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  • नीम करौली बाबा की यादों ने भावुक किया भक्तों को पोते ने सुनाया बचपन का वो किस्सा जब बाबा के साथ बिताते थे वक्त

    नीम करौली बाबा की यादों ने भावुक किया भक्तों को पोते ने सुनाया बचपन का वो किस्सा जब बाबा के साथ बिताते थे वक्त


    भोपाल। नीम करोली बाबा पर बनी फिल्म हनुमान अंश इन दिनों चर्चा में है। फिल्म की सफलता के बीच बाबा से जुड़ी कई ऐसी बातें भी सामने आ रही हैं जो उनके भक्तों के लिए बेहद खास हैं। बाबा का भोपाल से भी पुराना पारिवारिक रिश्ता रहा है। उनके पोते डॉ. धनंजय शर्मा आज भी भोपाल में रहते हैं और उनके पास बाबा के साथ बिताए बचपन के कई ऐसे किस्से हैं जिन्हें याद करके वह आज भी भावुक हो जाते हैं। डॉ. धनंजय बताते हैं कि जब उनका जन्म भोपाल में हुआ था तब नीम करोली बाबा खुद यहां आए थे और उन्होंने ही उनका नामकरण किया था।

    डॉ. धनंजय के मुताबिक बचपन में गर्मी की छुट्टियों के दौरान वह करीब दो महीने के लिए आगरा जाते थे। उस समय बाबा से उनकी मुलाकात होती थी और उन्हें बाबा का भरपूर लाड़ प्यार मिला। करीब 13 साल तक उन्होंने बाबा को बेहद करीब से देखा। धनंजय कहते हैं कि उनके लिए नीम करोली बाबा पहले किसी बड़े संत या आध्यात्मिक गुरु से ज्यादा उनके अपने बाबा थे। घर में बाबा का व्यवहार भी बिल्कुल सामान्य रहता था। उन्होंने कभी बच्चों को यह महसूस नहीं होने दिया कि वह कोई बहुत बड़े संत हैं।

    नीम करोली बाबा करीब 40 साल तक गांव के प्रधान भी रहे थे। उनके व्यक्तित्व का यह पहलू भी उनके पोते की यादों में दर्ज है। धनंजय बताते हैं कि बाबा से जुड़े भक्त जब अपने अनुभव सुनाते हैं तो उन्हें कई बार हैरानी होती है। भक्तों का मानना है कि बाबा की कृपा से उनके जीवन की मुश्किल परिस्थितियां आसान हुईं और कई कठिन काम पूरे हुए।

    साल 1973 में जब नीम करोली बाबा का निधन हुआ तब धनंजय का परिवार भोपाल में ही था। उन्हें सुबह करीब आठ बजे ऑल इंडिया रेडियो के समाचार से बाबा के निधन की जानकारी मिली। उनके मुताबिक बाबा के निधन के बाद भी भक्तों की आस्था कम नहीं हुई। इसी संदर्भ में वह देवरहा बाबा से जुड़ा एक प्रसंग भी बताते हैं। उनके अनुसार जब कुछ भक्त देवरहा बाबा के पास पहुंचे और उन्हें बताया कि नीम करोली बाबा अब नहीं रहे तो वह भावुक होकर रोने लगे। उन्होंने भक्तों से कहा था कि नीम करोली बाबा कहीं नहीं गए और वह अपने भक्तों के साथ बने रहेंगे।

    डॉ. धनंजय शर्मा ने भोपाल में डॉक्टर के रूप में सेवाएं दीं। उन्होंने हमीदिया समेत कई अस्पतालों में काम किया और बाद में सेवानिवृत्त हुए। फिल्म हनुमान अंश की रिलीज से पहले इसके निर्देशक भी भोपाल पहुंचे थे और उन्होंने धनंजय को फिल्म दिखाई थी। शुरुआत में भोपाल में फिल्म को पर्याप्त शो नहीं मिल रहे थे और टिकटों की बिक्री भी कम थी। इसके बाद कुछ भक्तों ने पहल की। उन्होंने करीब 50 से 100 लोगों के टिकट खुद बुक किए और उन्हें फिल्म मुफ्त में दिखाई। धीरे धीरे दर्शकों की संख्या बढ़ने लगी और फिल्म ने रफ्तार पकड़ ली। धनंजय इसे बाबा का चमत्कार मानते हैं।

    धनंजय की पत्नी शैलजा भी शादी के बाद बाबा से जुड़ीं। उनकी शादी 1987 में हुई थी। परिवार और भक्तों से बाबा के बारे में जानने के बाद उन्होंने कई किताबें पढ़ीं और धीरे धीरे उनकी भी बाबा के प्रति आस्था बढ़ती चली गई।

    वहीं नीम करोली बाबा के पुश्तैनी घर को लेकर भी विवाद सामने आया है। बताया जाता है कि बाबा का बचपन उत्तर प्रदेश के अकबरपुर गांव में बीता था। उनके पुश्तैनी घर और उससे जुड़े परिसर के रखरखाव को लेकर परिवार और ट्रस्ट के बीच विवाद की स्थिति है। परिवार की ओर से ट्रस्ट के पदाधिकारी पर कब्जे का आरोप लगाए जाने की बात भी सामने आई है। दूसरी ओर डॉ. धनंजय का कहना है कि उत्तराखंड के कैंची धाम और उत्तर प्रदेश के नीम करोली को लेकर लोगों में भ्रम है। उनके अनुसार दोनों अलग स्थान हैं और इनकी सही पहचान स्पष्ट होना जरूरी है।

    नीम करोली बाबा से जुड़ी इन पारिवारिक यादों ने एक बार फिर उनके जीवन और व्यक्तित्व को चर्चा में ला दिया है। फिल्म हनुमान अंश के जरिए बाबा की कहानी बड़े पर्दे तक पहुंची है और अब उनके परिवार की यादें लोगों को उनके जीवन का एक अलग और निजी पहलू दिखा रही हैं।

  • हनुमान अंश फिल्म को लेकर खास चर्चा में MP के कलाकार सीएम मोहन यादव से मिले 8 वर्षीय सात्विक शर्मा सुनील लोधी को भी मिला सम्मान

    हनुमान अंश फिल्म को लेकर खास चर्चा में MP के कलाकार सीएम मोहन यादव से मिले 8 वर्षीय सात्विक शर्मा सुनील लोधी को भी मिला सम्मान


    भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुरुवार को फिल्म हनुमान अंश के बाल कलाकार मास्टरHanuman Ansh Movie, Mohan Yadav News, Neem Karoli Baba, Satvik Sharma, Sunil Lodhi सात्विक शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास में सौजन्य भेंट की। महज 8 वर्ष की उम्र में फिल्म का हिस्सा बने सात्विक शर्मा की मुख्यमंत्री से मुलाकात को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। नीम करोली बाबा के जीवन और आध्यात्मिक संदेश से जुड़ी इस फिल्म में प्रदेश के कलाकारों की प्रतिभा को भी जगह दी गई है। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री ने फिल्म के बाल कलाकार से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया।

    फिल्म हनुमान अंश में सागर जिले के दिव्यांग गायक सुनील लोधी की आवाज भी सुनाई देगी। सुनील लोधी ने फिल्म के लिए बुंदेली भजन गाया है। उनकी प्रतिभा की जानकारी जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंची तो उन्होंने सुनील लोधी को मुख्यमंत्री निवास बुलाया था। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने उनकी प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें एक लाख रुपए की सम्मान निधि देकर सम्मानित किया था।

    सुनील लोधी की कहानी भी काफी प्रेरणादायक है। दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने संगीत के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। बुंदेली भाषा में उनकी गायकी और भजनों ने लोगों का ध्यान खींचा है। मुख्यमंत्री ने उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के साथ उनकी आंखों की रोशनी लौटाने के लिए उपचार में मदद का आश्वासन भी दिया था। अब उनकी आवाज फिल्म हनुमान अंश के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचेगी।

    नीम करोली बाबा पर आधारित फिल्म हनुमान अंश को लेकर मध्यप्रदेश से जुड़े कलाकारों की भागीदारी इसे और खास बना रही है। फिल्म में सुनील लोधी का बुंदेली भजन क्षेत्रीय संस्कृति और भक्ति की भावना को सामने लाने का काम करेगा। वहीं फिल्म के बाल कलाकार मास्टर सात्विक शर्मा की मुख्यमंत्री से मुलाकात ने भी इस प्रोजेक्ट को लेकर उत्सुकता बढ़ाई है।

    मुख्यमंत्री निवास में हुई मुलाकात के दौरान सात्विक शर्मा ने फिल्म में अपने अनुभव और भूमिका को लेकर भी चर्चा की। कम उम्र में फिल्मी दुनिया में कदम रखने वाले सात्विक के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात एक यादगार अनुभव रही। मुख्यमंत्री ने बाल कलाकार का उत्साह बढ़ाया और फिल्म के लिए शुभकामनाएं दीं।

    फिल्म हनुमान अंश में आध्यात्मिकता भक्ति और नीम करोली बाबा से जुड़े प्रसंगों को केंद्र में रखा गया है। फिल्म में बुंदेली भजन का शामिल होना मध्यप्रदेश की लोक संस्कृति और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास तौर पर सागर के दिव्यांग गायक सुनील लोधी को फिल्म में अपनी आवाज देने का अवसर मिलना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है।

    इस मुलाकात के बाद फिल्म से जुड़े कलाकारों और प्रदेश की प्रतिभाओं को लेकर चर्चा और बढ़ गई है। एक तरफ 8 वर्षीय बाल कलाकार सात्विक शर्मा फिल्म का हिस्सा बनकर अपनी पहचान बनाने की ओर बढ़ रहे हैं तो दूसरी तरफ सुनील लोधी अपनी आवाज के जरिए बुंदेली लोक संस्कृति को बड़े पर्दे तक पहुंचाने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा दोनों कलाकारों से मुलाकात और प्रतिभाओं को प्रोत्साहन दिए जाने से फिल्म हनुमान अंश को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ने की उम्मीद है।