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योगी आदित्यनाथ का कांग्रेस-सपा पर तीखा हमला, 9 लाख से ज्यादा किसानों को राहत, बोले- अब बिचौलियों की नहीं चलेगी
गोरखपुर । गोरखपुर में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को राहत राशि वितरित करने के साथ कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 9 लाख 18 हजार 91 किसानों के बैंक खातों में 493 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि सीधे ट्रांसफर की। यह रकम बाढ़ और अतिवृष्टि के साथ ओलावृष्टि तथा चक्रवात के कारण फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए दी गई है। सरकार के मुताबिक हाल के दिनों में खराब मौसम के कारण किसानों की फसलों को भारी क्षति पहुंची है। ऐसे में प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए यह कदम उठाया गया है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए यदि अराजकता फैलाने से बाज नहीं आती है तो जनता उसका बचा हुआ राजनीतिक अस्तित्व भी समाप्त कर सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को अपने नेतृत्व में बदलाव करने की जरूरत है। जिस नेतृत्व पर जनता का विश्वास कमजोर पड़ गया है उसे बदलने पर विचार करना चाहिए। उनके इस बयान को कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक रणनीति और नेतृत्व पर निशाने के रूप में देखा जा रहा है।मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर भी किसानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने 2014 में आए हुदहुद चक्रवात का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय किसानों की मदद के लिए केंद्र सरकार की ओर से 3200 करोड़ रुपये भेजे गए थे। योगी के मुताबिक इस राशि में से किसानों तक केवल 800 करोड़ रुपये ही पहुंचे और बाकी रकम का सही इस्तेमाल नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के हक का पैसा तत्कालीन सपा सरकार के लोगों ने हड़प लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों का श्राप सपा को ले डूबा और इसी वजह से उसे सत्ता से बाहर होना पड़ा। ये आरोप मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान लगाए।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी सरकार ने हुदहुद चक्रवात से जुड़े मुआवजे की जांच कराई थी। उनके अनुसार जांच में सामने आया कि कई किसानों को पूरी सहायता राशि नहीं मिली थी। इसके बाद अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था कर प्रभावित किसानों के खातों में भुगतान कराया गया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मौजूदा सरकार प्राकृतिक आपदाओं के दौरान प्रभावित किसानों को जल्द राहत पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि हाल ही में चक्रवात और भारी बारिश के कारण फसलों के साथ जनजीवन और पशुधन को भी नुकसान पहुंचा है। सरकार प्रभावित किसानों को फसल क्षति के अलावा जनहानि और मकानों को हुए नुकसान के लिए भी सहायता उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 500 करोड़ रुपये की राहत राशि सीधे खातों में भेजी जा रही है। उनके मुताबिक अब तक किसानों को लगभग 1000 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है।मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आकाशीय बिजली से होने वाली जनहानि रोकने के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाया जा रहा है। यह व्यवस्था मोबाइल फोन के माध्यम से बिजली गिरने की चेतावनी देकर लोगों को सतर्क करती है। उन्होंने कहा कि आकाशीय बिजली की चपेट में आने से किसी व्यक्ति की मौत होने पर निर्धारित सहायता राशि के तहत 24 घंटे के भीतर पांच लाख रुपये उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। योगी ने अधिकारियों को बाढ़ से प्रभावित कटान वाले इलाकों में तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश भी दिए।कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि डीबीटी के माध्यम से 9 लाख से अधिक किसानों को 493 करोड़ रुपये से ज्यादा की राहत राशि दी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार ने पिछली सरकारों की तुलना में धान और गेहूं सहित दूसरी फसलों की खरीद में बढ़ोतरी की है और कृषि बजट भी तीन गुना से अधिक बढ़ाया गया है। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने मिशन शक्ति के छठे चरण के तहत जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली में 500 से अधिक महिलाएं शामिल हुईं। सरकार ने राहत वितरण और महिला सुरक्षा जागरूकता अभियान को अपने जनकल्याणकारी प्रयासों का हिस्सा बताया। -

गोरखपुर में सपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बवाल: पूर्व जिलाध्यक्ष को जड़ा थप्पड़, बैठने की जगह को लेकर शुरू हुआ विवाद
गोरखपुर। समाजवादी पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुक्रवार को उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब नेताओं के बीच बैठने की जगह को लेकर शुरू हुई कहासुनी हाथापाई में बदल गई। गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में चल रही प्रेस वार्ता के दौरान सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी के साथ मारपीट और थप्पड़ मारने की घटना हुई। विवाद के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को बीच में ही रोकना पड़ा।घटना के दौरान मौके पर मौजूद पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने बीच-बचाव कर स्थिति संभालने की कोशिश की। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची, हालांकि घटना को लेकर किसी पक्ष की ओर से पुलिस को अभी तहरीर नहीं दी गई है।
बैठने की जगह को लेकर शुरू हुआ विवाद
दरअसल, लोकतंत्र बचाओ सप्ताह और ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता आयोजित की गई थी। कार्यक्रम का आयोजन सपा जिलाध्यक्ष ब्रिजेश कुमार गौतम की ओर से किया गया था।प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा महानगर अध्यक्ष सबीर कुरैशी, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रहलाद यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष अवधेश यादव, पूर्व विधायक विजय बहादुर यादव, काजल निषाद, संजय पहलवान, पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री डॉ. मोहसिन, जय प्रकाश यादव और रणजीत पासवान समेत पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे।
इसी दौरान सपा नेता अंशुमान सिंह के पुत्र कमलेश प्रेस क्लब पहुंचे। उन्होंने काजल निषाद के पास बैठने की कोशिश की, लेकिन वहां जगह नहीं थी। इसके बाद उनकी पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी से बातचीत हुई। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
कहासुनी के बाद हाथापाई, नगीना साहनी को थप्पड़
मामूली विवाद देखते ही देखते बढ़ गया और स्थिति हाथापाई तक पहुंच गई। आरोप है कि इस दौरान नगीना साहनी के साथ मारपीट की गई और उन्हें थप्पड़ भी मारा गया। घटना के दौरान अभद्र भाषा के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है।मौके पर मौजूद पार्टी के अन्य नेताओं ने दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। हंगामे के चलते प्रेस कॉन्फ्रेंस को बीच में ही रोकना पड़ा।
जिस समय सपा जिलाध्यक्ष ब्रिजेश कुमार गौतम मीडिया के सामने लोकतंत्र और वोट बचाने के मुद्दे पर पार्टी की बात रख रहे थे, उसी दौरान पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष के साथ हुई मारपीट से कार्यक्रम का पूरा माहौल बदल गया। राजनीतिक मुद्दों की जगह प्रेस क्लब में हुए विवाद और थप्पड़ कांड की चर्चा होने लगी।
जिलाध्यक्ष बोले- निंदनीय घटना, राष्ट्रीय अध्यक्ष को देंगे जानकारी
घटना पर सपा जिलाध्यक्ष ब्रिजेश कुमार गौतम ने इसे निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जानकारी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को दी जाएगी और इस तरह की घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की जाएगी।उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के किसी कार्यक्रम में इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। उनका कहना है कि मामले की जानकारी पार्टी नेतृत्व को देकर उचित कार्रवाई की मांग की जाएगी।
सूचना पर पहुंची पुलिस, नहीं मिली तहरीर
प्रेस क्लब में विवाद की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि, फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस को लिखित शिकायत या तहरीर नहीं दी गई है।वहीं, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में प्रेस क्लब के भीतर नेताओं के बीच विवाद और हाथापाई का घटनाक्रम दिखाई दे रहा है। घटना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी के भीतर सामने आए विवाद को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
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गोरखपुर में कारोबारी के 10 वर्षीय पोते की अपहरण के बाद हत्या, पड़ोसी शिक्षक के घर के बेसमेंट से मिला शव
गोरखपुर। जिले के खजनी कस्बे में एक ज्वैलरी कारोबारी के 10 वर्षीय पोते की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। बच्चे का शव मंगलवार को उसके घर से करीब 20 मीटर दूर रहने वाले पड़ोसी के मकान के बेसमेंट से बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि वैभव वर्मा सोमवार शाम से लापता था। वह स्कूल से घर लौटने के बाद साइकिल लेकर बाहर खेलने गया था। करीब आधे घंटे बाद परिवार को सूचना मिली कि उसकी साइकिल घर के पीछे लावारिस हालत में खड़ी है। मौके पर पहुंचने पर कुछ दूरी पर बच्चे की एक चप्पल भी मिली, जिसके बाद परिजनों को अपहरण की आशंका हुई और पुलिस को सूचना दी गई।
CCTV से खुला मामला
सूचना मिलते ही पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। आसपास के CCTV फुटेज खंगालने पर वैभव एक पड़ोसी व्यक्ति के साथ जाता दिखाई दिया। परिवार ने उसकी पहचान सर्वेश भट्ट के रूप में की, जो पेशे से कंप्यूटर शिक्षक बताया जा रहा है। पुलिस ने सर्वेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की। अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में उसने बच्चे को अपने साथ ले जाने और बाद में उसकी हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।बेसमेंट से बोरे में मिला शव
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर के बेसमेंट की तलाशी ली। वहां अनाज की बोरियों के बीच एक बोरे में बच्चे का शव बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने वारदात उस समय की, जब उसके परिवार के सदस्य मकान की ऊपरी मंजिल पर मौजूद थे। इसके बाद उसने शव को छिपाकर बाद में ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी।कैसे गायब हुआ वैभव
वैभव इलाके के प्रतिष्ठित ज्वैलरी कारोबारी लक्ष्मी नारायण वर्मा का पोता था और नवल्स एकेडमी में चौथी कक्षा का छात्र था। सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे वह स्कूल से घर लौटा, यूनिफॉर्म बदली और साइकिल लेकर बाहर निकल गया। दादी ने उसे खाना खाने के लिए कहा था, लेकिन उसने थोड़ी देर में लौटने की बात कही थी।डॉग स्क्वॉड और तलाश अभियान
पुलिस ने पांच टीमें बनाकर तलाश शुरू की। बच्चे की स्कूल ड्रेस खोजी कुत्ते को सूंघाई गई, जिसके बाद वह चप्पल मिलने वाली जगह से करीब एक किलोमीटर दूर तक गया। इसी दौरान CCTV फुटेज से जांच को अहम सुराग मिला।परिवार और स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया और आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस ने आरोपी के परिवार के सदस्यों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है और उसके घर के बाहर सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।मां का हाल ही में हुआ था निधन
वैभव के पिता हनुमान वर्मा ने बताया कि लगभग डेढ़ महीने पहले उसकी मां श्वेता वर्मा का बीमारी के कारण निधन हो गया था। इसके बाद वैभव अधिकतर समय अपने पिता के साथ ही रहता था। उन्होंने कहा कि CCTV फुटेज देखने के बाद उन्हें अपहरण की आशंका हुई और बाद में संदेह पड़ोसी सर्वेश पर गया। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और हत्या के कारणों की विस्तृत जांच जारी है। -

जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता, गोरखपुर में CM योगी ने जनता दर्शन में सुनीं 200 फरियादियों की शिकायतें
गोरखपुर । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने तीन दिवसीय गोरखपुर प्रवास के दौरान शुक्रवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब 200 फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनका प्रभावी तथा समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुना जाए और उसका ऐसा समाधान किया जाए जिससे शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी मामलों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में पहुंचे लोगों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक की समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जनसेवा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और लोगों को न्याय तथा राहत दिलाने में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।
जनता दर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक, राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य और अन्य प्रशासनिक समस्याएं लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
जनता दर्शन में शामिल होने के लिए किसी विशेष पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होती। कोई भी नागरिक सीधे कार्यक्रम में पहुंचकर अपनी शिकायत मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों के सामने रख सकता है। हालांकि प्रशासन नागरिकों को सलाह देता है कि वे अपनी शिकायत पहले से ही जनसुनवाई पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करा दें, ताकि उसका रिकॉर्ड उपलब्ध रहे और सुनवाई के दौरान प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जा सके।
सरकार की ओर से यह भी बताया गया है कि जनता दर्शन के समय और स्थान में प्रशासनिक आवश्यकता के अनुसार बदलाव संभव है। इसलिए नागरिकों को किसी भी आधिकारिक सूचना के लिए राज्य सरकार के अधिकृत पोर्टल या जनसुनवाई पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
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पूर्वांचल के विकास को रफ्तार, देवरिया में 106 परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे CM योगी, गोरखपुर में अस्पताल का उद्घाटन भी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को पूर्वांचल के दो महत्वपूर्ण जिलों देवरिया और गोरखपुर के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह देवरिया में 456 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 106 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित करेंगे।मुख्यमंत्री का कार्यक्रम देवरिया के बरहज और रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित होगा। इस अवसर पर सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बुनियादी ढांचा और अन्य विकास कार्यों से जुड़ी परियोजनाओं की शुरुआत की जाएगी। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रमाण-पत्र भी सौंपेंगे। इन योजनाओं का उद्देश्य पात्र परिवारों तक सरकारी सुविधाओं का लाभ पहुंचाना और उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है।
देवरिया कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री गोरखपुर पहुंचेंगे, जहां वह एस्ट्रोमेडिक्स मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। अस्पताल के शुरू होने से गोरखपुर और आसपास के जिलों के लोगों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।
अपने दौरे से पहले मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर संदेश जारी करते हुए कहा कि पूज्य देवरहा बाबा की पावन भूमि देवरिया में विकास और जनकल्याण के एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं से क्षेत्र के लोगों के जीवन में नई आशा, नए अवसर और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।
सरकार के अनुसार, पूर्वांचल में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं और जनहित योजनाओं के विस्तार के उद्देश्य से लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री का यह दौरा भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।
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गोरखपुर में सरयू नदी बनी काल, नहाने गए भाई-बहन की डूबकर मौत; मौसी को गोताखोरों ने बचाया
नई दिल्ली। गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र में रविवार को सरयू नदी में नहाने गए भाई-बहन की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनकी मौसी को गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से बचा लिया गया। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
जानकारी के मुताबिक सिकरीगंज थाना क्षेत्र के उसरी गांव निवासी ओमकार के बच्चे प्रिंस (11) और शिवानी (13) गर्मी की छुट्टियों में अपनी मां के साथ ननिहाल मेहड़ा गांव आए थे। रविवार सुबह दोनों बच्चे अपनी मौसी माया (16) के साथ गांव के बाहर स्थित हनुमान मंदिर घूमने गए थे। दर्शन करने के बाद तीनों सरयू नदी में नहाने उतर गए।
नहाने के दौरान अचानक प्रिंस का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। भाई को डूबता देख शिवानी उसे बचाने के लिए आगे बढ़ी, लेकिन वह भी पानी के तेज बहाव और गहराई में फंस गई। दोनों को बचाने के प्रयास में मौसी माया भी नदी में डूबने लगी। बताया जा रहा है कि तीनों करीब 40 फीट गहरे पानी में चले गए थे।
घटना के दौरान घाट पर मौजूद एक बच्ची ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर दौड़े। गांव के चंद्रमाल यादव ने बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी। सबसे पहले उन्होंने माया को बाहर निकाला और फिर दोबारा नदी में कूदकर प्रिंस को बाहर लाए। दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्रिंस को मृत घोषित कर दिया, जबकि माया का इलाज जारी है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
उधर शिवानी का काफी देर तक कोई सुराग नहीं मिला। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक तलाश अभियान चलाया, जिसके बाद उसका शव नदी से बाहर निकाला गया। उसे भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मासूम भाई-बहन की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।