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  • क्रिकेट खेलते समय गहरे गड्ढे में गिरा मासूम, ग्रेटर नोएडा हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में.

    क्रिकेट खेलते समय गहरे गड्ढे में गिरा मासूम, ग्रेटर नोएडा हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में.

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक दर्दनाक हादसे ने निर्माण कार्यों के दौरान बरती जा रही सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नॉलेज पार्क क्षेत्र स्थित कलाधाम सोसायटी के पास बोरिंग कार्य के लिए खोदे गए खुले और पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिरने से छह वर्षीय अव्यान सूर्या की मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब मासूम अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है, वहीं प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है।

    बताया गया कि अव्यान अपने साथियों के साथ सोसायटी के बाहर खेल रहा था। खेल के दौरान वह करीब 15 फीट गहरे गड्ढे के पास पहुंच गया और अचानक उसमें गिर गया। गड्ढे में बारिश का पानी भरा हुआ था, जिससे बच्चे को तुरंत बाहर निकालना संभव नहीं हो सका। अन्य बच्चों के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और काफी प्रयास के बाद उसे बाहर निकाला। इसके बाद उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    घटना के बाद सड़क पर पड़े क्रिकेट बैट और विकेट उस दर्दनाक पल की गवाही देते नजर आए, जब खेलते-खेलते एक मासूम की जिंदगी हमेशा के लिए थम गई। अव्यान के पिता सीवान यादव, जो केंद्रीय विद्यालय में उपप्रधानाचार्य हैं, ने बेटे की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यदि संबंधित अधिकारियों ने समय रहते सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने कहा कि उनका बेटा अभी दुनिया को ठीक से देख भी नहीं पाया था और अन्य बच्चों की तरह उसे भी बाहर खेलना बेहद पसंद था।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि बोरिंग कार्य के लिए यह गड्ढा कई दिन पहले खोदा गया था। लगातार बारिश के कारण उसमें पानी भर गया, लेकिन उसके चारों ओर न तो बैरिकेडिंग की गई और न ही किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड लगाया गया। लोगों का कहना है कि खुले गड्ढे के आसपास सुरक्षा घेरा बनाना और लोगों को सतर्क करना संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी थी, लेकिन इस दिशा में आवश्यक सावधानी नहीं बरती गई।

    हादसे के बाद पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बोरिंग कार्य से जुड़े ठेकेदार, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सुपरवाइजर और तकनीकी सुपरवाइजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। ठेकेदार मनोज जैन को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

    यह घटना सार्वजनिक स्थलों पर निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता को एक बार फिर सामने लेकर आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि खुले गड्ढों, निर्माण स्थलों और अन्य जोखिम वाले क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षा घेरा, चेतावनी संकेत और नियमित निगरानी अनिवार्य होनी चाहिए, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके। स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में किसी भी निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • दिल्ली-NCR के प्रदूषण ने बदली बॉक्सिंग की तारीखें: अब 4 जनवरी से ग्रेटर नोएडा में शुरू होगी नेशनल चैंपियनशिप, पहली बार साथ होंगे पुरुष और महिला वर्ग

    दिल्ली-NCR के प्रदूषण ने बदली बॉक्सिंग की तारीखें: अब 4 जनवरी से ग्रेटर नोएडा में शुरू होगी नेशनल चैंपियनशिप, पहली बार साथ होंगे पुरुष और महिला वर्ग


    नई दिल्ली /दिल्ली-एनसीआर में लगातार खराब होती एयर क्वॉलिटी लोगों के स्वास्थ्य के साथ-साथ खेल आयोजनों के शेड्यूल पर भी असर डाल रही है। इसी कारण नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप- जिसे पहले 31 दिसंबर 2025 से 6 जनवरी 2026 के बीच कराया जाना था- अब नई तारीखों के साथ अगले वर्ष 4 से 10 जनवरी 2026 तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित की जाएगी। बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया BFI ने उत्तर भारत में लागू प्रदूषण नियंत्रण नियमों को देखते हुए यह निर्णय लिया है। चैंपियनशिप का आयोजन ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी में ही होगा- जहां तैयारी पहले से ही लगभग पूरी की जा चुकी है। बीएफआई अधिकारियों ने जानकारी दी कि सरकार द्वारा 31 दिसंबर 2025 तक अनिवार्य किए गए पॉल्यूशन कंट्रोल उपायों के चलते तारीखें बदलनी पड़ी हैं- लेकिन आयोजन स्थल- मैच शेड्यूल और तकनीकी इंतजामों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा। केवल तारीखों में परिवर्तन हुआ है ताकि खिलाड़ी एक बेहतर और सुरक्षित वातावरण में मुकाबलों में हिस्सा ले सकें।

    इस बार की चैंपियनशिप कई मायनों में खास रहने वाली है। पहली बार बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया पुरुष और महिला दोनों वर्गों की नेशनल चैंपियनशिप को एक साथ आयोजित कर रहा है। इससे देशभर के टॉप मुक्केबाज एक ही मंच पर नजर आएंगे और बॉक्सिंग प्रेमियों को एक ही स्थान पर दोनों श्रेणियों के रोमांचक मुकाबले देखने का मौका मिलेगा। यह न केवल खेल प्रेमियों के लिए खास अवसर है- बल्कि खिलाड़ियों के लिए भी यह वातावरण प्रेरणादायक अहम होगा- जहां वे देश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों से मुकाबला कर अपनी क्षमता का मूल्यांकन कर सकेंगे। दोनों वर्गों में 10-10 वेट कैटेगरीज रखी गई हैं और सभी मुकाबले वर्ल्ड बॉक्सिंग के तकनीकी व प्रतियोगिता नियमों के अनुसार खेले जाएंगे। बीएफआई ने स्पष्ट किया है कि पूरे आयोजन में अंतरराष्ट्रीय स्तर की व्यवस्था की जाएगी- ताकि खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय प्रतियोगिता जैसा अनुभव मिल सके।

    इस बार सर्विसेज टीम पुरुष वर्ग में डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में उतर रही है। उसका जोर लगातार दूसरी बार खिताब जीतकर अपना दबदबा बरकरार रखने पर रहेगा। वहीं महिला वर्ग में रेलवे की टीम अपने खिताब की रक्षा के उद्देश्य से मैदान में उतरने जा रही है। दोनों टीमों की तैयारी जोर-शोर से चल रही है और वे अपनी-अपनी श्रेणी में मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं। हरियाणा- जो लंबे समय से भारतीय बॉक्सिंग का मजबूत केंद्र रहा है- इस चैंपियनशिप में भी कई प्रतिभाशाली मुक्केबाज उतारने जा रहा है। राज्य के कई खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है- इसलिए इस टूर्नामेंट में उनकी मौजूदगी इसे और प्रतिस्पर्धी बना देगी।

    देशभर की बॉक्सिंग यूनिट्स इस आयोजन में हिस्सा लेंगी- जिसमें अनुभवी खिलाड़ियों के साथ कई उभरते हुए युवा भी अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए तैयार हैं। यह चैंपियनशिप आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयारियों और चयन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बॉक्सिंग फेडरेशन आशा कर रहा है कि यह संयुक्त आयोजन भारतीय बॉक्सिंग की मजबूत तस्वीर पेश करेगा और खिलाड़ियों को एक बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगा। नई तारीखों के साथ अब तैयारियां और भी तेज हो गई हैं। प्रदूषण की वजह से भले ही शेड्यूल आगे बढ़ा हो- लेकिनआयोजकों का कहना है कि इससे खिलाड़ियों को तैयारी के लिए कुछ अतिरिक्त समय मिल जाएगा- जिसक लाभ उन्हें रिंग में प्रदर्शन के दौरान मिलेगा। ग्रेटर नोएडा का आधुनिक ढांचा और विश्वविद्यालय का विशाल परिसर इस आयोजन को सफल बनाने के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।कुल मिलाकर- नई तारीखों के साथ यह नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप और भी खास बनकर सामने आ रही है। पुरुष और महिला दोनों वर्गों के मुकाबले एक ही मंच पर देखना दर्शकों और खिलाड़ियों-दोनों के लिए यादगार अनुभव साबित होगा।