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  • गुलवीर की ऐतिहासिक दौड़ पर प्रधानमंत्री का सलाम, बॉक्सिंग और जूडो के पदक विजेताओं को भी दी बधाई

    गुलवीर की ऐतिहासिक दौड़ पर प्रधानमंत्री का सलाम, बॉक्सिंग और जूडो के पदक विजेताओं को भी दी बधाई


    नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का 10वां दिन भारतीय खेल इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया। भारत ने एक ही दिन में सात स्वर्ण सहित कुल 16 पदक जीतकर अपनी खेल प्रतिभा का दमदार प्रदर्शन किया। इस शानदार सफलता के बीच सबसे अधिक चर्चा लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह की रही, जिन्होंने पुरुषों की 10000 मीटर स्पर्धा में रजत और 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष रूप से बधाई देते हुए इसे भारतीय एथलेटिक्स के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर गुलवीर सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने कहा कि गुलवीर एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में एथलेटिक्स की दो स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। साथ ही वह पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में भारत के लिए कॉमनवेल्थ पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट भी बने हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं बल्कि पूरे भारतीय एथलेटिक्स के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।

    गुलवीर सिंह के शानदार प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि भारतीय एथलीट अब विश्व स्तर की लंबी दूरी की प्रतियोगिताओं में भी मजबूती से अपनी पहचान बना रहे हैं। लगातार दो अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतना उनकी फिटनेस, धैर्य, रणनीति और मानसिक मजबूती का प्रमाण है। खेल विशेषज्ञ भी इसे भारतीय ट्रैक एंड फील्ड के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि मान रहे हैं।

    प्रधानमंत्री ने केवल एथलेटिक्स ही नहीं बल्कि भारतीय मुक्केबाजों के शानदार प्रदर्शन की भी सराहना की। पुरुषों की 90 प्लस किलोग्राम बॉक्सिंग स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाले नरेंद्र बेरवाल को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि पूरे टूर्नामेंट में उनके साहस, संघर्ष और दृढ़ संकल्प ने सभी को प्रभावित किया। उन्होंने विश्वास जताया कि नरेंद्र भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करते रहेंगे।

    पुरुषों की 80 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाले अंकुश पंघाल की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रतियोगिता के दौरान उनकी ताकत, तकनीक और आत्मविश्वास शानदार रहा। उन्होंने कहा कि अंकुश की सफलता आने वाले समय में देश के हजारों युवा मुक्केबाजों को प्रेरित करेगी और भारतीय बॉक्सिंग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगी।

    प्रधानमंत्री ने महिलाओं की 63 किलोग्राम जूडो स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाली उन्नति शर्मा को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के दौरान उन्नति का समर्पण, अनुशासन और संघर्ष साफ दिखाई दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि वह भविष्य में भी इसी तरह लगातार बेहतर प्रदर्शन कर भारत को गौरवान्वित करती रहेंगी।

    कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन यह संकेत देता है कि देश अब केवल पारंपरिक खेलों तक सीमित नहीं है बल्कि एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, जूडो और अन्य स्पर्धाओं में भी लगातार अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहा है। खिलाड़ियों की मेहनत, बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था और सरकार व खेल संस्थाओं के सहयोग का असर अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर साफ दिखाई देने लगा है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से खिलाड़ियों को मिली बधाई उनके मनोबल को और मजबूत करेगी। अब भारतीय खिलाड़ियों की नजरें आगामी एशियाई खेलों और अन्य वैश्विक प्रतियोगिताओं पर हैं, जहां वे इसी शानदार प्रदर्शन को दोहराकर देश के लिए और अधिक पदक जीतने का लक्ष्य लेकर उतरेंगे।

  • भारत की लंबी दूरी की दौड़ को मिला नया हीरो, गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर में ब्रॉन्ज जीतकर बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्ड

    भारत की लंबी दूरी की दौड़ को मिला नया हीरो, गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर में ब्रॉन्ज जीतकर बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्ड


    नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक और ऐतिहासिक पल सामने आया है। लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया जो अब तक कोई भारतीय ट्रैक एंड फील्ड खिलाड़ी हासिल नहीं कर पाया था। इससे पहले वह 10000 मीटर स्पर्धा में रजत पदक जीत चुके थे। इसी के साथ गुलवीर कॉमनवेल्थ गेम्स के एक ही संस्करण में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक एंड फील्ड एथलीट बन गए। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय एथलेटिक्स को नई पहचान देने के साथ देश का गौरव भी बढ़ाया है।

    स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में आयोजित 5000 मीटर फाइनल बेहद रोमांचक रहा। शुरुआत में गुलवीर आठवें स्थान पर चल रहे थे लेकिन उन्होंने शानदार रणनीति और धैर्य का परिचय देते हुए धीरे धीरे अपनी रफ्तार बढ़ाई। शुरुआती 400 मीटर उन्होंने 1 मिनट 10.6 सेकंड में पूरे किए। इसके बाद अगले चरण में उन्होंने तेजी दिखाई और चौथे स्थान तक पहुंच गए। लगातार शानदार लय बनाए रखते हुए उन्होंने 3000 मीटर की दूरी 8 मिनट 16.6 सेकंड में पूरी की और अंतिम चरण में जबरदस्त स्प्रिंट लगाकर तीसरे स्थान पर कब्जा जमा लिया।

    गुलवीर सिंह ने 13 मिनट 24.95 सेकंड का समय निकालते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। केन्या के मैथ्यू किपचुम्बा किपसांग ने 13 मिनट 23.61 सेकंड के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि ऑस्ट्रेलिया के काय रॉबिन्सन ने 13 मिनट 24.70 सेकंड का समय निकालकर रजत पदक हासिल किया। अंतिम 200 मीटर में गुलवीर ने जिस संयम और गति का प्रदर्शन किया उसने उन्हें पोडियम तक पहुंचा दिया।

    इससे पहले 10000 मीटर दौड़ में भी गुलवीर सिंह ने 27 मिनट 49.78 सेकंड का समय निकालते हुए रजत पदक जीता था। उस प्रदर्शन ने ही संकेत दे दिया था कि भारतीय धावक इस बार इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरे हैं। 5000 मीटर में कांस्य जीतने के साथ उन्होंने अपनी शानदार फिटनेस और निरंतरता का भी परिचय दिया।

    उत्तर प्रदेश के अतरौली के रहने वाले 28 वर्षीय गुलवीर सिंह भारतीय सेना में कार्यरत हैं। सीमित संसाधनों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाले गुलवीर की सफलता युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन गई है। कठिन मेहनत अनुशासन और लगातार अभ्यास की बदौलत उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है।

    कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन लगातार मजबूत होता जा रहा है। अब तक भारतीय दल 39 पदक जीत चुका है जिनमें 13 स्वर्ण 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल हैं। पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर बना हुआ है और आने वाले मुकाबलों में देश को खिलाड़ियों से और भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है।

    गुलवीर सिंह की ऐतिहासिक उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत सफलता नहीं बल्कि भारतीय एथलेटिक्स के लिए नई उम्मीद और नई दिशा का प्रतीक है। यह जीत बताती है कि भारत अब लंबी दूरी की दौड़ में भी दुनिया की बड़ी ताकतों को चुनौती देने की क्षमता रखता है। आने वाले वर्षों में गुलवीर जैसे खिलाड़ी देश को वैश्विक प्रतियोगिताओं में और भी बड़ी सफलताएं दिलाने का दम रखते हैं।

  • CWG 2026: 10,000 मीटर में इतिहास रचने वाले गुलवीर सिंह को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की शुभकामनाएं

    CWG 2026: 10,000 मीटर में इतिहास रचने वाले गुलवीर सिंह को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की शुभकामनाएं


    नई दिल्ली । कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रतियोगिता के छठे दिन भारत के स्टार लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह इस स्पर्धा में कॉमनवेल्थ गेम्स का पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए देश का गौरव बढ़ाने वाला खिलाड़ी बताया।

    राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में कहा गया कि ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की 10,000 मीटर स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर गुलवीर सिंह ने भारत के लिए इतिहास रच दिया है। राष्ट्रपति ने कहा कि पूरे देश को उनकी इस उपलब्धि पर गर्व है और भविष्य में भी वे इसी तरह देश के लिए नई सफलताएं हासिल करें, यही शुभकामना है।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गुलवीर सिंह को बधाई देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के सपूत और भारतीय सेना के नायब सूबेदार ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि गुलवीर की यह उपलब्धि कड़ी मेहनत, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।

    ग्लासगो के स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में आयोजित फाइनल मुकाबले में गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर की दौड़ 27 मिनट 49.78 सेकंड में पूरी कर रजत पदक अपने नाम किया। ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने 27 मिनट 48.93 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि आइल ऑफ मैन के डेविड मुलार्की 27 मिनट 50.28 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक हासिल करने में सफल रहे।

    उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के सिरसा गांव में 1 जून 1998 को जन्मे गुलवीर सिंह भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर कार्यरत हैं। उनका एथलेटिक्स सफर गांव की पगडंडियों और खेतों में दौड़ लगाने से शुरू हुआ था, जब वे सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे थे। वर्ष 2018 में भारतीय सेना की ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में शामिल होने के बाद उन्होंने लंबी दूरी की दौड़ में लगातार शानदार प्रदर्शन किया और देश के शीर्ष धावकों में अपनी पहचान बनाई।

    गुलवीर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान 2023 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5,000 मीटर दौड़ का कांस्य पदक जीतकर बनाई। इसके बाद 2022 एशियाई खेलों में 10,000 मीटर स्पर्धा में भी कांस्य पदक अपने नाम किया। वर्ष 2025 में दक्षिण कोरिया में आयोजित एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर एशिया के शीर्ष लंबी दूरी के धावकों में अपनी मजबूत जगह बनाई।

    अब कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मिला यह ऐतिहासिक रजत पदक गुलवीर सिंह के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है। उनकी इस सफलता ने न केवल भारतीय एथलेटिक्स को नई पहचान दी है, बल्कि देश के युवा खिलाड़ियों के लिए भी एक नई प्रेरणा प्रस्तुत की है।

  • भारत के दो और सिल्वर पर देश को गर्व, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन, राजनाथ और मांडविया ने खिलाड़ियों की सराहना की

    भारत के दो और सिल्वर पर देश को गर्व, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन, राजनाथ और मांडविया ने खिलाड़ियों की सराहना की


    नई दिल्ली । कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रतियोगिता के छठे दिन भारत की झोली में दो अहम रजत पदक आए। महिला वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर ने 69 किलोग्राम वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता, जबकि लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10 हजार मीटर दौड़ में इतिहास रचते हुए भारत को पहला कॉमनवेल्थ पदक दिलाया। दोनों खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर देशभर से उन्हें बधाइयां मिल रही हैं।

    उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर दोनों खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरजिंदर कौर और गुलवीर सिंह ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि हरजिंदर का दृढ़ संकल्प और गुलवीर की ऐतिहासिक उपलब्धि देश के लाखों युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी। उपराष्ट्रपति ने दोनों खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य और आगे भी इसी तरह सफलता हासिल करने की कामना की।

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने गुलवीर सिंह को पुरुषों की 10 हजार मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतने और इस स्पर्धा में कॉमनवेल्थ गेम्स का पदक जीतने वाले पहले भारतीय बनने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता गुलवीर की कड़ी मेहनत, अनुशासन और अटूट संकल्प का परिणाम है, जिसने पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।

    हरजिंदर कौर के प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि वेटलिफ्टिंग में भारत के लिए एक और पदक जीतना देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि हरजिंदर ने अपने समर्पण और संघर्ष से यह साबित कर दिया है कि भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

    केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि गुलवीर सिंह ने एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन कर भारत का सम्मान बढ़ाया है। वहीं हरजिंदर कौर ने दमदार खेल दिखाते हुए पोडियम पर जगह बनाकर भारतीय वेटलिफ्टिंग की मजबूत परंपरा को आगे बढ़ाया है। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण की सराहना की।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गुलवीर सिंह को विशेष रूप से बधाई दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के सपूत और भारतीय सेना के नायब सूबेदार गुलवीर सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतकर प्रदेश और पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने इस उपलब्धि को कड़ी मेहनत, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया तथा गुलवीर के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हरजिंदर कौर ने कुल 227 किलोग्राम वजन उठाकर महिलाओं के 69 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता। वहीं गुलवीर सिंह ने 10 हजार मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया और इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बनकर इतिहास रच दिया। दोनों खिलाड़ियों की सफलता ने भारत के पदक अभियान को नई मजबूती दी है और खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल बना दिया है।

  • ग्लासगो में भारत का दमदार प्रदर्शन, गुलवीर ने रचा इतिहास, हरजिंदर ने जीता सिल्वर; अमित शाह ने दी शुभकामनाएं

    ग्लासगो में भारत का दमदार प्रदर्शन, गुलवीर ने रचा इतिहास, हरजिंदर ने जीता सिल्वर; अमित शाह ने दी शुभकामनाएं


    नई दिल्ली । ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में इतिहास रचने वाले गुलवीर सिंह और महिला वेटलिफ्टिंग के 69 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतने वाली हरजिंदर कौर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बधाई देते हुए उनके प्रदर्शन की सराहना की है। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियों को भारत के खेल इतिहास में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर गुलवीर सिंह को शुभकामनाएं देते हुए लिखा कि कॉमनवेल्थ गेम्स की 10,000 मीटर दौड़ में भारत के लिए पहला पदक जीतना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि गुलवीर की यह सफलता देश के युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी और आने वाले वर्षों में भारतीय एथलेटिक्स को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगी।

    गुलवीर सिंह ने ग्लासगो में बारिश के बीच बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में शानदार दौड़ लगाई। राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी भारतीय धावक पूरे मुकाबले में शीर्ष धावकों के साथ बने रहे और अंतिम लैप में जबरदस्त गति दिखाते हुए 27 मिनट 49.78 सेकंड का समय निकालकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स की 10,000 मीटर स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। इससे पहले उनके नाम एशियन गेम्स का कांस्य पदक और एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दो स्वर्ण पदक भी दर्ज हैं।

    वहीं महिला वेटलिफ्टिंग में हरजिंदर कौर ने भी भारत का गौरव बढ़ाया। उन्होंने 69 किलोग्राम वर्ग में कुल 227 किलोग्राम भार उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। स्नैच राउंड में हरजिंदर ने 101 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 126 किलोग्राम वजन उठाते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक कनाडा की शार्लेट सिमोन्यू ने 240 किलोग्राम कुल वजन उठाकर जीता, जबकि ऑस्ट्रेलिया की नया फीबे हेमन ने 218 किलोग्राम के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

    हरजिंदर की उपलब्धि पर अमित शाह ने कहा कि वेटलिफ्टिंग में भारत का पदक जीतने का सिलसिला लगातार जारी है। उन्होंने लिखा कि यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, समर्पण और संघर्ष का परिणाम है तथा भविष्य में भी उनसे ऐसे ही उत्कृष्ट प्रदर्शन की उम्मीद है।

    कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टिंग हमेशा से भारत के सबसे मजबूत खेलों में शामिल रही है और इस बार भी भारतीय खिलाड़ियों ने इस परंपरा को कायम रखा है। दूसरी ओर एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह का ऐतिहासिक पदक यह संकेत देता है कि अब भारत लंबी दूरी की दौड़ जैसी चुनौतीपूर्ण स्पर्धाओं में भी विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

    गुलवीर सिंह और हरजिंदर कौर की इन उपलब्धियों ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के अभियान को नई मजबूती दी है। दोनों खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से देशवासियों में उत्साह है और भारतीय दल से आगामी मुकाबलों में भी पदकों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।