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  • झड़ते बालों से हैं परेशान तो ऐसे करें नारियल तेल का इस्तेमाल जानिए लगाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां

    झड़ते बालों से हैं परेशान तो ऐसे करें नारियल तेल का इस्तेमाल जानिए लगाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां


    नई दिल्ली। बालों का झड़ना आजकल एक आम समस्या बनती जा रही है। बदलती जीवनशैली तनाव खानपान में पोषक तत्वों की कमी नींद पूरी न होना और बालों की सही देखभाल नहीं करना इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। बालों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने के लिए बाजार में कई तरह के उत्पाद मौजूद हैं लेकिन घरेलू स्तर पर नारियल तेल का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है। नारियल तेल बालों को कंडीशन करने और रूखेपन को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि बालों का झड़ना लगातार बढ़ रहा हो तो केवल घरेलू उपाय पर निर्भर रहने के बजाय कारण की पहचान करना जरूरी है।

    नारियल तेल को बालों की देखभाल के लिए इस्तेमाल करने का एक आसान तरीका है इसे हल्का गुनगुना करके सिर की त्वचा पर लगाना। तेल को बहुत गर्म नहीं करना चाहिए। हल्के हाथों से उंगलियों की मदद से सिर की त्वचा पर मसाज की जा सकती है। इससे बालों में तेल अच्छी तरह फैलता है और सिर की त्वचा की मालिश करने से आराम भी महसूस हो सकता है। मसाज करते समय नाखूनों का इस्तेमाल करने के बजाय उंगलियों के पोरों से धीरे धीरे मालिश करना बेहतर रहता है।

    अगर बाल बहुत ज्यादा रूखे हैं तो नारियल तेल को बालों की लंबाई पर भी लगाया जा सकता है। खासतौर पर बालों के सिरों पर थोड़ी मात्रा में तेल लगाने से रूखापन और उलझने की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है। तेल लगाने के बाद कुछ समय के लिए बालों को छोड़ दें और फिर हल्के शैंपू से धो लें। बहुत अधिक तेल लगाने से बाल चिपचिपे हो सकते हैं और उन्हें साफ करने में ज्यादा शैंपू की जरूरत पड़ सकती है।

    नारियल तेल में कुछ लोग एलोवेरा जेल या मेथी जैसी चीजें मिलाकर भी इस्तेमाल करते हैं। ऐसे घरेलू मिश्रणों का इस्तेमाल करने से पहले यह देखना जरूरी है कि किसी चीज से एलर्जी या सिर की त्वचा में जलन तो नहीं होती। पहली बार इस्तेमाल करने वाले लोग थोड़ी मात्रा को त्वचा के छोटे हिस्से पर लगाकर प्रतिक्रिया देख सकते हैं। जलन खुजली लालिमा या किसी तरह की परेशानी होने पर इसका इस्तेमाल रोक देना चाहिए।

    बालों को मजबूत बनाए रखने के लिए केवल तेल लगाना पर्याप्त नहीं है। भोजन में प्रोटीन आयरन जिंक विटामिन और अन्य जरूरी पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा होना भी महत्वपूर्ण है। दालें अंडे दूध दही हरी सब्जियां फल और मेवे जैसे खाद्य पदार्थ संतुलित आहार का हिस्सा बनाए जा सकते हैं। पर्याप्त नींद लेना और तनाव को नियंत्रित रखना भी बालों की सामान्य सेहत के लिए उपयोगी हो सकता है।

    बालों को धोने के बाद बहुत जोर से रगड़ने या लगातार गर्म उपकरणों का इस्तेमाल करने से भी बचना चाहिए। गीले बाल अपेक्षाकृत कमजोर होते हैं इसलिए उन्हें धीरे से सुखाना बेहतर रहता है। बहुत कसकर बाल बांधने की आदत भी बालों पर खिंचाव बढ़ा सकती है।

    ध्यान रखें कि हर व्यक्ति में बाल झड़ने का कारण अलग हो सकता है। अगर बाल अचानक बहुत तेजी से झड़ने लगें सिर की त्वचा पर खुजली या घाव हों या बालों में स्पष्ट रूप से खाली जगह दिखाई देने लगे तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। नारियल तेल बालों की देखभाल का एक सामान्य घरेलू तरीका हो सकता है लेकिन यह हर तरह के बाल झड़ने का इलाज नहीं है।

  • बालों का झड़ना रोकने के लिए महंगे प्रोडक्ट नहीं इन आसान आदतों पर दें ध्यान खानपान से लेकर तेल लगाने तक रखें इन बातों का ख्याल

    बालों का झड़ना रोकने के लिए महंगे प्रोडक्ट नहीं इन आसान आदतों पर दें ध्यान खानपान से लेकर तेल लगाने तक रखें इन बातों का ख्याल

    नई दिल्ली । बालों का झड़ना आजकल काफी आम समस्या बन गई है। मौसम में बदलाव तनाव नींद की कमी खराब खानपान बालों पर ज्यादा केमिकल प्रोडक्ट का इस्तेमाल और स्कैल्प की ठीक से देखभाल नहीं करना इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। कुछ लोगों में रोजाना कुछ बालों का टूटना सामान्य होता है लेकिन जब बाल सामान्य से काफी ज्यादा गिरने लगें या सिर की त्वचा पर बालों का घनत्व तेजी से कम होने लगे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बालों को स्वस्थ रखने के लिए सबसे पहले रोजमर्रा की कुछ आदतों में बदलाव करना जरूरी है।

    बालों की देखभाल में तेल लगाना एक आसान तरीका माना जाता है। नारियल तेल जैसे हल्के तेल से स्कैल्प की हल्की मालिश की जा सकती है। इससे बालों में नमी बनाए रखने और रूखेपन को कम करने में मदद मिल सकती है। तेल लगाने के दौरान स्कैल्प को जोर से रगड़ने या नाखून से खुजलाने से बचना चाहिए। हल्के हाथों से कुछ मिनट मालिश करना बेहतर रहता है। अगर किसी तेल से खुजली लालिमा या जलन होती है तो उसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।

    बालों की सेहत का सीधा संबंध खानपान से भी है। भोजन में पर्याप्त प्रोटीन शामिल करना जरूरी है क्योंकि बाल मुख्य रूप से केराटिन नामक प्रोटीन से बने होते हैं। दालें अंडे दूध दही पनीर सोया और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ संतुलित आहार का हिस्सा बनाए जा सकते हैं। इसके अलावा हरी सब्जियां फल मेवे और बीज भी पोषक तत्व उपलब्ध कराते हैं। बिना जांच के किसी सप्लीमेंट या विटामिन की गोली लेना सही नहीं है।

    बाल धोते समय भी कुछ सावधानियां रखनी चाहिए। बहुत गर्म पानी से सिर धोने से बाल और स्कैल्प रूखे हो सकते हैं इसलिए सामान्य या हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल करना बेहतर है। शैंपू को स्कैल्प की जरूरत के अनुसार चुनें और बालों को बहुत जोर से रगड़ने से बचें। गीले बाल अपेक्षाकृत कमजोर होते हैं इसलिए उन्हें जोर से कंघी करने के बजाय पहले हल्का सूखने दें और फिर धीरे से सुलझाएं।

    हेयर स्टाइलिंग के दौरान अत्यधिक गर्मी का इस्तेमाल भी कम करना चाहिए। लगातार हेयर स्ट्रेटनर कर्लर और तेज गर्म हवा वाले ड्रायर का इस्तेमाल बालों को नुकसान पहुंचा सकता है। बहुत ज्यादा टाइट पोनीटेल या ऐसी हेयर स्टाइल जिसमें बालों की जड़ों पर लगातार खिंचाव पड़ता है उससे भी बचना चाहिए।

    अगर बाल लगातार बहुत ज्यादा झड़ रहे हैं सिर में खाली पैच दिखाई दे रहे हैं खुजली या पपड़ी की समस्या है या अचानक तेजी से हेयर फॉल शुरू हुआ है तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय समस्या की असली वजह पता करना ज्यादा महत्वपूर्ण है। सही खानपान नियमित नींद तनाव को नियंत्रित करना और बालों की उचित देखभाल लंबे समय में बालों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती है।

  • बालों का झड़ना रोकना है तो इन आदतों को बदलें: डाइट से लेकर हेयर केयर तक जानिए बालों को मजबूत रखने के आसान तरीके

    बालों का झड़ना रोकना है तो इन आदतों को बदलें: डाइट से लेकर हेयर केयर तक जानिए बालों को मजबूत रखने के आसान तरीके


    नई दिल्ली। बालों का झड़ना आज के समय में एक आम समस्या बन गई है। मौसम में बदलाव तनाव नींद की कमी खानपान में पोषक तत्वों की कमी और बालों की गलत तरीके से देखभाल करने जैसी कई वजहों से बाल कमजोर होकर टूटने लग सकते हैं। कुछ मात्रा में बालों का रोज झड़ना सामान्य हो सकता है लेकिन अगर लगातार बाल पहले से ज्यादा गिर रहे हों सिर की त्वचा दिखाई देने लगी हो या बालों की मोटाई तेजी से कम हो रही हो तो इसके कारण पर ध्यान देना जरूरी है। केवल महंगे हेयर प्रोडक्ट इस्तेमाल करने के बजाय बालों की देखभाल के साथ खानपान और रोजमर्रा की आदतों में सुधार करना भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

    बालों को मजबूत बनाए रखने के लिए सबसे पहले संतुलित आहार पर ध्यान देना चाहिए। शरीर को पर्याप्त प्रोटीन आयरन जिंक विटामिन और दूसरे जरूरी पोषक तत्व मिलना बालों के सामान्य विकास के लिए महत्वपूर्ण है। भोजन में दालें अंडे दूध दही हरी सब्जियां फल मेवे और बीज जैसे पौष्टिक विकल्प शामिल किए जा सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति के भोजन में पोषक तत्वों की कमी है तो इसका असर बालों पर भी पड़ सकता है। हालांकि बिना जांच के आयरन या किसी अन्य सप्लीमेंट का सेवन शुरू करना उचित नहीं है।

    बालों की सफाई भी जरूरी है लेकिन उन्हें बहुत ज्यादा रगड़कर धोने से बचना चाहिए। अपनी स्कैल्प और बालों के प्रकार के अनुसार हल्के शैंपू का इस्तेमाल किया जा सकता है। शैंपू लगाते समय नाखूनों से जोर से सिर की त्वचा खरोंचने के बजाय उंगलियों के पोरों से धीरे धीरे सफाई करना बेहतर है। बाल धोने के बाद उन्हें जोर से रगड़कर सुखाने के बजाय मुलायम तौलिये से हल्के हाथों से पानी सोखना चाहिए। गीले बाल अपेक्षाकृत नाजुक होते हैं इसलिए उन्हें जोर से कंघी करने से टूटने का खतरा बढ़ सकता है।
    बालों की सफाई भी जरूरी है लेकिन उन्हें बहुत ज्यादा रगड़कर धोने से बचना चाहिए। अपनी स्कैल्प और बालों के प्रकार के अनुसार हल्के शैंपू का इस्तेमाल किया जा सकता है। शैंपू लगाते समय नाखूनों से जोर से सिर की त्वचा खरोंचने के बजाय उंगलियों के पोरों से धीरे धीरे सफाई करना बेहतर है। बाल धोने के बाद उन्हें जोर से रगड़कर सुखाने के बजाय मुलायम तौलिये से हल्के हाथों से पानी सोखना चाहिए। गीले बाल अपेक्षाकृत नाजुक होते हैं इसलिए उन्हें जोर से कंघी करने से टूटने का खतरा बढ़ सकता है।

    हेयर स्टाइलिंग की आदतों पर भी ध्यान देना जरूरी है। लगातार बहुत टाइट पोनीटेल जूड़ा या ऐसी हेयर स्टाइल जिसमें बालों की जड़ों पर खिंचाव पड़ता है बालों को कमजोर कर सकती है। बार बार हेयर स्ट्रेटनिंग कर्लिंग और अत्यधिक गर्म उपकरणों का इस्तेमाल भी बालों की बाहरी परत को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए हीट स्टाइलिंग कम करना और जरूरत पड़ने पर हीट प्रोटेक्शन का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। बालों को बार बार केमिकल ट्रीटमेंट देने से भी बचना चाहिए।

    तनाव और नींद की कमी को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लंबे समय तक तनाव शरीर पर कई तरह से असर डाल सकता है और कुछ लोगों में इसके बाद बाल झड़ने की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए नियमित नींद हल्की शारीरिक गतिविधि योग या ध्यान जैसी स्वस्थ आदतों को दिनचर्या में शामिल करना उपयोगी हो सकता है। पर्याप्त पानी पीना भी शरीर और त्वचा की सामान्य सेहत के लिए जरूरी है।

    अगर बाल अचानक बहुत ज्यादा झड़ने लगें या लंबे समय तक समस्या बनी रहे तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। थायरॉयड संबंधी समस्या आयरन की कमी हार्मोनल बदलाव कुछ दवाएं आनुवंशिक कारण या स्कैल्प से जुड़ी समस्याएं भी बाल झड़ने की वजह हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना और जरूरत पड़ने पर जांच कराना बेहतर रहता है। कारण पता चलने के बाद ही सही उपचार तय किया जा सकता है।

    कुल मिलाकर बालों को झड़ने से रोकने के लिए किसी एक घरेलू उपाय या तेल को चमत्कारी समाधान मानना सही नहीं है। पौष्टिक भोजन नियमित नींद तनाव को नियंत्रित रखना स्कैल्प की उचित सफाई और बालों के साथ कम से कम खिंचाव वाला व्यवहार लंबे समय में बेहतर हेयर केयर रूटीन बनाने में मदद कर सकता है। अगर बालों के झड़ने की समस्या लगातार बढ़ रही है तो समय पर विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे समझदारी भरा कदम है।

  • बारिश और बदलते मौसम में तेजी से झड़ रहे हैं बाल तो आज से करें ये काम बाल बनेंगे मजबूत और घने

    बारिश और बदलते मौसम में तेजी से झड़ रहे हैं बाल तो आज से करें ये काम बाल बनेंगे मजबूत और घने


    नई दिल्ली। बालों को खूबसूरत और मजबूत बनाए रखने के लिए सिर्फ महंगे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना ही जरूरी नहीं है। बालों की सही देखभाल के लिए रोजमर्रा की कुछ छोटी आदतों पर ध्यान देना भी काफी महत्वपूर्ण है। बदलते मौसम खासकर बारिश के दिनों में बालों से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं। नमी और पसीने के कारण स्कैल्प चिपचिपा हो सकता है और डैंड्रफ जैसी समस्या परेशान कर सकती है। इसके अलावा तनाव खराब खानपान नींद की कमी और बालों पर ज्यादा केमिकल इस्तेमाल करने से भी बाल कमजोर होकर टूटने लग सकते हैं। ऐसे में बालों की जड़ों से लेकर उनकी लंबाई तक सही देखभाल करना जरूरी है।

    बालों को स्वस्थ रखने के लिए सबसे पहले स्कैल्प की सफाई पर ध्यान देना चाहिए। पसीना और गंदगी लंबे समय तक स्कैल्प पर जमा रहने से बालों की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए अपनी स्कैल्प की जरूरत के अनुसार किसी हल्के शैंपू से बालों को साफ करें। बहुत ज्यादा शैंपू करने से भी बचना चाहिए क्योंकि इससे बालों की प्राकृतिक नमी कम हो सकती है। अगर स्कैल्प बहुत तैलीय है या डैंड्रफ की समस्या लगातार बनी हुई है तो विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहता है।

    बालों में तेल लगाने की परंपरा काफी पुरानी है और सही तरीके से किया जाए तो इससे स्कैल्प की मालिश करने में मदद मिल सकती है। नारियल या अन्य उपयुक्त हेयर ऑयल से हल्के हाथों से स्कैल्प की मालिश की जा सकती है। हालांकि तेल लगाने के बाद उसे बहुत लंबे समय तक छोड़ना जरूरी नहीं है। अपनी स्कैल्प और बालों के प्रकार के अनुसार तेल लगाने की आदत बनाना बेहतर है। बहुत ज्यादा तेल लगाने या जोर से मसाज करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे बालों की जड़ों पर अनावश्यक खिंचाव पड़ सकता है।

    बाल धोने के बाद उन्हें सुखाने के तरीके पर भी ध्यान देना चाहिए। गीले बाल अपेक्षाकृत कमजोर होते हैं और उन्हें जोर से रगड़ने या खींचने से टूटने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए बालों को मुलायम तौलिए से धीरे से सुखाना चाहिए। गीले बालों में बहुत जोर से कंघी करने के बजाय उन्हें थोड़ा सूखने देना बेहतर माना जाता है। बाल सुलझाने के लिए चौड़े दांत वाली कंघी का इस्तेमाल किया जा सकता है।

    बालों की मजबूती के लिए खानपान भी बेहद महत्वपूर्ण है। भोजन में पर्याप्त प्रोटीन विटामिन और मिनरल्स शामिल होने चाहिए। दालें अंडे दूध दही हरी सब्जियां फल और मेवे जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं। पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। अगर अचानक बहुत ज्यादा बाल झड़ने लगें तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय इसके कारण को समझना जरूरी है।

    हेयर ड्रायर स्ट्रेटनर कर्लर और बहुत ज्यादा गर्मी वाले उपकरणों का लगातार इस्तेमाल बालों को रूखा और कमजोर कर सकता है। इसी तरह बार बार हेयर कलर या केमिकल ट्रीटमेंट कराने से भी बालों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसलिए जहां तक संभव हो बालों को अत्यधिक गर्मी और अनावश्यक केमिकल ट्रीटमेंट से बचाना चाहिए।

    अगर बाल लगातार झड़ रहे हों स्कैल्प में खुजली या घाव हो डैंड्रफ बहुत ज्यादा हो या बालों में अचानक असामान्य बदलाव दिखाई दे तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है। सही खानपान नियमित सफाई पर्याप्त नींद और बालों के प्रति थोड़ी सावधानी अपनाकर उन्हें लंबे समय तक स्वस्थ और मजबूत रखने में मदद मिल सकती है।

  • बरसात में बालों की देखभाल के ये आसान उपाय बनाएंगे हेयर को मजबूत जानिए कैसे रोकें हेयर फॉल डैंड्रफ और स्कैल्प इंफेक्शन

    बरसात में बालों की देखभाल के ये आसान उपाय बनाएंगे हेयर को मजबूत जानिए कैसे रोकें हेयर फॉल डैंड्रफ और स्कैल्प इंफेक्शन


    नई दिल्ली। बरसात का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है वहीं यह बालों की सेहत के लिए कई नई चुनौतियां भी लेकर आता है। हवा में बढ़ी हुई नमी गंदा बारिश का पानी और पसीना मिलकर स्कैल्प को प्रभावित कर सकते हैं जिससे बाल झड़ने डैंड्रफ खुजली और फंगल संक्रमण जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। ऐसे मौसम में केवल शैंपू करना ही पर्याप्त नहीं होता बल्कि बालों की सही देखभाल और संतुलित दिनचर्या अपनाना भी जरूरी होता है। यदि समय रहते सही हेयर केयर रूटीन अपनाया जाए तो मानसून में भी बालों को स्वस्थ मजबूत और चमकदार बनाए रखा जा सकता है।

    बारिश में भीगने के बाद सबसे पहले बालों को साफ पानी से धोना चाहिए क्योंकि वर्षा के पानी में मौजूद धूल प्रदूषक तत्व और अन्य अशुद्धियां बालों और स्कैल्प को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसके बाद हल्के और सौम्य शैंपू से बालों की सफाई करें ताकि स्कैल्प पर जमा गंदगी पूरी तरह निकल जाए। गीले बालों को लंबे समय तक बांधकर रखना भी उचित नहीं माना जाता क्योंकि इससे फंगल संक्रमण और बदबू की समस्या बढ़ सकती है। बालों को प्राकृतिक रूप से सूखने दें या हल्के तौलिए से सुखाएं।

    बरसात के मौसम में बहुत अधिक तेल लगाने से भी बचना चाहिए क्योंकि नमी के कारण स्कैल्प पहले से ही चिपचिपा रहता है। यदि तेल लगाना हो तो हल्के हाथों से कम मात्रा में लगाएं और कुछ समय बाद बाल धो लें। सप्ताह में एक या दो बार नारियल तेल बादाम तेल या अन्य हल्के तेल से मसाज करने से बालों की जड़ों को पोषण मिल सकता है और रक्त संचार बेहतर होने में मदद मिलती है।

    मानसून के दौरान हेयर ड्रायर स्ट्रेटनर और अन्य हीट स्टाइलिंग उपकरणों का अधिक उपयोग करने से बाल रूखे और कमजोर हो सकते हैं। इसलिए जहां तक संभव हो बालों को प्राकृतिक तरीके से सूखने दें। इसके साथ ही गीले बालों में कंघी करने से बचें क्योंकि इस समय बाल अधिक कमजोर होते हैं और आसानी से टूट सकते हैं। चौड़े दांत वाली कंघी का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है।

    स्वस्थ बालों के लिए केवल बाहरी देखभाल ही नहीं बल्कि संतुलित आहार भी बेहद महत्वपूर्ण है। भोजन में प्रोटीन आयरन जिंक बायोटिन और विटामिन से भरपूर चीजों को शामिल करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है ताकि शरीर और स्कैल्प दोनों हाइड्रेट रहें। ताजे फल हरी सब्जियां सूखे मेवे और अंकुरित अनाज बालों की मजबूती बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं।

    यदि डैंड्रफ खुजली अत्यधिक बाल झड़ना या स्कैल्प पर लालिमा जैसी समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा या बालों के विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है। हर व्यक्ति के बालों की प्रकृति अलग होती है इसलिए किसी भी नए हेयर प्रोडक्ट का उपयोग करने से पहले उसकी उपयुक्तता पर ध्यान देना चाहिए।

    बरसात का मौसम बालों की अतिरिक्त देखभाल की मांग करता है। साफ सफाई सही खानपान नियमित हेयर वॉश और संतुलित हेयर केयर रूटीन अपनाकर आप मानसून में भी अपने बालों को मजबूत चमकदार और स्वस्थ बनाए रख सकते हैं। छोटी छोटी सावधानियां भविष्य में होने वाले बड़े हेयर डैमेज से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

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    Scalp Careबरसात का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है वहीं यह बालों की सेहत के लिए कई नई चुनौतियां भी लेकर आता है। हवा में बढ़ी हुई नमी गंदा बारिश का पानी और पसीना मिलकर स्कैल्प को प्रभावित कर सकते हैं जिससे बाल झड़ने डैंड्रफ खुजली और फंगल संक्रमण जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। ऐसे मौसम में केवल शैंपू करना ही पर्याप्त नहीं होता बल्कि बालों की सही देखभाल और संतुलित दिनचर्या अपनाना भी जरूरी होता है। यदि समय रहते सही हेयर केयर रूटीन अपनाया जाए तो मानसून में भी बालों को स्वस्थ मजबूत और चमकदार बनाए रखा जा सकता है।

    बारिश में भीगने के बाद सबसे पहले बालों को साफ पानी से धोना चाहिए क्योंकि वर्षा के पानी में मौजूद धूल प्रदूषक तत्व और अन्य अशुद्धियां बालों और स्कैल्प को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसके बाद हल्के और सौम्य शैंपू से बालों की सफाई करें ताकि स्कैल्प पर जमा गंदगी पूरी तरह निकल जाए। गीले बालों को लंबे समय तक बांधकर रखना भी उचित नहीं माना जाता क्योंकि इससे फंगल संक्रमण और बदबू की समस्या बढ़ सकती है। बालों को प्राकृतिक रूप से सूखने दें या हल्के तौलिए से सुखाएं।

    बरसात के मौसम में बहुत अधिक तेल लगाने से भी बचना चाहिए क्योंकि नमी के कारण स्कैल्प पहले से ही चिपचिपा रहता है। यदि तेल लगाना हो तो हल्के हाथों से कम मात्रा में लगाएं और कुछ समय बाद बाल धो लें। सप्ताह में एक या दो बार नारियल तेल बादाम तेल या अन्य हल्के तेल से मसाज करने से बालों की जड़ों को पोषण मिल सकता है और रक्त संचार बेहतर होने में मदद मिलती है।

    मानसून के दौरान हेयर ड्रायर स्ट्रेटनर और अन्य हीट स्टाइलिंग उपकरणों का अधिक उपयोग करने से बाल रूखे और कमजोर हो सकते हैं। इसलिए जहां तक संभव हो बालों को प्राकृतिक तरीके से सूखने दें। इसके साथ ही गीले बालों में कंघी करने से बचें क्योंकि इस समय बाल अधिक कमजोर होते हैं और आसानी से टूट सकते हैं। चौड़े दांत वाली कंघी का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है।

    स्वस्थ बालों के लिए केवल बाहरी देखभाल ही नहीं बल्कि संतुलित आहार भी बेहद महत्वपूर्ण है। भोजन में प्रोटीन आयरन जिंक बायोटिन और विटामिन से भरपूर चीजों को शामिल करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है ताकि शरीर और स्कैल्प दोनों हाइड्रेट रहें। ताजे फल हरी सब्जियां सूखे मेवे और अंकुरित अनाज बालों की मजबूती बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं।

    यदि डैंड्रफ खुजली अत्यधिक बाल झड़ना या स्कैल्प पर लालिमा जैसी समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा या बालों के विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है। हर व्यक्ति के बालों की प्रकृति अलग होती है इसलिए किसी भी नए हेयर प्रोडक्ट का उपयोग करने से पहले उसकी उपयुक्तता पर ध्यान देना चाहिए।

    बरसात का मौसम बालों की अतिरिक्त देखभाल की मांग करता है। साफ सफाई सही खानपान नियमित हेयर वॉश और संतुलित हेयर केयर रूटीन अपनाकर आप मानसून में भी अपने बालों को मजबूत चमकदार और स्वस्थ बनाए रख सकते हैं। छोटी छोटी सावधानियां भविष्य में होने वाले बड़े हेयर डैमेज से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

  • हेयर स्टीमिंग से डैंड्रफ का होगा खात्मा, हेयर फॉल में मिलेगी राहत-जानिए इसके बड़े फायदे

    हेयर स्टीमिंग से डैंड्रफ का होगा खात्मा, हेयर फॉल में मिलेगी राहत-जानिए इसके बड़े फायदे


    नई दिल्ली ।  हेयर स्टीमिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें हल्की भाप (steam) की मदद से बालों और स्कैल्प को गर्माहट दी जाती है। यह भाप बालों की जड़ों तक पहुंचकर उन्हें नमी और पोषण देने का काम करती है। आजकल प्रदूषण, स्ट्रेस और केमिकल प्रोडक्ट्स की वजह से बालों की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में हेयर स्टीमिंग एक नेचुरल और असरदार तरीका माना जाता है जो बालों को अंदर से रिपेयर करता है।

     हेयर स्टीमिंग कैसे करता है काम?
    जब बालों पर हल्की भाप दी जाती है, तो स्कैल्प के पोर्स खुल जाते हैं। इससे ऑयल, हेयर मास्क या कंडीशनर बालों की जड़ों तक अच्छे से पहुंच पाते हैं। इस प्रक्रिया से ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है, जिससे हेयर फॉलिकल्स एक्टिव होते हैं और बालों की ग्रोथ को बढ़ावा मिलता है।

     हेयर स्टीमिंग के बड़े फायदे
    हेयर स्टीमिंग बालों की कई समस्याओं में बेहद फायदेमंद माना जाता है।
    डैंड्रफ कम करता है  स्कैल्प को साफ और हाइड्रेट रखता है
    हेयर फॉल रोकता है  जड़ों को मजबूत बनाता है
    बालों में नमी बढ़ाता है  रूखे और बेजान बालों को सॉफ्ट बनाता है
    बालों की ग्रोथ में मदद करता है  ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है
    शाइन और स्मूदनेस लाता है  बालों को सिल्की बनाता है

     घर पर कैसे करें हेयर स्टीमिंग?
    घर पर हेयर स्टीमिंग करना भी आसान है। इसके लिए गर्म पानी में तौलिया भिगोकर निचोड़ लें और उसे बालों पर 10–15 मिनट तक लपेटें। आप चाहें तो स्टीमर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि भाप ज्यादा गर्म न हो, वरना स्कैल्प को नुकसान हो सकता है।

     कितनी बार करें हेयर स्टीमिंग?
    हेयर स्टीमिंग हफ्ते में 1 बार करना काफी होता है। बहुत ज्यादा करने से बालों की प्राकृतिक नमी भी प्रभावित हो सकती है, इसलिए संतुलन जरूरी है।

     ध्यान रखने वाली बातें
    हेयर स्टीमिंग के तुरंत बाद बालों को ठंडी हवा या धूप में न रखें। साथ ही केमिकल शैम्पू का ज्यादा इस्तेमाल करने से बचें ताकि इसका असर लंबे समय तक बना रहे।

    हेयर स्टीमिंग एक आसान, सस्ता और असरदार तरीका है जो बालों की कई समस्याओं को कम करने में मदद करता है। अगर इसे सही तरीके से नियमित किया जाए, तो डैंड्रफ, हेयर फॉल और रूखेपन से काफी हद तक छुटकारा पाया जा सकता है।

  • Hair Spa Benefits: हर 3 महीने में हेयर स्पा से पाएं मजबूत, शाइनी और डैंड्रफ-फ्री बाल

    Hair Spa Benefits: हर 3 महीने में हेयर स्पा से पाएं मजबूत, शाइनी और डैंड्रफ-फ्री बाल


    नई दिल्ली । आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, प्रदूषण, केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स और गलत खानपान का सीधा असर बालों पर पड़ता है। इससे बाल रूखे, बेजान और कमजोर हो जाते हैं। डैंड्रफ और हेयर फॉल भी आम समस्या बन चुकी है। ऐसे में हेयर स्पा बालों के लिए एक डीप कंडीशनिंग ट्रीटमेंट की तरह काम करता है, जो स्कैल्प को पोषण देकर बालों को फिर से हेल्दी बनाता है।

    हेयर स्पा कैसे करता है काम?
    हेयर स्पा में आमतौर पर तीन स्टेप होते हैं-हेयर क्लीनिंग, मसाज और डीप कंडीशनिंग। सबसे पहले बालों और स्कैल्प की गहराई से सफाई की जाती है, जिससे धूल-मिट्टी और अतिरिक्त ऑयल हट जाता है। इसके बाद हल्की मसाज की जाती है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और हेयर फॉलिकल्स को पोषण मिलता है। अंत में कंडीशनिंग मास्क लगाया जाता है, जो बालों को स्मूद और शाइनी बनाता है।

    हेयर स्पा के प्रमुख फायदे
    हेयर स्पा का नियमित इस्तेमाल बालों की कई समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।
    हेयर फॉल कम करता है – जड़ों को मजबूत बनाकर बालों का झड़ना कम करता है
    डैंड्रफ से राहत – स्कैल्प को साफ और हेल्दी रखता है
    बालों में चमक लाता है – ड्राय और डल बालों को शाइनी बनाता है
    तनाव कम करता है – मसाज से मानसिक तनाव भी कम होता है
    बालों की ग्रोथ में मदद – ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाकर ग्रोथ को सपोर्ट करता है

     कितने समय में कराना चाहिए हेयर स्पा?
    एक्सपर्ट्स के अनुसार हर 20 से 30 दिन में हेयर स्पा कराना अच्छा माना जाता है। हालांकि, सामान्य हेयर केयर के लिए हर 2 से 3 महीने में भी हेयर स्पा कराना काफी फायदेमंद होता है। इससे बालों को पर्याप्त पोषण मिलता रहता है और वे लंबे समय तक हेल्दी रहते हैं।

    ध्यान रखने वाली बातें
    हेयर स्पा के तुरंत बाद ज्यादा केमिकल वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें। साथ ही बहुत गर्म पानी से बाल धोने से बचें, क्योंकि इससे स्पा का असर कम हो सकता है।

    हेयर स्पा सिर्फ एक ब्यूटी ट्रीटमेंट नहीं बल्कि बालों की सेहत को बनाए रखने का एक जरूरी तरीका है। अगर इसे नियमित रूप से कराया जाए, तो बाल झड़ने, डैंड्रफ और रूखेपन जैसी समस्याओं से काफी हद तक राहत मिल सकती है।