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  • नेहा धूपिया की अमृतसर यात्रा चर्चा में, स्वर्ण मंदिर दर्शन के साथ लोकल खाने का उठाया लुत्फ

    नेहा धूपिया की अमृतसर यात्रा चर्चा में, स्वर्ण मंदिर दर्शन के साथ लोकल खाने का उठाया लुत्फ


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा धूपिया इन दिनों अपनी निजी और आध्यात्मिक यात्रा को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में वह पंजाब के अमृतसर पहुंचीं, जहां उन्होंने प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर में श्रद्धा के साथ मत्था टेका। यह यात्रा उनके लिए न केवल आध्यात्मिक अनुभव रही, बल्कि सांस्कृतिक और खानपान के लिहाज से भी बेहद खास साबित हुई। इस दौरान उनकी कई तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें वह पूरी श्रद्धा और सादगी के साथ नजर आ रही हैं।

    अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में नेहा धूपिया ने सिर पर दुपट्टा ओढ़कर पवित्र सरोवर के पास खड़े होकर प्रार्थना की। उनके चेहरे पर दिखाई देने वाली शांति और भाव स्पष्ट रूप से उनकी आध्यात्मिक अनुभूति को दर्शाते हैं। मंदिर परिसर में बिताए गए इन पलों को उन्होंने बेहद निजी और भावनात्मक अनुभव के रूप में महसूस किया। इस दौरान ली गई तस्वीरों में उनकी सादगी और श्रद्धा साफ झलकती है, जिसे उनके प्रशंसकों ने भी काफी सराहा है।

    स्वर्ण मंदिर दर्शन के बाद नेहा धूपिया ने अमृतसर के स्थानीय स्वाद का भी आनंद लिया। उन्होंने शहर के मशहूर छोले-भटूरे का स्वाद चखा, जिसे वहां की पहचान माना जाता है। एक वीडियो में वह स्थानीय दुकान पर बैठकर पारंपरिक पंजाबी व्यंजन का आनंद लेते हुए दिखाई दीं। उनके चेहरे की मुस्कान और सहजता इस बात का संकेत देती है कि उन्हें यह अनुभव बेहद पसंद आया। इसके अलावा उन्होंने शहर की गलियों में घूमते हुए अन्य स्थानीय व्यंजनों और माहौल को भी करीब से महसूस किया।

    अपनी इस यात्रा को उन्होंने खास बताते हुए कहा कि हर पल यादगार रहा। तस्वीरों और वीडियो में वह कभी गंभीर भाव में प्रार्थना करती नजर आती हैं, तो कभी हल्के-फुल्के अंदाज में पोज देती दिखाई देती हैं। यह संतुलन उनकी यात्रा को और भी प्राकृतिक और वास्तविक बनाता है, जिससे दर्शकों को भी उनकी यह यात्रा जुड़ी हुई महसूस होती है।

    यह पहली बार नहीं है जब नेहा धूपिया किसी धार्मिक स्थल पर पहुंची हों। इससे पहले भी वह विभिन्न आध्यात्मिक स्थानों पर दर्शन और सेवा कार्यों में भाग ले चुकी हैं। उनकी यह यात्राएं अक्सर उनके निजी जीवन में शांति और संतुलन के पहलू को दर्शाती हैं।

    नेहा धूपिया ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2002 में मॉडलिंग से की थी और मिस इंडिया का खिताब जीतने के बाद उन्होंने फिल्मी दुनिया में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों और टेलीविजन प्रोजेक्ट्स में काम कर अपनी अलग पहचान बनाई। अभिनय के साथ-साथ वह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी सक्रिय हैं और विभिन्न शो के माध्यम से दर्शकों से जुड़ी रहती हैं।

    उनकी यह अमृतसर यात्रा एक बार फिर यह दिखाती है कि व्यस्त फिल्मी जीवन के बावजूद वह अपने लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभवों को भी महत्व देती हैं। स्वर्ण मंदिर में उनका यह दौरा और पंजाबी व्यंजनों के प्रति उनका आकर्षण दोनों ही उनकी इस यात्रा को यादगार बनाते हैं।

  • प्रियंका चोपड़ा ने गोल्डन टेंपल में मत्था टेककर लंगर सेवा में हिस्सा लिया…

    प्रियंका चोपड़ा ने गोल्डन टेंपल में मत्था टेककर लंगर सेवा में हिस्सा लिया…


    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकी अभिनेत्री Priyanka Chopra एक बार फिर अमृतसर स्थित पवित्र Sri Harmandir Sahib पहुंचीं, जहां उन्होंने मत्था टेका और लंगर सेवा में सक्रिय रूप से भाग लिया। उनकी यह यात्रा आस्था, सादगी और सेवा भाव का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।

    जानकारी के अनुसार, शूटिंग पूरी करने के बाद प्रियंका चोपड़ा देर रात सीधे दरबार साहिब पहुंचीं और वहां सामान्य श्रद्धालुओं की तरह धार्मिक गतिविधियों में शामिल हुईं। उन्होंने लंगर हॉल में सेवा करते हुए करीब डेढ़ घंटे तक बर्तन धोने और अन्य स्वयंसेवी कार्यों में हिस्सा लिया। इस दौरान उनका व्यवहार पूरी तरह सादगीपूर्ण और परंपराओं के अनुरूप दिखाई दिया।

    इस अवसर पर वह सफेद रंग के साधारण परिधान में नजर आईं और उन्होंने अपने सिर को दुपट्टे से ढक रखा था। धार्मिक स्थल की मर्यादा का पालन करते हुए उन्होंने मीडिया से दूरी बनाए रखी और पूरी तरह से आध्यात्मिक वातावरण में समय बिताया।

    यह उनकी पिछले 12 दिनों में दूसरी यात्रा बताई जा रही है, जिससे उनकी आस्था और इस पवित्र स्थल के प्रति गहरे जुड़ाव को लेकर चर्चा और अधिक बढ़ गई है। इससे पहले भी वह इसी स्थान पर आकर लंगर सेवा में शामिल हुई थीं और श्रद्धालुओं के बीच समय बिताया था।

    बताया जा रहा है कि वह इन दिनों अमृतसर में अपनी आगामी फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। शूटिंग समाप्त होने के बाद उन्होंने समय निकालकर सीधे दरबार साहिब पहुंचकर गुरबाणी का श्रवण किया और शांत वातावरण में कुछ समय बिताया।

    उनकी इस यात्रा के दौरान पूरे परिसर में आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला और श्रद्धालुओं के बीच उनके प्रति उत्साह भी देखा गया। कई लोगों ने उनकी इस सादगी और सेवा भावना को प्रेरणादायक बताया।

    फिल्मी और अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में व्यस्त रहने के बावजूद उनकी यह लगातार दूसरी यात्रा उनके व्यक्तिगत विश्वास और आध्यात्मिक झुकाव को दर्शाती है।

  • स्वर्ण मंदिर में प्रियंका चोपड़ा ने टेका माथा, सादगी भरे अंदाज ने जीता दिल

    स्वर्ण मंदिर में प्रियंका चोपड़ा ने टेका माथा, सादगी भरे अंदाज ने जीता दिल

    मुंबई। ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा इन दिनों भारत दौरे को लेकर चर्चा में हैं। मंगलवार 31 मार्च 2026 को वह अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने पूरे श्रद्धाभाव से मत्था टेका। इस दौरान अभिनेत्री अपनी टीम और सुरक्षा घेरे के बीच नजर आईं। खास बात यह रही कि दर्शन के बाद उन्होंने गुरुद्वारा परिसर में सेवा भी की, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

    सादगी भरे अंदाज ने जीता दिल
    आध्यात्मिक यात्रा के लिए प्रियंका ने पीच रंग का सादा सलवार-सूट पहना हुआ था।

    माथा टेकने के बाद उन्हें टीम के साथ बाहर निकलते देखा गया। वायरल वीडियो में वह अन्य महिलाओं के साथ बैठकर सेवा करती दिखाई दीं। उनका यह सादगी भरा अंदाज फैंस को काफी पसंद आ रहा है और लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं।

    आध्यात्मिकता से जुड़ी रही हैं प्रियंका

    प्रियंका चोपड़ा ने पहले भी कई बार अपनी आध्यात्मिक सोच के बारे में खुलकर बात की है। साल 2021 में ओपरा विनफ्रे के शो पर अपनी आत्मकथा Unfinished के प्रमोशन के दौरान उन्होंने भारत की आध्यात्मिक विविधता का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि भारत में पलने-बढ़ने से अलग-अलग धर्मों और विश्वासों को समझने का मौका मिलता है, जिससे सभी धर्मों के प्रति सम्मान की भावना विकसित होती है।

    विविधता में एकता पर भरोसा

    प्रियंका ने बताया था कि वह कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ीं, पिता मस्जिद में गाते थे और वह हिंदू परिवार में पली-बढ़ीं, इसलिए बचपन से ही अलग-अलग मान्यताओं से परिचित रहीं। उनका मानना है कि सभी धर्म एक ही सर्वोच्च शक्ति तक पहुंचने के अलग-अलग रास्ते हैं।

    पिता का रहा गहरा असर

    उन्होंने अपने दिवंगत पिता डॉ. अशोक चोपड़ा का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्होंने उन्हें हर धर्म का सम्मान करना सिखाया। प्रियंका के अनुसार, अलग-अलग आस्था के बावजूद लक्ष्य एक ही है—सर्वोच्च शक्ति तक पहुंचना।

    फिल्मों को लेकर भी चर्चा

    वर्कफ्रंट की बात करें तो प्रियंका जल्द ही निर्देशक एस. एस. राजामौली की फिल्म वाराणसी से भारतीय सिनेमा में वापसी कर सकती हैं, जो 2027 में रिलीज होने की संभावना है। इससे पहले वह The Bluff में नजर आई थीं।

  • स्वर्ण मंदिर के सरोवर को अपवित्र करने पर बवाल… मुस्लिम शख्स ने हाथ-पैर धोए… कुल्ला किया

    स्वर्ण मंदिर के सरोवर को अपवित्र करने पर बवाल… मुस्लिम शख्स ने हाथ-पैर धोए… कुल्ला किया


    अमृतसर।
    पंजाब के अमृतसर (Amritsar) शहर के प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर (Famous Golden Temple) में एक मुस्लिम युवक (Muslim youth) न पवित्र सरोवर के पानी से वुजू किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में युवक को सरोवर में पैर डुबोए, मुंह कुल्ला करते और नाक साफ करते देखा जा सकता है, जिससे कई लोगों ने इसे सरोवर को गंदा करने और सिख मर्यादा का उल्लंघन बताया। सिख समुदाय और सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने इसे पवित्र स्थल के प्रति अपमान करार दिया, क्योंकि सरोवर केवल स्नान और धार्मिक डुबकी के लिए है, जबकि वुजू के लिए अलग से बहते पानी की व्यवस्था मौजूद है।

    शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मानन ने कहा कि हिंदू और सिख समुदाय मर्यादा जानते हैं, लेकिन अन्य धर्मों के लोग कभी-कभी गलती कर बैठते हैं। एसजीपीसी ने वीडियो की जांच शुरू कर दी है और ऐसे मामलों पर पहले भी चर्चा की जा चुकी है। आरोपी युवक की पहचान दिल्ली निवासी सुभान रंगरेज के रूप में हुई, जो खुद को मुस्लिम शेर कहता है। विवाद बढ़ने के बाद उसने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली। उसने वीडियो जारी कर कहा कि उसे स्वर्ण मंदिर की मर्यादा के बारे में जानकारी नहीं थी और न ही वहां मौजूद किसी ने उसे रोका या बताया।


    वीडियो वायरल होने पर क्या बोला आरोपी

    आरोपी ने बताया कि वह लंबे समय से स्वर्ण मंदिर घूमना चाहता था और सिख धर्म के प्रति गहरा सम्मान रखता है। एक अन्य वीडियो में उसने स्वर्ण मंदिर को भारत की एकता का प्रतीक बताया, जहां सिख, हिंदू, मुस्लिम और ईसाई सब भाई-भाई की तरह रहते हैं। उसने टोपी पहनने के बावजूद किसी की ओर से आपत्ति न करने की बात कही और कहा कि वह दोबारा जाकर व्यक्तिगत रूप से माफी मांगेगा। हालांकि, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे भक्ति का प्रदर्शन बताया, लेकिन अधिकांश ने इसे अनजान होने के बावजूद गलत करार दिया। एसजीपीसी ने सभी से अपील की है कि वे मर्यादा का पालन करें और स्थल को पर्यटन स्थल की तरह न इस्तेमाल करें।