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  • महंगाई के संकेत सोना चांदी गिरे लेकिन बाजार में तेजी पेट्रोल डीजल के दाम जस के तस

    महंगाई के संकेत सोना चांदी गिरे लेकिन बाजार में तेजी पेट्रोल डीजल के दाम जस के तस


    नई दिल्ली । देश में 25 अप्रैल 2026 को सोना चांदी और ईंधन की कीमतों को लेकर मिली जुली स्थिति देखने को मिल रही है। जहां एक ओर सराफा बाजार में गिरावट दर्ज की गई है वहीं कमोडिटी बाजार में तेजी का रुख बना हुआ है। इस बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं जिससे आम लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है।

    अखिल भारतीय सराफा संघ के अनुसार नई दिल्ली में 24 कैरेट सोना घटकर लगभग 155900 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। वहीं चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली है और यह करीब 247000 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। हालांकि इसके उलट Multi Commodity Exchange यानी एमसीएक्स पर सोना और चांदी दोनों में तेजी दर्ज की गई है। यहां सोना करीब 152830 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी लगभग 244845 रुपए प्रति किलो के आसपास ट्रेड करती नजर आई।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इन कीमतों में उतार चढ़ाव के पीछे कई वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं। डॉलर की मजबूती पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बाजार को प्रभावित कर रही हैं। इन कारणों से निवेशकों में अनिश्चितता बनी हुई है और इसका सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ रहा है।

    ईंधन की बात करें तो देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपए और डीजल 87.67 रुपए प्रति लीटर बना हुआ है। मुंबई में पेट्रोल 103.54 रुपए और डीजल 90.03 रुपए है जबकि चेन्नई में पेट्रोल 100.80 रुपए और डीजल 92.39 रुपए प्रति लीटर पर स्थिर है।

    इस बीच बाजार में एक और चिंता पाम ऑयल की कमी को लेकर सामने आई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है और खासकर इंडोनेशिया से सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है। यदि यह स्थिति बनी रहती है तो आने वाले समय में खाद्य तेल समेत रोजमर्रा की कई वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।

    एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी फिलहाल कोई नया बदलाव नहीं किया गया है हालांकि पिछले कुछ महीनों में इसमें बढ़ोतरी देखी गई थी। कुल मिलाकर जहां पेट्रोल डीजल के दाम स्थिर हैं वहीं सोना चांदी में उतार चढ़ाव जारी है और वैश्विक परिस्थितियों के चलते महंगाई बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है।

  • बुलियन मार्केट अपडेट: मुनाफावसूली के चलते Gold के दाम 1.60 लाख प्रति 10 ग्राम से नीचे

    बुलियन मार्केट अपडेट: मुनाफावसूली के चलते Gold के दाम 1.60 लाख प्रति 10 ग्राम से नीचे


    नई दिल्ली। अनमोल के बाजार में शुक्रवार को गिरावट का रुख देखने को मिला। सोने और चांदी की खदानों में वसुले के कारण दबाव बनाया जा रहा है, जिससे दोनों किशोरों के दाम नीचे आ गए। अंतर्राष्ट्रीय आंतरायिक से मिले फ़्लोरिडा फ़्लोरिडा और रेस्टॉरेंट द्वारा मान्यता प्राप्त क्रांति के कारण घरेलू बाज़ार में भी गिरावट का माहौल बना हुआ है। इसी के साथ सोने की कीमत एक बार फिर 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गयी है, जबकि चांदी की कीमत भी 2.60 लाख रुपये प्रति किलो से नीचे हो गयी है।

    24 कैरेट सोने की कीमत में 1,700 रुपये से ज्यादा की गिरावट
    इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (सीएए) की ओर से दोपहर 12 बजे जारी ताजा गिरावट के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। सोना 1,748 रुपये सस्ता 1,58,555 रुपये प्रति 10 ग्राम। इससे पहले इसकी कीमत 1,60,303 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। सोने के समुद्र तट में यह विविधता के बीच सार्वभौम का संकेत जा रहा है। विशेषज्ञ का कहना है कि हाल के दिनों में सोने में तेज गति से देखने को मिला था, बाद में जिज्ञासा ने लाभ बुक करना शुरू कर दिया।

    22 और 18 कैरेट सोना भी हुआ सस्ता
    सोने के अन्य कैरेट में भी गिरावट दर्ज की गई। 22 कैरेट सोने का दाम 1,46,838 रुपये प्रति 10 ग्राम, प्रति 10 ग्राम कीमत 1,45,236 रुपये। वहीं 18 कैरेट सोने की कीमत भी 1,20,227 रुपये प्रति 10 ग्राम से कम कीमत 1,18,916 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई।कोल्डजे की ओर से सोने-अलावेरिया के शोरूम में दो बार रिलीज की जाती है-एक बार दोपहर 12 बजे और दूसरी बार शाम 5 बजे। इन कोटा के आधार पर देश के विभिन्न शहरों, बाजारों में दम तय हो जाता है।

    चांदी की कीमत में 8,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट
    सोने के साथ-साथ चांदी में भी तेजी से गिरावट का आकलन किया गया। चांदी का दाम 8,350 रुपये प्रति यूनिट 2,59,951 रुपये प्रति किलो रह गया। इससे पहले इसकी कीमत 2,68,301 रुपये प्रति किलो थी। सिल्वर की इंडस्ट्रीज़ में यह औद्योगिक गिरावट की मांग है, औद्योगिक और वैश्विक उद्यमों में वित्तीय रुझान के कारण मनी जा रही है। विशेषज्ञ के अनुसार अगर अंतरराष्ट्रीय कंपनी दबाव बना रही है तो चांदी के बाजार में भी आगे बढ़ सकती है।

    बाज़ार में भी बेचारे
    घरेलू बाज़ार बाज़ार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया (MCX) पर भी सोने और चाँदी की कमी देखने को मिली। दोपहर करीब 12:30 बजे सोने का 2 अप्रैल 2026 का बायोडाटा कॉन्ट्रैक्ट 0.40 प्रतिशत प्रतिशत 1,59,632 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार हो रहा था। वहीं चांदी का 5 मई 2026 को नरसंहार अनुबंध 1.81 प्रतिशत जनसंख्या 2,63,099 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गया। इसका मतलब यह है कि इंटर्नशिप का रुख सख्त हो गया है।

    अंतरराष्ट्रीय में भी दबाव
    वैश्विक बाजार में भी अनमोल साॅस्टेट्स की मंदी का रुख बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत करीब 0.64 प्रतिशत शेयर बाजार 5,092 डॉलर प्रति शेयर की बढ़त पर पहुंच गई, जबकि चांदी करीब 3 प्रतिशत शेयर बाजार में 82 डॉलर प्रति शेयर की बढ़ोतरी पर कारोबार कर रही थी।
    विशेषज्ञ का कहना है कि वैश्विक आर्थिक पर्वतमाला और वैज्ञानिकों के रुख का सीधा असर सोने-असारिया की सीमा पर है।

    डॉलर और बांड उपज बढ़ने से दबाव
    मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी स्टॉक मानव मोदी के अमेरिका-इजरायल और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक स्थिति के कारण बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में उत्पादकता और उत्पादन को लेकर चिंता भी बढ़ रही है।

    इंडोनेशिया में अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में तेजी से देखने को मिल रही है, जिससे सोने की कीमत पर दबाव पड़ रहा है। निवेशकों का मानना ​​है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक विकास और डॉलर की चाल के आधार पर सोने-रेसा के बांध में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
  • जियोपॉलिटिकल संकट का असर! गोल्ड बना निवेशकों की पहली पसंद, पांच दिन से जारी तेजी

    जियोपॉलिटिकल संकट का असर! गोल्ड बना निवेशकों की पहली पसंद, पांच दिन से जारी तेजी


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और ऊर्जा कीमतों में उछाल के बीच सोना एक बार फिर निवेशकों का पसंदीदा सुरक्षित ठिकाना बन गया है। वैश्विक बाजारों में मंगलवार को सोने की कीमतों में लगातार पांचवें सत्र में तेजी दर्ज की गई। भू-राजनीतिक अनिश्चितता और महंगाई की आशंकाओं ने कीमती धातुओं में जोरदार खरीदारी को बढ़ावा दिया है।

    एमसीएक्स पर रिकॉर्ड उछाल
    भारत के Multi Commodity Exchange of India (एमसीएक्स) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना सोमवार को 2.53 प्रतिशत चढ़कर 1,66,199 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं मई डिलीवरी वाली चांदी 0.90 प्रतिशत गिरकर 2,80,090 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।

    होली के कारण मंगलवार को पहले सत्र में एमसीएक्स पर कारोबार बंद रहा और शाम 5 बजे से ट्रेडिंग दोबारा शुरू होनी है।

    वैश्विक बाजारों में भी तेजी
    अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.8 प्रतिशत बढ़कर 5,360 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में करीब 1 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। स्पॉट सिल्वर लगभग 1.9 प्रतिशत उछलकर 91.11 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

    हालांकि डॉलर इंडेक्स 0.19 प्रतिशत बढ़कर 98.57 पर पहुंच गया, जिससे डॉलर आधारित सोना विदेशी खरीदारों के लिए महंगा हो गया और तेजी की रफ्तार पर कुछ हद तक अंकुश लगा।

    तनाव की आग में घी का काम कर रहा तेल
    अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जरूरत पड़ने तक जारी रहेगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान ने सऊदी अरब में तेल और गैस ढांचे को निशाना बनाया है और रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को नुकसान पहुंचाने की चेतावनी दी है।

    इसके जवाब में इजरायल ने ईरान के कमांड केंद्रों पर ‘हमलों की नई लहर’ शुरू करने की घोषणा की। इस बढ़ते टकराव से ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंका गहरा गई है।

    अमेरिकी कच्चा तेल वायदा 1.4 प्रतिशत बढ़कर 72.23 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 1.87 प्रतिशत की तेजी के साथ 79.2 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई की चिंताओं को और हवा दे रही हैं, जिससे सोने की मांग मजबूत हो रही है।

    फेड की नीति पर नजर
    निवेशक अब अमेरिका के विनिर्माण और गैर-विनिर्माण पीएमआई, एडीपी नॉन-फार्म रोजगार आंकड़े और बेरोजगारी दर जैसे संकेतकों पर नजर टिकाए हुए हैं। इन आंकड़ों से Federal Reserve की आगे की मौद्रिक नीति का संकेत मिल सकता है।

    यदि महंगाई दबाव बना रहता है और ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। हालांकि अनिश्चितता के माहौल में निवेशक फिलहाल सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर झुकाव दिखा रहे हैं।

    2026 में 25% चढ़ चुका है सोना
    साल 2026 में अब तक सोने की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत की तेजी आ चुकी है। पिछले वर्ष भी सोना लगभग 64 प्रतिशत चढ़ा था। इस तेजी के पीछे केंद्रीय बैंकों की मजबूत खरीदारी, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) में बढ़ता निवेश और फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को लेकर चिंताएं प्रमुख कारण रही हैं।

    विश्लेषकों का मानना है कि जब तक मध्य पूर्व में हालात सामान्य नहीं होते और ऊर्जा बाजार स्थिर नहीं होता, तब तक सोने में मजबूती बनी रह सकती है। हालांकि मजबूत डॉलर और ऊंची ब्याज दरें इसकी रफ्तार को सीमित कर सकती हैं।