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  • अमेरिकी नेवी का बड़ा ऑपरेशन: 20 चेतावनियों के बाद मालवाहक जहाज पर मिसाइल दागी, ईरान तक पहुंच रोकने का दावा

    अमेरिकी नेवी का बड़ा ऑपरेशन: 20 चेतावनियों के बाद मालवाहक जहाज पर मिसाइल दागी, ईरान तक पहुंच रोकने का दावा

    नई दिल्ली । ओमान की खाड़ी में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है, जब अमेरिकी सेना ने एक मालवाहक जहाज पर हेलफायर मिसाइल से हमला करने का दावा किया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह जहाज गांबिया के झंडे वाला ‘लियान स्टार’ था, जो ईरान की ओर बढ़ रहा था और बार-बार दी गई चेतावनियों के बावजूद नहीं रुका। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और भू-राजनीतिक तनाव और अधिक बढ़ गया है।

    अमेरिकी सेना के मुताबिक यह घटना उस समय हुई जब जहाज ओमान की खाड़ी से होकर एक ईरानी बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था। अमेरिकी नौसेना ने इसे रोकने के लिए लगातार 20 से अधिक चेतावनियां जारी कीं, लेकिन जहाज ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इसके बाद अमेरिकी बलों ने कार्रवाई करते हुए हेलफायर मिसाइल से जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाया, जिससे उसकी गति बाधित हो गई और वह आगे नहीं बढ़ सका।

    अधिकारियों का दावा है कि यह जहाज अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में था, लेकिन अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा था। हमले के बाद जहाज अब ईरान की ओर आगे नहीं बढ़ रहा है और ओमान की खाड़ी में बहाव की स्थिति में है। हालांकि इसकी वर्तमान स्थिति और चालक दल को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

    यह कार्रवाई उस व्यापक नौसैनिक रणनीति का हिस्सा बताई जा रही है जिसे अमेरिका ने हाल के महीनों में क्षेत्र में लागू किया है। इस अभियान के तहत अब तक कई जहाजों को रोका जा चुका है और दर्जनों जहाजों को उनके मार्ग से हटाकर अन्य दिशाओं में भेजा गया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रतिबंधों को लागू करने के लिए उठाया गया है।

    दूसरी ओर, इस घटना ने होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। यह क्षेत्र पहले से ही वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, और यहां किसी भी प्रकार का सैन्य तनाव वैश्विक बाजारों पर असर डाल सकता है।

    अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा संघर्षविराम के बावजूद क्षेत्र में तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। दोनों देशों के बीच भविष्य की रणनीति और संभावित समझौते को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इसी बीच उच्च स्तर पर कूटनीतिक बातचीत भी जारी है, लेकिन अब तक किसी अंतिम समझौते की पुष्टि नहीं हुई है।

    अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यदि कूटनीतिक प्रयास विफल होते हैं तो क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई जारी रह सकती है। वहीं, ईरान की ओर से इस घटना पर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना केवल एक समुद्री कार्रवाई नहीं बल्कि व्यापक भू-राजनीतिक तनाव का हिस्सा है, जो आने वाले समय में और गंभीर रूप ले सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक क्षेत्र में किसी भी सैन्य टकराव का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर सीधा पड़ सकता है।

  • ओमान की खाड़ी में अमेरिकी कार्रवाई, नाकेबंदी तोड़ने पर जहाज के इंजन रूम पर दागी मिसाइल, किया निष्क्रिय

    ओमान की खाड़ी में अमेरिकी कार्रवाई, नाकेबंदी तोड़ने पर जहाज के इंजन रूम पर दागी मिसाइल, किया निष्क्रिय


    नई दिल्ली। ओमान की खाड़ी में अमेरिका ने एक बड़ा सैन्य कदम उठाते हुए ईरान की ओर बढ़ रहे एक व्यावसायिक जहाज को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, गांबिया के झंडे वाले एम/वी लियान स्टार (M/V Lian Star) नामक जहाज ने अमेरिकी चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए ईरानी बंदरगाह की ओर बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद उसके इंजन रूम पर हेलफायर मिसाइल दागकर उसे निष्क्रिय कर दिया गया।

    20 से ज्यादा चेतावनियों के बाद हुआ एक्शन
    CENTCOM के मुताबिक अमेरिकी बलों ने जहाज को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ओमान की खाड़ी से गुजरते हुए देखा था। जहाज के क्रू को रेडियो संदेशों के जरिए 20 से अधिक बार चेतावनी दी गई कि वह अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा है और तुरंत अपना रास्ता बदले। लेकिन चेतावनियों के बावजूद जहाज आगे बढ़ता रहा।

    हेलफायर मिसाइल से इंजन किया निष्क्रिय
    अमेरिकी सेना ने बताया कि आदेश नहीं मानने पर एक सैन्य विमान ने जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाकर हेलफायर मिसाइल दागी। हमले के बाद जहाज का इंजन बंद हो गया और वह समुद्र में निष्क्रिय अवस्था में बहता रह गया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार जहाज पर कब्जा नहीं किया गया है, लेकिन उसे ईरान पहुंचने से रोक दिया गया।

    ईरान से युद्धविराम के बीच सख्त निगरानी
    अमेरिका का कहना है कि ईरान के साथ लागू युद्धविराम के बावजूद क्षेत्र में नाकेबंदी और समुद्री सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। CENTCOM के अनुसार अप्रैल में नाकेबंदी शुरू होने के बाद यह छठा मामला है जब किसी जहाज को रोकने के लिए कार्रवाई की गई। अब तक 116 से अधिक जहाजों का मार्ग बदला जा चुका है और कई व्यावसायिक जहाजों को निष्क्रिय किया गया है।

    वैश्विक व्यापार और तेल बाजार पर असर
    अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण होरमुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में समुद्री गतिविधियों पर असर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार इस स्थिति का प्रभाव तेल और गैस आपूर्ति श्रृंखला पर भी देखा जा रहा है, जबकि क्षेत्र में युद्धविराम को आगे बढ़ाने को लेकर बातचीत जारी है।

    बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव
    विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्री नाकेबंदी लागू करने के लिए इस तरह की सैन्य कार्रवाई क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकती है। हालांकि अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि उसका उद्देश्य नाकेबंदी लागू करना और समुद्री मार्गों पर नियंत्रण बनाए रखना है, न कि संघर्ष को और बढ़ाना।