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  • निमिषा ठाकुरिया मौत मामले में आरोपी आशिक अली पुलिस फायरिंग में घायल, हिरासत से भागने की कोशिश का दावा

    निमिषा ठाकुरिया मौत मामले में आरोपी आशिक अली पुलिस फायरिंग में घायल, हिरासत से भागने की कोशिश का दावा

    नई दिल्ली ।गुवाहाटी विश्वविद्यालय की छात्रा निमिषा ठाकुरिया की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में आरोपी आशिक अली मंगलवार तड़के पुलिस फायरिंग में घायल हो गया। घटना धारापुर इलाके में करीब 3:30 बजे हुई। पुलिस का दावा है कि हिरासत में रहने के दौरान आशिक अली ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद उसे रोकने के लिए पुलिस ने गोली चलाई। फायरिंग में उसके दाहिने पैर में दो गोलियां लगीं और दोनों आर-पार निकल गईं।

    गोली लगने के बाद आशिक अली को इलाज के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया। उसे सुबह करीब 5:35 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, उसके शरीर के किसी दूसरे हिस्से में चोट के निशान नहीं मिले हैं। उसकी हालत को लेकर अस्पताल की ओर से इससे अधिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    आशिक अली के दाहिने पैर में दो स्थानों पर गोली लगी। इनमें एक गोली घुटने के नीचे और दूसरी पिंडली में लगी। दोनों गोलियां पैर को पार करते हुए बाहर निकल गईं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को हिरासत से बाहर ले जाने के दौरान उसने भागने की कोशिश की थी। इसके बाद उसे रोकने के लिए पुलिस ने फायरिंग की।

    आशिक अली की आठ दिन की पुलिस रिमांड मंगलवार को खत्म होनी थी। रिमांड पूरी होने के बाद उसे मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी यानी CJM की अदालत में पेश किया जाना था। पुलिस फायरिंग की घटना रिमांड खत्म होने से कुछ घंटे पहले हुई। पुलिस का कहना है कि आरोपी को हिरासत से बाहर ले जाते समय उसने भागने की कोशिश की थी और इसी दौरान गोली चलाई गई।

    निमिषा ठाकुरिया की मौत का मामला 25 सितंबर को सामने आया था। धारापुर स्थित रुद्राक्ष होमस्टे से गुवाहाटी विश्वविद्यालय की छात्रा का शव बरामद हुआ था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, निमिषा अपने कथित प्रेमी आशिक अली के साथ होमस्टे गई थी। वहां एक कमरे के भीतर युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने आशिक अली को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ शुरू की थी। इसके बाद उसे पुलिस रिमांड पर रखा गया।

    अब रिमांड खत्म होने से ठीक पहले आशिक अली के पुलिस फायरिंग में घायल होने से मामले में नया मोड़ आया है। पुलिस के मुताबिक, फायरिंग हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान हुई। घटना की परिस्थितियों को लेकर आगे की जांच में यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि उस समय वास्तव में क्या हुआ था। फिलहाल आशिक अली अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में है और उसके दाहिने पैर में लगी दो गोलियों का इलाज किया जा रहा है।

  • दीपावली-छठ पर यात्रियों को राहत, कटिहार से मुंबई-अमृतसर और कानपुर-गुवाहाटी के बीच स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू

    दीपावली-छठ पर यात्रियों को राहत, कटिहार से मुंबई-अमृतसर और कानपुर-गुवाहाटी के बीच स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू


    नई दिल्ली ।दीपावली और छठ पूजा के दौरान घर जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ ट्रेनों में बुकिंग का दबाव भी बढ़ गया है। नियमित ट्रेनों में बुकिंग शुरू होने के कुछ समय बाद ही सीटें भरने की स्थिति को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। इनमें कटिहार-मुंबई, कटिहार-अमृतसर और कानपुर-गुवाहाटी के बीच चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं। इन ट्रेनों के जरिए त्योहार के दौरान अलग-अलग शहरों के बीच अतिरिक्त रेल सेवा उपलब्ध कराई जा रही है।

    मुंबई सेंट्रल-कटिहार के बीच 09189/09190 नंबर की स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। यह ट्रेन सप्ताह में एक दिन संचालित होती है। मुंबई सेंट्रल से कटिहार जाने वाली ट्रेन प्रत्येक शनिवार को रवाना होती है, जबकि कटिहार से मुंबई सेंट्रल लौटने वाली ट्रेन प्रत्येक मंगलवार को चलती है। इस ट्रेन में सेकेंड एसी, थर्ड एसी, स्लीपर और जनरल क्लास के डिब्बे उपलब्ध हैं। सुपरफास्ट श्रेणी की यह ट्रेन 2292 किलोमीटर की दूरी करीब 42 घंटे 25 मिनट में तय करती है।

    मुंबई-कटिहार स्पेशल ट्रेन बोरीवली, वापी, वलसाड, भरूच, वडोदरा, रतलाम, उज्जैन, संत हिरदाराम नगर जंक्शन, विदिशा, बीना, झांसी और कानपुर समेत कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकती है। इसके अलावा ऐशबाग, गोंडा, मनकापुर, बस्ती, खलीलाबाद, गोरखपुर, देवरिया सदर, सिवान, छपरा, हाजीपुर, बरौनी, बेगुसराय, खगड़िया और नौगछिया भी इसके ठहराव में शामिल हैं।

    अमृतसर और कटिहार के बीच 05735/05736 नंबर की स्पेशल ट्रेन सप्ताह में एक दिन चल रही है। अमृतसर से कटिहार जाने वाली ट्रेन प्रत्येक शुक्रवार को रवाना होती है, जबकि कटिहार से अमृतसर जाने वाली ट्रेन प्रत्येक बुधवार को चलती है। इस मेल एक्सप्रेस ट्रेन में सभी डिब्बे जनरल क्लास के हैं। ट्रेन 1676 किलोमीटर की दूरी करीब 36 घंटे 45 मिनट में तय करती है।

    इस ट्रेन के प्रमुख ठहरावों में ब्यास, जालंधर सिटी, ढंडारी कलां, राजपुरा जंक्शन, अंबाला कैंट, सहारनपुर, रुड़की, लकसर, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर, गोंडा, बस्ती और गोरखपुर शामिल हैं। इसके बाद ट्रेन कप्तानगंज, नरकटियागंज, रक्सौल, सीतामढ़ी, जनकपुर रोड, शीशो, सकरी, झंझारपुर, निर्मली, सरायगढ़, राघोपुर, ललितग्राम, फारबिसगंज, अररिया कोर्ट और पूर्णिया से होकर गुजरती है।

    कानपुर सेंट्रल और गुवाहाटी के बीच 04127/04128 नंबर की स्पेशल ट्रेन भी सप्ताह में एक दिन संचालित हो रही है। दी गई जानकारी के अनुसार, यह सेवा गुरुवार को रवाना होती है और गुवाहाटी से कानपुर सेंट्रल वापसी सेवा शुक्रवार को चलती है। ट्रेन में सेकेंड एसी, थर्ड एसी, स्लीपर और जनरल क्लास के डिब्बे हैं। यह मेल एक्सप्रेस ट्रेन 1447 किलोमीटर की दूरी करीब 35 घंटे में तय करती है।

    कानपुर-गुवाहाटी स्पेशल ट्रेन फतेहपुर, प्रयागराज जंक्शन, ज्ञानपुर रोड, बनारस, वाराणसी, गाजीपुर सिटी, बलिया, छपरा, सोनपुर, हाजीपुर, शाहपुर पटोरी, बरौनी, बेगुसराय, खगड़िया, मानसी, नौगछिया और कटिहार समेत कई स्टेशनों पर रुकती है। आगे इसके ठहराव बारसोई, किशनगंज, अलुआबाड़ी रोड, न्यू जलपाईगुड़ी, न्यू कूचबिहार, न्यू अलीपुरद्वार, कोकराझार, न्यू बंगाईगांव, बरपेटा रोड, रंगिया और कामाख्या में हैं।

    स्पेशल ट्रेनों के समय, ठहराव और अन्य जानकारी के लिए रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 से जानकारी ली जा सकती है। यात्री NTES के माध्यम से भी ट्रेनों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

  • गुवाहाटी में पत्नी की हत्या के बाद सिर फ्रिज में छिपाने का मामला, रिया तालुकदार की मौत की जांच में जुटी पुलिस

    गुवाहाटी में पत्नी की हत्या के बाद सिर फ्रिज में छिपाने का मामला, रिया तालुकदार की मौत की जांच में जुटी पुलिस

    नई दिल्ली । असम की राजधानी गुवाहाटी के हाटीगांव इलाके से महिला की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक महिला की हत्या के बाद उसके सिर को अलग कर फ्रिज में छिपाए जाने की बात सामने आई है। महिला की उंगलियां भी काटे जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में पुलिस ने आरोपी पति रामानुजन गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल हत्या के पीछे की सटीक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है और पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    पूरा मामला गुवाहाटी के हाटीगांव इलाके के बसिष्ठपुर बाइलेन का बताया गया है। मृतका की पहचान नूनमती की रहने वाली रिया तालुकदार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार रामानुजन गोस्वामी ने पहले पत्नी की हत्या की और इसके बाद उसका सिर धड़ से अलग कर दिया। सिर को काले पॉलीथीन में रखकर फ्रिज के भीतर छिपा दिया गया था। महिला की उंगलियां भी काटे जाने की बात सामने आई है।

    पुलिस के शुरुआती अनुमान के मुताबिक महिला की हत्या शव बरामद होने से करीब 24 से 48 घंटे पहले की गई थी। हालांकि, हत्या की वास्तविक वजह अभी साफ नहीं हुई है। पुलिस आरोपी पति की भूमिका सहित घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है। महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच की आगे की कार्रवाई के बाद मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

    पुलिस के अनुसार मृतका रिया फैंसी बाजार के एसी मार्केट इलाके में स्थित एक बुटीक में काम करती थी। उसके माता-पिता नहीं थे और परिवार में उसका केवल एक भाई है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि सोमवार को रिया और उसके पति के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई थी। इसके बाद रामानुजन रात करीब आठ बजे घर से निकल गया था।

    मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब पड़ोसियों को घर से तेज दुर्गंध आने लगी। उन्हें शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान महिला की हत्या से जुड़ी भयावह जानकारी सामने आई।

    पुलिस के अनुसार महिला की हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई थी। हत्या के बाद उसके सिर को धड़ से अलग कर दिया गया था। इसके बाद सिर को काले पॉलीथीन बैग में रखकर फ्रिज के अंदर छिपाया गया था। महिला की उंगलियां भी काटे जाने की बात सामने आई है।

    फिलहाल पुलिस घटना की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। हत्या के पीछे क्या कारण था, इसे लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और उपलब्ध जानकारी के आधार पर घटना से जुड़े सभी पहलुओं को समझने का प्रयास किया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ जांच आगे बढ़ने पर हत्या की परिस्थितियों और इसके कारण को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • दुनिया के सबसे खूबसूरत एयरपोर्ट्स में भारत का दबदबा, अडानी ग्रुप के नवी मुंबई और गुवाहाटी टर्मिनल को वैश्विक सम्मान

    दुनिया के सबसे खूबसूरत एयरपोर्ट्स में भारत का दबदबा, अडानी ग्रुप के नवी मुंबई और गुवाहाटी टर्मिनल को वैश्विक सम्मान

    नई दिल्ली । भारत की विमानन अवसंरचना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी पहचान मिली है। अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के अंतर्गत विकसित दो प्रमुख हवाई अड्डों को वर्ष 2026 की दुनिया के सबसे खूबसूरत एयरपोर्ट्स की प्रतिष्ठित सूची में शामिल किया गया है। इस उपलब्धि ने न केवल भारतीय विमानन क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है, बल्कि आधुनिक वास्तुकला, यात्रियों के अनुभव और सतत विकास के क्षेत्र में देश की बढ़ती क्षमता को भी वैश्विक मंच पर स्थापित किया है।

    दुनियाभर में वास्तुकला और डिजाइन उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध प्रिक्स वर्साय पुरस्कारों के तहत नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तथा गुवाहाटी स्थित लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-2 को इस विशेष सूची में स्थान मिला है। यह सम्मान उन परियोजनाओं को दिया जाता है जो वास्तु सौंदर्य, नवाचार, पर्यावरणीय संतुलन और यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करने के मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करती हैं।

    नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 को उसके अनूठे और भविष्यवादी डिजाइन के लिए सराहा गया है। इसका स्थापत्य स्वरूप भारतीय संस्कृति के महत्वपूर्ण प्रतीक कमल के फूल से प्रेरित है। आधुनिक तकनीक, विशाल संरचना, ऊर्जा दक्षता और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया यह टर्मिनल भारत के उभरते बुनियादी ढांचे की नई पहचान बनकर सामने आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना देश में आधुनिक विमानन केंद्रों के विकास का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।

    वहीं, गुवाहाटी एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 ने भी अपनी विशिष्ट डिजाइन अवधारणा के कारण वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है। इसके निर्माण में असम की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संपदा और स्थानीय जैव विविधता को विशेष महत्व दिया गया है। टर्मिनल का डिजाइन बांस और ऑर्किड जैसे क्षेत्रीय प्राकृतिक तत्वों से प्रेरित है, जो पूर्वोत्तर भारत की विशिष्ट पहचान को दर्शाता है। पर्यावरण-अनुकूल निर्माण तकनीकों और स्थानीय सौंदर्य को आधुनिक सुविधाओं के साथ जोड़ने का प्रयास इसे अन्य परियोजनाओं से अलग बनाता है।

    इस वैश्विक सूची में दुनिया के कई प्रतिष्ठित हवाई अड्डों को भी स्थान मिला है। इनमें यूरोप, अमेरिका और एशिया के प्रमुख विमानन केंद्र शामिल हैं, जिन्हें उनकी उन्नत सुविधाओं और विशिष्ट डिजाइन के लिए जाना जाता है। ऐसे प्रतिस्पर्धी वैश्विक परिदृश्य में भारतीय परियोजनाओं का चयन देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में तेजी से विकसित हो रहे विमानन क्षेत्र ने पिछले कुछ वर्षों में अभूतपूर्व विस्तार देखा है। बढ़ती हवाई यात्रा, आधुनिक हवाई अड्डों का निर्माण और यात्रियों की सुविधाओं में सुधार ने देश को वैश्विक विमानन मानचित्र पर नई पहचान दिलाई है। नवी मुंबई और गुवाहाटी की यह उपलब्धि उसी परिवर्तनशील यात्रा का हिस्सा मानी जा रही है।

    विमानन और अवसंरचना क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय मान्यता भविष्य में भारत में निवेश आकर्षित करने, पर्यटन को बढ़ावा देने और विश्वस्तरीय हवाई अड्डों के विकास को नई गति देने में सहायक होगी। साथ ही यह उपलब्धि भारतीय डिजाइन, इंजीनियरिंग और निर्माण क्षमता के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को भी दर्शाती है।

    वर्ष 2026 के अंत में इन चयनित परियोजनाओं में से कुछ को सर्वोच्च वैश्विक खिताब प्रदान किए जाने की संभावना है। ऐसे में भारतीय हवाई अड्डों की यह उपलब्धि आने वाले महीनों में और अधिक चर्चा का विषय बन सकती है तथा देश के विमानन क्षेत्र के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है।