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  • तिलक वर्मा ने किया खुलासा, हार्दिक पांड्या के शब्दों ने बदला मैच का रुख और बढ़ाया आत्मविश्वास..

    तिलक वर्मा ने किया खुलासा, हार्दिक पांड्या के शब्दों ने बदला मैच का रुख और बढ़ाया आत्मविश्वास..


    नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने गुजरात टाइटंस को 99 रन से हराकर न सिर्फ अपनी जीत का खाता खोला बल्कि टीम के भीतर आत्मविश्वास और संयम की नई कहानी भी लिखी। इस मुकाबले में सबसे बड़ा आकर्षण रहा तिलक वर्मा का नाबाद शतक, जिसने टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया और विपक्षी टीम को पूरी तरह दबाव में ला दिया। मैच के बाद तिलक वर्मा ने कप्तान हार्दिक पांड्या के साथ क्रीज पर हुई बातचीत और उनके प्रेरक शब्दों का खुलासा किया, जिसने उनके प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई।

    तिलक वर्मा ने बताया कि जब वह बल्लेबाजी कर रहे थे और हार्दिक पांड्या उनके साथ क्रीज पर मौजूद थे, तो कप्तान लगातार उन्हें प्रोत्साहित कर रहे थे। हार्दिक का ऊर्जा से भरा अंदाज उन्हें और बेहतर खेलने के लिए प्रेरित कर रहा था। तिलक के अनुसार हार्दिक बार बार यह कह रहे थे कि तुम कर सकते हो, तुम करोगे। इस पर तिलक ने भी शांत रहकर अपने खेल पर ध्यान देने की बात कही और भरोसा दिलाया कि वह स्थिति को संभाल लेंगे। यह संवाद मैदान पर टीम के भीतर मौजूद विश्वास और सकारात्मक माहौल को दर्शाता है।

    तिलक ने यह भी स्वीकार किया कि पिछले कुछ मैचों में वह लंबे समय तक क्रीज पर नहीं टिक पाए थे, जिससे उनके मन में एक तरह का दबाव था। इस मैच में उनका लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा गेंदों का सामना करना और परिस्थिति के अनुसार अपने खेल को ढालना था। उन्होंने कहा कि इस बार उन्होंने धैर्य के साथ खेलते हुए टीम की जरूरत के अनुसार अपनी पारी को आगे बढ़ाया और यही उनकी सफलता की कुंजी बनी।

    अहमदाबाद की पिच को लेकर तिलक वर्मा ने बताया कि यह आमतौर पर काली मिट्टी की होती है, जो धीमी गति से खेलती है और बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि इस बार भी पिच थोड़ी धीमी और नीची थी, इसलिए उन्हें अपने शॉट चयन में संयम रखना पड़ा। उन्होंने हालात को समझते हुए सीधे और सटीक शॉट खेलने पर ध्यान दिया, जिसका फायदा उन्हें शतक के रूप में मिला। तिलक ने यह भी कहा कि उन्हें नंबर तीन पर बल्लेबाजी करना सबसे ज्यादा पसंद है, हालांकि वह टीम की जरूरत के अनुसार किसी भी स्थान पर खेलने के लिए तैयार रहते हैं।

    तिलक वर्मा की नाबाद 101 रन की पारी की बदौलत मुंबई इंडियंस ने पांच विकेट पर 199 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में गुजरात टाइटंस की टीम केवल 100 रन पर ढेर हो गई और मुंबई ने यह मुकाबला बड़े अंतर से जीत लिया। इस प्रदर्शन के लिए तिलक वर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया। यह जीत मुंबई इंडियंस के लिए बेहद अहम रही क्योंकि लगातार हार के बाद यह टीम के आत्मविश्वास को फिर से मजबूत करने वाली साबित हुई।

  • जसप्रीत बुमराह के पहले ओवर ने बदला मैच का पूरा समीकरण, मुंबई इंडियंस की बड़ी जीत में अहम भूमिका

    जसप्रीत बुमराह के पहले ओवर ने बदला मैच का पूरा समीकरण, मुंबई इंडियंस की बड़ी जीत में अहम भूमिका


    नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुंबई इंडियंस और गुजरात टाइटंस के मुकाबले में मुंबई ने एक बार फिर अपनी रणनीतिक समझ और दमदार प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा। इस मैच में सबसे बड़ी चर्चा का विषय रहा जसप्रीत बुमराह को पारी का पहला ओवर देना, जिसने मैच की दिशा शुरुआती गेंदों में ही बदल दी। बुमराह ने पहली ही गेंद पर विकेट लेकर विपक्षी टीम को बड़ा झटका दिया और अपने कप्तान हार्दिक पांड्या के फैसले को पूरी तरह सही साबित कर दिया। इस निर्णय की क्रिकेट विशेषज्ञों द्वारा भी जमकर सराहना की गई और इसे एक साहसिक और प्रभावी रणनीति माना गया जिसने मुंबई इंडियंस को मजबूत शुरुआत दिलाई।

    पूर्व न्यूजीलैंड तेज गेंदबाज और आईपीएल में मुंबई इंडियंस का हिस्सा रह चुके मिशेल मैक्लेनाघन ने इस फैसले को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उनका मानना था कि टीम को लंबे समय से नई गेंद से प्रभाव डालने की जरूरत थी और ऐसे में बुमराह जैसे अनुभवी गेंदबाज को शुरुआती ओवर में आक्रमण के लिए इस्तेमाल करना सही कदम था। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि गुजरात टाइटंस की ओपनिंग साझेदारी पर उनकी टीम काफी निर्भर रहती है और शुरुआती विकेट गिरने से उनका पूरा मध्यक्रम दबाव में आ जाता है। इस रणनीति ने मैच में वही प्रभाव पैदा किया और गुजरात की बल्लेबाजी बिखरती नजर आई।

    मैक्लेनाघन के अनुसार, पिछले कुछ मैचों में बुमराह को विकेट हासिल करने में सफलता नहीं मिल रही थी, लेकिन इसके बावजूद टीम मैनेजमेंट ने उन पर भरोसा बनाए रखा। यह भरोसा आखिरकार रंग लाया और बुमराह ने महत्वपूर्ण विकेट लेकर अपनी लय में वापसी के संकेत दिए। उन्होंने यह भी कहा कि एक तेज गेंदबाज के लिए सिर्फ रन रोकना ही नहीं बल्कि विकेट लेना भी उतना ही जरूरी होता है क्योंकि यही असली संतोष और आत्मविश्वास देता है। लगातार विकेट न मिलने का दबाव किसी भी गेंदबाज के लिए मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन इस मैच में मिली सफलता ने बुमराह के लिए राहत का काम किया।

    मैच की बात करें तो मुंबई इंडियंस ने बल्लेबाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए निर्धारित ओवरों में पांच विकेट पर 199 रन बनाए। टीम के लिए सबसे बड़ी पारी तिलक वर्मा ने खेली, जिन्होंने नाबाद 101 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। जवाब में गुजरात टाइटंस की टीम मुंबई की धारदार गेंदबाजी के सामने पूरी तरह संघर्ष करती नजर आई और केवल 100 रन पर सिमट गई। मुंबई इंडियंस ने यह मुकाबला 99 रन के बड़े अंतर से अपने नाम किया और अपने प्रदर्शन से एक मजबूत संदेश दिया।

  • गुजरात टाइटंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच निर्णायक भिड़ंत, अहमदाबाद में KKR के सामने पहली जीत का दबाव

    गुजरात टाइटंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच निर्णायक भिड़ंत, अहमदाबाद में KKR के सामने पहली जीत का दबाव


    नई दिल्ली: 
     इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के 25वें मुकाबले में आज गुजरात टाइटंस और कोलकाता नाइट राइडर्स आमने सामने होंगी। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाने वाला यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। गुजरात टाइटंस जहां अपने संतुलित प्रदर्शन को जारी रखते हुए अंकतालिका में अपनी स्थिति और मजबूत करना चाहेगी वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स इस सीजन की अपनी पहली जीत हासिल करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। दोनों टीमों की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह मुकाबला प्रतिस्पर्धा और दबाव से भरपूर होने की उम्मीद है।

    गुजरात टाइटंस ने इस सीजन में अब तक संतुलित और योजनाबद्ध खेल का प्रदर्शन किया है। टीम ने चार मैचों में दो जीत दर्ज कर यह साबित किया है कि उसके पास हर विभाग में मजबूती है। बल्लेबाजी में शीर्ष क्रम ने निरंतरता दिखाई है और टीम को मजबूत शुरुआत दी है। जोस बटलर ने अपनी शानदार फॉर्म से टीम को मजबूती प्रदान की है जबकि कप्तान शुभमन गिल भी अच्छी लय में नजर आ रहे हैं। गेंदबाजी में प्रसिद्ध कृष्णा ने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए विपक्षी बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया है और महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए हैं।

    दूसरी ओर कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए यह सीजन अब तक निराशाजनक रहा है। टीम ने पांच मुकाबलों में चार हार का सामना किया है जबकि एक मैच पूरा नहीं हो सका। इस कारण टीम अंकतालिका में पिछड़ गई है और उस पर जीत हासिल करने का दबाव बढ़ता जा रहा है। बल्लेबाजी में टीम के प्रमुख खिलाड़ी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं जिससे टीम की स्थिति कमजोर हुई है। हालांकि अंगकृष रघुवंशी ने कुछ अच्छी पारियां खेलकर उम्मीद बनाए रखी है लेकिन उन्हें अन्य बल्लेबाजों का सहयोग नहीं मिल पाया है।

    दोनों टीमों के बीच अब तक के मुकाबलों में गुजरात टाइटंस का पलड़ा भारी रहा है। पिछले मैचों में गुजरात ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए अधिकतर मुकाबले अपने नाम किए हैं जिससे टीम का आत्मविश्वास मजबूत है। इसके अलावा घरेलू मैदान का फायदा भी गुजरात को मिल सकता है क्योंकि अहमदाबाद की पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है और यहां बड़े स्कोर बनने की संभावना रहती है। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को कुछ मदद मिल सकती है लेकिन बाद में बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान हो जाता है।

    मौसम की बात करें तो अहमदाबाद में आज गर्मी का असर अधिक रहने की संभावना है और तापमान काफी ऊंचा रह सकता है। ऐसी परिस्थितियों में खिलाड़ियों की फिटनेस और सहनशक्ति की परीक्षा होगी। हालांकि बारिश की कोई संभावना नहीं है जिससे पूरे मुकाबले के खेले जाने की उम्मीद है।

    मुकाबले के विश्लेषण में गुजरात टाइटंस अधिक संतुलित और आत्मविश्वासी टीम के रूप में नजर आती है जबकि कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए यह मैच वापसी का महत्वपूर्ण अवसर है। टीम को जीत के लिए हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करना होगा और दबाव में सही रणनीति अपनानी होगी।

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    गुजरात टाइटंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच यह मुकाबला संतुलन और संघर्ष का प्रतीक है जहां एक टीम अपनी लय बनाए रखना चाहती है और दूसरी अपनी पहली जीत की तलाश में है।

  • 23 साल का स्पीड स्टार: अशोक शर्मा ने तोड़ा सीजन का रिकॉर्ड, बनी नई सनसनी

    23 साल का स्पीड स्टार: अशोक शर्मा ने तोड़ा सीजन का रिकॉर्ड, बनी नई सनसनी


    नई दिल्ली । इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में एक नया नाम तेजी से सुर्खियों में छा गया है और वह नाम है अशोक शर्मा। गुजरात टाइटन्स के इस युवा तेज गेंदबाज ने अपनी रफ्तार और आक्रामक गेंदबाजी से क्रिकेट जगत को चौंका दिया है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में उन्होंने 154.2 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंककर न सिर्फ दर्शकों को रोमांचित किया बल्कि पूरे सीजन की सबसे तेज गेंद डालने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।

    राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ इस मुकाबले में अशोक शर्मा शुरुआत से ही अलग लय में नजर आए। उनकी गेंदों में लगातार 145 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार देखने को मिली। बल्लेबाजों के लिए उनकी गेंदों का सामना करना आसान नहीं था। लेकिन असली रोमांच पारी के 16वें ओवर में देखने को मिला जब उन्होंने ओवर की आखिरी गेंद 154.2 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से फेंकी। यह गेंद इतनी तेज और सटीक थी कि बल्लेबाज ध्रुव जुरेल किसी तरह खुद को बचा सके।

    इस प्रदर्शन के साथ ही अशोक शर्मा ने खुद को उन चुनिंदा भारतीय तेज गेंदबाजों की सूची में शामिल कर लिया है जो 154 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे अधिक की रफ्तार छू चुके हैं। इससे पहले यह उपलब्धि उमरान मलिक और मयंक यादव जैसे गेंदबाज हासिल कर चुके हैं। खास बात यह है कि उमरान मलिक के नाम अब भी आईपीएल इतिहास की सबसे तेज गेंद का रिकॉर्ड दर्ज है।

    अशोक शर्मा की कहानी भी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। 23 वर्षीय यह तेज गेंदबाज राजस्थान से ताल्लुक रखते हैं और घरेलू क्रिकेट में अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। करियर के शुरुआती दौर में उनकी गेंदबाजी में सटीकता की कमी थी लेकिन उन्होंने पिछले दो वर्षों में खुद पर कड़ी मेहनत की और अपनी कमजोरियों को ताकत में बदल दिया। इसका परिणाम सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025-26 में देखने को मिला जहां उन्होंने 10 मैचों में 22 विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा।

    अगर उनके घरेलू क्रिकेट रिकॉर्ड पर नजर डालें तो उन्होंने अब तक 4 फर्स्ट क्लास मैचों में 14 विकेट, 7 लिस्ट ए मुकाबलों में 13 विकेट और 12 टी20 मैचों में 24 विकेट हासिल किए हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि वह सिर्फ तेज ही नहीं बल्कि असरदार गेंदबाज भी हैं।

    आईपीएल में उनका सफर भी दिलचस्प रहा है। वह पहले कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स के स्क्वॉड का हिस्सा रह चुके थे लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं मिल पाया। आखिरकार गुजरात टाइटन्स ने उन पर भरोसा जताया और 90 लाख रुपये में टीम में शामिल किया। यह फैसला अब पूरी तरह सही साबित होता नजर आ रहा है।

    अशोक शर्मा की यह तेज गेंदबाजी न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सफलता की कहानी है बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है। जिस तरह से वह लगातार अपनी रफ्तार और नियंत्रण में सुधार कर रहे हैं उससे साफ है कि आने वाले समय में वह भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण का अहम हिस्सा बन सकते हैं।

  • IPL 2026 में फिर चमकेंगे श्रेयस अय्यर, इरफान पठान को पूरा भरोसा

    IPL 2026 में फिर चमकेंगे श्रेयस अय्यर, इरफान पठान को पूरा भरोसा


    नई दिल्ली । पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर को लेकर पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने बड़ा बयान दिया है। पठान को पूरा विश्वास है कि अय्यर IPL 2026 में भी अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखेंगे और टीम को एक बार फिर नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। IPL 2025 में पंजाब किंग्स को फाइनल तक पहुंचाने वाले अय्यर इस बार खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतरेंगे।

    पिछले सीजन में अय्यर का बल्ला जमकर बोला था। उन्होंने 17 पारियों में 604 रन बनाए, जिसमें उनका औसत 50.33 और स्ट्राइक रेट 175.07 रहा। छह अर्धशतकों के साथ वह टीम के सबसे सफल बल्लेबाज बने और पूरे टूर्नामेंट में छठे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी ने पंजाब किंग्स को एक मजबूत टीम के रूप में स्थापित किया।

    इरफान पठान का मानना है कि श्रेयस अय्यर को भारतीय T20 टीम में वापसी के लिए IPL को किसी परीक्षा की तरह लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अय्यर को प्रूवन क्रिकेटर बताते हुए कहा कि वह पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता साबित कर चुके हैं। खासकर वनडे क्रिकेट में उनकी भूमिका टीम इंडिया के लिए बेहद अहम है, लेकिन पठान के अनुसार T20 फॉर्मेट में भी उनके लिए जगह बनती है।

    पठान ने इंडियन प्रीमियर लीग में अय्यर की एक खास पारी को याद करते हुए कहा कि मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेली गई उनकी 87* रनों की पारी आज भी यादगार है। 204 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए अय्यर ने 41 गेंदों में यह शानदार पारी खेली थी। इस दौरान जसप्रीत बुमराह जैसे घातक गेंदबाज के खिलाफ उनका आत्मविश्वास देखने लायक था। बुमराह की यॉर्कर गेंद को थर्ड मैन की दिशा में ग्लाइड करने वाला शॉट उनके बेहतर होते खेल का उदाहरण है।

    अब IPL 2026 में पंजाब किंग्स अपने अभियान की शुरुआत गुजरात टाइटन्स के खिलाफ 21 मार्च से करेगी। टीम और फैंस दोनों को उम्मीद है कि अय्यर अपनी पिछली फॉर्म को बरकरार रखते हुए इस बार टीम को पहला खिताब दिलाने में कामयाब होंगे।

    श्रेयस अय्यर पहले ही 2024 में कप्तान के तौर पर IPL ट्रॉफी जीतने का अनुभव रखते हैं, जिससे उनकी लीडरशिप पर भरोसा और मजबूत होता है। ऐसे में IPL 2026 उनके लिए सिर्फ एक और सीजन नहीं, बल्कि खुद को फिर साबित करने और पंजाब किंग्स को चैंपियन बनाने का सुनहरा मौका है।

  • Indian Premier League 2026 से पहले बड़ा बदलाव: Gujarat Titans से जुड़े पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज

    Indian Premier League 2026 से पहले बड़ा बदलाव: Gujarat Titans से जुड़े पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 से पहले Gujarat Titans अपनी टीम को हर मोर्चे पर मजबूत करने में जुटी हुई है। इसी कड़ी में फ्रेंचाइजी ने कोचिंग स्टाफ में एक और बड़ा नाम जोड़ते हुए पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज Vijay Dahiya को सहायक कोच नियुक्त किया है। इससे पहले टीम ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज Matthew Hayden को बल्लेबाजी कोच बनाया था। दहिया के जुड़ने से टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि खिलाड़ियों को अनुभव और रणनीतिक मार्गदर्शन मिलेगा, जिससे आगामी सीजन में टीम का प्रदर्शन और मजबूत होगा।

    आईपीएल में कोच के रूप में लंबा अनुभव
    विजय दहिया लंबे समय से आईपीएल में कोचिंग से जुड़े रहे हैं और उन्हें युवा खिलाड़ियों के साथ काम करने का खास अनुभव है। इससे पहले वह Kolkata Knight Riders, Delhi Capitals और Lucknow Super Giants जैसी टीमों के साथ कोचिंग स्टाफ का हिस्सा रह चुके हैं। क्रिकेट रणनीति और खिलाड़ियों के विकास पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। गुजरात टाइटंस प्रबंधन का मानना है कि उनके अनुभव से टीम के युवा और सीनियर खिलाड़ियों को काफी फायदा मिलेगा और टीम संतुलित प्रदर्शन कर सकेगी।

    घरेलू क्रिकेट में भी साबित किया कोचिंग का दम
    आईपीएल के अलावा घरेलू क्रिकेट में भी विजय दहिया का कोचिंग रिकॉर्ड काफी शानदार रहा है। उनकी कोचिंग में Delhi cricket team ने 2007-08 में रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता था। इसके अलावा वह Uttar Pradesh cricket team के मुख्य कोच भी रह चुके हैं। खिलाड़ियों के तकनीकी कौशल को निखारने और टीम के भीतर सकारात्मक माहौल बनाने के लिए दहिया की काफी सराहना होती रही है। यही कारण है कि कई फ्रेंचाइजी उन्हें अपनी कोचिंग टीम में शामिल करना चाहती रही हैं।

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी निभाई भूमिका
    52 वर्षीय विजय दहिया भारतीय क्रिकेट टीम के लिए भी खेल चुके हैं। उन्होंने भारत के लिए 2 टेस्ट और 19 वनडे मैच खेले थे। विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में उनकी पहचान एक भरोसेमंद खिलाड़ी की रही। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अनुभव अब कोच के रूप में खिलाड़ियों को दिशा देने में उनके काम आता है।

    गुजरात टाइटंस का सफर और कप्तानी में बदलाव
    गुजरात टाइटंस ने आईपीएल में 2022 में कदम रखा था और पहले ही सीजन में खिताब जीतकर सभी को चौंका दिया था। उस समय टीम की कमान ऑलराउंडर Hardik Pandya के हाथों में थी। इसके बाद 2023 में भी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि 2024 में हार्दिक पांड्या टीम छोड़कर Mumbai Indians में चले गए, जिसके बाद कप्तानी युवा बल्लेबाज Shubman Gill को सौंप दी गई।

    2026 सीजन के लिए टीम की बड़ी तैयारी
    गुजरात टाइटंस ने 2026 सीजन से पहले खिलाड़ियों के साथ-साथ कोचिंग स्टाफ को भी मजबूत करने पर खास ध्यान दिया है। टीम के मुख्य कोच Ashish Nehra के साथ Parthiv Patel, मैथ्यू हेडन, Matthew Wade और अब विजय दहिया जैसे अनुभवी नाम शामिल हो चुके हैं। फ्रेंचाइजी की नजर अब अपने दूसरे आईपीएल खिताब पर है और प्रबंधन को उम्मीद है कि मजबूत कोचिंग सेटअप के साथ टीम आगामी सीजन में खिताब की प्रबल दावेदार बनकर उभरेगी।