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  • UPITS 2026 का ग्रेटर नोएडा में आगाज, अमित शाह ने किया उद्घाटन; 85 देशों के खरीदार और 2400 से ज्यादा प्रदर्शक शामिल

    UPITS 2026 का ग्रेटर नोएडा में आगाज, अमित शाह ने किया उद्घाटन; 85 देशों के खरीदार और 2400 से ज्यादा प्रदर्शक शामिल


    नई दिल्ली ।
    ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2026) के चौथे संस्करण का शुभारंभ हो गया है। 25 से 29 सितंबर तक चलने वाले इस पांच दिवसीय आयोजन का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। ट्रेड शो का उद्देश्य प्रदेश के स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, उद्योगों और उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना है।

    इस वर्ष के आयोजन में उत्तर प्रदेश की पारंपरिक पहचान के साथ आधुनिक तकनीक और औद्योगिक विकास को भी प्रमुखता दी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश अपनी सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक तकनीक के मेल से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रदेश को विनिर्माण और औद्योगिक गतिविधियों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला राज्य बताया।

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल से ग्लोबल के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों यानी एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। प्रदेश के कारीगरों, बुनकरों और पारंपरिक शिल्पकारों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

    UPITS 2026 में इस बार 2,400 से अधिक प्रदर्शक अपने उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके अलावा 85 से अधिक देशों के 550 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खरीदार और कारोबारी प्रतिनिधि आयोजन में भाग ले रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के माध्यम से प्रदेश के उत्पादकों और विदेशी कारोबारियों के बीच व्यापारिक संपर्क बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

    इस बार ऑस्ट्रिया, जापान, रूस, सिंगापुर, बेलारूस और वियतनाम को आधिकारिक साझेदार देशों के रूप में शामिल किया गया है। इन देशों की भागीदारी से व्यापारिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय कारोबारी संबंधों को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया जा रहा है।

    ट्रेड शो की प्रमुख विशेषताओं में एक जिला, एक उत्पाद यानी ODOP के साथ एक जिला, एक व्यंजन यानी ODOC पहल को शामिल करना है। पहली बार ODOC के तहत उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय खान-पान को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जा रहा है।

    इसके लिए आयोजन स्थल पर विशेष फूड हॉल तैयार किया गया है, जहां देश-विदेश से आने वाले मेहमान प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के पारंपरिक स्वाद और खान-पान से परिचित हो सकेंगे। इसके जरिए स्थानीय खाद्य उत्पादों और क्षेत्रीय व्यंजनों को भी व्यापक पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

    आयोजन में कृषि, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, पर्यटन, रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण और कपड़ा उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है। स्थानीय कारोबारियों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच संपर्क स्थापित करने के लिए व्यापारिक गतिविधियों और कारोबारी बैठकों की व्यवस्था भी की गई है।

    ट्रेड शो में विदेशी मेहमानों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, केंद्रीय मंत्रियों और आम नागरिकों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। आयोजन स्थल को विभिन्न सुरक्षा जोन में बांटा गया है। यहां 550 से अधिक सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही यातायात और पार्किंग को व्यवस्थित रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।

    पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों, स्थानीय व्यंजनों और आधुनिक औद्योगिक क्षमताओं को एक साथ प्रदर्शित किया जा रहा है। इसके माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों और उत्पादकों को अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

  • यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो बना वैश्विक मंच, सीएम योगी बोले- परंपरा और तकनीक से पॉसिबिलिटी को प्रॉस्पेरिटी में बदला

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो बना वैश्विक मंच, सीएम योगी बोले- परंपरा और तकनीक से पॉसिबिलिटी को प्रॉस्पेरिटी में बदला

    नई दिल्ली । ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में शुक्रवार से चौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह आयोजन उत्तर प्रदेश की औद्योगिक, पारंपरिक और तकनीकी क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि ट्रेड शो प्रदेश की परंपरा और तकनीक को एक मंच पर लाकर वैश्विक बाजार से जोड़ने का काम कर रहा है।

    मुख्यमंत्री ने ट्रेड शो में पहुंचे 90 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों, विदेशी खरीदारों और प्रदर्शकों का स्वागत किया। उन्होंने जापान, सिंगापुर और बेलारूस के राजदूतों तथा उच्चायुक्तों के प्रति भी आभार जताया। उनके मुताबिक इस बार करीब 600 विदेशी खरीदार और लगभग डेढ़ लाख बी2बी विजिटर आयोजन में शामिल होने वाले हैं।

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की प्रमुख ताकत उसकी परंपरा और उद्यमशीलता में है। इसी सोच के तहत प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों और स्थानीय उत्पादों को वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट यानी ओडीओपी के माध्यम से पहचान देने का प्रयास किया गया है। अलग-अलग जिलों के विशिष्ट उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने पर काम किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश से दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात विभिन्न देशों को किया जा रहा है। उनके अनुसार यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो इसी बदलाव को प्रदर्शित करने वाला महत्वपूर्ण मंच बन गया है।

    इस बार ट्रेड शो करीब 36 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में आयोजित किया गया है। इसमें 2400 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं। यहां उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों के साथ आधुनिक तकनीक, मैन्युफैक्चरिंग, एमएसएमई और नवाचार से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं।

    योगी ने कहा कि इस आयोजन के जरिए छोटे उद्यमियों, कारीगरों, बुनकरों और एमएसएमई को सीधे वैश्विक बाजार से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। इससे उत्पादकों को बाजार तक पहुंच बनाने में मदद मिल रही है और बिचौलियों की भूमिका कम करने की संभावना भी बनती है। उन्होंने ट्रेड शो को केवल व्यापारिक आयोजन के बजाय उत्तर प्रदेश में हो रहे बदलाव को दुनिया के सामने रखने वाला मंच बताया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक प्रदेश के हस्तशिल्प, बुनकरों और पारंपरिक कारीगरों को पर्याप्त मंच नहीं मिल पाया। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उनके उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक हुनर और सांस्कृतिक विरासत अब बड़े कारोबार से जुड़ रहे हैं।

    अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने अमित शाह के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने की प्रक्रिया के दौरान पारंपरिक उद्योगों की क्षमता को पहचानने पर जोर दिया गया था। उन्होंने कहा कि ओडीओपी इसी सोच के तहत उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि ट्रेड शो में ऑस्ट्रिया, रूस, बेलारूस, वियतनाम और फ्रांस समेत कई देशों की भागीदारी है। उनके अनुसार इन देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी, तकनीक हस्तांतरण और संयुक्त उपक्रम की संभावनाओं पर काम करने का अवसर मिल रहा है।

    उन्होंने कहा कि भारत के विभिन्न देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ उत्तर प्रदेश को भी मिल रहा है। प्रदेश अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करने और वैश्विक निर्यात की संभावनाएं बढ़ाने पर जोर दे रहा है। योगी ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उत्तर प्रदेश की परंपरा, उद्योग और वैश्विक बाजार से बढ़ते जुड़ाव का प्रतीक बन रहा है।

  • क्रिकेट खेलते समय गहरे गड्ढे में गिरा मासूम, ग्रेटर नोएडा हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में.

    क्रिकेट खेलते समय गहरे गड्ढे में गिरा मासूम, ग्रेटर नोएडा हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में.

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक दर्दनाक हादसे ने निर्माण कार्यों के दौरान बरती जा रही सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नॉलेज पार्क क्षेत्र स्थित कलाधाम सोसायटी के पास बोरिंग कार्य के लिए खोदे गए खुले और पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिरने से छह वर्षीय अव्यान सूर्या की मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब मासूम अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है, वहीं प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है।

    बताया गया कि अव्यान अपने साथियों के साथ सोसायटी के बाहर खेल रहा था। खेल के दौरान वह करीब 15 फीट गहरे गड्ढे के पास पहुंच गया और अचानक उसमें गिर गया। गड्ढे में बारिश का पानी भरा हुआ था, जिससे बच्चे को तुरंत बाहर निकालना संभव नहीं हो सका। अन्य बच्चों के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और काफी प्रयास के बाद उसे बाहर निकाला। इसके बाद उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    घटना के बाद सड़क पर पड़े क्रिकेट बैट और विकेट उस दर्दनाक पल की गवाही देते नजर आए, जब खेलते-खेलते एक मासूम की जिंदगी हमेशा के लिए थम गई। अव्यान के पिता सीवान यादव, जो केंद्रीय विद्यालय में उपप्रधानाचार्य हैं, ने बेटे की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यदि संबंधित अधिकारियों ने समय रहते सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने कहा कि उनका बेटा अभी दुनिया को ठीक से देख भी नहीं पाया था और अन्य बच्चों की तरह उसे भी बाहर खेलना बेहद पसंद था।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि बोरिंग कार्य के लिए यह गड्ढा कई दिन पहले खोदा गया था। लगातार बारिश के कारण उसमें पानी भर गया, लेकिन उसके चारों ओर न तो बैरिकेडिंग की गई और न ही किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड लगाया गया। लोगों का कहना है कि खुले गड्ढे के आसपास सुरक्षा घेरा बनाना और लोगों को सतर्क करना संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी थी, लेकिन इस दिशा में आवश्यक सावधानी नहीं बरती गई।

    हादसे के बाद पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बोरिंग कार्य से जुड़े ठेकेदार, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सुपरवाइजर और तकनीकी सुपरवाइजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। ठेकेदार मनोज जैन को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

    यह घटना सार्वजनिक स्थलों पर निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता को एक बार फिर सामने लेकर आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि खुले गड्ढों, निर्माण स्थलों और अन्य जोखिम वाले क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षा घेरा, चेतावनी संकेत और नियमित निगरानी अनिवार्य होनी चाहिए, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके। स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में किसी भी निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • दिल्ली-NCR के प्रदूषण ने बदली बॉक्सिंग की तारीखें: अब 4 जनवरी से ग्रेटर नोएडा में शुरू होगी नेशनल चैंपियनशिप, पहली बार साथ होंगे पुरुष और महिला वर्ग

    दिल्ली-NCR के प्रदूषण ने बदली बॉक्सिंग की तारीखें: अब 4 जनवरी से ग्रेटर नोएडा में शुरू होगी नेशनल चैंपियनशिप, पहली बार साथ होंगे पुरुष और महिला वर्ग


    नई दिल्ली /दिल्ली-एनसीआर में लगातार खराब होती एयर क्वॉलिटी लोगों के स्वास्थ्य के साथ-साथ खेल आयोजनों के शेड्यूल पर भी असर डाल रही है। इसी कारण नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप- जिसे पहले 31 दिसंबर 2025 से 6 जनवरी 2026 के बीच कराया जाना था- अब नई तारीखों के साथ अगले वर्ष 4 से 10 जनवरी 2026 तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित की जाएगी। बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया BFI ने उत्तर भारत में लागू प्रदूषण नियंत्रण नियमों को देखते हुए यह निर्णय लिया है। चैंपियनशिप का आयोजन ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी में ही होगा- जहां तैयारी पहले से ही लगभग पूरी की जा चुकी है। बीएफआई अधिकारियों ने जानकारी दी कि सरकार द्वारा 31 दिसंबर 2025 तक अनिवार्य किए गए पॉल्यूशन कंट्रोल उपायों के चलते तारीखें बदलनी पड़ी हैं- लेकिन आयोजन स्थल- मैच शेड्यूल और तकनीकी इंतजामों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा। केवल तारीखों में परिवर्तन हुआ है ताकि खिलाड़ी एक बेहतर और सुरक्षित वातावरण में मुकाबलों में हिस्सा ले सकें।

    इस बार की चैंपियनशिप कई मायनों में खास रहने वाली है। पहली बार बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया पुरुष और महिला दोनों वर्गों की नेशनल चैंपियनशिप को एक साथ आयोजित कर रहा है। इससे देशभर के टॉप मुक्केबाज एक ही मंच पर नजर आएंगे और बॉक्सिंग प्रेमियों को एक ही स्थान पर दोनों श्रेणियों के रोमांचक मुकाबले देखने का मौका मिलेगा। यह न केवल खेल प्रेमियों के लिए खास अवसर है- बल्कि खिलाड़ियों के लिए भी यह वातावरण प्रेरणादायक अहम होगा- जहां वे देश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों से मुकाबला कर अपनी क्षमता का मूल्यांकन कर सकेंगे। दोनों वर्गों में 10-10 वेट कैटेगरीज रखी गई हैं और सभी मुकाबले वर्ल्ड बॉक्सिंग के तकनीकी व प्रतियोगिता नियमों के अनुसार खेले जाएंगे। बीएफआई ने स्पष्ट किया है कि पूरे आयोजन में अंतरराष्ट्रीय स्तर की व्यवस्था की जाएगी- ताकि खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय प्रतियोगिता जैसा अनुभव मिल सके।

    इस बार सर्विसेज टीम पुरुष वर्ग में डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में उतर रही है। उसका जोर लगातार दूसरी बार खिताब जीतकर अपना दबदबा बरकरार रखने पर रहेगा। वहीं महिला वर्ग में रेलवे की टीम अपने खिताब की रक्षा के उद्देश्य से मैदान में उतरने जा रही है। दोनों टीमों की तैयारी जोर-शोर से चल रही है और वे अपनी-अपनी श्रेणी में मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं। हरियाणा- जो लंबे समय से भारतीय बॉक्सिंग का मजबूत केंद्र रहा है- इस चैंपियनशिप में भी कई प्रतिभाशाली मुक्केबाज उतारने जा रहा है। राज्य के कई खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है- इसलिए इस टूर्नामेंट में उनकी मौजूदगी इसे और प्रतिस्पर्धी बना देगी।

    देशभर की बॉक्सिंग यूनिट्स इस आयोजन में हिस्सा लेंगी- जिसमें अनुभवी खिलाड़ियों के साथ कई उभरते हुए युवा भी अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए तैयार हैं। यह चैंपियनशिप आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयारियों और चयन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बॉक्सिंग फेडरेशन आशा कर रहा है कि यह संयुक्त आयोजन भारतीय बॉक्सिंग की मजबूत तस्वीर पेश करेगा और खिलाड़ियों को एक बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगा। नई तारीखों के साथ अब तैयारियां और भी तेज हो गई हैं। प्रदूषण की वजह से भले ही शेड्यूल आगे बढ़ा हो- लेकिनआयोजकों का कहना है कि इससे खिलाड़ियों को तैयारी के लिए कुछ अतिरिक्त समय मिल जाएगा- जिसक लाभ उन्हें रिंग में प्रदर्शन के दौरान मिलेगा। ग्रेटर नोएडा का आधुनिक ढांचा और विश्वविद्यालय का विशाल परिसर इस आयोजन को सफल बनाने के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।कुल मिलाकर- नई तारीखों के साथ यह नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप और भी खास बनकर सामने आ रही है। पुरुष और महिला दोनों वर्गों के मुकाबले एक ही मंच पर देखना दर्शकों और खिलाड़ियों-दोनों के लिए यादगार अनुभव साबित होगा।