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  • दिल्ली से पटना तक पेट्रोल 110 के पार, गोल्ड-सिल्वर खरीदने वालों को मिली राहत

    दिल्ली से पटना तक पेट्रोल 110 के पार, गोल्ड-सिल्वर खरीदने वालों को मिली राहत



    नई दिल्ली। देशभर में आम जनता इस समय भीषण महंगाई के चक्रव्यूह में फंस चुकी है। एक तरफ जहां पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम आदमी के मासिक बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है, वहीं दूसरी तरफ सर्राफा बाजार में सोने और चांदी के दाम सर्वकालिक उच्च स्तर के आसपास बने हुए हैं। आज यानी 28 मई 2026 को भी देश के अधिकांश हिस्सों में ईंधन की कीमतें अपने उच्चतम स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे ट्रांसपोर्टेशन से लेकर रोजमर्रा की जरूरी चीजों के महंगे होने का खतरा बढ़ गया है। दूसरी ओर, रिकॉर्ड ऊंचाइयों को छूने के बाद आज सोने और चांदी की कीमतों में बेहद मामूली नरमी देखी गई है, लेकिन यह गिरावट इतनी कम है कि इससे उपभोक्ताओं को कोई खास राहत मिलती नहीं दिख रही है।

    अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर जारी भू-राजनीतिक उथल-पुथल का असर अब सीधे भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है। मिडिल ईस्ट में गहराते तनाव और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के कारण घरेलू तेल कंपनियों ने पिछले 13 दिनों में चार बार ईंधन के दाम बढ़ाए हैं। इस अल्पावधि में पेट्रोल और डीजल करीब 7 से 8 रुपये प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं। इसका सबसे बड़ा असर दिल्ली-NCR और मुंबई जैसे महानगरों में देखा जा रहा है। दिल्ली में जो पेट्रोल कुछ समय पहले तक 95 रुपये के आसपास था, वह अब 102 रुपये के पार चला गया है। वहीं मुंबई और पटना जैसे शहरों में तो पेट्रोल की कीमतें 110 रुपये प्रति लीटर के आंकड़े को भी पार कर चुकी हैं। इस बढ़ोतरी ने न केवल निजी वाहन चालकों बल्कि ऑटो, कैब और माल ढुलाई करने वाले कमर्शियल वाहनों की कमर तोड़ दी है।

    ईंधन की इस चौतरफा मार के बीच सर्राफा बाजार से आज हल्की गिरावट की खबर आई है। पिछले काफी समय से आसमान छू रहे सोने के भाव में आज थोड़ी सुस्ती रही, जिसके बाद 24 कैरेट सोना बाजार में ₹1,59,000 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,46,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह चांदी की कीमतों में भी मामूली गिरावट आई है और यह ₹2,84,900 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। हालांकि, इस मामूली गिरावट के बावजूद मई के महीने में चांदी अब तक 11 प्रतिशत से ज्यादा महंगी हो चुकी है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता और रुपये की कमजोरी के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी को तरजीह दे रहे हैं, जिससे लंबी अवधि में इनमें तेजी का रुख बना रहेगा। ऐसे में जानकारों की सलाह है कि इस उच्च स्तर पर एकमुश्त निवेश करने के बजाय छोटी-छोटी किश्तों में खरीदारी करना ही समझदारी होगी।