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  • अमेरिका में हरी मिर्च के दाम सुनकर चौंके भारतीय एक छोटे पैकेट की कीमत ने सोशल मीडिया पर मचा दी बहस

    अमेरिका में हरी मिर्च के दाम सुनकर चौंके भारतीय एक छोटे पैकेट की कीमत ने सोशल मीडिया पर मचा दी बहस


    नई दिल्ली। भारतीय रसोई में हरी मिर्च का महत्व किसी से छिपा नहीं है। दाल सब्जी चटनी सलाद या पराठा लगभग हर व्यंजन में इसका इस्तेमाल आम बात है। देश के कई हिस्सों में तो सब्जी खरीदते समय दुकानदार कुछ हरी मिर्च बिना अतिरिक्त पैसे लिए ही थैले में रख देता है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने इसी हरी मिर्च को चर्चा का विषय बना दिया है। वीडियो में अमेरिका में रहने वाली एक भारतीय महिला वहां बिकने वाली हरी मिर्च की कीमत दिखाती है जिसे देखकर बड़ी संख्या में भारतीय हैरान रह गए।

    वीडियो में महिला एक छोटा पैकेट दिखाती है जिसमें लगभग 114 ग्राम हरी मिर्च है। उसके अनुसार इस पैकेट में करीब 12 से 13 मिर्च हैं और इसकी कीमत भारतीय मुद्रा में लगभग 400 रुपये के बराबर पड़ती है। महिला का दावा है कि यदि इसी अनुपात से एक किलोग्राम की कीमत निकाली जाए तो यह करीब 3500 रुपये तक पहुंच सकती है। वीडियो में वह हल्के फुल्के अंदाज में कहती है कि भारत में इतनी मिर्च तो कई बार सब्जी वाला मुफ्त में दे देता है। यही तुलना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई।

    वीडियो सामने आने के बाद भारतीय यूजर्स ने अलग अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने लिखा कि भारत के अधिकांश शहरों में 20 से 30 रुपये में अच्छी मात्रा में हरी मिर्च मिल जाती है। कुछ ने मजाक करते हुए कहा कि इतने पैसों में भारत में पूरे परिवार के लिए सब्जियां खरीदी जा सकती हैं। वहीं कुछ लोगों ने सलाह दी कि विदेश जाने वाले भारतीय अपने साथ हरी मिर्च ले जाया करें।

    हालांकि कई यूजर्स ने इस तुलना को अधूरा भी बताया। उनका कहना था कि केवल डॉलर को रुपये में बदलकर किसी वस्तु की कीमत की तुलना करना सही तस्वीर पेश नहीं करता। अमेरिका में औसत आय भारत की तुलना में कहीं अधिक है और वहां की क्रय शक्ति भी अलग है। इसलिए किसी भी वस्तु की वास्तविक लागत को समझने के लिए वहां की आय जीवनयापन का खर्च कर व्यवस्था और स्थानीय बाजार की स्थिति को भी ध्यान में रखना जरूरी होता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका में भारतीय भोजन में इस्तेमाल होने वाली कुछ विशेष किस्म की हरी मिर्च हर जगह आसानी से उपलब्ध नहीं होती। कई बार इन्हें दूसरे क्षेत्रों या देशों से आयात किया जाता है। इसके अलावा पैकिंग परिवहन कोल्ड स्टोरेज और श्रम लागत जैसी कई वजहें भी कीमत बढ़ा देती हैं। यही कारण है कि कुछ भारतीय खाद्य सामग्री वहां अपेक्षाकृत महंगी दिखाई देती है।

    यह भी ध्यान देने योग्य है कि अमेरिका के अलग अलग शहरों और स्टोर्स में कीमतें अलग हो सकती हैं। भारतीय ग्रॉसरी स्टोर एशियन मार्केट और बड़े सुपरमार्केट में एक ही वस्तु अलग कीमत पर मिल सकती है। इसी तरह मौसम और उपलब्धता के अनुसार दाम बदलते रहते हैं। इसलिए किसी एक वीडियो में दिखाई गई कीमत को पूरे अमेरिका का मानक नहीं माना जा सकता।

    भारत में भी हरी मिर्च की कीमत पूरे साल एक जैसी नहीं रहती। मौसम फसल और आपूर्ति के अनुसार इसके दाम बदलते रहते हैं। कई बार यह बेहद सस्ती होती है तो कई बार कीमत काफी बढ़ जाती है। यह वायरल वीडियो केवल हरी मिर्च की कीमत का नहीं बल्कि भारत और विदेश की जीवनशैली तथा खर्च के अंतर पर भी चर्चा छेड़ रहा है। यही वजह है कि यह वीडियो लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो गया है।

  • सिर्फ 5 मिनट में तैयार करें चटपटा महाराष्ट्रीयन ठेचा, बढ़ाए खाने का मज़ा

    सिर्फ 5 मिनट में तैयार करें चटपटा महाराष्ट्रीयन ठेचा, बढ़ाए खाने का मज़ा


    नई दिल्ली । भारतीय खाने में चटनी का खास महत्व होता है जो साधारण भोजन का स्वाद भी कई गुना बढ़ा देती है। महाराष्ट्रीयन ठेचा ऐसी ही तीखी और चटपटी चटनी है जो दाल-चावल या साधारण रोटियों के साथ खाने के मज़े को दोगुना कर देती है। अगर सब्जी बनाने का मन न हो तो यह रेसिपी आपकी रसोई की रेस्क्यू साबित हो सकती है।

    महाराष्ट्रीयन ठेचा क्या है?
    ठेचा महाराष्ट्र की पारंपरिक चटनी है जिसे मुख्य रूप से हरी मिर्च लहसुन और मूंगफली से बनाया जाता है। इसे ज्वार या बाजरे की भाकरी के साथ बड़े चाव से खाया जाता है। इसकी खासियत यह है कि इसे ओखली या सिलबट्टे पर दरदरा कुचला जाता है जिससे इसका टेक्सचर और स्वाद देसी और अनोखा होता है।

    सिर्फ 5 मिनट में तैयार

    ठेचा बनाने के लिए किसी लंबी तैयारी की जरूरत नहीं है। केवल हरी मिर्च लहसुन की कलियां मूंगफली थोड़ा जीरा और नमक का इस्तेमाल करके मिनटों में इसे तैयार किया जा सकता है। यह रेसिपी खासकर हॉस्टल स्टूडेंट्स या व्यस्त लोगों के लिए परफेक्ट है।

    बनाने की आसान विधि

    एक पैन में थोड़ा तेल गर्म करें।हरी मिर्च डंठल हटाकर लहसुन की कलियां और मूंगफली डालें।इन्हें तब तक भूनें जब तक मिर्च पर हल्के भूरे धब्बे न आएं और मूंगफली कुरकुरी न हो जाए। थोड़ा जीरा भी डालें। भुनी हुई सामग्री को ओखली में निकालें और स्वादानुसार नमक मिलाएं। इसे दरदरा कूट लें बारीक पेस्ट नहीं बनाना है। इच्छानुसार नींबू का रस या बारीक कटा हरा धनिया डाल सकते हैं।

    सेवन और स्टोरेज टिप्स

    ठेचा पराठे पूरी दाल-चावल या सादी रोटी के साथ खाया जा सकता है। इसे एयरटाइट कंटेनर में भरकर फ्रिज में 5-7 दिन तक फ्रेश रखा जा सकता है। सफर में यह त्वरित और स्वादिष्ट विकल्प साबित होता है।

    स्वाद और सेहत

    मिर्च और लहसुन का यह मेल सिर्फ खाने का मज़ा नहीं बढ़ाता बल्कि मेटाबॉलिज्म को भी बूस्ट करता है। अगली बार जब सब्जी बनाने का मन न हो तो इस चटपटी महाराष्ट्रीयन ठेचा को ट्राई जरूर करें।

  • मुरैना के जिला अस्पताल के प्रतीक्षालय में अज्ञात अधेड़ का शव मिला, जेब से तीन रोटी-दो हरी मिर्च तथा नमक

    मुरैना के जिला अस्पताल के प्रतीक्षालय में अज्ञात अधेड़ का शव मिला, जेब से तीन रोटी-दो हरी मिर्च तथा नमक


    मुरैना मध्यप्रदेशजिले के डिस्ट्रिक्ट अस्पताल के महिला मेडिकल वार्ड के बाहर बनाए गए प्रतीक्षालय में एक अज्ञात अधेड़ व्यक्ति का शव मिलने से अस्पताल परिसर में सनसनी फैल गई। यह शव गुरुवार शाम लगभग 7 बजे तब मिला जब भर्ती मरीजों के अटेंडर खाने के लिए प्रतीक्षालय आए और वहाँ पड़े शव को देखा। सुरक्षा कर्मियों को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस और अस्पताल प्रशासन को सूचित किया गया और शव को अस्पताल की मोर्च्यूरी में सुरक्षित रखवाया गया।

    पुलिस ने शव की प्राथमिक तलाशी में मतदान नहीं मिलने के बावजूद उसकी जेब से तीन रोटियाँ, दो हरी मिर्च और थोड़ा नमक बरामद किया है, जो इस मामले को और संदिग्ध बना रहा है। मृतक के कपड़े साफ-सुथरे मिले हैं, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वह किसी अच्छे घर से आता हो सकता है। मारे गए व्यक्ति की उम्र लगभग 50-52 वर्ष के बीच लगाई जा रही है।

    पुलिस चौकी प्रभारी हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र शर्मा ने बताया कि शव को नियम के अनुसार तीन दिनों तक मोर्च्यूरी में रखा जाएगा ताकि उसकी पहचान हो सके। निर्धारित समय में अगर कोई परिचित या परिजन सामने नहीं आता है तो कानून के तहत अंतिम संस्कार की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

    पहचान कराने में मदद के लिए अस्पताल चौकी, कोतवाली थाना और कंट्रोल रूम के संपर्क नंबर जारी किए गए हैं ताकि कोई भी व्यक्ति जिसे जानकारी हो, वह पुलिस को फोन पर सूचित कर सके। पुलिस लगातार आसपास के सीसीटीवी फुटेज, अस्पताल परिसर के आसपास के लोगों और स्थानीय निवासियों से पूछताछ कर पहचान और घटना के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

    स्वास्थ्य सुविधाओं और अस्पताल सुरक्षा की दृष्टि से यह मामला गंभीर है क्योंकि किसी व्यक्ति का आकस्मिक रूप से प्रतीक्षालय में शव मिलना सामान्य नहीं माना जाता। मृतक कैसे और कब यहाँ पहुँचा, यह भी पुलिस की जांच का हिस्सा है।

    पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि उनका कोई परिचित या परिवार का सदस्य पिछले कुछ दिनों से लापता है और इस विवरण से मिलता-जुलता है तो वह जल्द से जल्द जानकारी साझा करें, जिससे मृतक की पहचान जल्द हो सके और परिवार तक सूचना पहुँचाई जा सके।