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  • बीआईएस की चेन्नई में बड़ी कार्रवाई, 803.99 ग्राम गैर-हॉलमार्क वाले सोने के आभूषण जब्त, बिक्री के लिए रखे थे प्रदर्शित

    बीआईएस की चेन्नई में बड़ी कार्रवाई, 803.99 ग्राम गैर-हॉलमार्क वाले सोने के आभूषण जब्त, बिक्री के लिए रखे थे प्रदर्शित


    नई दिल्ली । 
    भारतीय मानक ब्यूरो यानी बीआईएस ने गैर-हॉलमार्क वाले सोने के आभूषणों की बिक्री के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चेन्नई में 803.99 ग्राम सोने के आभूषण जब्त किए हैं। यह कार्रवाई चेन्नई के अंबत्तूर इलाके में स्थित एक आभूषण दुकान पर की गई। मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी जानकारी में कार्रवाई का विवरण दिया गया।

    बीआईएस के चेन्नई शाखा कार्यालय ने 1 सितंबर 2026 को दुकान पर प्रवर्तन तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की थी। इस दौरान बिक्री के लिए प्रदर्शित किए गए ऐसे सोने के आभूषण मिले, जिन पर आवश्यक हॉलमार्किंग नहीं थी। इसके बाद इन आभूषणों को भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 की धारा 28 के तहत जब्त किया गया।

    जब्त किए गए आभूषणों में सबसे अधिक संख्या मंगलसूत्र की थी। कार्रवाई में 671.50 ग्राम वजन के 175 मंगलसूत्र जब्त किए गए। इसके अलावा बच्चों की 25.02 ग्राम वजन वाली 12 चूड़ियां भी बरामद की गईं।

    बीआईएस की कार्रवाई में 86.14 ग्राम वजन के 40 झुमके और 21.33 ग्राम वजन के 10 पेंडेंट भी शामिल हैं। इस तरह अलग-अलग डिजाइन और श्रेणियों के इन आभूषणों का कुल वजन 803.99 ग्राम बताया गया है।

    प्रवर्तन टीम ने जांच के दौरान पाया कि ये आभूषण आवश्यक हॉलमार्किंग के बिना ग्राहकों को बिक्री के लिए पेश किए जा रहे थे। बीआईएस ने सभी संबंधित वस्तुओं को विस्तृत जांच और आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए अपने कब्जे में ले लिया।

    यह पूरी कार्रवाई स्थानीय पुलिस की सहायता से की गई। बीआईएस चेन्नई शाखा कार्यालय के अधिकारियों और सहायक कर्मचारियों ने प्रवर्तन तलाशी और जब्ती की प्रक्रिया को अंजाम दिया। मामले में भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

    बीआईएस चेन्नई शाखा कार्यालय के प्रमुख एस. डी. दयानंद ने कहा कि संगठन बाजार की नियमित निगरानी के साथ प्रवर्तन गतिविधियां भी करता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अनिवार्य बीआईएस प्रमाणन और हॉलमार्किंग से जुड़े नियमों के दायरे में आने वाले उत्पाद निर्धारित मानकों का पालन करें।

    उन्होंने कहा कि घटिया उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए ऐसी कार्रवाई महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही बीआईएस मानक चिह्न और हॉलमार्क के दुरुपयोग को रोकना तथा प्रमाणन और हॉलमार्किंग व्यवस्था में उपभोक्ताओं का भरोसा बनाए रखना भी इन कार्रवाइयों का उद्देश्य है।

    बीआईएस के अनुसार, हॉलमार्किंग कीमती धातु से बनी वस्तुओं की शुद्धता या सुंदरता का आधिकारिक संकेत देती है। मौजूदा हॉलमार्किंग व्यवस्था में हॉलमार्क वाले सोने के आभूषणों पर बीआईएस लोगो, शुद्धता और छह अंकों की हॉलमार्क विशिष्ट पहचान संख्या यानी HUID दर्ज होती है।

    उपभोक्ता हॉलमार्क वाले सोने के आभूषणों की HUID संख्या की पुष्टि बीआईएस केयर ऐप के जरिए भी कर सकते हैं। चेन्नई में हुई इस कार्रवाई में जब्त आभूषणों की आगे विस्तृत जांच और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।

  • Gold Jewellery: हॉलमार्किंग नियमों को सख्त करने की तैयारी… हर आईटम का होगा यूनिक नंबर!

    Gold Jewellery: हॉलमार्किंग नियमों को सख्त करने की तैयारी… हर आईटम का होगा यूनिक नंबर!


    नई दिल्ली।
    केंद्र सरकार (Central Government) अब सोने के गहनों (Gold Jewellery) की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हॉलमार्किंग नियमों (Hallmarking rules.) को और सख्त करने की तैयारी में है। इसके तहत, हर आइटम के लिए एक खास पहचान संख्या (HUID) का इस्तेमाल अनिवार्य किया जाएगा। इसका मकसद नकली सामान पर रोक लगाना और उसकी पहचान को बेहतर बनाना है।


    यूनिक ID का दोबारा नहीं हो सकेगा इस्तेमाल

    मिंट की एक खबर में सूत्र के हवाले से बताया गया है कि नई व्यवस्था के तहत हर गहने को उसके डिजाइन, आकार और अन्य विशेषताओं के आधार पर एक अलग पहचान संख्या दी जाएगी। यह संख्या किसी भी हालत में दोबारा इस्तेमाल नहीं की जा सकेगी, भले ही गहने एक जैसे क्यों न दिखें। वहीं, एक बार जब कोई ज्वेलरी आइटम पिघला दिया जाता है तो उसे दी गई यूनिक ID का दोबारा इस्तेमाल किसी दूसरे प्रोडक्ट के लिए नहीं किया जा सकेगा। इससे सर्टिफिकेशन की नकल या गलत इस्तेमाल को रोका जा सकेगा। इससे उपभोक्ताओं का भरोसा भी मजबूत होगा और बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी।


    क्यों लिया जा रहा फैसला?

    सूत्र ने बताया कि यह फैसला उन बढ़ती शिकायतों को देखते हुए लिया गया है, जिनमें किसी खास हॉलमार्क ID और शुद्धता के स्तर के साथ खरीदे गए गहनों की प्योरिटी बाद में अलग पाई गई। यह बात संज्ञान में आई है कि एक ही यूनिक ID का इस्तेमाल कई चीजों के लिए किया जा रहा है। हालांकि, शिकायतों की कुल संख्या का खुलासा नहीं किया गया है।


    इंडस्ट्री का मिल रहा समर्थन

    आदित्य बिड़ला ज्वेलरी की कंपनी इंद्रिया के सीईओ संदीप कोहली ने कहा कि यह पहल कॉर्पोरेट ज्वेलर्स के साथ पार्टनरशिप में शुरू की जा रही है और धीरे-धीरे इसे ज्वेलरी के पूरे इकोसिस्टम तक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरीके से थर्ड पर्टी द्वारा हमारे प्रोडक्ट के HUID नंबरों की डुप्लीकेशन या गलत इस्तेमाल का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि हॉलमार्क निशानों की तस्वीरें उनके प्लेटफॉर्म पर अपलोड की जाएंगी, जिससे भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से नकली या जाली निशानों की पहचान करके उन्हें रोका जा सकेगा। कंपनी भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के साथ मिलकर इस बदलाव को अपने सिस्टम में शामिल कर रही है।

    2025 में पायलट प्रोजेक्ट
    बता दें कि अक्टूबर 2025 में उपभोक्ता मामलों के विभाग ने अपनी क्वालिटी स्टैंडर्ड्स विंग BIS के जरिए, 25 जिलों में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया, जिसका मकसद ज्वेलरी की डिटेल्स को डिजिटली रिकॉर्ड करना था। BIS ने इंटीग्रेटेड कैमरों और वजन करने वाले सिस्टम का इस्तेमाल करके अपने पोर्टल पर हर हॉलमार्क वाली ज्वेलरी आइटम की फोटो और वजन रिकॉर्ड किया, जिससे पारदर्शिता बढ़ी।

    हॉलमार्किंग की शुरुआत साल 2000 में हुई थी और 2021 से इसे अलग-अलग चरणों में अनिवार्य कर दिया गया, जो अब लगभग 400 जिलों तक पहुंच चुका है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के डेटा के मुताबिक, तब से अब तक 580 मिलियन से ज़्यादा सोने की चीजों पर हॉलमार्क लगाया जा चुका है, जिसका औसत हर महीने 10 मिलियन से ज्यादा है।