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  • ग्वालियर हादसे में ट्रक कैसे पहुंचा श्रद्धालुओं की कतार तक, ब्रेक फेल या ड्राइवर की गलती या साजिश, जांच में खुलेंगे सुरक्षा व्यवस्था के राज

    ग्वालियर हादसे में ट्रक कैसे पहुंचा श्रद्धालुओं की कतार तक, ब्रेक फेल या ड्राइवर की गलती या साजिश, जांच में खुलेंगे सुरक्षा व्यवस्था के राज


    ग्वालियर । ग्वालियर के शीतला माता मंदिर में हुए भीषण ट्रक हादसे के बाद दुर्घटना की वजह और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। शनिवार रात करीब डेढ़ बजे धान से भरा ट्रक दर्शन के लिए कतार में खड़े श्रद्धालुओं पर चढ़ गया। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हुई जबकि 40 से अधिक लोग घायल हुए। मंदिर समिति ने घटना में आतंकी साजिश की आशंका जताते हुए विशेष जांच दल से जांच कराने की मांग की है। दूसरी ओर पुलिस की शुरुआती जांच में ब्रेक फेल होने और रास्ते की जानकारी नहीं होने जैसी संभावनाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। फिलहाल साजिश के आरोपों की पुष्टि करने वाला कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं हुआ है।

    हादसे को लेकर पहली थ्योरी ट्रक के ब्रेक फेल होने की है। ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि वाहन के ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया था। पुलिस भी शुरुआती स्तर पर इस संभावना की जांच कर रही है। भारी वाहनों में एयर ब्रेक का इस्तेमाल होता है और लंबी ढलान पर लगातार ब्रेक लगाने से उनकी कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। ट्रक में तकनीकी खराबी थी या नहीं इसकी पुष्टि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय की जांच से हो सकेगी। वाहन के ब्रेक टायर गियर और उसमें लदे धान के वास्तविक वजन की जांच भी महत्वपूर्ण होगी।

    दूसरी थ्योरी ड्राइवरों की गलती और रास्ते को लेकर भ्रम की है। पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक दोनों ट्रक चालक रास्ते से अनजान थे और गूगल मैप की मदद से आगे बढ़ रहे थे। एक रिपोर्ट के अनुसार टोल टैक्स बचाने के लिए शॉर्टकट तलाशने की बात भी सामने आई है। अमरोल गांव के कुछ लोगों ने दावा किया कि उन्होंने ड्राइवरों को आगे रास्ता बंद होने की जानकारी दी थी लेकिन वे गूगल मैप पर रास्ता खुला होने की बात कह रहे थे। ग्रामीणों ने ड्राइवरों के मुंह से शराब की गंध आने का दावा भी किया है। इसकी पुष्टि के लिए मेडिकल जांच और ब्लड रिपोर्ट जरूरी होगी।

    तीसरी थ्योरी मंदिर समिति की ओर से उठाई गई साजिश की आशंका है। समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह गुर्जर ने धार्मिक आयोजन को जानबूझकर निशाना बनाए जाने की संभावना जताते हुए एसआईटी जांच की मांग की है। हालांकि अब तक पुलिस या प्रशासन ने आतंकी हमले की पुष्टि नहीं की है। ट्रक का चेकिंग पॉइंट पार करना और बैरिकेड तोड़ते हुए मंदिर की ओर बढ़ना जांच के अहम बिंदु हैं। वहीं ट्रक मालिक का कहना है कि वाहन रास्ता तलाशते हुए आगे बढ़ा था। हादसे के बाद ड्राइवर और मालिक के भागने की घटना भी जांच का हिस्सा है लेकिन केवल इससे साजिश साबित नहीं होती।

    जांच में ट्रक की तकनीकी स्थिति के साथ ड्राइवरों की मेडिकल रिपोर्ट मोबाइल लोकेशन गूगल मैप का रिकॉर्ड माल से जुड़े दस्तावेज और रास्ते में लगे सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की जा सकती है। ग्रामीणों पुलिसकर्मियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी घटना की कड़ियां जोड़ने में मदद करेंगे। यदि लापरवाही साबित होती है तो भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई हो सकती है। वहीं गैर इरादतन हत्या या आतंकी कृत्य जैसे गंभीर आरोपों के लिए संबंधित कानूनी तत्वों और पर्याप्त सबूतों का होना जरूरी है।

    हादसे ने मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। सामान्य तौर पर मंदिर समिति भीड़ की जानकारी देने और व्यवस्थाओं में सहयोग करती है जबकि पुलिस यातायात नियंत्रण और कानून व्यवस्था संभालती है। जिला प्रशासन विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी निभाता है। रिपोर्टों के मुताबिक मंदिर से करीब एक किलोमीटर दूर पार्किंग बनाई गई थी और रात में 50 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात थे। इसके बावजूद भारी ट्रक प्रतिबंधित क्षेत्र तक कैसे पहुंच गए यह जांच का अहम सवाल है। चेकिंग पॉइंट पर ट्रक रोकने को लेकर पुलिस के बयान और ग्राउंड रिपोर्ट में अंतर भी सामने आया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर झांसी रोड के सीएसपी रवि भदौरिया को हटाया गया और तीन थाना प्रभारियों समेत आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया। कलेक्टर रुचिका चौहान ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और सात दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है। हालांकि चेकिंग पॉइंट की जिम्मेदारी और कार्रवाई के दायरे को लेकर सवाल बने हुए हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है जबकि पीड़ित परिवार अधिक मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग कर रहे हैं। अब जांच से यह स्पष्ट होना बाकी है कि हादसा तकनीकी खराबी या मानवीय लापरवाही का नतीजा था अथवा इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी। साथ ही यह भी तय करना होगा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा में हुई चूक के लिए किस स्तर पर जवाबदेही बनती है।

  • ग्वालियर में देर रात भीषण हादसे से मचा कोहराम, दर्शन के लिए कतार में खड़े श्रद्धालुओं को कुचला, CSP हटाए गए और 8 निलंबित

    ग्वालियर में देर रात भीषण हादसे से मचा कोहराम, दर्शन के लिए कतार में खड़े श्रद्धालुओं को कुचला, CSP हटाए गए और 8 निलंबित


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। चीनौर रोड पर दर्शन के लिए कतार में खड़े श्रद्धालुओं को धान से भरे एक बेकाबू ट्रक ने कुचल दिया। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई जबकि 26 लोग घायल हुए हैं। घायलों में दो पुलिसकर्मियों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और मंदिर परिसर के आसपास चीख-पुकार सुनाई देने लगी।
    जानकारी के मुताबिक हादसा शनिवार देर रात करीब डेढ़ बजे हुआ। उस समय शीतला माता मंदिर में दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। कई लोग सड़क किनारे कतार में खड़े थे। इसी दौरान चीनौर की ओर से आ रहा धान से भरा ट्रक ढलान पर अचानक बेकाबू हो गया। बताया गया है कि घटनास्थल पर सड़क का ढलान काफी तीखा है। ट्रक लोगों को रौंदता हुआ आगे बढ़ा और पुलिस चेकपोस्ट को तोड़ते हुए मंदिर की बाहरी दीवार तथा गेट से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मंदिर की दीवार ढह गई और कई लोग मलबे में दब गए।
    ट्रक चालक ने पुलिस को बताया कि वाहन के ब्रेक फेल हो गए थे। खबर के मुताबिक वह गूगल मैप की मदद से ट्रक चला रहा था। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों और उसमें किसी तरह की लापरवाही की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना के बाद पुलिस और राहत दल ने घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। घायलों को ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई गई है।
    हादसे में घायल थाटीपुर निवासी अभिषेक ने बताया कि वह उस समय हाथ-पैर धो रहे थे जब अचानक सामने से ट्रक आ गया। उनके मुताबिक ट्रक उन्हें घसीटते हुए आगे ले गया। एक व्यक्ति ने उन्हें तलाशकर बाहर निकाला जिससे उनकी जान बच सकी। हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद मृतकों के शव उनके परिजनों तक पहुंचाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
    घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। झांसी रोड के सीएसपी रवि भदौरिया को पद से हटाया गया है। इसके साथ ही आठ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। इनमें झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव और आंतरी थाना प्रभारी गीतेश शर्मा सहित यातायात पुलिस के अधिकारी तथा अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। यह कार्रवाई हादसे के दौरान कथित लापरवाही के मामले में की गई है।
    मुख्यमंत्री ने मृतकों की मौत पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि इस कठिन समय में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ है। उन्होंने हादसे में घायल सभी लोगों का निशुल्क इलाज कराने की घोषणा की है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी घटना पर दुख जताया और मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
    अष्टमी के अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रहने के बीच इस हादसे ने धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तीखे ढलान वाले मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा जरूरी मानी जा रही है। हादसे की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि ट्रक के बेकाबू होने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा में चूक के लिए कौन से कारण जिम्मेदार थे।

  • ग्वालियर में तेज रफ्तार ट्रक डिवाइडर पार कर बिजली पोल से टकराया चालक स्टेयरिंग में फंसा, गैस कटर से रेस्क्यू

    ग्वालियर में तेज रफ्तार ट्रक डिवाइडर पार कर बिजली पोल से टकराया चालक स्टेयरिंग में फंसा, गैस कटर से रेस्क्यू


    ग्वालियर के व्यस्त बारादरी चौराहे पर बुधवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया जब तेज रफ्तार में जा रहा ट्रक अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर पर चढ़ा और फिर सड़क किनारे लगे बिजली के पोल से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक स्टेयरिंग में फंस गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची मुरार थाना पुलिस ने दमकल विभाग की मदद से गैस कटर से ट्रक का केबिन काटकर चालक को बाहर निकाला। गंभीर चोटों के साथ उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    घटना मुरार थाना क्षेत्र के बारादरी चौराहे पर बुधवार रात करीब बारह बजे हुई। ट्रक का पंजीयन क्रमांक MP07-HR-3553 बताया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रक तेज गति में सात नंबर क्षेत्र से सिरोल की ओर जा रहा था। चौराहे के पास ट्रक अचानक असंतुलित हुआ और डिवाइडर पर चढ़ गया। इसके बाद ट्रक बिजली के खंभे से जा टकराया। टक्कर के कारण खंभा झुक गया और आसपास के लोग सहम गए। राहत की बात यह रही कि बिजली आपूर्ति तुरंत बंद कर दी गई, जिससे करंट फैलने का खतरा टल गया।

    हादसे में ट्रक चालक स्टेयरिंग और सीट के बीच फंस गया। पैर और सीने में गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। गैस कटर की मदद से करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद चालक को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि चालक माल की डिलीवरी के लिए सिरोल जा रहा था।

    पुलिस पूछताछ में चालक ने दावा किया कि सामने से तेज हेडलाइट की वजह से उसकी आंखों पर रोशनी पड़ी और वह सड़क का सही अंदाजा नहीं लगा सका। इसी कारण ट्रक नियंत्रण खो बैठा। मुरार थाना प्रभारी मैना पटेल ने कहा कि प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रोशनी और वाहन नियंत्रण खोना बताया गया है, लेकिन ट्रक की तकनीकी स्थिति और गति को लेकर भी जांच जारी है। ट्रक को सड़क से हटाकर थाने में खड़ा कर दिया गया है।यह घटना रात में तेज रोशनी, भारी वाहनों की गति और सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर गई है। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि रात में हाई बीम लाइट का अनावश्यक उपयोग न करें और निर्धारित गति सीमा का पालन करें।