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  • निराला एस्पायर सोसाइटी में दबंगई की हदें पार, गरबा में महिलाओं से बदसलूकी का आरोप; बैरियर तोड़कर फरार हुए थार सवार

    निराला एस्पायर सोसाइटी में दबंगई की हदें पार, गरबा में महिलाओं से बदसलूकी का आरोप; बैरियर तोड़कर फरार हुए थार सवार


    नई दिल्ली। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की निराला एस्पायर सोसाइटी में गरबा कार्यक्रम के दौरान हंगामे का मामला सामने आया है। आरोप है कि बाहर से आए कुछ लोगों ने कार्यक्रम में शामिल महिलाओं के साथ बदसलूकी की और विरोध करने पर सोसाइटी के निवासियों के साथ गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं आरोपियों पर शराब के नशे में तेज रफ्तार से थार गाड़ी दौड़ाकर लोगों को कुचलने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया गया है। घटना के बाद सोसाइटी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शिकायत के आधार पर बिसरख थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया है।

    पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक यह घटना 18 अक्टूबर की रात करीब 11 बजकर 5 मिनट की है। उस समय निराला एस्पायर सोसाइटी में गरबा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था जिसमें सोसाइटी के परिवार और महिलाएं हिस्सा ले रहे थे। इसी दौरान चार गाड़ियों में करीब दस लोग वहां पहुंचे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन लोगों ने अन्य गाड़ियों को भी परिसर में बुला लिया और नो पार्किंग क्षेत्र में जबरन वाहन खड़े कर दिए। इसके बाद कुछ लोग गरबा कार्यक्रम में पहुंचे और वहां मौजूद महिलाओं के साथ बदसलूकी करने लगे।

    सोसाइटी के सिक्योरिटी ऑफिसर विश्वास कुमार सिंह के मुताबिक जब लोगों ने इस व्यवहार का विरोध किया और गाड़ियां हटाने के लिए अनाउंसमेंट कराया गया तो आरोपी भड़क गए। आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी और सोसाइटी के निवासियों को जान से मारने की धमकी देने लगे। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कुछ लोग शराब के नशे में थे। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की लेकिन विवाद बढ़ता चला गया। इसके बाद आरोपियों को सोसाइटी से बाहर जाने के लिए कहा गया।

    शिकायत के अनुसार गाड़ियों में बैठकर निकलते समय थार सवार लोगों ने तेज रफ्तार से वाहन दौड़ाया। जब सुरक्षा गार्ड और कुछ निवासियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो आरोप है कि उन्होंने गाड़ी की रफ्तार और बढ़ा दी। इससे वहां मौजूद लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। बताया गया है कि थार सवार पहले सोसाइटी के मुख्य गेट की तरफ पहुंचे लेकिन वहां रोके जाने की कोशिश के बाद वे गेट नंबर दो की ओर भागे। गेट बंद मिलने पर थार से उतरे एक व्यक्ति ने उसे खोलने का प्रयास किया। गार्ड के रोकने पर आरोपियों ने कथित तौर पर बूम बैरियर तोड़ दिया और गाड़ी समेत मौके से फरार हो गए।

    घटना के दौरान सोसाइटी की ओर से पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल कर मदद मांगी गई थी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि पूरे घटनाक्रम से जुड़े वीडियो साक्ष्य भी मौजूद हैं। शिकायत में अन्य गाड़ियों और उनमें मौजूद लोगों का भी उल्लेख किया गया है। सोसाइटी के निवासियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो और परिसर में रहने वाले परिवार सुरक्षित महसूस कर सकें।

    वहीं बिसरख थाना पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा से संबंधित प्रावधानों के तहत धारा 151 की कार्रवाई भी की गई है। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। फिलहाल इस घटना ने सोसाइटी में महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान बाहरी लोगों की आवाजाही पर निगरानी जैसे सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • नोएडा बेसमेंट हादसा: SDRF-NDRF के सामने डूबता रहा युवराज, पिता बोले– मेरा बेटा तड़पता रहा कोई नहीं बचा पाया

    नोएडा बेसमेंट हादसा: SDRF-NDRF के सामने डूबता रहा युवराज, पिता बोले– मेरा बेटा तड़पता रहा कोई नहीं बचा पाया


    नई दिल्ली। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुआ बेसमेंट हादसा पूरे शहर को झकझोर कर रख देने वाला है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद उनके पिता राजकुमार मेहता का दर्द छलक पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर SDRF और NDRF की टीमें मौजूद थीं, लेकिन उनके बेटे को समय रहते नहीं बचाया गया। राजकुमार मेहता का कहना है कि उनके सामने ही युवराज पानी में तड़पता रहा और मदद के इंतजार में उसकी जान चली गई।

    हादसे की रात करीब 12 बजे युवराज ने अपने पिता को फोन कर बताया कि उसकी कार गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गई है। सूचना मिलते ही राजकुमार मेहता रात 12:40 बजे मौके पर पहुंचे, लेकिन घना कोहरा और अंधेरा रास्ता बन गया। युवराज ने फोन की टॉर्च जलाकर यह संकेत दिया कि वह पानी में फंसा है और लगातार मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन कोई ठोस रेस्क्यू शुरू नहीं हो सका।पिता का आरोप है कि पुलिस दमकल विभाग SDRF और NDRF मौके पर तो पहुंचे लेकिन उनके पास न तो गोताखोर थे और न ही पर्याप्त उपकरण। बचाव दल ने पानी के अंदर सरिया और अत्यधिक ठंड का हवाला देकर अंदर जाने से मना कर दिया। इसी देरी में युवराज की हालत बिगड़ती चली गई और वह कार समेत डूब गया।

    राजकुमार मेहता ने बताया कि हादसा जिस जगह हुआ, वहां करीब 50 फीट गहरा गड्ढा था, जिसमें पहले से पानी भरा हुआ था। न तो वहां कोई बैरिकेडिंग थी, न रिफ्लेक्टर और न ही चेतावनी बोर्ड। यह इलाका एमजेड विशटाउन प्लानर्स और लोटस ग्रीन से जुड़ा बताया जा रहा है। पिता ने आरोप लगाया कि बिल्डरों और प्राधिकरण की घोर लापरवाही की वजह से उनके बेटे की जान गई।बचाव के दौरान पहले रस्सी फेंकी गई लेकिन वह कार तक नहीं पहुंची। इसके बाद क्रेन मंगाई गई मगर वह भी नाकाम साबित हुई। कई घंटे बाद SDRF और NDRF ने सर्च ऑपरेशन चलाया और युवराज को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

    इस मामले में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने दोनों बिल्डर कंपनियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और लापरवाही से जुड़े धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। वहीं, इलाके के लोगों और सोसाइटी निवासियों ने कैंडल मार्च निकालकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे की जांच जारी है और जो भी दोषी पाया जाएगा- उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन युवराज के पिता का सवाल अब भी कायम है-अगर समय पर सही इंतजाम होते तो क्या उनका बेटा आज जिंदा होता?