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  • नरसिंहपुर में 12 एकड़ सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त, प्रशासन का बड़ा एक्शन; जेसीबी से ढहाया कच्चा मकान

    नरसिंहपुर में 12 एकड़ सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त, प्रशासन का बड़ा एक्शन; जेसीबी से ढहाया कच्चा मकान


    नरसिंहपुर नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा तहसील के ग्राम टेकापार में सोमवार को प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 12 एकड़ शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। राजस्व विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा चलाए गए इस अभियान के दौरान लंबे समय से सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीन और ट्रैक्टरों की सहायता से अतिक्रमण को हटाते हुए एक कच्चे मकान को भी ध्वस्त किया गया।

    प्रशासन की इस कार्रवाई को क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ अब तक की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। सुबह शुरू हुआ अभियान देर शाम तक जारी रहा। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे और प्रशासनिक कार्रवाई को देखते रहे।

    जानकारी के अनुसार, टेकापार गांव स्थित शासकीय भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया था। राजस्व विभाग को इसकी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। जांच के बाद प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई का निर्णय लिया और संयुक्त अभियान चलाकर कब्जे हटाने की प्रक्रिया शुरू की। अभियान का नेतृत्व नायब तहसीलदार ने किया, जबकि राजस्व विभाग के पटवारी, पुलिस बल और अन्य अधिकारी भी मौके पर तैनात रहे।

    अतिक्रमण हटाने के लिए 4 से 5 ट्रैक्टरों के साथ एक जेसीबी मशीन का उपयोग किया गया। अधिकारियों ने जमीन की पैमाइश कर सीमांकन के आधार पर कब्जे हटाए। इस दौरान सरकारी भूमि पर बना एक कच्चा मकान भी प्रशासन ने हटवा दिया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की गई है और शासकीय भूमि को सुरक्षित रखने के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।

    कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि कानून-व्यवस्था बनी रहे। पुलिस बल की मौजूदगी के कारण पूरा अभियान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। किसी भी तरह के विरोध या विवाद की स्थिति सामने नहीं आई। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को शासकीय भूमि पर कब्जा न करने और नियमों का पालन करने की समझाइश भी दी।

    राजस्व विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिलेभर में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों की पहचान की जा रही है। जहां भी अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी संपत्तियों और भूमि की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

    टेकापार में हुई इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य क्षेत्रों में भी अतिक्रमणकारियों के बीच हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है। प्रशासन के सख्त रुख से यह संदेश गया है कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • लॉ कॉलेज के नाम पर सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप, नगर निगम ने 10 करोड़ की भूमि कराई मुक्त

    लॉ कॉलेज के नाम पर सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप, नगर निगम ने 10 करोड़ की भूमि कराई मुक्त


    मध्‍य प्रदेश । जबलपुर में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण और कब्जों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नगर निगम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपए मूल्य की सरकारी भूमि को अपने कब्जे में ले लिया है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार शहर के पॉश इलाके राइट टाउन में स्थित इस भूमि पर लॉ कॉलेज संचालित होने का दावा किया जा रहा था, लेकिन जांच में कई तथ्य संदिग्ध पाए जाने के बाद निगम ने कार्रवाई की।

    जानकारी के अनुसार, Jabalpur Municipal Corporation के आयुक्त Ramprakash Ahirwar को शिकायत प्राप्त हुई थी कि सरकारी स्वामित्व वाली बहुमूल्य जमीन पर कब्जा किया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया था कि परिसर में लॉ कॉलेज संचालित होने की बात कही जाती है, लेकिन वहां नियमित रूप से न तो छात्र दिखाई देते हैं और न ही शिक्षकों की उपस्थिति नजर आती है।

    शिकायत मिलने के बाद निगम प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कराई। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि संबंधित परिसर अधिकांश समय बंद रहता है और वहां शैक्षणिक गतिविधियां भी स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देतीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर निगम आयुक्त ने कार्रवाई के निर्देश जारी किए।

    शुक्रवार को नगर निगम की संपदा शाखा, अतिक्रमण विरोधी दस्ता और क्षेत्रीय अधिकारियों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान परिसर को निगम के कब्जे में लिया गया और मुख्य प्रवेश द्वारों पर ताले लगा दिए गए। अधिकारियों का कहना है कि मुक्त कराई गई भूमि की अनुमानित बाजार कीमत 10 करोड़ रुपए से अधिक है।

    संभाग क्रमांक-13 के संभागीय अधिकारी Sagar Borkar ने बताया कि नगर निगम की ओर से शासकीय और निगम स्वामित्व वाली जमीनों की लगातार जांच की जा रही है। इसी क्रम में राइट टाउन स्थित चंचलाबाई स्कूल क्षेत्र की भूमि की पड़ताल की गई थी।

    जांच में सामने आया कि चंचलाबाई स्कूल के पास स्थित डायवर्सन प्लॉट नंबर-440 और डायवर्सन शीट नंबर-152-सी का एक बड़ा हिस्सा नगर निगम के स्वामित्व में दर्ज है। अधिकारियों के अनुसार इस क्षेत्र में पहले कस्तूरबा स्कूल संचालित होता था। बाद में इस भूमि के एक हिस्से पर कथित रूप से लॉ कॉलेज के नाम पर कब्जा कर लिया गया।

    नगर निगम अधिकारियों का दावा है कि जिस परिसर में कॉलेज संचालित होने की बात कही जा रही थी, वहां पर्याप्त शैक्षणिक गतिविधियां नहीं मिलीं। निरीक्षण के दौरान कमरे तो बने मिले, लेकिन नियमित रूप से छात्र और शिक्षक मौजूद नहीं पाए गए। इसी आधार पर प्रशासन ने भूमि की स्थिति और उपयोग को लेकर गंभीरता से कार्रवाई की।

    नगर निगम का कहना है कि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और संरक्षण उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसलिए जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर तत्काल कदम उठाए गए। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि कब्जा मुक्त कराई गई इस बहुमूल्य भूमि का उपयोग भविष्य में सार्वजनिक हित और नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए किया जा सकता है।

    हालांकि संबंधित पक्ष की ओर से यदि कोई दावा या दस्तावेज प्रस्तुत किए जाते हैं, तो उनका परीक्षण नियमानुसार किया जाएगा। फिलहाल नगर निगम ने परिसर को अपने नियंत्रण में लेकर आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।