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  • कराची में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी की गोली मारकर हत्या, चार अज्ञात हमलावरों की तलाश में सुरक्षा एजेंसियां जुटीं

    कराची में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी की गोली मारकर हत्या, चार अज्ञात हमलावरों की तलाश में सुरक्षा एजेंसियां जुटीं

    नई दिल्ली ।पाकिस्तान के कराची में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक आतंकी की गोली मारकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार चार अज्ञात हमलावरों ने इस वारदात को अंजाम दिया और गोलीबारी के बाद मौके से फरार हो गए। मारे गए व्यक्ति को लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद का करीबी बताया जा रहा है।

    घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी मिलने पर पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और मामले की जांच शुरू की। एजेंसियों ने हमलावरों की तलाश के साथ-साथ हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए भी जांच शुरू कर दी है।

    अभी तक मारे गए आतंकी की पहचान को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसी तरह लश्कर-ए-तैयबा में उसकी वास्तविक भूमिका क्या थी, इस बारे में भी कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। फिलहाल जांच एजेंसियां वारदात से जुड़े तथ्यों को जुटाने में लगी हैं।

    बताया गया है कि हमलावर बाइक पर सवार थे और उनकी संख्या चार थी। उन्होंने लश्कर से जुड़े व्यक्ति को निशाना बनाया और वारदात को अंजाम देने के बाद वहां से निकल गए। हमले के पीछे कौन लोग थे, इस बारे में फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।

    जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि इस हत्या के पीछे किसी प्रतिद्वंद्वी आतंकी गुट का हाथ था या इसके पीछे कोई अन्य कारण रहा। सुरक्षा एजेंसियां इसी दिशा में भी जानकारी जुटा रही हैं। अभी किसी संभावित गुट या व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि नहीं की गई है।

    कराची में हुई इस घटना को पाकिस्तान में आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि, मौजूदा मामले में हत्या की वास्तविक वजह और हमलावरों के उद्देश्य के बारे में जांच पूरी होने से पहले कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

    इस घटना के बाद पाकिस्तान में आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों की गतिविधियों और उनकी सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। चार अज्ञात हमलावरों द्वारा संगठन से जुड़े व्यक्ति को निशाना बनाए जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के सामने हमले की पूरी कड़ी का पता लगाने की चुनौती है।

    फिलहाल जांच एजेंसियां हमलावरों की पहचान और उनकी तलाश पर काम कर रही हैं। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हत्या की योजना किस तरह बनाई गई और इसके पीछे क्या मकसद था। मारे गए व्यक्ति की पहचान तथा लश्कर-ए-तैयबा में उसकी भूमिका से जुड़ी जानकारी भी जांच के दौरान स्पष्ट होने की उम्मीद है।

    मामले में अभी तक आधिकारिक स्तर पर सीमित जानकारी ही सामने आई है। इसलिए हत्या के पीछे किसी विशेष संगठन, व्यक्ति या वजह की पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षा एजेंसियों की जांच आगे बढ़ने के साथ ही वारदात से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की संभावना है।

  • पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर कारी सईद की संदिग्ध मौत, हाफिज सईद से तीन दशक पुराना था संबंध

    पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर कारी सईद की संदिग्ध मौत, हाफिज सईद से तीन दशक पुराना था संबंध

    नई दिल्ली । पाकिस्तान में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कमांडर कारी सईद उर्फ अब्दुल अजीज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामाबाद स्थित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ी एक मस्जिद में नमाज से पहले वह अचानक जमीन पर गिर गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे संभालने और प्राथमिक उपचार देने की कोशिश की, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। उसकी मौत के कारणों को लेकर फिलहाल अलग-अलग तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं।

    कारी सईद को लश्कर-ए-तैयबा के पुराने और प्रभावशाली कमांडरों में गिना जाता था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक वह संगठन के साथ लंबे समय से जुड़ा हुआ था और आतंकी सरगना हाफिज सईद के करीबी लोगों में शामिल था। बताया जाता है कि कारी सईद वर्ष 1990 से हाफिज सईद के साथ जुड़ा हुआ था। शुरुआती वर्षों में उसने संगठन के लिए सक्रिय भूमिका निभाई और आतंकियों की भर्ती जैसे कामों में भी उसकी जिम्मेदारी रही।

    रिपोर्ट के अनुसार, कारी सईद वर्ष 2017 तक लश्कर-ए-तैयबा की आतंकी गतिविधियों से जुड़े कामों में सक्रिय रहा। बाद के वर्षों में संगठन ने उसे प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंप दी थीं। वह दक्षिण पंजाब क्षेत्र में संगठन से जुड़े एक विभाग की जिम्मेदारी संभालता था। इस विभाग का काम भारत में मारे गए आतंकियों के परिवारों तक आर्थिक सहायता पहुंचाने और संगठन से जुड़े लोगों का रिकॉर्ड तैयार करने से संबंधित बताया जाता है।

    कारी सईद की मौत से जुड़ी घटनाओं का क्रम भी सामने आया है। बताया गया है कि वह इस्लामाबाद की मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए पहुंचा था। वहां उसने अपना बैग एक साथी को सौंपा और वुजू किया। इसके बाद जब वह नमाज के लिए मुख्य हॉल की ओर बढ़ा और चप्पल उतारने के लिए बैठा, तभी अचानक जमीन पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लश्कर के अन्य सदस्यों ने उसे उठाया और मदद की कोशिश की। उसकी सांस रुकने के बाद कथित तौर पर सीपीआर भी दिया गया, लेकिन उसे होश नहीं आया।

    इसके बाद कारी सईद को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी अचानक हुई मौत ने उसके संगठन से जुड़े लोगों के बीच भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में इस घटना को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच और मेडिकल जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।

    बताया जाता है कि सक्रिय आतंकी भूमिका से हटने के बाद कारी सईद को लश्कर-ए-तैयबा के प्रशासनिक नेटवर्क में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई थीं। दक्षिण पंजाब के मुल्तान, बहावलपुर और डेरा गाजी खान जैसे क्षेत्रों से जुड़े आतंकियों के बारे में जानकारी जुटाना और उनके परिवारों तक आर्थिक सहायता पहुंचाना उसकी जिम्मेदारियों में शामिल था। उसकी मौत ऐसे समय में सामने आई है जब पाकिस्तान में आतंकी संगठनों से जुड़े कई पुराने चेहरों की गतिविधियों और उनके नेटवर्क को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। कारी सईद की संदिग्ध मौत के कारण और उससे जुड़े अन्य पहलुओं पर आगे मिलने वाली जानकारी से स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।