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  • महंगाई ने बढ़ाई टेंशन, पेट्रोल-डीजल, CNG, दूध और सोने की कीमतों में जोरदार उछाल..

    महंगाई ने बढ़ाई टेंशन, पेट्रोल-डीजल, CNG, दूध और सोने की कीमतों में जोरदार उछाल..


    नई दिल्ली ।
    देश में एक बार फिर महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है। रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर निवेश तक हर चीज की कीमतों में अचानक आए उछाल ने घरेलू बजट पर बड़ा दबाव डाल दिया है। पेट्रोल-डीजल और CNG के दाम बढ़ने के साथ ही दूध और सोने की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिससे आम उपभोक्ता की चिंता और बढ़ गई है।

    ईंधन की कीमतों में बदलाव का सीधा असर आम जीवन पर पड़ता है क्योंकि परिवहन से लेकर वस्तुओं की ढुलाई तक हर चीज इससे जुड़ी होती है। हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर तीन रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे देश के बड़े शहरों में रेट नए स्तर पर पहुंच गए हैं। लंबे समय बाद हुए इस बदलाव ने उपभोक्ताओं के बीच असंतोष बढ़ा दिया है, क्योंकि पहले से ही बढ़ती लागत के बीच यह अतिरिक्त बोझ सामने आया है।

    पेट्रोल-डीजल के साथ ही CNG की कीमतों में भी बढ़ोतरी ने शहरी परिवहन व्यवस्था पर असर डालना शुरू कर दिया है। कई महानगरों में CNG के दाम बढ़ने के बाद ऑटो, टैक्सी और बस संचालन की लागत बढ़ गई है। इसका सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि परिवहन यूनियनें किराया बढ़ाने की मांग कर रही हैं। इससे रोजाना यात्रा करने वाले लाखों लोगों पर अतिरिक्त खर्च का दबाव बन सकता है।

    महंगाई का असर सिर्फ ईंधन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब यह रसोई तक भी पहुंच गया है। देश की प्रमुख डेयरी कंपनियों द्वारा दूध के दाम में बढ़ोतरी की गई है, जिससे हर घर के मासिक खर्च में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। दूध जैसी जरूरी वस्तु की कीमत बढ़ने से परिवारों का बजट सीधे प्रभावित होता है, खासकर उन घरों में जहां दूध दैनिक उपयोग का हिस्सा है। कंपनियों का कहना है कि पशु आहार, पैकेजिंग और उत्पादन लागत बढ़ने के कारण यह निर्णय लेना पड़ा।

    वहीं दूसरी ओर, सोने की कीमतों में लगातार तेजी भी लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता और निवेशकों की सुरक्षित संपत्ति की ओर बढ़ती मांग के चलते सोने के दाम रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गए हैं। शादी और त्योहारों के सीजन में सोने की बढ़ती कीमतें आम लोगों की खरीद क्षमता पर सीधा असर डाल रही हैं। निवेश के लिहाज से सोना भले ही सुरक्षित विकल्प माना जाता है, लेकिन इसकी बढ़ती कीमतें खरीददारों के लिए चुनौती बन गई हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार में अस्थिरता, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अंतरराष्ट्रीय तनाव इस महंगाई के प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा उत्पादन और लॉजिस्टिक्स लागत में बढ़ोतरी ने भी कीमतों को ऊपर धकेला है। एक साथ कई जरूरी वस्तुओं के महंगे होने से स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है।

  • पेट्रोल-डीजल स्थिरता के बीच कीमती धातुओं में गिरावट और वैश्विक दबाव ने बढ़ाई आर्थिक हलचल

    पेट्रोल-डीजल स्थिरता के बीच कीमती धातुओं में गिरावट और वैश्विक दबाव ने बढ़ाई आर्थिक हलचल


    नई दिल्ली।  में देश के ऊर्जा और कीमती धातु बाजार में इन दिनों स्थिरता और उतार-चढ़ाव का मिश्रित प्रभाव देखने को मिल रहा है। एक ओर पेट्रोल और डीजल की कीमतें प्रमुख शहरों में स्थिर बनी हुई हैं, वहीं दूसरी ओर सोना और चांदी के दामों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। इस स्थिति ने आम उपभोक्ताओं से लेकर निवेशकों तक सभी को प्रभावित किया है और बाजार की दिशा को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है।

    देश के बड़े महानगरों में ईंधन की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं। इससे उपभोक्ताओं को अल्पकालिक राहत जरूर मिली है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिरता लंबे समय तक जारी नहीं रह सकती। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक राजनीतिक परिस्थितियां आने वाले समय में ईंधन दरों को प्रभावित कर सकती हैं।

    ऊर्जा क्षेत्र के विश्लेषकों के अनुसार वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति और मांग के बीच संतुलन लगातार प्रभावित हो रहा है। कई क्षेत्रों में चल रहे तनाव और अनिश्चितता का असर सीधे तौर पर तेल की कीमतों पर पड़ रहा है। भारत जैसे आयात-निर्भर देश में इसका प्रभाव रिफाइनिंग लागत और आयात बिल पर साफ दिखाई देता है, जिससे भविष्य में कीमतों में बदलाव की संभावना बनी रहती है।

    दूसरी ओर, सोने और चांदी के बाजार में गिरावट का दौर जारी है। सोने की कीमतों में लगातार कमी दर्ज की जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं के लिए खरीदारी का अवसर तो बना है, लेकिन निवेशकों के बीच चिंता भी बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर की मजबूती और वैश्विक वित्तीय बाजार में बदलाव के कारण सोने की मांग प्रभावित हो रही है।

    चांदी के दामों में भी कमजोरी देखी जा रही है। औद्योगिक मांग में गिरावट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव के कारण चांदी की कीमतें भी नीचे आ रही हैं। इससे कीमती धातुओं का बाजार फिलहाल दबाव में नजर आ रहा है और निवेशकों को सतर्क रुख अपनाने की सलाह दी जा रही है।

    हालांकि ईंधन की कीमतों में स्थिरता ने उपभोक्ताओं को राहत दी है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति अस्थायी हो सकती है। वैश्विक परिस्थितियों और कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव आने वाले समय में ईंधन दरों को प्रभावित कर सकता है। इसी तरह सोना और चांदी में गिरावट के बाद भी बाजार में अचानक बदलाव की संभावना बनी रहती है।

    वर्तमान स्थिति में बाजार संतुलन की अवस्था में दिखाई दे रहा है, लेकिन वैश्विक आर्थिक कारक इसे किसी भी समय प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं और निवेशकों दोनों के लिए सतर्क रहना और सोच-समझकर निर्णय लेना आवश्यक माना जा रहा है

  • सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट, सोना ₹927 लुढ़ककर ₹1.51 लाख पर आया, चांदी ₹4,700 सस्ती

    सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट, सोना ₹927 लुढ़ककर ₹1.51 लाख पर आया, चांदी ₹4,700 सस्ती


    नई दिल्ली । सोना और चांदी की कीमतों में आज 23 अप्रैल को गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 927 रुपए घटकर 1.51 लाख रुपए पर आ गया। एक दिन पहले यानी 22 अप्रैल को यह 1.52 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम था। वहीं चांदी की कीमत में भी बड़ी कमी आई है और यह 4,700 रुपए गिरकर 2.43 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई है, जो पहले 2.48 लाख रुपए थी।

    इस साल अब तक महंगा ही रहा सोना-चांदी
    हालांकि ताजा गिरावट के बावजूद 2026 में सोने-चांदी की कीमतों में कुल मिलाकर बढ़त बनी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना 1.33 लाख रुपए था, जो अब बढ़कर 1.51 लाख रुपए पर पहुंच चुका है, यानी करीब 18 हजार रुपए की तेजी। इसी तरह चांदी भी 2.30 लाख रुपए प्रति किलो से बढ़कर 2.43 लाख रुपए पर आ गई है।

    ऊंचाई से नीचे आए दाम

    इस साल 29 जनवरी को सोने और चांदी ने रिकॉर्ड स्तर छुआ था। उस दिन सोना 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 3.86 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई थी। इसके मुकाबले अब सोना करीब 25 हजार रुपए और चांदी लगभग 1.42 लाख रुपए सस्ती हो चुकी है।

    वैश्विक संकेतों का असर, बाजार में उतार-चढ़ाव
    विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता और डॉलर की मजबूती का असर घरेलू कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ दिनों से सोना-चांदी के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जिससे निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं। हालांकि, कीमतों में आई ताजा गिरावट ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए कुछ राहत जरूर लेकर आई है।

  • Gold Rate: ट्रंप के सख्त रुख से सोने पर दबाव, चांदी अब तक 1.87 लाख रुपये तक टूटी

    Gold Rate: ट्रंप के सख्त रुख से सोने पर दबाव, चांदी अब तक 1.87 लाख रुपये तक टूटी

    नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के ताजा बयान के बाद सोने की कीमतों में एक बार फिर नरमी देखने को मिली है। वहीं चांदी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है और यह अपने उच्चतम स्तर से करीब 1.87 लाख रुपये तक सस्ती हो चुकी है।

    दरअसल, मध्य पूर्व में जारी तनाव के चलते बाजार लगातार प्रभावित हो रहा है। अमेरिका और Iran के बीच टकराव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। ट्रंप ने साफ कहा है कि जब तक ईरान के साथ समझौता नहीं होता, तब तक ब्लॉकेड हटाने का सवाल ही नहीं है। दूसरी ओर ईरान ने भी संकेत दिया है कि यदि ब्लॉकेड जारी रहा, तो वह Strait of Hormuz को नहीं खोलेगा। इस तनातनी ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है।

    इसी माहौल का असर सोने पर दिखा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में 21 अप्रैल, मंगलवार को कॉमैक्स गोल्ड करीब 4 डॉलर टूटकर 4,816.77 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।

    घरेलू वायदा बाजार Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर भी कमजोरी देखने को मिली। 5 जून डिलीवरी वाला सोना 41 रुपये फिसलकर 1,52,799 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।

    चांदी में गिरावट और ज्यादा तेज रही। MCX पर चांदी 4,568 रुपये टूटकर 2,52,574 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखी। सोमवार को बाजार खुलते ही चांदी में भारी बिकवाली देखने को मिली थी। अगर इसके ऑल टाइम हाई से तुलना करें, तो कीमत करीब 1,87,552 रुपये तक नीचे आ चुकी है। उल्लेखनीय है कि MCX पर चांदी इससे पहले 4.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी।

    विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक तनाव और अमेरिकी नीति संकेतों के चलते आने वाले दिनों में सोना-चांदी की कीमतों में इसी तरह उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।