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  • 29 जुलाई 2026 का राशिफल: गुरु पूर्णिमा पर इन राशियों की चमकेगी किस्मत, मिथुन-कुंभ को आर्थिक नुकसान और तनाव का संकेत

    29 जुलाई 2026 का राशिफल: गुरु पूर्णिमा पर इन राशियों की चमकेगी किस्मत, मिथुन-कुंभ को आर्थिक नुकसान और तनाव का संकेत


    नई दिल्ली । 29 जुलाई 2026 बुधवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद विशेष माना जा रहा है। इस दिन गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जाएगा, जो गुरु के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे शुभ अवसर माना जाता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार चंद्रमा पूरे दिन मकर राशि में रहेंगे। साथ ही प्रीति योग, वाशि योग, सुनफा योग और आनंदादि योग का दुर्लभ संयोग बनेगा। मिथुन, कन्या, धनु और मीन राशि के जातकों को भद्र योग का विशेष प्रभाव प्राप्त होगा। हालांकि मिथुन और कुंभ राशि वालों को आर्थिक मामलों, तनाव और विवादों से बचने की सलाह दी गई है।

    29 जुलाई 2026 का पंचांग

    गुरु पूर्णिमा तिथि रात्रि 8 बजकर 6 मिनट तक रहेगी, इसके बाद प्रतिपदा तिथि प्रारंभ होगी। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र दोपहर 3 बजकर 37 मिनट तक रहेगा, फिर श्रवण नक्षत्र शुरू होगा। शुभ कार्यों के लिए सुबह 7 से 9 बजे तक तथा शाम 5:15 से 6:15 बजे तक का समय अनुकूल माना गया है। राहुकाल दोपहर 12 बजे से 1:30 बजे तक रहेगा, इसलिए इस दौरान नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।

    मेष
    व्यापार और नौकरी में उन्नति के संकेत हैं। पुराने अनुभव सफलता दिलाएंगे और कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा और जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे।

    वृषभ
    व्यापार में सुधार होगा और लोन से जुड़े मामलों में राहत मिल सकती है। कार्यस्थल पर अपनी योग्यता साबित करने का अवसर मिलेगा। दूसरों पर अत्यधिक निर्भर रहने से बचें।

    मिथुन
    यह दिन सावधानी का है। आर्थिक मामलों में नुकसान की आशंका है और बाजार की स्थिति प्रभावित कर सकती है। नौकरी में वरिष्ठों से बहस से बचें। पारिवारिक जीवन में भी किसी तीसरे व्यक्ति के कारण तनाव बढ़ सकता है।

    कर्क
    मीडिया, जनसंपर्क और व्यापार से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है। परिवार में सुखद माहौल रहेगा और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। कार्यों में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा।

    सिंह
    कामकाज में धीरे-धीरे सुधार होगा। नए व्यापारियों को धैर्य रखना होगा। छात्रों के लिए पढ़ाई में सफलता मिलने के योग हैं। मानसिक तनाव को खुद पर हावी न होने दें।

    कन्या
    भद्र योग का लाभ मिलेगा। विदेश से जुड़े कार्यों या फंड मिलने की संभावना है। नौकरी में रचनात्मक कार्यों की सराहना होगी। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए दिन मेहनत का है।

    तुला
    लेन-देन में पारदर्शिता बनाए रखें। व्यापारिक योजनाओं में थोड़ी देरी हो सकती है। परिवार और कार्यस्थल दोनों जगह संयमित व्यवहार लाभदायक रहेगा।

    वृश्चिक
    पुरानी योजनाओं को दोबारा शुरू करने के लिए दिन शुभ है। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है।

    धनु
    आर्थिक स्थिति मजबूत करने का अच्छा अवसर मिलेगा। व्यापार में नई योजनाओं पर काम शुरू किया जा सकता है। नौकरीपेशा लोगों को बड़ी जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं।

    मकर
    चंद्रमा आपकी राशि में रहेगा, जिससे आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता मजबूत होगी। व्यापार में बिक्री बढ़ेगी और प्रभावशाली लोगों से नए संपर्क बनेंगे। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा।

    कुंभ
    यह राशि वालों के लिए सतर्क रहने का समय है। व्यापार में अपेक्षित लाभ नहीं मिल सकता। नौकरी में विरोधियों से सावधान रहें और अनावश्यक विवादों से बचें। कानूनी मामलों में भी सावधानी बरतें।

    मीन
    भद्र योग के प्रभाव से नए लोगों से संपर्क बढ़ेंगे और व्यापार में लाभ के अवसर मिलेंगे। साझेदारी वाले कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं। सामाजिक सम्मान भी बढ़ सकता है।

    गुरु पूर्णिमा का दिन आध्यात्मिक उन्नति और गुरु के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। इस दिन गुरु का सम्मान करने, दान-पुण्य करने और सकारात्मक सोच के साथ कार्य करने से शुभ फल मिलने की मान्यता है।

  • गुरु पूर्णिमा 2026 पर भूलकर भी न करें ये गलतियां जानें पूजा विधि महत्व और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी

    गुरु पूर्णिमा 2026 पर भूलकर भी न करें ये गलतियां जानें पूजा विधि महत्व और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में गुरु पूर्णिमा का पर्व ज्ञान श्रद्धा और गुरु भक्ति का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है। यह दिन केवल आध्यात्मिक गुरु ही नहीं बल्कि माता पिता शिक्षक और जीवन में सही मार्ग दिखाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर होता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से गुरु की पूजा करने और उनका आशीर्वाद लेने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं तथा सफलता के नए मार्ग खुलते हैं।

    वर्ष 2026 में गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई बुधवार को मनाई जाएगी। यह पर्व आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। महर्षि वेदव्यास ने वेदों का विभाजन किया और महाभारत सहित अनेक महान ग्रंथों की रचना की थी। इसी कारण उन्हें आदिगुरु के रूप में सम्मान दिया जाता है।

    गुरु पूर्णिमा के दिन प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थान को साफ कर भगवान विष्णु भगवान शिव और महर्षि वेदव्यास का स्मरण करें। यदि आपके गुरु मौजूद हैं तो उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें और यदि गुरु दूर हैं तो मन ही मन उनका ध्यान करके कृतज्ञता प्रकट करें। गुरु को फल मिठाई वस्त्र या अपनी श्रद्धा के अनुसार कोई उपहार अर्पित करना भी शुभ माना जाता है।

    इस दिन गुरु मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना गया है। धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि गुरु के बिना ज्ञान अधूरा रहता है। गुरु ही व्यक्ति को अज्ञान के अंधकार से निकालकर सत्य और ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। इसलिए इस दिन गुरु की सेवा और सम्मान को सबसे बड़ा पुण्य माना गया है।

    गुरु पूर्णिमा पर दान का भी विशेष महत्व बताया गया है। जरूरतमंद लोगों को अन्न वस्त्र पुस्तकें या दक्षिणा देना शुभ माना जाता है। विद्यार्थियों के लिए यह दिन विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है क्योंकि गुरु का आशीर्वाद शिक्षा और करियर में सफलता दिलाने वाला माना गया है। कई लोग इस दिन धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन शुरू करते हैं या नई शिक्षा ग्रहण करने का संकल्प लेते हैं।

    यदि किसी कारणवश आप अपने गुरु के पास नहीं जा सकते तो उनके चित्र के सामने दीपक जलाकर प्रणाम करें और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लें। यही सच्ची गुरु भक्ति मानी जाती है। इस दिन क्रोध अहंकार और नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए तथा संयम और विनम्रता का पालन करना चाहिए।

    गुरु पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि जीवन में ज्ञान अनुशासन संस्कार और सकारात्मक सोच को अपनाने की प्रेरणा देने वाला उत्सव भी है। जो व्यक्ति इस दिन श्रद्धा और विश्वास के साथ गुरु का सम्मान करता है उसके जीवन में आत्मविश्वास बढ़ता है और सफलता के नए द्वार खुलते हैं। इसलिए इस पावन अवसर पर गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें और उनके आशीर्वाद से अपने जीवन को नई दिशा देने का संकल्प अवश्य लें।

    गुरु पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त ( Guru Purnima 2026 Pujan Shubh Muhurat)

    29 जुलाई को दिनभर पूर्णिमा तिथि रहने के कारण गुरु पूजन और स्नान-दान के लिए पूरा दिन शुभ रहेगा.

    स्नान दान का मुहूर्त- सुबह 4 4 बजकर 17 मिनट से लेकर सुबह 4 बजकर 59 मिनट तक रहेगा.

    प्रातःकाल पूजा का मुहूर्त: सुबह 05:40 बजे से सुबह 09:05 बजे तक

    अभिजित व शुभ चौघड़िया मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:55 बजे तक

    संध्या पूजा मुहूर्त: शाम 05:30 बजे से शाम 07:15 बजे तक