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  • सीएम योगी ने जनता दर्शन में सुनीं लोगों की समस्याएं, गोपालन के लिए महिला को मदद और दिव्यांग को न्याय का भरोसा

    सीएम योगी ने जनता दर्शन में सुनीं लोगों की समस्याएं, गोपालन के लिए महिला को मदद और दिव्यांग को न्याय का भरोसा

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयोजित जनता दर्शन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनके समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान सीतापुर की रहने वाली पूनम देवी ने मुख्यमंत्री के सामने गोपालन के जरिए आत्मनिर्भर बनने की इच्छा जताई। उनकी मांग पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

    सीतापुर के गुरुदेव नगर हरगांव की निवासी पूनम देवी ने जनता दर्शन में मुख्यमंत्री को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह गोपालन के माध्यम से अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत करना चाहती हैं। उनके पास पहले से पांच गाय हैं और उन्होंने बताया कि अन्य गोवंश रखने के लिए उनके पास पर्याप्त स्थान भी उपलब्ध है। उन्होंने सरकार से अतिरिक्त गाय उपलब्ध कराने की मांग रखी, ताकि दूध और उससे जुड़े उत्पादों की बिक्री के माध्यम से परिवार की आय बढ़ाई जा सके।

    पूनम देवी की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपर मुख्य सचिव पशुधन को निर्देश दिया कि उन्हें नियमानुसार निराश्रित गाय उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। साथ ही मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत गोवंश की देखभाल के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता का लाभ भी दिलाने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने महिला की गोपालन के प्रति रुचि और आत्मनिर्भर बनने की इच्छा की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।

    जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से एक-एक करके उनकी समस्याएं पूछीं और प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। पूनम देवी से बातचीत के दौरान उन्होंने गोसेवा के महत्व का उल्लेख किया और कहा कि सरकार की ओर से उन्हें नियमानुसार योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा। महिला ने अपनी मांग पर तत्काल संज्ञान लिए जाने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी जताया।

    इसी दौरान जनता दर्शन में पहुंचे एक दिव्यांग व्यक्ति ने अपनी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत मुख्यमंत्री के सामने रखी। पीड़ित ने बताया कि उसकी जमीन पर किसी अन्य व्यक्ति ने कब्जा कर लिया है, जिसके कारण उसे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जमीन की जांच कराने और नियमानुसार समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता दर्शन में आने वाले लोगों की शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए फरियादियों की समस्याओं पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जनता दर्शन में सामने आए मामलों में सरकारी योजनाओं का लाभ, भूमि विवाद और अन्य स्थानीय समस्याएं शामिल रहीं।

    इस दौरान मुख्यमंत्री का जोर इस बात पर रहा कि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में अनावश्यक देरी न हो और शिकायतों का समाधान संबंधित विभागों के स्तर पर प्रभावी ढंग से किया जाए। महिला की गोपालन संबंधी मांग और दिव्यांग की भूमि से जुड़े मामले में तत्काल निर्देश दिए जाने से जनता दर्शन में शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया पर प्रशासनिक सक्रियता का संदेश गया।

  • गोरखपुर में खाकी हुई शर्मसार: अस्पताल से 10 वर्षीय बच्ची का अपहरण, दुष्कर्म के बाद की हत्या

    गोरखपुर में खाकी हुई शर्मसार: अस्पताल से 10 वर्षीय बच्ची का अपहरण, दुष्कर्म के बाद की हत्या


    गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पुलिस महकमे को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है। पुलिस की वर्दी पहने एक सिपाही ने जिला अस्पताल से 10 वर्षीय बच्ची का कथित रूप से अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में हत्या कर शव चिवटहा पुल के नीचे फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी सिपाही अभिषेक यादव को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए बर्खास्तगी की संस्तुति भेजी गई है और उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने की तैयारी की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार, आजमगढ़ के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के गोपालगंज निवासी पीड़ित परिवार पिछले चार वर्षों से गोरखपुर में रह रहा है। बच्ची के पिता ई-रिक्शा चलाते हैं। 27 जुलाई को बड़ी बेटी की तबीयत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसी रात करीब साढ़े आठ बजे 10 वर्षीय बच्ची अपनी बहन के लिए खाना लेकर अस्पताल पहुंची। खाना खिलाने के बाद वह रात करीब नौ बजे घर लौटने के लिए निकली, लेकिन घर नहीं पहुंची।

    परिजनों ने काफी तलाश के बाद कोतवाली थाने में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान अस्पताल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। 39 सेकंड की फुटेज में पुलिस की वर्दी पहने एक युवक बच्ची से बातचीत करता और फिर उसे बाइक पर बैठाकर ले जाता दिखाई दिया। जांच में उसकी पहचान सिपाही अभिषेक यादव के रूप में हुई।

    पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद गुरुवार तड़के चिवटहा पुल के नीचे से बच्ची का शव बरामद किया गया। शव मिलने के बाद मामले में हत्या की धाराएं भी जोड़ दी गईं। पुलिस अब वारदात के पूरे घटनाक्रम और हत्या के कारणों की जांच कर रही है।

    एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि बच्ची को दुर्भावनापूर्ण तरीके से अगवा किया गया था। आरोपी सिपाही अभिषेक यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ एनएसए की कार्रवाई की जाएगी और सेवा से बर्खास्त करने की रिपोर्ट भी भेज दी गई है।

    पांच बहनों में दूसरे नंबर पर थी मासूम
    परिजनों ने बताया कि बच्ची पांच बहनों में दूसरे नंबर की थी। उसकी मां नौ माह की गर्भवती है। बड़ी बहन के अस्पताल में भर्ती होने के कारण वह उसके लिए खाना लेकर गई थी। घर लौटते समय आरोपी सिपाही के संपर्क में आने के बाद वह लापता हो गई, जिसके बाद यह दर्दनाक वारदात सामने आई।

  • सीएम योगी ने गोरखपुर को दी 994 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात, विपक्ष पर साधा निशाना

    सीएम योगी ने गोरखपुर को दी 994 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात, विपक्ष पर साधा निशाना


    गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गोरखपुर दौरे के दौरान जिले को कुल 994 करोड़ रुपये की 14 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने 813 करोड़ रुपये की चार परियोजनाओं का लोकार्पण और 181 करोड़ रुपये की दस परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी आस्था का विरोध करते थे, आज वही आस्था के सबसे बड़े समर्थक बनने का दावा कर रहे हैं।

    विपक्ष पर साधा निशाना
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2007 से 2017 के बीच समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के शासनकाल में प्रदेश की 29 चीनी मिलें बंद हो गईं। उनका आरोप था कि इन सरकारों ने युवाओं के रोजगार, किसानों के हित और प्रदेश की कानून-व्यवस्था की अनदेखी की। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश विकास और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने राम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध किया और रामभक्तों पर गोली चलवाई, जबकि कांग्रेस ने श्रीराम मंदिर से जुड़े मामले में अदालत में विरोध का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि ऐसे दल आज आस्था पर उपदेश दे रहे हैं, जो जनता को स्वीकार्य नहीं है।

    2017 से पहले और अब के यूपी की तुलना
    मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में दंगे, अपराध और असुरक्षा का माहौल था। धार्मिक आयोजनों और पर्वों के दौरान तनाव की स्थिति बनती थी, जबकि अब प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और लोग सुरक्षित वातावरण में त्योहार मना रहे हैं।

    उन्होंने इंसेफेलाइटिस का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में हजारों बच्चों की जान जाने के बावजूद पिछली सरकारों ने गंभीरता नहीं दिखाई। उनकी सरकार ने इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण का काम किया।

    रोजगार और निवेश पर सरकार का दावा
    सीएम योगी ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश सरकार ने 9 लाख युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी हैं। इसके अलावा निजी निवेश के माध्यम से 65 लाख लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना से पारंपरिक उद्योगों को नई पहचान मिली और करोड़ों युवाओं व कारीगरों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुए।

    गोरखपुर के विकास का किया उल्लेख
    मुख्यमंत्री ने कहा कि एक दशक पहले गोरखपुर माफिया, अपराध और इंसेफेलाइटिस जैसी समस्याओं के कारण चर्चा में रहता था, जबकि आज यहां निवेश का माहौल बना है। उन्होंने बताया कि गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) में बड़े पैमाने पर निवेश से लगभग 50 हजार युवाओं को रोजगार मिला है। वहीं रामगढ़ताल अब पर्यटन और रोजगार का प्रमुख केंद्र बन चुका है।

    इन परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण
    टीपीनगर-पैडलेगंज सिक्सलेन फ्लाईओवर – 429.49 करोड़ रुपये
    पैडलेगंज से फिराक गोरखपुरी चौराहा तक फोरलेन सड़क – 277.77 करोड़ रुपये
    एयरफोर्स स्टेशन परिसर में एमईएस कार्यालय का स्थानांतरण – 103.51 करोड़ रुपये
    थाना गुलरिहा में हॉस्टल, बैरक और विवेचना कक्ष का निर्माण – 2.74 करोड़ रुपये

    इन योजनाओं का हुआ शिलान्यास
    मुख्यमंत्री ने महिला श्रमजीवी छात्रावास, नंदानगर अंडरपास, साइंस म्यूजियम, राजकीय महिला पॉलिटेक्निक में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, परिवहन विभाग की टायर शॉप के आधुनिकीकरण सहित विभिन्न सड़क और नाली निर्माण परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया।

    कार्यक्रम में सांसद रवि किशन ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गोरखपुर की तस्वीर तेजी से बदली है और शहर आधुनिक बुनियादी ढांचे की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।

  • गोरखपुर में सीएम योगी की रवि किशन पर हल्की चुटकी, अतिक्रमण हटाने की सलाह के साथ विकास कार्यों पर दिया जोर

    गोरखपुर में सीएम योगी की रवि किशन पर हल्की चुटकी, अतिक्रमण हटाने की सलाह के साथ विकास कार्यों पर दिया जोर

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गोरखपुर दौरे के दौरान 429 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित शहर के पहले सिक्सलेन फ्लाईओवर का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने लगभग 995 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने फ्लाईओवर का निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने विकास कार्यों के साथ स्वच्छता, अतिक्रमण हटाने और जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के सांसद रवि किशन का उल्लेख करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि हाल ही में बारिश के दौरान रवि किशन को पानी में उतरकर नाली साफ करते देखा गया था। इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि नाली साफ करने से बेहतर है कि नालों पर हुए अतिक्रमण को हटाया जाए, क्योंकि इससे पानी का निकास स्वतः बेहतर हो जाएगा। मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी पर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों ने भी मुस्कुराते हुए प्रतिक्रिया दी।

    मुख्यमंत्री ने इसी दौरान सांसद रवि किशन की ओर से आयोजित भोज का भी जिक्र किया। उन्होंने उपस्थित लोगों से पूछा कि भोजन कार्यक्रम में कितने लोग शामिल हुए थे। जब सीमित संख्या में लोगों ने हाथ उठाया तो मुख्यमंत्री ने मजाकिया लहजे में कहा कि लगता है केवल चार-पांच लोगों को ही भोजन मिला। इस पर रवि किशन ने जवाब देते हुए कहा कि पूरे क्षेत्र के लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। दोनों नेताओं के बीच हुई इस सहज बातचीत ने कार्यक्रम का माहौल हल्का बना दिया।

    अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य सरकार की विकास योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार सड़क, पुल, फ्लाईओवर और अन्य आधारभूत ढांचे का विस्तार किया जा रहा है ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उनका कहना था कि मजबूत बुनियादी ढांचा किसी भी क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है और सरकार इसी दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति चुनौतीपूर्ण थी, जबकि अब राज्य में अपराध और अराजकता पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने बीते वर्षों में युवाओं के लिए रोजगार और नौकरी के अनेक अवसर उपलब्ध कराए हैं तथा विकास को बिना किसी भेदभाव के आगे बढ़ाया जा रहा है।

    योगी आदित्यनाथ ने लोगों से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी की अपील भी की। उन्होंने कहा कि नालों और जल निकासी मार्गों पर अतिक्रमण नहीं होना चाहिए तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचना आवश्यक है। उन्होंने जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि विकास कार्य तभी लंबे समय तक प्रभावी रहेंगे जब जनता भी उनकी देखभाल और संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभाएगी।

    गोरखपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री का संबोधन विकास परियोजनाओं, आधारभूत संरचना, स्वच्छता अभियान और जनभागीदारी जैसे विषयों पर केंद्रित रहा। वहीं सांसद रवि किशन के साथ उनका हल्का-फुल्का संवाद भी कार्यक्रम की प्रमुख चर्चा बना रहा, जिसे उपस्थित लोगों ने सहज और सकारात्मक माहौल का हिस्सा माना।

  • जनता दर्शन में सीएम योगी का बड़ा संदेश, इलाज से लेकर शिकायतों तक हर समस्या के समाधान का दिया भरोसा

    जनता दर्शन में सीएम योगी का बड़ा संदेश, इलाज से लेकर शिकायतों तक हर समस्या के समाधान का दिया भरोसा

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक नागरिक की समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और प्रशासन को पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता तथा तत्परता के साथ कार्य करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को न्याय और राहत समय पर मिल सके।

    गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। उन्होंने एक-एक कर लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी पीड़ित व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और हर मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर समाधान किया जाना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़े मामलों पर गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि लोगों की शिकायतें अनावश्यक रूप से लंबित न रहें। पारिवारिक विवादों के मामलों में उन्होंने पहले आपसी संवाद और समझौते के प्रयास करने तथा आवश्यकता पड़ने पर कानूनी प्रक्रिया अपनाने की बात कही। उनका कहना था कि हर शिकायत का समाधान ऐसा होना चाहिए जिससे संबंधित व्यक्ति पूरी तरह संतुष्ट महसूस करे।

    जनता दर्शन में कई ऐसे लोग भी पहुंचे जिन्होंने गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें भरोसा दिलाया कि आर्थिक अभाव के कारण किसी भी जरूरतमंद का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र मरीजों के इलाज का अनुमानित खर्च जल्द तैयार कर शासन को भेजा जाए, ताकि आवश्यक धनराशि समय पर उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार गंभीर बीमारियों के उपचार में हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सभी पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड समय पर बनाए जाएं, जिससे जरूरत पड़ने पर उन्हें सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी मामलों में किसी भी जरूरतमंद को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना चाहिए और प्रशासन को इस दिशा में पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करना चाहिए।

    गोरखपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री की दिनचर्या परंपरागत रही। उन्होंने सुबह गोरखनाथ मंदिर में गुरु गोरखनाथ का दर्शन और पूजन किया तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए गोशाला पहुंचे, जहां उन्होंने गायों और गोवंश को गुड़ खिलाया तथा उनकी देखभाल कर रहे कर्मचारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने गोवंश के बेहतर संरक्षण और देखभाल के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

    मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या उदासीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रशासन को जनता के प्रति जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा।

  • नेपाल से भटककर गोरखपुर पहुंची 147 किलो की प्रेग्नेंट डॉल्फिन…52 KM का ग्रीन कॉरिडोर बनाकर नदी में छोड़ी

    नेपाल से भटककर गोरखपुर पहुंची 147 किलो की प्रेग्नेंट डॉल्फिन…52 KM का ग्रीन कॉरिडोर बनाकर नदी में छोड़ी


    गोरखपुर/महराजगंज।
    नेपाल (Nepal) की त्रिवेणी नदी (Triveni River) से महराजगंज जिले (Maharajganj district) के एक कैनाल में बहकर आई 147 किलो की डॉल्फिन मछली (Dolphin) का रेस्क्यू चर्चा में है. प्रेग्नेंट मछली (Pregnant fish) को राप्ती नदी में छोड़ा गया. डॉल्फिन को सुरक्षित गोरखपुर लाने के लिए भटहट से 52 किलो के रास्ते में ग्रीन कॉरिडोर (Green Corridor) बनाया गया. तकरीबन 1 घंटे के सफर के बाद डॉल्फिन को गोरखपुर के राप्ती तट पर लाकर इलाज के बाद राप्ती नदी में छोड़ दिया गया.

    गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्लाह खान प्राणी उद्यान के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. योगेश कुमार सिंह ने बताया, नेपाल की त्रिवेणी नदी से एक डॉल्फिन भटककर एक कैनाल में आ गई और वह धीरे-धीरे परतावाल के पास धरमौली बाजार के कैनाल में आकर फंस गई थी. वह वहां 3 दिन से फंसी थी और उसकी जान को बचाना बहुत ही जरूरी था।

    प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव उत्तर प्रदेश अनुराधा बेमुरी और मुख्य वन संरक्षक गोरखपुर बीसी ब्रम्हा के निर्देशन में डॉल्फिन को रविवार यानी 19 जुलाई को भी पकड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन बारिश के कारण कैनाल में पानी ज्यादा था और बहाव भी बहुत तेज होने के कारण बहुत ही कठिनाई हो रही थी.

    ऐसे में सिंचाई विभाग के आलाधिकारियों से बात करके कैनाल में पानी को कम कराया गया और सोमवार (20 जुलाई) को कुशीनगर वन प्रभाग के हाटा रेंज के तहत सिसवां शुक्ल ग्रामसभा के पास देवरिया कैनाल से सफल रेस्क्यू किया गया।

    रेस्क्यू के बाद डॉलफिन को डॉलफिन एंबुलेंस में रखा गया. जहां इलाज और जांच किया गया. 7 फीट 2 इंच लंबी डॉल्फिन 147 किलो की प्रेग्नेंट मादा है. एंबुलेंस के जरिए ही मछली को राजघाट के पास राप्ती नदी में छोड़ा जाना था, क्योंकि राप्ती नदी डॉल्फिन के लिए एक सुरक्षित घर है।

    गोरखपुर SSP डॉक्टर कौस्तुभ के आदेश पर डॉल्फिन को सुरक्षित राप्ती नदी में छोड़ने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। इसके चलते राप्ती घाट तक कुल दूरी करीब 52 किमी को तय करने में मात्र एक घंटा 5 मिनट लगे और मछली को सुरक्षित राप्ती नदी में छोड़ दिया गया।

  • CM योगी गोरखपुर से शुरू कल करेंगे 35 करोड़ पौधे लगाने के अभियान का शुभारंभ

    CM योगी गोरखपुर से शुरू कल करेंगे 35 करोड़ पौधे लगाने के अभियान का शुभारंभ


    गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किए जा रहे ‘पौधरोपण महायज्ञ-2026’ का शुभारंभ 12 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से करेंगे। प्रदेशव्यापी अभियान के तहत मुख्यमंत्री भगवानपुर टोल प्लाजा लिंक एक्सप्रेसवे के समीप और आरकेबीके के पास ताल रिंग रोड किनारे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण करेंगे।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे और प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण के इस महाअभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करेंगे। कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना भी उपस्थित रहेंगे।

    त्रिवेणी और मौलश्री के पौधों से होगी शुरुआत
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के पास त्रिवेणी—नीम, पीपल और बरगद—का पौधा रोपकर अभियान का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद वह ताल रिंग रोड के किनारे मौलश्री का पौधा लगाएंगे। राज्य सरकार ने इस वर्ष पूरे उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

    गोरखपुर को मिला 55.28 लाख पौधरोपण का लक्ष्य
    राज्य सरकार के इस अभियान को सफल बनाने के लिए वन विभाग के समन्वय में कुल 27 विभाग मिलकर कार्य कर रहे हैं। प्रदेश के कुल लक्ष्य में गोरखपुर जिले को 55 लाख 28 हजार 600 पौधे लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें सबसे अधिक योगदान वन विभाग का रहेगा।

    पौधों की सुरक्षा और संरक्षण के पूरे इंतजाम
    प्रभागीय वनाधिकारी शुभम सिंह के अनुसार, निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए सभी सरकारी पौधशालाओं में उच्च गुणवत्ता वाले पौधों की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है। साथ ही पौधों की बेहतर वृद्धि और उनकी उत्तरजीविता (सर्वाइवल) दर बढ़ाने के लिए चयनित स्थलों पर गड्ढों की खुदाई, ऊपरी मिट्टी (टॉप सॉयल) की उपलब्धता और पौधों के संरक्षण से जुड़े सभी आवश्यक इंतजाम पहले ही पूरे कर लिए गए हैं।

  • अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति का कल्याण ही लक्ष्य', प्रशिक्षण महाअभियान में बोले CM योगी

    अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति का कल्याण ही लक्ष्य', प्रशिक्षण महाअभियान में बोले CM योगी


    गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखपुर में दो दिवसीय ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की विकास यात्रा को समर्पित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को भाजपा की वैचारिक नींव बताया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रशिक्षण शिविर केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों और आदर्शों को कार्यकर्ताओं के जीवन में उतारने का अभियान है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में मिले संस्कारों के आधार पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय जनसंघ के संगठन महामंत्री के रूप में संगठन को मजबूत आधार प्रदान किया।

    अंत्योदय को बताया विकास की मूल अवधारणा
    सीएम योगी ने कहा कि भारतीय राजनीति में ‘अंत्योदय’ का विचार पंडित दीनदयाल उपाध्याय की सबसे बड़ी देन है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की नीतियों का केंद्र समाज के अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति होना चाहिए। जब तक विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंचता, तब तक सुशासन की अवधारणा अधूरी रहती है।

    उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय आर्थिक चिंतन को नई दिशा देते हुए अंत्योदय का सिद्धांत दिया, जिसे भारतीय जनता पार्टी अपने संगठन और शासन दोनों में आत्मसात करने का प्रयास कर रही है।

    कार्यकर्ताओं को दिए संगठनात्मक मूल्यों के संदेश
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश में चलाया जा रहा यह प्रशिक्षण महाअभियान कार्यकर्ताओं को राष्ट्रसेवा, संगठन, पारदर्शिता और जनकल्याण के मूल्यों से जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता इन आदर्शों को अपने व्यवहार और कार्यशैली का हिस्सा बनाए, यही इस अभियान का उद्देश्य है।

    सोशल मीडिया पर भी दी शुभकामनाएं
    कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कार्यक्रम की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि भारतीय जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के महापुरुषों के आदर्श आज भी सार्वजनिक जीवन में शुचिता, पारदर्शिता और राष्ट्रसेवा के प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए प्रशिक्षण शिविर के सफल आयोजन की कामना की।

    उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम संगठन को मजबूत बनाने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं में वैचारिक स्पष्टता और जनसेवा की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं।

  • गोरखपुर के रेस्टोरेंट में छाई ‘रोबो दीदी’, टेबल तक पहुंचा रहीं खाना, ग्राहक बोले- मजा आ गया!

    गोरखपुर के रेस्टोरेंट में छाई ‘रोबो दीदी’, टेबल तक पहुंचा रहीं खाना, ग्राहक बोले- मजा आ गया!




    गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक रेस्टोरेंट इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां ग्राहकों को खाना परोसने का काम कोई वेटर या वेट्रेस नहीं, बल्कि एक रोबोट कर रहा है। रामगढ़ ताल इलाके के नौका विहार स्थित सोबो रेस्टोरेंट में ‘रोबो दीदी’ नाम की यह रोबोट वेट्रेस लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

    रेस्टोरेंट में आने वाले ग्राहक ‘रोबो दीदी’ को देखकर काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। यह रोबोट टेबल तक जाकर खाना सर्व करती है, ग्राहकों का हालचाल पूछती है और जरूरत का सामान पहुंचाती है। खासकर बच्चे और महिलाएं इसके साथ सेल्फी लेने में काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

    रेस्टोरेंट के मालिक निखिल ने बताया कि उन्हें यह आइडिया चंडीगढ़ से मिला था। पहले चीन से ऐसे रोबोट मंगाने की योजना थी, लेकिन ज्यादा खर्च और तकनीकी दिक्कतों के कारण उन्होंने हैदराबाद की एक कंपनी से संपर्क किया। वहीं से इस रोबोट को तैयार कराकर गोरखपुर लाया गया।

    उन्होंने बताया कि फिलहाल ‘रोबो दीदी’ का इस्तेमाल 20 फीसदी क्षमता के साथ किया जा रहा है। इसे रिमोट और डिवाइस दोनों के जरिए कंट्रोल किया जा सकता है। रेस्टोरेंट प्रबंधन का कहना है कि रोबोट आने के बाद ग्राहकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है और लोग खासतौर पर इसे देखने पहुंच रहे हैं।

    रेस्टोरेंट की मैनेजर सुकन्या के मुताबिक, ‘रोबो दीदी’ को फॉरवर्ड, लेफ्ट और राइट जैसे कमांड देकर कंट्रोल किया जाता है। यह ग्राहकों से बातचीत भी करती है और उनके ऑर्डर टेबल तक पहुंचाती है। लोगों को इसका अंदाज काफी पसंद आ रहा है।

    रेस्टोरेंट पहुंचे ग्राहकों का कहना है कि यह उनके लिए बिल्कुल नया अनुभव है। कई लोगों ने इसे तकनीक और मनोरंजन का शानदार मेल बताया। सोशल मीडिया पर भी ‘रोबो दीदी’ के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे रेस्टोरेंट की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है।

  • गोरखपुर में दर्दनाक घटना: इंजीनियर ने पत्नी से विवाद के बाद फांसी लगाकर दी जान

    गोरखपुर में दर्दनाक घटना: इंजीनियर ने पत्नी से विवाद के बाद फांसी लगाकर दी जान



    नई दिल्ली। गोरखपुर में एक 33 वर्षीय इंजीनियर ने पत्नी से चल रहे विवाद और मानसिक तनाव से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान कुशीनगर निवासी प्रद्युमन यादव के रूप में हुई है, जो इंदौर की एक निजी कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे।

    जानकारी के अनुसार, प्रद्युमन यादव की शादी 2017 में अर्पिता यादव से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच अनबन शुरू हो गई और पत्नी मायके जाकर रहने लगी। इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया और मामला दहेज उत्पीड़न तक पहुंच गया, जो पिछले 6 सालों से कोर्ट में विचाराधीन था।

    परिजनों के अनुसार, लगातार विवाद और मानसिक तनाव के कारण प्रद्युमन काफी परेशान रहने लगे थे। बीते दिनों कोर्ट की तारीख पर आने के बाद वे गोरखपुर पहुंचे थे और फिर अपने बहनोई के घर हाटा में रुके थे। इसके बाद वह कुसमी जंगल स्थित बुढ़िया माई मंदिर दर्शन के लिए गए।

    इसी दौरान उन्होंने करीब 1 मिनट 48 सेकंड का एक वीडियो रिकॉर्ड कर अपने व्हाट्सऐप स्टेटस पर डाला, जिसमें उन्होंने भावुक होकर अपनी परेशानी साझा की। वीडियो में उन्होंने कहा कि वह अब पूरी तरह टूट चुके हैं और पत्नी के विवादों से परेशान हैं।

    वीडियो में उन्होंने अपने परिवार को संबोधित करते हुए कहा—“भाई, माफ करना… अब माता-पिता को समझा देना कि उनका अब एक ही बेटा है।” साथ ही उन्होंने अपनी बेटी को भी संदेश दिया और भावुक शब्दों में कहा कि वह अब और नहीं सह सकते।

    सबसे दर्दनाक पल वह था जब उन्होंने फंदे की ओर इशारा करते हुए कहा—“देखो मेरा सेहरा तैयार है, मैं अब जा रहा हूं।” इसके बाद उन्होंने पेड़ से लटककर अपनी जान दे दी।

    घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मामला घरेलू विवाद और मानसिक तनाव से जुड़ा प्रतीत होता है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।