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  • ग्रेटर नोएडा के PNB में करोड़ों की FD गायब होने का आरोप, मैनेजर समेत 5 कर्मचारी सस्पेंड

    ग्रेटर नोएडा के PNB में करोड़ों की FD गायब होने का आरोप, मैनेजर समेत 5 कर्मचारी सस्पेंड


    ग्रेटर नोएडा। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की सेक्टर पाई-1 शाखा में कई खाताधारकों की करोड़ों रुपये की जमा रकम कथित तौर पर गायब होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि खाताधारकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) समय से पहले तोड़कर रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी गई। मामले में अब तक 16 लोग पुलिस से शिकायत कर चुके हैं। बैंक प्रबंधन ने शाखा प्रबंधक समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है, जबकि पुलिस और बैंक की एंटी करप्शन टीम मामले की जांच कर रही हैं।

    खाते में 94 लाख रुपये थे, बचे सिर्फ 16 हजार

    मामले का खुलासा ग्रेटर नोएडा के बिरोंडी गांव के रहने वाले गौतम की शिकायत के बाद हुआ। गौतम के मुताबिक, उनके पिता का खाता सेक्टर पाई-1 स्थित PNB शाखा में है। परिवार को 50 हजार रुपये की जरूरत थी। चेकबुक नहीं होने के कारण वह पैसे निकालने के लिए बैंक पहुंचे और निर्धारित प्रक्रिया के तहत निकासी फॉर्म भरकर कर्मचारियों को दिया।

    गौतम का आरोप है कि बैंक कर्मचारियों ने खाते में पर्याप्त रकम नहीं होने की बात कही। इसके बाद जब उन्होंने खाते की जानकारी ली तो पता चला कि उसमें करीब 94 लाख रुपये होने के बावजूद सिर्फ 16 हजार रुपये बचे हैं। इस जानकारी के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की। गौतम के अनुसार, बैंक अधिकारियों ने उन्हें रकम वापस दिलाने का आश्वासन दिया है।

    जमीन अधिग्रहण के मुआवजे के 1.29 करोड़ रुपये भी गायब होने का आरोप

    एक अन्य खाताधारक ने बताया कि उनकी मां के खाते में जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण के मुआवजे के रूप में करीब 1 करोड़ 29 लाख रुपये आए थे। परिवार ने जरूरत के अनुसार इसमें से लगभग 10 से 12 लाख रुपये निकाले थे। इसके बाद खाते में करीब 1 करोड़ 18 लाख रुपये शेष रहने चाहिए थे।

    खाताधारक के मुताबिक, जब परिवार को रकम की जरूरत पड़ी तो खाते में एक रुपया भी नहीं मिला। इसी दौरान परिचितों के जरिए उन्हें बैंक में कथित गड़बड़ी की जानकारी हुई। उनका कहना है कि बैंक की ओर से 10 से 15 दिन के भीतर रकम लौटाने का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, परिवार पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है।

    पांच कर्मचारी निलंबित, शाखा में नया स्टाफ तैनात

    मामला सामने आने के बाद PNB के वरिष्ठ अधिकारी शाखा पहुंचे और खाताधारकों से बातचीत कर उन्हें आश्वासन दिया। बैंक प्रबंधन ने शाखा प्रबंधक समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही शाखा में नए कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

    बैंक स्तर पर यह जांच की जा रही है कि कथित गड़बड़ी कैसे हुई और इसमें किन कर्मचारियों की भूमिका रही। हालांकि, बैंक की ओर से अब तक मामले में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि कुल कितने खाताधारक प्रभावित हुए हैं, कितनी रकम का लेनदेन संदिग्ध है और पैसा किन खातों में ट्रांसफर किया गया।

    पुलिस ने ACP ग्रेटर नोएडा को सौंपी जांच

    नोएडा पुलिस कमिश्नरेट के प्रवक्ता के अनुसार, थाना बीटा-2 क्षेत्र में स्थित बैंक से जुड़ी शिकायतों के मामले में बैंक प्रबंधन ने खाताधारकों को समाधान का आश्वासन दिया है। प्रकरण में शाखा प्रबंधक सहित कई कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए एसीपी ग्रेटर नोएडा को निर्देश दिए हैं।

    पुलिस के मुताबिक, अब तक 16 लोग शिकायत दे चुके हैं। फिलहाल शिकायतों के आधार पर जांच की जा रही है। जांच में सामने आएगा कि खाताधारकों की रकम किस तरह निकाली गई या दूसरे खातों में ट्रांसफर की गई और कथित गड़बड़ी में किन लोगों की भूमिका थी।

  • दीपिका नागर मौत मामला: दहेज प्रताड़ना के आरोपों से हड़कंप, बहन की “एनकाउंटर” की मांग से बढ़ा विवाद

    दीपिका नागर मौत मामला: दहेज प्रताड़ना के आरोपों से हड़कंप, बहन की “एनकाउंटर” की मांग से बढ़ा विवाद



    नोएडा। जलपुरा गांव में 17 मई को हुई 25 वर्षीय दीपिका नागर की संदिग्ध मौत ने अब एक बड़े दहेज प्रताड़ना और हत्या के आरोपों का रूप ले लिया है। प्रारंभिक जानकारी में पुलिस और ससुराल पक्ष ने इसे छत से गिरने की घटना बताया था, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

    परिवार का दावा है कि दीपिका नागर के शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान मिले हैं, जो सामान्य गिरने से मेल नहीं खाते। रिपोर्ट में ब्रेन हेमेटोमा, अंदरूनी रक्तस्राव और शरीर पर गहरे चोट के निशान जैसी गंभीर चोटों का उल्लेख सामने आया है। इसी आधार पर परिवार ने आरोप लगाया है कि दीपिका की पहले बेरहमी से पिटाई की गई और फिर घटना को आत्महत्या या दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई।

    दीपिका के परिवार का कहना है कि उसकी शादी दिसंबर 2024 में ऋतिक नामक युवक से हुई थी और शादी के बाद से ही उसे लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार के अनुसार, ससुराल पक्ष द्वारा फॉर्च्यूनर कार और 50 लाख रुपये की मांग की जा रही थी।

    घटना के बाद दीपिका की बहन सारिका नागर ने भावुक होकर आरोपियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि उसकी बहन के साथ अमानवीय व्यवहार हुआ और उसे “नोंचकर मार डाला गया।” आक्रोश में सारिका ने यहां तक मांग कर दी कि आरोपियों का “एनकाउंटर” किया जाए, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।

    परिवार के अन्य सदस्यों का कहना है कि दीपिका ने मौत से कुछ घंटे पहले फोन पर दहेज प्रताड़ना और मारपीट की बात भी बताई थी। इसके बाद अचानक सूचना मिली कि वह छत से गिर गई है, लेकिन जब परिवार अस्पताल पहुंचा तो दीपिका की मौत हो चुकी थी।

    फिलहाल यह मामला दहेज हत्या और घरेलू हिंसा के गंभीर आरोपों के बीच जांच के दायरे में है। पुलिस की ओर से आधिकारिक जांच जारी है, जबकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।

  • Greater Noida में बड़े पैमाने पर चल रहा धर्मांतरण का खेल… हिन्दुओं को लालच देकर बनाया जा रहा ईसाई

    Greater Noida में बड़े पैमाने पर चल रहा धर्मांतरण का खेल… हिन्दुओं को लालच देकर बनाया जा रहा ईसाई


    ग्रेटर नोएडा।
    गौतम बुद्ध नगर जिले (Gautam Buddha Nagar District) में धर्मांतरण (Conversion.) के लिए लोगों को प्रलोभन देकर उकसाने का मामला पिछले पन्द्रह साल से चल रहा है। दादरी (Dadri) से इसकी शुरुआत हुई जो धीरे-धीरे कस्बे से निकलकर शहर की ओर बढ़ रहा है। हिंदू संगठनों का कहना है कि पुलिस इसमें कार्रवाई करती है लेकिन, इसकी जड़ तक नहीं पहुंच पाती। इससे यह मामला अब बड़े स्तर पर पहुंच गया है।


    15 साल से चल रहा धर्मांतरण का रैकेट

    दादरी कस्बे के गौतमपुरी मोहल्ले में करीब पन्द्रह साल पहले ईसाई धर्म के लोग दूसरे धर्म के लोगों को प्रलोभन देने के लिए रविवार को प्रार्थना सभा कराते थे। एक हिंदू संगठन से जुड़े पदाधिकारी ने बताया कि मोहल्ले में सार्वजनिक स्थल पर चोरी छिपे सभा आयोजित की जाती थी, लेकिन इस धर्मांतरण को लेकर लोग जागरुक नहीं थे। कोई विरोध भी नहीं करता था। एक लाख रुपये का प्रलोभन देकर धर्म के प्रति लोगों को उकसाया जाता था। उसे दौरान कुछ लोगों ने इसकी शिकायत भी की थी। पुलिस मौके पर पहुंचती थी। इसके बाद धर्म परिवर्तन कराने वाले लोग वहां से भाग जाते थे।


    सेक्टर डेल्टा दो में भी ऐसा मामला सामने आया था

    सेक्टर डेल्टा-2 में हिंदू परिवार की महिला को ईसाई धर्म अपनाने के लिए लालच देने पहुंचीं महिलाओं समेत चार के खिलाफ केस दर्ज किया गया। सभी आरोपी घर में हिंदू परिवार की महिला को धन का लालच देकर धर्मांतरण का दबाव बना रहे थे।