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  • गोरखपुर में कारोबारी के 10 वर्षीय पोते की अपहरण के बाद हत्या, पड़ोसी शिक्षक के घर के बेसमेंट से मिला शव

    गोरखपुर में कारोबारी के 10 वर्षीय पोते की अपहरण के बाद हत्या, पड़ोसी शिक्षक के घर के बेसमेंट से मिला शव


    गोरखपुर। जिले के खजनी कस्बे में एक ज्वैलरी कारोबारी के 10 वर्षीय पोते की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। बच्चे का शव मंगलवार को उसके घर से करीब 20 मीटर दूर रहने वाले पड़ोसी के मकान के बेसमेंट से बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

    एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि वैभव वर्मा सोमवार शाम से लापता था। वह स्कूल से घर लौटने के बाद साइकिल लेकर बाहर खेलने गया था। करीब आधे घंटे बाद परिवार को सूचना मिली कि उसकी साइकिल घर के पीछे लावारिस हालत में खड़ी है। मौके पर पहुंचने पर कुछ दूरी पर बच्चे की एक चप्पल भी मिली, जिसके बाद परिजनों को अपहरण की आशंका हुई और पुलिस को सूचना दी गई।

    CCTV से खुला मामला
    सूचना मिलते ही पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। आसपास के CCTV फुटेज खंगालने पर वैभव एक पड़ोसी व्यक्ति के साथ जाता दिखाई दिया। परिवार ने उसकी पहचान सर्वेश भट्ट के रूप में की, जो पेशे से कंप्यूटर शिक्षक बताया जा रहा है। पुलिस ने सर्वेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की। अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में उसने बच्चे को अपने साथ ले जाने और बाद में उसकी हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।

    बेसमेंट से बोरे में मिला शव
    आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर के बेसमेंट की तलाशी ली। वहां अनाज की बोरियों के बीच एक बोरे में बच्चे का शव बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने वारदात उस समय की, जब उसके परिवार के सदस्य मकान की ऊपरी मंजिल पर मौजूद थे। इसके बाद उसने शव को छिपाकर बाद में ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी।

    कैसे गायब हुआ वैभव
    वैभव इलाके के प्रतिष्ठित ज्वैलरी कारोबारी लक्ष्मी नारायण वर्मा का पोता था और नवल्स एकेडमी में चौथी कक्षा का छात्र था। सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे वह स्कूल से घर लौटा, यूनिफॉर्म बदली और साइकिल लेकर बाहर निकल गया। दादी ने उसे खाना खाने के लिए कहा था, लेकिन उसने थोड़ी देर में लौटने की बात कही थी।

    डॉग स्क्वॉड और तलाश अभियान
    पुलिस ने पांच टीमें बनाकर तलाश शुरू की। बच्चे की स्कूल ड्रेस खोजी कुत्ते को सूंघाई गई, जिसके बाद वह चप्पल मिलने वाली जगह से करीब एक किलोमीटर दूर तक गया। इसी दौरान CCTV फुटेज से जांच को अहम सुराग मिला।

    परिवार और स्थानीय लोगों में आक्रोश
    घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया और आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस ने आरोपी के परिवार के सदस्यों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है और उसके घर के बाहर सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।

    मां का हाल ही में हुआ था निधन
    वैभव के पिता हनुमान वर्मा ने बताया कि लगभग डेढ़ महीने पहले उसकी मां श्वेता वर्मा का बीमारी के कारण निधन हो गया था। इसके बाद वैभव अधिकतर समय अपने पिता के साथ ही रहता था। उन्होंने कहा कि CCTV फुटेज देखने के बाद उन्हें अपहरण की आशंका हुई और बाद में संदेह पड़ोसी सर्वेश पर गया। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और हत्या के कारणों की विस्तृत जांच जारी है।

  • जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता, गोरखपुर में CM योगी ने जनता दर्शन में सुनीं 200 फरियादियों की शिकायतें

    जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता, गोरखपुर में CM योगी ने जनता दर्शन में सुनीं 200 फरियादियों की शिकायतें

    गोरखपुर । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने तीन दिवसीय गोरखपुर प्रवास के दौरान शुक्रवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब 200 फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनका प्रभावी तथा समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुना जाए और उसका ऐसा समाधान किया जाए जिससे शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी मामलों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए।

    मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में पहुंचे लोगों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक की समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जनसेवा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और लोगों को न्याय तथा राहत दिलाने में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।

    जनता दर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक, राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य और अन्य प्रशासनिक समस्याएं लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए।

    जनता दर्शन में शामिल होने के लिए किसी विशेष पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होती। कोई भी नागरिक सीधे कार्यक्रम में पहुंचकर अपनी शिकायत मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों के सामने रख सकता है। हालांकि प्रशासन नागरिकों को सलाह देता है कि वे अपनी शिकायत पहले से ही जनसुनवाई पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करा दें, ताकि उसका रिकॉर्ड उपलब्ध रहे और सुनवाई के दौरान प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जा सके।

    सरकार की ओर से यह भी बताया गया है कि जनता दर्शन के समय और स्थान में प्रशासनिक आवश्यकता के अनुसार बदलाव संभव है। इसलिए नागरिकों को किसी भी आधिकारिक सूचना के लिए राज्य सरकार के अधिकृत पोर्टल या जनसुनवाई पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

  • पूर्वांचल के विकास को रफ्तार, देवरिया में 106 परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे CM योगी, गोरखपुर में अस्पताल का उद्घाटन भी

    पूर्वांचल के विकास को रफ्तार, देवरिया में 106 परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे CM योगी, गोरखपुर में अस्पताल का उद्घाटन भी


    लखनऊ।  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को पूर्वांचल के दो महत्वपूर्ण जिलों देवरिया और गोरखपुर के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह देवरिया में 456 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 106 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित करेंगे।

    मुख्यमंत्री का कार्यक्रम देवरिया के बरहज और रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित होगा। इस अवसर पर सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बुनियादी ढांचा और अन्य विकास कार्यों से जुड़ी परियोजनाओं की शुरुआत की जाएगी। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    मुख्यमंत्री लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रमाण-पत्र भी सौंपेंगे। इन योजनाओं का उद्देश्य पात्र परिवारों तक सरकारी सुविधाओं का लाभ पहुंचाना और उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है।

    देवरिया कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री गोरखपुर पहुंचेंगे, जहां वह एस्ट्रोमेडिक्स मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। अस्पताल के शुरू होने से गोरखपुर और आसपास के जिलों के लोगों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।

    अपने दौरे से पहले मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर संदेश जारी करते हुए कहा कि पूज्य देवरहा बाबा की पावन भूमि देवरिया में विकास और जनकल्याण के एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं से क्षेत्र के लोगों के जीवन में नई आशा, नए अवसर और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।

    सरकार के अनुसार, पूर्वांचल में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं और जनहित योजनाओं के विस्तार के उद्देश्य से लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री का यह दौरा भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।

  • गोरखपुर में सरयू नदी बनी काल, नहाने गए भाई-बहन की डूबकर मौत; मौसी को गोताखोरों ने बचाया

    गोरखपुर में सरयू नदी बनी काल, नहाने गए भाई-बहन की डूबकर मौत; मौसी को गोताखोरों ने बचाया

    नई दिल्ली। गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र में रविवार को सरयू नदी में नहाने गए भाई-बहन की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनकी मौसी को गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से बचा लिया गया। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

    जानकारी के मुताबिक सिकरीगंज थाना क्षेत्र के उसरी गांव निवासी ओमकार के बच्चे प्रिंस (11) और शिवानी (13) गर्मी की छुट्टियों में अपनी मां के साथ ननिहाल मेहड़ा गांव आए थे। रविवार सुबह दोनों बच्चे अपनी मौसी माया (16) के साथ गांव के बाहर स्थित हनुमान मंदिर घूमने गए थे। दर्शन करने के बाद तीनों सरयू नदी में नहाने उतर गए।

    नहाने के दौरान अचानक प्रिंस का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। भाई को डूबता देख शिवानी उसे बचाने के लिए आगे बढ़ी, लेकिन वह भी पानी के तेज बहाव और गहराई में फंस गई। दोनों को बचाने के प्रयास में मौसी माया भी नदी में डूबने लगी। बताया जा रहा है कि तीनों करीब 40 फीट गहरे पानी में चले गए थे।

    घटना के दौरान घाट पर मौजूद एक बच्ची ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर दौड़े। गांव के चंद्रमाल यादव ने बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी। सबसे पहले उन्होंने माया को बाहर निकाला और फिर दोबारा नदी में कूदकर प्रिंस को बाहर लाए। दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्रिंस को मृत घोषित कर दिया, जबकि माया का इलाज जारी है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

    उधर शिवानी का काफी देर तक कोई सुराग नहीं मिला। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक तलाश अभियान चलाया, जिसके बाद उसका शव नदी से बाहर निकाला गया। उसे भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मासूम भाई-बहन की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।