Tag: Governor Mangubhai Patel

  • राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अंबेडकर जयंती पर दी श्रद्धांजलि लोकभवन में हुआ कार्यक्रम

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अंबेडकर जयंती पर दी श्रद्धांजलि लोकभवन में हुआ कार्यक्रम

    भोपाल । भोपाल में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर श्रद्धा और सम्मान का वातावरण देखने को मिला। इस मौके पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर बाबा साहेब को नमन किया।

    कार्यक्रम का आयोजन भोपाल स्थित लोकभवन के बैंक्वेट हॉल में किया गया जहां राज्यपाल ने डॉ. अंबेडकर के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने संविधान निर्माता के रूप में बाबा साहेब के अतुलनीय योगदान को याद किया और उनके विचारों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

    इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लोकभवन के अधिकारी और कर्मचारियों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया और बाबा साहेब को आदरांजलि अर्पित की।

    समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने डॉ. अंबेडकर के विचारों और उनके द्वारा स्थापित मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब ने भारतीय समाज को समानता न्याय और अधिकारों का जो संदेश दिया वह आज भी प्रासंगिक है और देश के विकास का मार्गदर्शन करता है।

    यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक चेतना और समता के संदेश को दोहराने का अवसर भी बना। बाबा साहेब के जीवन और संघर्ष को याद करते हुए लोगों ने उनके आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    इस प्रकार भोपाल के लोकभवन में आयोजित यह कार्यक्रम अंबेडकर जयंती के अवसर पर श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक बनकर उभरा जहां संविधान निर्माता को पूरे आदर भाव के साथ याद किया गया।

  • सेवा भाव ही प्राथमिकता: राज्यपाल श्री पटेल ने सिकल सेल और टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा की

    सेवा भाव ही प्राथमिकता: राज्यपाल श्री पटेल ने सिकल सेल और टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा की


    भोपाल । भोपाल में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि दीन-दुखियों की सेवा मानवता की सेवा है और इससे आत्मसंतोष मिलता है। उन्होंने जोर दिया कि मध्यप्रदेश को सिकल सेल और टी.बी. मुक्त बनाने के प्रयासों में सेवा भाव को सर्वोपरि रखना चाहिए।

    राज्यपाल श्री पटेल मंगलवार को लोकभवन में सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन 2047 एवं टी.बी. मुक्त भारत अभियान के तहत लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और आयुष विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल और आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    श्री पटेल ने सिकल सेल रोगियों को आयुष्मान योजना के तहत दी जाने वाली सुविधाओं और पात्रता की जानकारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने 0 से 40 वर्ष तक के व्यक्तियों की विशेष जांच, जांच शिविरों में आमजन को जानकारी देने और जिलेवार उपचार की समीक्षा पर जोर दिया।

    राज्यपाल ने टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सक्रिय सहयोग की अपील की। विशेषकर जनजातीय क्षेत्रों में टी.बी. रोगियों के पोषण आहार वितरण में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। नि:क्षय मित्रों की संख्या बढ़ाकर पोषण आहार वितरण को मजबूत करने का भी मार्गदर्शन किया।

    खनन क्षेत्रों में निवासरत और कार्यरत व्यक्तियों की टी.बी. सघन जांच कराने का निर्देश भी राज्यपाल ने दिया। उन्होंने सिकल सेल कार्यक्रम के अंतर्गत जाँच लक्ष्य, जेनेटिक कार्ड वितरण, हाईड्राक्सी यूरिया की उपलब्धता, गर्भवती माताओं और शिशुओं का प्रबंधन, आयुष्मान कार्ड वितरण, दिव्यांगता प्रमाण पत्र वितरण और 125 दिवसीय जागरूकता अभियान की विस्तृत समीक्षा की।

    उपमुख्यमंत्री और लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। आयुष विभाग के प्रमुख सचिव श्री शोभित जैन ने जिलेवार दवा वितरण, घर-घर दवा वितरण, जाँच और अनुसूचित जनजाति बाहुल्य जिलों में विशेष प्रयासों की जानकारी दी।

    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. सलोनी सिडाना ने राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की उपलब्धियों, सघन स्क्रीनिंग, 100 दिवसीय नि:क्षय अभियान, नि:क्षय मित्र और पोषण आहार वितरण की जानकारी साझा की। राज्यपाल के निर्देशानुसार अनुसूचित जनजाति छात्रावासों में विद्यार्थियों की टी.बी. जाँच, परामर्श और उपचार की प्रक्रिया भी साझा की गई।

    बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री दीपक खांडेकर, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण के अपर मुख्य सचिव श्री अशोक कुमार बर्णवाल, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव श्रीमती मीनाक्षी सिंह, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण एवं आयुष विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और लोकभवन के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

  • श्रीराम जन्मोत्सव पर राज्यपाल ने लोकभवन में की विधिवत पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों के लिए मंगलकामना

    श्रीराम जन्मोत्सव पर राज्यपाल ने लोकभवन में की विधिवत पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों के लिए मंगलकामना


    भोपाल। रामनवमी के पावन अवसर पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने शुक्रवार को लोकभवन स्थित मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने कन्या-पूजन किया और कन्याओं को उपहार प्रदान किए।

    राज्यपाल ने श्रीराम जन्मोत्सव के अवसर पर प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में नियंत्रक हाउस होल्ड श्रीमती शिल्पी दिवाकर और लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

    यह आयोजन राज्य में धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को समर्पित भावनाओं के साथ मनाया गया, जहां सभी ने श्रीराम के आदर्शों और मूल्यपरक जीवन की सीख को याद किया।

  • लोकभवन के नए प्रवेश द्वार से सुदृढ़ हुई प्रशासनिक गरिमा, राज्यपाल ने उद्घाटन किया

    लोकभवन के नए प्रवेश द्वार से सुदृढ़ हुई प्रशासनिक गरिमा, राज्यपाल ने उद्घाटन किया


    भोपाल।
    मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बुधवार को लोकभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक-2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण किया। राज्यपाल ने भारत माता के जयघोष के साथ फीता काटकर नए द्वार का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लोकभवन प्रदेश की प्रशासनिक गरिमा का प्रतीक है और इसके प्रवेश द्वारों का सुव्यवस्थित तथा सुदृढ़ होना न केवल सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि राज्य की सांस्कृतिक स्थापत्य पहचान को भी सशक्त करता है।

    राज्यपाल पटेल ने संबंधित विभागों की इस परियोजना के लिए सराहना की और कहा कि राज्य की सांस्कृतिक विशिष्टताओं को ध्यान में रखते हुए द्वारों का निर्माण किया गया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सुदृढ़ और आकर्षक प्रवेश द्वार लोकभवन परिसर की प्रतिष्ठा में इजाफा करते हैं और आम जनता तथा अधिकारियों के लिए परिसर को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाते हैं। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित थे।

    लोकभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक-1 और 2 के जीर्णोद्धार और सुदृढ़ीकरण कार्य की कुल लागत लगभग 98 लाख 65 हजार रुपये रही। इन कार्यों में संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण, सौंदर्यीकरण और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखा गया है। इसके परिणामस्वरूप परिसर का स्वरूप और अधिक आकर्षक, व्यवस्थित और सुरक्षित हो गया है।

    राज्यपाल पटेल ने अप्रैल 2025 में लोकभवन के दोनों प्रवेश द्वारों के जीर्णोद्धार के लिए भूमि-पूजन किया था और पूजा-अर्चना के साथ निर्माण कार्य की आधारशिला रखी थी। प्रवेश द्वार क्रमांक-1 का लोकार्पण पिछले वर्ष गांधी जयंती के अवसर पर किया गया था। उसके बाद क्रमांक-2 का सुदृढ़ीकरण कार्य प्रारंभ हुआ और अब उसका लोकार्पण किया गया है।

    इस अवसर पर राज्यपाल के उप सचिव सुनील दुबे, विशेष कर्तव्य अधिकारी अरविंद पुरोहित, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता संजय मस्के, वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता और लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से लोकभवन परिसर का स्वरूप न केवल प्रशासनिक दृष्टि से सुरक्षित हुआ है बल्कि सौंदर्य और सुविधाओं के दृष्टिकोण से भी इसे नया रूप मिला है।

    राज्यपाल ने सभी अधिकारियों और कर्मियों की मेहनत की सराहना की और कहा कि लोकभवन जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्रों में संरचनात्मक और सुरक्षा संबंधी सुधार प्रदेश की प्रशासनिक छवि को मजबूत करते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में भी ऐसे विकास कार्यों के माध्यम से लोकभवन और अन्य सरकारी परिसरों का स्वरूप और अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनेगा।

  • MP विधानसभा बजट सत्र 2026 की शुरुआत हंगामे से, राज्यपाल के अभिभाषण के बीच विपक्ष का जोरदार विरोध

    MP विधानसभा बजट सत्र 2026 की शुरुआत हंगामे से, राज्यपाल के अभिभाषण के बीच विपक्ष का जोरदार विरोध


    भोपाल । राजधानी भोपाल में सोमवार को मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026 की शुरुआत तीखे राजनीतिक माहौल के बीच हुई। सदन की कार्यवाही प्रारंभ होते ही परंपरा के अनुसार संपूर्ण छह छंदों में वंदे मातरम् का गायन हुआ। इसके बाद मंगुभाई पटेल ने अभिभाषण पढ़ना शुरू किया लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी और अंततः इसे अगले दिन सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।

    राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में राज्य सरकार की उपलब्धियों विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश आज उस ऐतिहासिक दहलीज पर खड़ा है जिसे केंद्र सरकार ने अमृत काल की संज्ञा दी है। उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है और निवेश को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। हाल ही में भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

    राज्यपाल ने वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पीएम जनमन योजना के तहत 1 लाख 35 हजार से अधिक आवास निर्मित किए गए हैं। साथ ही उज्जैन में मां शिप्रा को प्रदूषण मुक्त बनाने के प्रयासों नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी भी सदन के समक्ष रखी।

    हालांकि अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर आपत्ति जताई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्यपाल को बीच में टोकते हुए आरोप लगाया कि नलजल योजना और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों जैसे गंभीर विषयों का अभिभाषण में उल्लेख नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी जिससे सदन का माहौल गरमा गया।

    विपक्ष का आरोप था कि सरकार जमीनी समस्याओं से ध्यान हटाकर केवल उपलब्धियों का बखान कर रही है। वहीं सत्तापक्ष ने इसे राजनीतिक रणनीति बताते हुए कहा कि बजट सत्र के दौरान हर मुद्दे पर विस्तार से चर्चा का अवसर मिलेगा। लगातार हो रहे शोर-शराबे के बीच राज्यपाल ने अपना अभिभाषण पूरा किया लेकिन स्थिति सामान्य न होने पर विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया।

    अब राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा मंगलवार से शुरू होगी जहां सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं। बजट सत्र की शुरुआत जिस तरह हंगामे के साथ हुई है उससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में सदन के भीतर राजनीतिक तापमान और बढ़ सकता है।

  • लोकतंत्र के पर्व पर सौगात: 25 जनवरी से आम जनता के लिए खुलेगा 'लोकभवन', जानिए समय और प्रवेश की पूरी प्रक्रिया

    लोकतंत्र के पर्व पर सौगात: 25 जनवरी से आम जनता के लिए खुलेगा 'लोकभवन', जानिए समय और प्रवेश की पूरी प्रक्रिया


    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लोकतंत्र के महापर्व गणतंत्र दिवस को खास बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के निर्देशानुसार ऐतिहासिक ‘लोकभवन’ के द्वार आगामी 25 जनवरी से आम नागरिकों के लिए खोल दिए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य जनता को प्रदेश की लोकतांत्रिक और प्रशासनिक विरासत से रूबरू कराना है। नागरिक 25 जनवरी से लेकर 27 जनवरी 2026 तक निर्धारित समयावधि में भवन परिसर का भ्रमण कर सकेंगे और इसकी भव्यता का अवलोकन कर सकेंगे।

    भ्रमण का समय और प्रवेश व्यवस्था राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि आम जनता की सुविधा के लिए अलग-अलग समय तय किए गए हैं। 25 जनवरी और 27 जनवरी 2026 को लोकभवन दोपहर 2:00 बजे से शाम 8:00 बजे तक खुला रहेगा। वहीं 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के मुख्य पर्व पर भ्रमण का समय सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक रखा गया है।भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रवेश और निकास के लिए स्पष्ट मार्ग निर्धारित किए गए हैं। आगंतुकों के लिए प्रवेश गेट क्रमांक-1 से होगा जबकि भ्रमण के पश्चात निकास गेट क्रमांक-4 से सुनिश्चित किया गया है। वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था कुशाभाऊ ठाकरे सभागार मिंटो हॉल परिसर में की गई है ताकि यातायात बाधित न हो।

    आकर्षण का केंद्र: विशेष प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम लोकभवन का यह भ्रमण केवल भवन देखने तक सीमित नहीं होगा बल्कि यहाँ आने वाले लोगों को ज्ञानवर्धक और मनोरंजक अनुभव भी मिलेगा। इस अवसर पर केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा “वीबी-जी रामजी योजना तथा वंदे भारत थीम” पर आधारित एक बेहद आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके साथ ही तीनों दिन केंद्रीय संचार ब्यूरो के सांस्कृतिक दलों द्वारा रंगारंग प्रस्तुतियां दी जाएंगी जो देशभक्ति के रंग में सराबोर होंगी।

    जनसंपर्क विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा भी एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है जिसका विषय “राजभवन से लोकभवन” रखा गया है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से लोकभवन की ऐतिहासिकता इसकी लोकतांत्रिक महत्ता और प्रशासनिक यात्रा को बेहद रोचक ढंग से चित्रों और दस्तावेजों के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा। इतना ही नहीं आगंतुकों के लिए लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जाएगा जो प्रदेश के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालेंगी।राज्यपाल सचिवालय ने प्रदेश के नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अपनी ऐतिहासिक विरासत को करीब से देखें। पूरे रूट पर सुरक्षा और जनसुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि नागरिक सुगमता से अवलोकन कर सकें।

  • पेसा एक्ट के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का हो व्यापक जनजागरण: राज्यपाल श्री पटेल

    पेसा एक्ट के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का हो व्यापक जनजागरण: राज्यपाल श्री पटेल


    भोपाल । राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि जनजातीय सशक्तिकरण की दिशा में पेसा, अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल ने जनजातीय समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन को विकास के नए आयाम दिए हैं। जनजातीय समुदाय और ग्राम सभाओं में पेसा नियम की जन जागरूकता आवश्यक है। संबंधित विभाग पेसा नियम के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। ग्राम सभा और समितियों की विशेष सफलताओं को जन-जन तक पहुंचाने नवाचार करें। राज्यपाल श्री पटेल ने यह बात पंचायत एवं ग्रामीण विकास और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा बैठक में कहीं। उन्होंने पेसा ग्राम सभाओं और पेसा समितियों द्वारा किए गए विशेष कार्यों की जानकारी ली और सराहना की। लोक भवन में शुक्रवार को आयोजित समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल भी मौजूद रहे।

    राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि पेसा नियमों के तहत गठित शांति एवं विवाद निवारण समितियों द्वारा स्थानीय स्तर पर विवाद निवारण की सफलता अत्यंत उत्साहवर्धक है। यह सामाजिक सौहार्द्र एवं भाईचारे की भावना को मजबूत कर रही है। जनजातीय समुदाय को अनावश्यक मुकदमों एवं आर्थिक बोझ से मुक्ति दिलाने का सराहनीय कार्य कर रही है। इन महत्वपूर्ण उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाया जाना चाहिए। संबंधित विभाग इन सफलताओं की बुकलेट बनाएं और वितरित करें। बैठक में पेसा ग्राम सभाओं के वित्तीय पक्ष, वन ग्रामों को राजस्व में परिवर्तन, ग्राम सभाओं के नजरी नक्शा, लंबित प्रस्ताव, पट्टों की स्थिति, तेंदुपत्ता संग्रहण भुगतान आदि विभिन्न बिन्दुओं की विस्तार से समीक्षा की।

    राज्यपाल श्री पटेल को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री पटेल ने पेसा नियमों के प्रभावी प्रचार-प्रसार, आगामी लक्ष्यों, उपलब्धियों, कठिनाईयों और उनके व्यावहारिक समाधान के विभागीय प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पेसा मोबेलाइजर्स के मानदेय के भुगतान संबंधी आगामी नवाचार प्रयासों को बताया। राज्यपाल श्री पटेल को बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्धारित बिन्दुओं पर विस्तार से जानकारी दी।

    समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री गुलशन बामरा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आयुक्त सह-संचालक श्री छोटे सिंह, जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त सह-संचालक डॉ. सतेन्द्र सिंह, राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव और दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।