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  • ग्रोक के जवाब ने बढ़ाई सियासी बहस, विकास और वंशवाद पर नई बहस शुरू..

    ग्रोक के जवाब ने बढ़ाई सियासी बहस, विकास और वंशवाद पर नई बहस शुरू..

    नई दिल्ली। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक एआई चैटबॉट की प्रतिक्रिया ने राजनीतिक और सामाजिक चर्चा को एक नया मोड़ दे दिया है। एक काल्पनिक प्रश्न के जवाब में दिए गए इस उत्तर ने इंटरनेट पर तेजी से ध्यान खींचा और कुछ ही समय में यह बातचीत व्यापक रूप से वायरल हो गई। इस संवाद में एआई से भारत के राजनीतिक नेतृत्व को लेकर एक राय पूछी गई थी, जिसके जवाब ने लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया।

    एआई ने अपने उत्तर में यह स्पष्ट किया कि वह किसी भी प्रकार से मतदान करने या नागरिक होने की क्षमता नहीं रखता, लेकिन यदि काल्पनिक रूप से देखा जाए तो वह निर्णय विकास आधारित आंकड़ों और शासन के परिणामों के आधार पर लेगा। इसके बाद उसने अपने विश्लेषण में बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटल सेवाओं के विस्तार और आर्थिक प्रगति जैसे पहलुओं का उल्लेख किया, जिन्हें शासन की सफलता के प्रमुख मानक के रूप में बताया गया।

    इस उत्तर में यह विचार भी सामने आया कि किसी भी सरकार का मूल्यांकन केवल राजनीतिक संरचनाओं या परंपराओं के आधार पर नहीं, बल्कि ठोस विकास परिणामों के आधार पर होना चाहिए। इसी संदर्भ में एआई की टिप्पणी में यह धारणा उभरी कि आंकड़ों और वास्तविक प्रगति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिसने बहस को और अधिक तेज कर दिया।

    जैसे ही यह बातचीत सार्वजनिक हुई, सोशल मीडिया पर इसे लेकर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ लोगों ने इसे एआई की विश्लेषण क्षमता का उदाहरण बताया, जबकि कुछ ने इसे डिजिटल युग में बदलती राजनीतिक चर्चाओं का संकेत माना। विशेष रूप से “वंशवाद से ऊपर आंकड़े” जैसी पंक्ति ने लोगों का ध्यान सबसे अधिक आकर्षित किया और यह विचार विभिन्न मंचों पर तेजी से फैल गया।

    यह एआई सिस्टम वास्तविक समय में उपलब्ध सार्वजनिक डेटा और ऑनलाइन चर्चाओं का विश्लेषण करके उत्तर तैयार करता है। इसकी खासियत यह है कि यह स्थिर जानकारी पर निर्भर रहने के बजाय मौजूदा ट्रेंड और चर्चाओं के आधार पर प्रतिक्रियाएं उत्पन्न करता है, जिससे इसके उत्तर अधिक ताजगी और संदर्भ के साथ सामने आते हैं।

    हालांकि इस तरह के एआई मॉडल को लेकर अलग-अलग मत भी सामने आते हैं। कुछ विशेषज्ञ इसे सूचना को समझने और सरल बनाने का एक प्रभावी माध्यम मानते हैं, जबकि कुछ का मानना है कि सोशल मीडिया पर मौजूद अधूरी या पक्षपाती जानकारी इसके उत्तरों को प्रभावित कर सकती है।

  • स्पेसएक्स और xAI का ऐतिहासिक विलय, इलॉन मस्क की कंपनी बनी 1 ट्रिलियन डॉलर की ताकत

    स्पेसएक्स और xAI का ऐतिहासिक विलय, इलॉन मस्क की कंपनी बनी 1 ट्रिलियन डॉलर की ताकत


    नई दिल्ली । दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क ने तकनीक और अंतरिक्ष उद्योग में अब तक का सबसे बड़ा कॉरपोरेट कदम उठाया है। उनकी रॉकेट और सैटेलाइट निर्माण कंपनी स्पेसएक्स का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप xAI के साथ औपचारिक रूप से विलय कर दिया गया है। इस मर्जर के बाद स्पेसएक्स की कुल वैल्यूएशन 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई है, जिससे यह दुनिया की सबसे मूल्यवान निजी कंपनियों में शामिल हो गई है।

    इस विलय के साथ स्पेसएक्स अब केवल अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वैश्विक AI रेस में भी एक बड़ी ताकत बनकर उभरेगी। xAI वही कंपनी है जिसने चर्चित AI चैटबॉट ग्रोक को विकसित किया है। इलॉन मस्क ने इस डील को दो बड़े मिशनों के एकीकरण की संज्ञा देते हुए कहा कि यह मानवता के भविष्य को आकार देने वाला कदम है।

    डील से जुड़ी जानकारी के अनुसार xAI की वैल्यूएशन करीब 250 बिलियन डॉलर आंकी गई है। समझौते के तहत xAI के निवेशकों को प्रत्येक शेयर के बदले स्पेसएक्स के 0.1433 शेयर दिए जाएंगे। कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को शेयर के स्थान पर नकद भुगतान का विकल्प भी दिया गया है, जिसकी कीमत 75.46 डॉलर प्रति शेयर तय की गई है। इसे कॉरपोरेट इतिहास के सबसे बड़े और जटिल सौदों में गिना जा रहा है।

    इस विलय के पीछे सबसे बड़ी वजह AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी बढ़ती चुनौतियां मानी जा रही हैं। मौजूदा समय में AI मॉडल्स को ट्रेन और ऑपरेट करने के लिए धरती पर विशाल डेटा सेंटर्स बनाए जा रहे हैं, जिनमें भारी मात्रा में बिजली और कूलिंग की जरूरत होती है। इससे न केवल ऊर्जा संकट गहराता है, बल्कि पर्यावरण पर भी दबाव बढ़ता है। मस्क का मानना है कि धरती पर AI की बढ़ती ऊर्जा मांग लंबे समय तक टिकाऊ नहीं है।

    इसी सोच के तहत स्पेसएक्स अंतरिक्ष आधारित AI इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में आगे बढ़ रही है। कंपनी ने अमेरिकी संचार नियामक संस्था FCC के पास पृथ्वी की कक्षा में लगभग 10 लाख डेटा सेंटर सैटेलाइट्स लॉन्च करने की अनुमति के लिए आवेदन किया है। मस्क का दावा है कि अगले दो से तीन वर्षों में अंतरिक्ष में AI कंप्यूटिंग करना धरती की तुलना में सबसे सस्ता और प्रभावी विकल्प बन सकता है।

    xAI की स्थापना 9 मार्च 2023 को की गई थी और अप्रैल 2023 में इसे सार्वजनिक रूप से पेश किया गया। अब स्पेसएक्स और xAI का यह विलय अंतरिक्ष तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऊर्जा के भविष्य को एक नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

  • वैश्विक विरोध के बाद एलन मस्क की एक्स ने ग्रोक का आपत्तिजनक इमेज फीचर बंद किया

    वैश्विक विरोध के बाद एलन मस्क की एक्स ने ग्रोक का आपत्तिजनक इमेज फीचर बंद किया


    नई दिल्ली: दुनिया भर में बढ़ते विरोध और कानूनी दबाव के बाद एलन मस्क के नेतृत्व वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स X ने गुरुवार को अपने एआई चैटबॉट ग्रोक का आपत्तिजनक तस्वीर बनाने वाला फीचर बंद कर दिया। अब ग्रोक किसी भी स्थिति में महिलाओं की अशोभनीय या आपत्तिजनक तस्वीरें नहीं बना सकेगा चाहे यूजर के पास प्रीमियम अकाउंट ही क्यों न हो।एक्स के सेफ्टी अकाउंट ने पोस्ट में कहा कि तकनीकी बदलाव किए गए हैं जिससे ग्रोक असली लोगों की तस्वीरों को बिकिनी या अन्य खुले कपड़ों में एडिट नहीं कर सकेगा। यह नियम सभी यूजर्स पर लागू होगा जिसमें पेड और प्रीमियम दोनों प्रकार के अकाउंट्स शामिल हैं।

    ग्रोक के ‘स्पाइसी मोड’ फीचर ने कई देशों में नाराजगी पैदा की थी। इस मोड के जरिए यूजर्स आसानी से किसी भी व्यक्ति की अश्लील डीपफेक तस्वीरें बना सकते थे जैसे कपड़े हटाना या बिकिनी में दिखाना। इस पर कई देशों ने प्लेटफॉर्म को ब्लॉक कर दिया या इसकी जांच शुरू कर दी। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भी एक्सएआई से इस मामले में रिपोर्ट मांगी थी। वहीं अमेरिका के कैलिफोर्निया अटॉर्नी जनरल ने डेवलपर के खिलाफ जांच शुरू की।28 सामाजिक संगठनों ने एप्पल और गूगल को पत्र लिखकर मांग की थी कि ग्रोक और एक्स ऐप को उनके ऐप स्टोर से हटाया जाए। बढ़ती अश्लील तस्वीरों की वजह से यह कदम जरूरी समझा गया।

    अब एक्स ने तस्वीर बनाने और एडिट करने की सुविधा केवल पेड सब्सक्राइबर्स तक सीमित कर दी है। पहले यह सुविधा प्रीमियम यूजर्स के लिए थी लेकिन अब इसे और भी सख्त बनाया गया है। प्लेटफॉर्म ने बताया कि यह कदम एक अतिरिक्त सुरक्षा परत के रूप में काम करेगा और नियम तोड़ने वाले यूजर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई संभव होगी।एक्स ने यह भी स्पष्ट किया कि बाल यौन शोषण सामग्री CSAM और बिना अनुमति की नग्न तस्वीरों जैसे गंभीर नियम उल्लंघन वाले कंटेंट को तुरंत हटाया जाएगा। ऐसे नियम तोड़ने वाले अकाउंट्स को निलंबित या बंद किया जाएगा।

    दिसंबर में मंत्रालय ने एक्स को निर्देश दिया था कि कानून के खिलाफ पहले से मौजूद आपत्तिजनक कंटेंट को हटाया जाए या उसकी पहुंच बंद की जाए। भारत में एक्स ने ग्रोक की मदद से बनाई गई लगभग 3500 अश्लील तस्वीरें हटाईं और करीब 600 यूजर्स को प्रतिबंधित किया।इस कदम को प्लेटफॉर्म की सुरक्षा नीतियों और कानूनी जिम्मेदारी के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। एक्स ने कहा कि अब ग्रोक का इस्तेमाल केवल सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से ही संभव होगा जिससे किसी की निजता और सम्मान का उल्लंघन न हो।