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  • छह साल बाद पूरा हुआ अलेक्जेंडर ज्वेरेव का सपना, बेन शेल्टन को हराकर पहली बार जीता US Open खिताब

    छह साल बाद पूरा हुआ अलेक्जेंडर ज्वेरेव का सपना, बेन शेल्टन को हराकर पहली बार जीता US Open खिताब

    नई दिल्ली । जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने यूएस ओपन 2026 में मेन्स सिंगल्स खिताब जीत लिया. 13 सितंबर (रविवार) को न्यूयॉर्क के आर्थर ऐश स्टेडियम में आयोजित खिताबी मुकाबले में ज्वेरेव ने यूएसए के बेन शेल्टन को 6-3, 7-6(2), 5-7, 6-2 से हराया. ज्वेरेव ने यह मुकाबला 3 घंटा और 33 मिनट में जीता. वर्ल्ड नंबर-2 ज्वेरेव का यह पहला यूएस ओपन खिताब है. ओवरऑल ज्वेरेव ने दूसरी बार ग्रैंड स्लैम टाइटल जीता है. इसी साल फ्रेंच ओपन में भी ज्वेरेव ने खिताबी जीत हासिल की थी.

    फाइनल जीतने के बाद 29 वर्षीय अलेक्जेंडर ज्वेरेव कुछ पल तक कोर्ट पर खड़े रहे. बेन शेल्टन की फोरहैंड गलती के साथ जैसे ही मुकाबला खत्म हुआ, उन्हें भी कुछ सेकंड के लिए यकीन नहीं हुआ कि आखिरकार वह मंजिल हासिल कर चुके हैं. आर्थर ऐश स्टेडियम में मौजूद दर्शकों के शोर के बीच उन्होंने दोनों हाथ ऊपर उठाए और लंबे इंतजार के बाद इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया.

    अलेक्जेंडर ज्वेरेव के लिए इस जीत की अहमियत इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि छह साल पहले इसी टूर्नामेंट में उनका सपना टूट गया था. 2020 यूएस ओपन फाइनल में उन्होंने डोमिनिक थीम के खिलाफ दो सेट की बढ़त हासिल कर ली थी, लेकिन इसके बाद मुकाबला उनके हाथ से निकल गया था. इस बार भी तीसरे सेट में बेन शेल्टन की वापसी ने पुराने फाइनल की यादें ताजा कर दी थीं. ज्वेरेव शुरुआती दो सेट जीत चुके थे, लेकिन शेल्टन ने तीसरा सेट 7-5 से अपने नाम कर मुकाबले को फिर से रोमांचक बना दिया. हालांकि ज्वेरेव ने चौथे सेट में खुद को संभाला और कोई बड़ा उलटफेर नहीं होने दिया.

    दूसरी ओर आठवीं वरीयता प्राप्त बेन शेल्टन अमेरिकी टेनिस के लिए बड़ा इतिहास रचने की कोशिश में थे. वह 2003 में एंडी रोडिक के बाद ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताब जीतने वाले पहले अमेरिकी पुरुष खिलाड़ी बनने से सिर्फ एक जीत दूर थे. लेकिन अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने उनका सपना पूरा नहीं होने दिया. इस जीत के साथ ज्वेरेव ने शेल्टन के खिलाफ अपना रिकॉर्ड 6-0 कर लिया.

    ज्वेरेव ने फाइनल की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की. उनके गहरी और तेज बेसलाइन शॉट्स ने बेन शेल्टन को लगातार पीछे रखा. 23 वर्षीय अमेरिकी खिलाड़ी ने शुरुआती गेम में कुछ शानदार शॉट जरूर लगाए, लेकिन ज्वेरेव ने दबाव बनाए रखा. शेल्टन के डबल फॉल्ट ने ज्वेरेव को शुरुआती ब्रेक दिलाया और जर्मन खिलाड़ी ने 2-0 की बढ़त बना ली. इसके बाद 5-3 पर ज्वेरेव ने एक और ब्रेक हासिल किया और पहला सेट 6-3 से अपने नाम कर लिया.

    दूसरे सेट में बेन शेल्टन ने वापसी की कोशिश की. उनकी सर्विस बेहतर हुई और लंबे रैलियों में उन्होंने अलेक्जेंडर ज्वेरेव को बराबरी की चुनौती दी. दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ और कोई भी आसानी से बढ़त बनाने में सफल नहीं रहा. सेट 5-5 तक पहुंचा और मुकाबला टाईब्रेक में चला गया. यहां ज्वेरेव ने अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाया. उन्होंने 5-0 की बढ़त हासिल कर ली और आखिर में टाईब्रेक 7-2 से जीतकर मैच में 2-0 की बढ़त बना ली.

    तीसरे सेट में शेल्टन का जबरदस्त खेल

    दो सेट से पीछे होने के बावजूद बेन शेल्टन ने हार नहीं मानी. उन्होंने तीसरे सेट में आक्रामकता बढ़ाई और अलेक्जेंडर ज्वेरेव की लय को तोड़ने में सफल रहे. 5-5 के स्कोर पर शेल्टन ने ज्वेरेव पर दबाव बनाया. इसके बाद उन्होंने 0-40 की बढ़त हासिल कर तीन सेट पॉइंट हासिल किए. ज्वेरेव ने एक मौका बचाया, लेकिन अगली कोशिश में उनकी फोरहैंड वॉली बाहर चली गई. शेल्टन ने तीसरा सेट 7-5 से जीतकर मुकाबले में वापसी की उम्मीद जगा दी.

    चौथे सेट में ज्वेरेव ने नहीं दोहराई पुरानी गलती

    चौथे सेट में अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया. उन्होंने बेन शेल्टन की सर्विस पर दबाव बनाया और जल्द ही ब्रेक हासिल कर लिया. इसके बाद उन्होंने अपनी सर्विस बचाते हुए 2-0 की बढ़त बना ली. शेल्टन ने संघर्ष जारी रखा, लेकिन ज्वेरेव ने उन्हें मैच में वापस आने का मौका नहीं दिया. 4-2 पर ज्वेरेव ने एक और ब्रेक हासिल किया. शेल्टन की लगातार गलतियों का फायदा उठाते हुए उन्होंने तीन ब्रेक पॉइंट बनाए और बैकहैंड की एक और गलती के बाद बढ़त 5-2 कर ली.

    5-2 पर अलेक्जेंडर ज्वेरेव खिताब के लिए सर्व करने उतरे. शुरुआत में डबल फॉल्ट के कारण थोड़ी परेशानी जरूर आई, लेकिन उन्होंने तुरंत जोरदार ऐस और दमदार फोरहैंड विनर के साथ वापसी की. इसके बाद उन्हें चैम्पियनशिप पॉइंट मिला. शेल्टन का फोरहैंड बाहर चला गया और ज्वेरेव ने 6-2 से चौथा सेट जीतकर यूएस ओपन ट्रॉफी अपने नाम कर ली.

  • दुनिया के नंबर वन यानिक सिनर का जलवा विम्बलडन 2026 जीतकर बनाए कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड

    दुनिया के नंबर वन यानिक सिनर का जलवा विम्बलडन 2026 जीतकर बनाए कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड


    नई दिल्ली । इटली के स्टार टेनिस खिलाड़ी यानिक सिनर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मौजूदा दौर में उनसे बेहतर खिलाड़ी बहुत कम हैं। विम्बलडन 2026 के पुरुष एकल फाइनल में विश्व नंबर एक सिनर ने जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव को शानदार मुकाबले में हराकर लगातार दूसरी बार खिताब अपने नाम कर लिया। करीब चार घंटे तक चले रोमांचक मुकाबले में सिनर ने पहले सेट में पिछड़ने के बाद जबरदस्त वापसी की और चार सेटों में जीत दर्ज करते हुए अपने करियर का पांचवां ग्रैंड स्लैम खिताब हासिल कर लिया। इस जीत के साथ उन्होंने अपना 30वां एटीपी खिताब भी जीत लिया और कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए।

    फाइनल मुकाबले की शुरुआत बेहद रोमांचक रही। पहले सेट में दोनों खिलाड़ियों ने अपनी सर्विस शानदार तरीके से बचाई और किसी को भी ब्रेक का मौका नहीं मिला। मुकाबला टाई ब्रेक तक पहुंचा जहां अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए पहला सेट जीत लिया। यह लंबे समय बाद था जब ज्वेरेव ने सिनर के खिलाफ कोई सेट अपने नाम किया। पहले सेट की हार के बावजूद यानिक सिनर ने धैर्य नहीं खोया और दूसरे सेट में अपने खेल का स्तर और ऊंचा कर दिया।

    दूसरे सेट में सिनर ने शानदार रिटर्न गेम और बेहतरीन कोर्ट कवरेज का प्रदर्शन किया। टाई ब्रेक में उन्होंने पूरी तरह मुकाबले पर नियंत्रण बना लिया और स्कोर बराबर कर दिया। इसके बाद मैच का रुख पूरी तरह बदल गया। तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच लंबी रैलियां देखने को मिलीं लेकिन निर्णायक समय पर सिनर ने अपनी आक्रामक रणनीति से ज्वेरेव की सर्विस तोड़ दी और आसानी से सेट अपने नाम कर लिया।

    चौथे सेट में ज्वेरेव ने वापसी की पूरी कोशिश की लेकिन सिनर किसी भी तरह का मौका देने के मूड में नहीं थे। बराबरी के स्कोर के बाद उन्होंने एक महत्वपूर्ण ब्रेक हासिल किया और अपनी मजबूत सर्विस के दम पर मुकाबला समाप्त कर दिया। जीत का अंक हासिल करते ही सिनर खुशी से सेंटर कोर्ट की घास पर लेट गए और दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया। यह पल उनके करियर के सबसे यादगार क्षणों में शामिल हो गया।

    इस जीत के साथ 24 वर्षीय यानिक सिनर ने कई बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम किए। वह विश्व नंबर एक रहते हुए लगातार दो बार विम्बलडन जीतने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए। इसके अलावा यह उनके करियर की 100वीं ग्रैंड स्लैम मैच जीत भी रही। ज्वेरेव के खिलाफ उनकी लगातार जीत का सिलसिला भी बरकरार रहा जिससे उन्होंने अपनी मानसिक मजबूती और शानदार फॉर्म का परिचय दिया।

    फ्रेंच ओपन में मिली निराशा के बाद कई विशेषज्ञ उनकी लय को लेकर सवाल उठा रहे थे लेकिन विम्बलडन में सिनर ने अपने प्रदर्शन से सभी आलोचनाओं का जवाब दे दिया। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने शानदार आत्मविश्वास बेहतरीन फिटनेस और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। उनकी इस ऐतिहासिक जीत ने साफ कर दिया है कि मौजूदा समय में पुरुष टेनिस में वह सबसे मजबूत दावेदार हैं। लगातार दूसरी बार विम्बलडन का ताज जीतकर यानिक सिनर ने अपने सुनहरे भविष्य की एक और शानदार कहानी लिख दी है।