आयात शुल्क बढ़ाना है। सरकार ने सेस सहित आयात शुल्क को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार पर दिखाई दे रहा है। आईबीजेए दिन में दो बार सुबह और शाम सोने और चांदी के दाम जारी करता है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक परिस्थितियों और आयात नीति के असर से आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

  • पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर, सोना-चांदी में जोरदार उछाल से बाजार में हलचल

    पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर, सोना-चांदी में जोरदार उछाल से बाजार में हलचल


    नई दिल्ली। देश में 7 मई 2026 को पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। तेल विपणन कंपनियों IOC, BPCL और HPCL ने आज भी ईंधन की कीमतों को स्थिर रखा, जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिली है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू बाजार में फिलहाल स्थिरता बनी हुई है। एक्साइज ड्यूटी में पहले हुई कटौती का असर अब भी दिखाई दे रहा है, जिसके चलते पेट्रोल-डीजल के रेट में कोई बड़ा बदलाव नहीं हो रहा है।

    देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल की कीमतें अलग-अलग स्तर पर बनी हुई हैं। नई दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर पर स्थिर है। मुंबई में पेट्रोल ₹103.54 और डीजल ₹90.03 प्रति लीटर बिक रहा है। कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ, जयपुर, पटना, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी कीमतें पिछले दिनों की तरह ही बनी हुई हैं। खास बात यह है कि कई बड़े शहरों में पेट्रोल अभी भी ₹100 के पार बना हुआ है, जबकि डीजल अधिकतर जगहों पर ₹100 से नीचे है।

    वहीं दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार से निवेशकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई है। स्पॉट गोल्ड करीब 3 प्रतिशत से अधिक उछलकर 4700 डॉलर प्रति औंस के स्तर के करीब पहुंच गया है। वहीं चांदी में भी तेज उछाल देखने को मिला है, जहां यह 6 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 77 डॉलर प्रति औंस के ऊपर कारोबार करती दिखी।

    विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में नरमी और संभावित युद्धविराम की उम्मीदों ने वैश्विक बाजार को प्रभावित किया है। इसके साथ ही डॉलर के कमजोर होने से सोने की मांग बढ़ी है, जिससे इसकी कीमतों में तेजी आई है। जब डॉलर कमजोर होता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना सस्ता हो जाता है और निवेशक इसकी ओर आकर्षित होते हैं।

    इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भी बाजार में एक अलग प्रभाव डाला है। इससे महंगाई के दबाव में थोड़ी कमी आई है और निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों जैसे सोने और चांदी की ओर बढ़ा है।

    फिलहाल बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियां बेहद संवेदनशील हैं और किसी भी राजनीतिक या आर्थिक बदलाव का सीधा असर सोना, चांदी और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

  • सोना-चांदी में आग! एक दिन में ₹3000 उछला गोल्ड, ₹2.46 लाख पहुंची चांदी, क्या अभी खरीदना सही या खतरा?

    सोना-चांदी में आग! एक दिन में ₹3000 उछला गोल्ड, ₹2.46 लाख पहुंची चांदी, क्या अभी खरीदना सही या खतरा?



    नई दिल्ली। 6 मई को सर्राफा बाजार में फिर तेज उछाल देखने को मिला और सोना-चांदी के दाम नई ऊंचाई की ओर बढ़ गए। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 24 कैरेट सोना 10 ग्राम पर ₹3000 की जोरदार बढ़त के साथ ₹1.51 लाख तक पहुंच गया। इससे पहले यह ₹1.48 लाख पर कारोबार कर रहा था। वहीं चांदी ने भी बड़ी छलांग लगाते हुए ₹6000 की तेजी के साथ ₹2.46 लाख प्रति किलो का स्तर छू लिया, जो निवेशकों और खरीदारों दोनों के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है।

    अगर पूरे साल के ट्रेंड पर नजर डालें तो 2026 में सोना अब तक ₹18 हजार महंगा हो चुका है। साल की शुरुआत में 31 दिसंबर 2025 को जहां सोना ₹1.33 लाख प्रति 10 ग्राम था, वहीं अब यह ₹1.51 लाख तक पहुंच चुका है। इसी तरह चांदी ने भी निवेशकों को चौंकाते हुए ₹16 हजार की बढ़त दर्ज की है। साल की शुरुआत में ₹2.30 लाख प्रति किलो रही चांदी अब ₹2.46 लाख के स्तर पर कारोबार कर रही है। हालांकि, इससे पहले जनवरी में सोना ₹1.76 लाख और चांदी ₹3.86 लाख का ऑलटाइम हाई भी छू चुकी है, जो बाजार की जबरदस्त अस्थिरता को दर्शाता है।

    विशेषज्ञों के मुताबिक सोने-चांदी में यह तेजी वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग की वजह से आ रही है। ऐसे में निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि बाजार में तेजी जितनी तेज होती है, जोखिम भी उतना ही बढ़ जाता है।

    अगर आप इस समय सोना खरीदने की सोच रहे हैं तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद अहम है। सबसे पहले, हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें, जिससे उसकी शुद्धता की गारंटी मिलती है। इसके अलावा खरीदारी से पहले सोने की कीमत को अलग-अलग स्रोतों से जरूर जांच लें, क्योंकि 24, 22 और 18 कैरेट के हिसाब से कीमतें अलग होती हैं।

    वहीं चांदी खरीदते समय भी सावधानी जरूरी है। असली चांदी की पहचान के लिए मैग्नेट टेस्ट, आइस टेस्ट, स्मेल टेस्ट और क्लॉथ टेस्ट जैसे आसान तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती और उस पर बर्फ जल्दी पिघलती है।

    कुल मिलाकर, सोना-चांदी की कीमतों में आई यह तेजी जहां निवेशकों के लिए अवसर लेकर आई है, वहीं आम खरीदारों के लिए चिंता भी बढ़ा रही है। ऐसे में बाजार की चाल समझकर ही निवेश या खरीदारी करना समझदारी होगी।

  • मई की शुरुआत में आम जनता को झटका, कमर्शियल LPG महंगा, सोना-चांदी में गिराव..

    मई की शुरुआत में आम जनता को झटका, कमर्शियल LPG महंगा, सोना-चांदी में गिराव..

    नई दिल्ली।
    मई 2026 की शुरुआत देश के उपभोक्ताओं और बाजार पर अलग-अलग प्रभाव छोड़ते हुए हुई है। एक तरफ जहां पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, वहीं दूसरी ओर कमर्शियल LPG सिलेंडर के दामों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसके साथ ही सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में भी हल्का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है, जिससे बाजार में मिला-जुला माहौल बना हुआ है।

    तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति को देखते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखा है। प्रमुख महानगरों में ईंधन के दाम पहले जैसे ही बने हुए हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू बाजार में स्थिरता बनाए रखने की कोशिश की गई है, ताकि महंगाई पर नियंत्रण रखा जा सके।

    हालांकि, कमर्शियल LPG सिलेंडर उपभोक्ताओं के लिए बड़ा झटका सामने आया है। 19 किलो वाले गैस सिलेंडर की कीमत में तेज बढ़ोतरी की गई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं की लागत बढ़ गई है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर सेवा क्षेत्र की लागत पर पड़ सकता है, जो अंततः उपभोक्ताओं तक भी पहुंच सकता है। राहत की बात यह है कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे घरों पर फिलहाल अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा है।

    दूसरी ओर सर्राफा बाजार में भी हलचल देखने को मिली है। सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि चांदी लगातार तीसरे दिन सस्ती हुई है। सोने और चांदी की कीमतों में यह गिरावट निवेशकों के लिए मिश्रित संकेत लेकर आई है। जहां कुछ लोग इसे खरीदारी का अवसर मान रहे हैं, वहीं कुछ निवेशक अभी भी वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सतर्क बने हुए हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं का असर कीमती धातुओं और ऊर्जा बाजार दोनों पर देखा जा रहा है। वैश्विक निवेश और केंद्रीय बैंकों की नीतियों में बदलाव भी इन कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। आने वाले समय में बाजार में और उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है।

    आर्थिक जानकारों का यह भी मानना है कि कच्चे तेल और कीमती धातुओं की कीमतें वैश्विक घटनाओं से सीधे जुड़ी होती हैं, इसलिए इन बाजारों में स्थिरता फिलहाल चुनौती बनी हुई है। सोने की कीमतों में दीर्घकालिक वृद्धि की संभावना जताई जा रही है, लेकिन अल्पकाल में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

  • मई की शुरुआत में झटका और राहत साथ-साथ: LPG महंगा, पेट्रोल-डीजल स्थिर, सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव

    मई की शुरुआत में झटका और राहत साथ-साथ: LPG महंगा, पेट्रोल-डीजल स्थिर, सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव


    नई दिल्ली। मई 2026 की शुरुआत आम जनता और कारोबारियों के लिए मिली-जुली खबर लेकर आई है। जहां एक ओर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी ने झटका दिया है। साथ ही, सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में हल्की गिरावट और चांदी में लगातार तीसरे दिन कमजोरी देखने को मिली है।
    देश की राजधानी New Delhi में पेट्रोल ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद तेल कंपनियों ने आम जनता को राहत देते हुए ईंधन कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। Mumbai, Kolkata और Chennai जैसे प्रमुख महानगरों में भी दाम जस के तस बने हुए हैं।
    हालांकि, कमर्शियल उपयोग करने वालों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। 19 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹993 की भारी बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में इसकी कीमत ₹3,071.50 तक पहुंच गई है। होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यापारियों पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है। राहत की बात यह है कि घरेलू 14.2 किलो एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम घरों पर फिलहाल अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ा है।
    सर्राफा बाजार की बात करें तो सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,50,820 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,38,260 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। पिछले कुछ दिनों में सोने की कीमतों में नरमी का रुख बना हुआ है। वहीं चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन गिरावट देखने को मिली है और यह ₹2,49,900 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है।
    विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव, खासकर Iran और United States के बीच हालात, बाजार को प्रभावित कर रहे हैं। इसका असर कच्चे तेल से लेकर सोना-चांदी तक सभी कमोडिटी पर देखने को मिल रहा है।
    वैश्विक निवेश बैंक Goldman Sachs का अनुमान है कि आने वाले महीनों में सोने की कीमतों में फिर तेजी आ सकती है। केंद्रीय बैंकों की बढ़ती खरीद और अमेरिका में ब्याज दरों में संभावित कटौती के चलते साल के अंत तक सोना ₹1.63 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। हालांकि, अल्पकाल में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना जताई गई है।
    कुल मिलाकर, जहां ईंधन की स्थिर कीमतों ने आम जनता को राहत दी है, वहीं कमर्शियल एलपीजी की बढ़ी कीमतों से व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। सोना-चांदी में जारी उतार-चढ़ाव निवेशकों के लिए सतर्क रहने का संकेत दे रहा है।

  • पेट्रोल 100 के पार, सोना-चांदी में नरमी-जानिए आज के ताजा भाव

    पेट्रोल 100 के पार, सोना-चांदी में नरमी-जानिए आज के ताजा भाव


    नई दिल्ली |  देशभर में आज 29 अप्रैल को पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन कुछ शहरों में पेट्रोल 110 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गया है। वहीं दूसरी ओर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है, जिससे निवेशकों और आम लोगों दोनों की नजर बाजार पर बनी हुई है।

    पेट्रोल-डीजल की कीमतें: कहां कितना रेट?
    तेल कंपनियां हर रोज सुबह 6 बजे नए रेट जारी करती हैं। आज भी कई शहरों में कीमतें स्थिर हैं, लेकिन राज्यों के हिसाब से फर्क देखने को मिल रहा है।

    दिल्ली: पेट्रोल ₹94.77 | डीजल ₹87.67
    मुंबई: पेट्रोल ₹103.54 | डीजल ₹90.03
    चेन्नई: पेट्रोल ₹100.80 | डीजल ₹92.39
    कोलकाता: पेट्रोल ₹105.45 | डीजल ₹92.02
    बेंगलुरु: पेट्रोल ₹102.92 | डीजल ₹90.99
    अमरावती: पेट्रोल ₹110.10 | डीजल ₹97.92
    जयपुर: पेट्रोल ₹104.88 | डीजल ₹90.36
    लखनऊ: पेट्रोल ₹94.65 | डीजल ₹87.76

    क्या चुनाव के बाद बढ़ेंगी कीमतें?
    सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और कंपनियों के नुकसान को देखते हुए भविष्य में बढ़ोतरी की अटकलें बनी हुई हैं।

    सोने की कीमत में गिरावट
    देश में सोने के भाव में गिरावट आई है। 18 से लेकर 24 कैरेट तक सभी कैटेगरी में कीमतें नीचे आई हैं।

    दिल्ली: 24 कैरेट: ₹1,51,070 प्रति 10 ग्राम
    22 कैरेट: ₹1,38,490 प्रति 10 ग्राम
    मुंबई/कोलकाता: 24 कैरेट: ₹1,50,920
    22 कैरेट: ₹1,38,340
    चेन्नई: 24 कैरेट: ₹1,53,810
    22 कैरेट: ₹1,40,990
    बेंगलुरु/पुणे: 24 कैरेट: ₹1,50,920
    22 कैरेट: ₹1,38,340

    क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
    विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और मजबूत डॉलर के कारण सोने-चांदी पर दबाव बना है। जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो निवेशक बॉन्ड की तरफ ज्यादा आकर्षित होते हैं, जिससे सोने-चांदी की मांग घटती है।

    चांदी भी हुई सस्ती
    चांदी की कीमत में भी गिरावट दर्ज की गई है आज का भाव: ₹2,59,900 प्रति किलोग्राम, अंतरराष्ट्रीय बाजार: $73.18 प्रति औंस, एक तरफ जहां पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं, वहीं सोना और चांदी सस्ते हुए हैं। ऐसे में निवेश करने वालों के लिए यह अच्छा मौका हो सकता है, जबकि आम लोगों को ईंधन की कीमतों में राहत बनी हुई है।