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  • सोना-चांदी बाजार में बड़ी गिरावट, एक सप्ताह में सोना करीब 3 हजार और चांदी 13 हजार रुपये से अधिक टूटी, निवेशकों की बढ़ी चिंता

    सोना-चांदी बाजार में बड़ी गिरावट, एक सप्ताह में सोना करीब 3 हजार और चांदी 13 हजार रुपये से अधिक टूटी, निवेशकों की बढ़ी चिंता

    नई दिल्ली । वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच इस सप्ताह घरेलू बुलियन बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। सप्ताहभर के कारोबार में सोना लगभग तीन हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हुआ, जबकि चांदी के दाम में 13 हजार रुपये से अधिक प्रति किलोग्राम की कमी दर्ज की गई। कीमतों में आई इस नरमी ने निवेशकों और सर्राफा कारोबार से जुड़े लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।

    ताजा बाजार आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत सप्ताह के अंत तक 2,976 रुपये घटकर 1,43,368 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। सप्ताह की शुरुआत में इसका भाव 1,46,344 रुपये प्रति 10 ग्राम था। इसी प्रकार 22 कैरेट सोने की कीमत घटकर 1,31,325 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई, जबकि सप्ताह की शुरुआत में यह 1,34,051 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। 18 कैरेट सोने में भी गिरावट देखने को मिली और इसका भाव 1,09,758 रुपये से घटकर 1,07,526 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

    साप्ताहिक कारोबार के दौरान सोने में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला। सप्ताह का उच्चतम स्तर 6 जुलाई के सुबह के सत्र में 1,45,583 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जबकि सबसे निचला स्तर 8 जुलाई के शाम के सत्र में 1,42,350 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। इससे स्पष्ट है कि बाजार में पूरे सप्ताह अस्थिरता बनी रही और निवेशकों को लगातार बदलते भावों का सामना करना पड़ा।

    सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। सप्ताह के दौरान चांदी 13,468 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती होकर 2,20,390 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। सप्ताह की शुरुआत में इसका भाव 2,33,858 रुपये प्रति किलोग्राम था। कारोबार के दौरान चांदी का उच्चतम स्तर 6 जुलाई के शाम के सत्र में 2,33,158 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया, जबकि सबसे निचला स्तर 10 जुलाई के शाम के सत्र में 2,20,390 रुपये प्रति किलोग्राम रहा।

    सर्राफा बाजार में कीमतों का निर्धारण दिन में दो बार सुबह और शाम के कारोबारी सत्र के आधार पर किया जाता है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बुलियन बाजार में आए बदलावों का सीधा असर घरेलू कीमतों पर भी देखने को मिलता है। इसी कारण वैश्विक स्तर पर होने वाली आर्थिक और राजनीतिक घटनाओं पर निवेशकों की लगातार नजर बनी रहती है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इस सप्ताह सोने का भाव लगभग 4,100 डॉलर प्रति औंस और चांदी का भाव करीब 60 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा पश्चिम एशिया में विकसित हो रहे हालात ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ाई है। इन परिस्थितियों का प्रभाव कीमती धातुओं के कारोबार पर भी पड़ा, जिसके चलते घरेलू बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और निवेशकों की धारणा के आधार पर बुलियन बाजार की दिशा तय होने की संभावना जताई जा रही है।

  • सोने की कीमतों में दिनभर रहा उतार-चढ़ाव, वैश्विक तनाव के बीच फिर बढ़े दाम; जानिए 24 से 10 कैरेट तक का ताजा भाव और बाजार का रुख

    सोने की कीमतों में दिनभर रहा उतार-चढ़ाव, वैश्विक तनाव के बीच फिर बढ़े दाम; जानिए 24 से 10 कैरेट तक का ताजा भाव और बाजार का रुख

    नई दिल्ली । वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की बदलती रणनीतियों के बीच गुरुवार को घरेलू सर्राफा बाजार और वायदा कारोबार में सोने की कीमतों में फिर उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबारी सत्र की शुरुआत में कमजोरी के संकेत मिलने के बावजूद दोपहर तक सोने के भाव में सुधार दर्ज किया गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग आने वाले दिनों में भी सोने के दामों को प्रभावित कर सकती है।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में 24 कैरेट सोने के वायदा भाव में दोपहर तक लगभग आधा प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। प्रति 10 ग्राम सोने का भाव बढ़कर 1.44 लाख रुपये के पार पहुंच गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह इससे नीचे बंद हुआ था। इसी दौरान भौतिक बाजार में भी सोने की कीमतों में सुधार देखने को मिला और विभिन्न कैरेट के सोने के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। शुद्धता के आधार पर 24, 22, 20, 18, 16, 14, 12 और 10 कैरेट सोने की कीमतों में अलग-अलग स्तर पर तेजी देखने को मिली।

    देश के प्रमुख शहरों में भी सोने के दामों में मामूली अंतर बना रहा। दिल्ली, लखनऊ, जयपुर और चंडीगढ़ जैसे शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से ऊपर रहा, जबकि मुंबई, कोलकाता, पुणे, बेंगलुरु और हैदराबाद में कीमतें इससे कुछ कम दर्ज की गईं। चेन्नई में अन्य प्रमुख शहरों की तुलना में सोने का भाव अपेक्षाकृत अधिक रहा। 22 और 18 कैरेट सोने के दामों में भी इसी प्रकार का अंतर देखने को मिला, जो स्थानीय करों और बाजार परिस्थितियों के कारण सामान्य माना जाता है।

    बाजार जानकारों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता ने निवेशकों की रणनीति को प्रभावित किया है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने और वैश्विक आर्थिक संकेतों में बदलाव के कारण निवेशक लगातार सुरक्षित निवेश विकल्पों पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि डॉलर में मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में वृद्धि जैसे कारकों ने सोने की तेजी को सीमित करने का भी काम किया है। यही कारण है कि दिनभर बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहा।

    विश्लेषकों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई संबंधी चिंताएं बढ़ी हैं। इसका असर वैश्विक वित्तीय बाजारों के साथ-साथ कीमती धातुओं पर भी देखने को मिल रहा है। कई निवेशकों ने अल्पकालिक लाभ के लिए मुनाफावसूली की रणनीति अपनाई, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव बना। वहीं दूसरी ओर वैश्विक अस्थिरता के कारण सुरक्षित निवेश की मांग पूरी तरह समाप्त नहीं हुई, जिससे गिरावट के बाद कीमतों में फिर सुधार देखने को मिला।

    पिछले कारोबारी सत्र में घरेलू सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई थी और वायदा बाजार में भी तेज कमजोरी देखने को मिली थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हाजिर और वायदा दोनों प्रकार के सोने के भाव दबाव में रहे थे। इसके बावजूद गुरुवार को बाजार खुलने के बाद निवेशकों की नई खरीदारी और बदलते वैश्विक संकेतों ने कीमतों को फिर सहारा दिया।

    विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रम, अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, डॉलर की चाल और केंद्रीय बैंकों की नीतियां सोने की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। ऐसे में निवेशकों को अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बजाय बाजार के व्यापक संकेतों पर नजर रखते हुए निवेश संबंधी निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है।

  • कीमती धातुओं में जोरदार गिरावट: सोना हुआ 2,800 रुपये सस्ता, चांदी में 10 हजार रुपये से ज्यादा की कमी ने बढ़ाई खरीदारी की उम्मीद

    कीमती धातुओं में जोरदार गिरावट: सोना हुआ 2,800 रुपये सस्ता, चांदी में 10 हजार रुपये से ज्यादा की कमी ने बढ़ाई खरीदारी की उम्मीद

    नई दिल्ली । देशभर के सर्राफा और बुलियन बाजार में इस सप्ताह कीमती धातुओं की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे उपभोक्ताओं को राहत मिली है। सप्ताह भर के कारोबार के दौरान सोने और चांदी दोनों में लगातार कमजोरी देखने को मिली, जिसके परिणामस्वरूप सोना हजारों रुपये सस्ता हुआ जबकि चांदी में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों और वैश्विक निवेशकों की बदलती रणनीतियों का सीधा प्रभाव इन धातुओं की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।

    ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत में सप्ताह भर के दौरान करीब 2,800 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई। इसी तरह 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के भाव में भी उल्लेखनीय कमी देखने को मिली। लगातार गिरते दामों ने उन उपभोक्ताओं को राहत दी है जो शादी-विवाह, निवेश या आभूषण खरीदारी के लिए उचित अवसर का इंतजार कर रहे थे।

    बाजार में सोने की कीमतों ने सप्ताह के दौरान कई उतार-चढ़ाव भी देखे। शुरुआती दिनों में जहां भाव अपेक्षाकृत ऊंचे स्तर पर बने रहे, वहीं सप्ताह के अंत तक लगातार बिकवाली के दबाव ने कीमतों को नीचे ला दिया। कारोबारियों के अनुसार निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने में अपनी कुछ हिस्सेदारी कम की, जिससे बाजार में कमजोरी बढ़ी।

    सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सप्ताह भर में चांदी के दाम में 10,000 रुपये से अधिक की कमी देखने को मिली। औद्योगिक मांग और निवेश गतिविधियों से प्रभावित होने वाली चांदी में आई यह गिरावट बाजार के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जानकारों का कहना है कि चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव अक्सर सोने की तुलना में अधिक होता है और मौजूदा गिरावट उसी प्रवृत्ति को दर्शाती है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। वैश्विक स्तर पर सोना और चांदी दोनों कमजोर रुख के साथ कारोबार कर रहे हैं। आर्थिक नीतियों, ब्याज दरों और डॉलर की मजबूती ने निवेशकों के रुझान को प्रभावित किया है। जब डॉलर मजबूत होता है तो आमतौर पर सोना और चांदी जैसी धातुओं की मांग पर दबाव पड़ता है, क्योंकि अन्य मुद्राओं में इनकी खरीद अपेक्षाकृत महंगी हो जाती है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति से जुड़े संकेत भी कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी या लंबे समय तक उच्च स्तर पर बने रहने की संभावना से निवेशकों का झुकाव अन्य वित्तीय साधनों की ओर बढ़ सकता है। यही कारण है कि हाल के दिनों में बुलियन बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा है।

    हालांकि बाजार विश्लेषकों का यह भी मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए गिरावट के दौर को अवसर के रूप में देखा जा सकता है। सोना और चांदी परंपरागत रूप से सुरक्षित निवेश माने जाते हैं और आर्थिक अनिश्चितता के समय इनकी मांग फिर बढ़ सकती है। ऐसे में मौजूदा स्तरों पर खरीदारी को लेकर निवेशकों की रुचि भी बढ़ने की संभावना है।

    सर्राफा कारोबारियों के अनुसार आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक घटनाक्रम, डॉलर की चाल और ब्याज दरों से जुड़े संकेतों पर बाजार की नजर बनी रहेगी। यदि वैश्विक परिस्थितियों में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता है तो कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। फिलहाल, कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट ने खरीदारों को राहत और निवेशकों को नए अवसर तलाशने का मौका जरूर दिया है।