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  • मंगलवार पूजा विधि: बजरंगबली की कृपा पाने के लिए ऐसे करें पूजा, दूर होंगे संकट और मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

    मंगलवार पूजा विधि: बजरंगबली की कृपा पाने के लिए ऐसे करें पूजा, दूर होंगे संकट और मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

    नई दिल्लीधार्मिक मान्यताओं के अनुसार सप्ताह का मंगलवार भगवान हनुमान की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक बजरंगबली की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति के जीवन से भय, संकट, रोग और नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव कम होता है। हिंदू धर्म में हनुमान जी को शक्ति, साहस, भक्ति और समर्पण का प्रतीक माना गया है। इसलिए मंगलवार को उनकी विशेष पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है।
    धार्मिक मान्यता है कि मंगलवार की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद घर के पूजा स्थल या हनुमान मंदिर में जाकर पूजा की शुरुआत करनी चाहिए। पूजा के दौरान हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल, गुड़ और चने का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि हनुमान जी को सिंदूर अत्यंत प्रिय है, इसलिए सिंदूर अर्पित करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है।
    पूजा के समय दीपक और धूप जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना गया है। कई श्रद्धालु इस दिन सुंदरकांड, बजरंग बाण और हनुमान अष्टक का पाठ भी करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन स्तोत्रों और पाठों के नियमित जाप से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
    मंगलवार के दिन व्रत रखने की भी परंपरा है। मान्यता है कि श्रद्धा और संयम के साथ रखा गया मंगलवार का व्रत व्यक्ति की मनोकामनाएं पूर्ण करने में सहायक होता है। कुछ लोग इस दिन केवल एक समय भोजन करते हैं, जबकि कई श्रद्धालु फलाहार ग्रहण कर दिनभर भगवान हनुमान का स्मरण करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत के साथ पूजा करने से उसका पुण्यफल और अधिक बढ़ जाता है।
    मंगलवार को दान-पुण्य का भी विशेष महत्व बताया गया है। लाल मसूर की दाल, गुड़, तांबे के पात्र, लाल वस्त्र या जरूरतमंदों को भोजन कराने को शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किए गए दान से मंगल दोषों के प्रभाव में कमी आती है और व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
    इसके अलावा हनुमान मंदिर में जाकर दर्शन करना और बंदरों को फल, गुड़ या चना खिलाना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से बजरंगबली प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं।
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और नियमपूर्वक की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में आत्मबल, साहस और सकारात्मकता का संचार करती है। यही कारण है कि देशभर में लाखों श्रद्धालु इस दिन हनुमान जी की विशेष आराधना कर सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना करते हैं।
  • Vastu Tips: घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के 5 आसान उपाय, बढ़ेगी सुख-शांति और सकारात्मकता

    Vastu Tips: घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के 5 आसान उपाय, बढ़ेगी सुख-शांति और सकारात्मकता


    नई दिल्ली । हर व्यक्ति चाहता है कि उसके घर में सुख, शांति और सकारात्मकता का माहौल बना रहे। वास्तु शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार घर का वातावरण हमारे मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक जीवन को प्रभावित करता है। जब घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है तो परिवार के सदस्यों के बीच तनाव, अनावश्यक विवाद, मानसिक अशांति और कार्यों में बाधाएं आने लगती हैं। ऐसी स्थिति में कुछ सरल और पारंपरिक उपाय अपनाकर घर के वातावरण को अधिक सकारात्मक और ऊर्जावान बनाया जा सकता है।

    समुद्री नमक से करें वातावरण शुद्ध
    वास्तु मान्यताओं के अनुसार समुद्री नमक में नकारात्मक ऊर्जा को अवशोषित करने की क्षमता होती है। कई वास्तु विशेषज्ञ घर के कोनों, बाथरूम या ऐसे स्थानों पर एक कटोरी में समुद्री नमक रखने की सलाह देते हैं, जहां ऊर्जा का प्रवाह कम महसूस होता हो। मान्यता है कि इससे आसपास की नकारात्मकता कम होती है और वातावरण अधिक संतुलित महसूस होता है। बेहतर परिणाम के लिए नमक को समय-समय पर बदलते रहना चाहिए।

    नियमित करें हनुमान चालीसा का पाठ
    धार्मिक मान्यताओं में Hanuman Chalisa का विशेष महत्व बताया गया है। माना जाता है कि नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करने से भय, चिंता और नकारात्मक विचारों में कमी आती है। भगवान Hanuman को शक्ति, साहस और संरक्षण का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि उनके स्मरण और आराधना से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    टूटी-फूटी वस्तुओं को घर से हटाएं
    वास्तु शास्त्र में टूटी हुई घड़ियां, क्षतिग्रस्त शीशे और अनुपयोगी वस्तुओं को नकारात्मकता का प्रतीक माना गया है। ऐसी चीजें घर में अव्यवस्था और मानसिक बोझ बढ़ाने का कारण बन सकती हैं। इसलिए घर की नियमित सफाई करें और लंबे समय से बेकार पड़ी वस्तुओं को हटाने की आदत डालें। स्वच्छ और व्यवस्थित घर सकारात्मक सोच को बढ़ावा देता है।

    घर में पर्याप्त प्रकाश बनाए रखें
    वास्तु में प्रकाश को ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है। जिन स्थानों पर हमेशा अंधेरा रहता है, वहां उदासी और नकारात्मकता का अनुभव अधिक हो सकता है। इसलिए घर में प्राकृतिक सूर्य प्रकाश आने दें और आवश्यकता अनुसार उचित रोशनी की व्यवस्था करें। उजाला न केवल वातावरण को बेहतर बनाता है बल्कि मानसिक प्रसन्नता और सक्रियता को भी बढ़ावा देता है।

    कपूर का धुआं करें
    भारतीय परंपरा में कपूर को शुद्धिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि शाम के समय कपूर जलाकर उसका धुआं पूरे घर में फैलाने से वातावरण शुद्ध और सुगंधित बनता है। कई लोग इसे मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने का प्रभावी उपाय मानते हैं। कपूर की सुगंध घर के वातावरण को शांत और आध्यात्मिक बनाने में सहायक मानी जाती है।

    सकारात्मकता का आधार है नियमितता
    वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार इन उपायों का प्रभाव तभी अधिक महसूस होता है जब इन्हें नियमित रूप से अपनाया जाए। घर की साफ-सफाई, धार्मिक वातावरण, पर्याप्त प्रकाश और सकारात्मक सोच मिलकर जीवन में संतुलन और शांति लाने में मदद कर सकते हैं।

  • मंगलवार व्रत-पूजा विधि: बजरंगबली को ऐसे करें प्रसन्न, दूर होंगे संकट और बरसेगी कृपा

    मंगलवार व्रत-पूजा विधि: बजरंगबली को ऐसे करें प्रसन्न, दूर होंगे संकट और बरसेगी कृपा


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है। संकटमोचन हनुमान की आराधना के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो भक्त मंगलवार का व्रत रखकर श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना करते हैं, उनके जीवन से दुख, संकट, भय और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं। साथ ही मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव भी कम होते हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

    मंगलवार व्रत की शुरुआत प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने से होती है। स्नान के बाद स्वच्छ लाल या केसरिया वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें। पूजा स्थल को साफ करके भगवान हनुमान की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। इसके बाद दीपक जलाकर पूजा प्रारंभ करें। हनुमानजी को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल, गुड़ और चने का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है। माना जाता है कि बजरंगबली को सिंदूर अत्यंत प्रिय है, इसलिए सिंदूर अर्पित करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है।

    पूजा के दौरान हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना गया है। जो लोग पूरा सुंदरकांड नहीं पढ़ सकते, वे कम से कम हनुमान चालीसा का श्रद्धापूर्वक पाठ अवश्य करें। धार्मिक मान्यता है कि हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करने से मनोबल बढ़ता है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।

    व्रत रखने वाले श्रद्धालु दिनभर सात्विक आहार ग्रहण करते हैं। कई लोग निर्जला व्रत भी रखते हैं, जबकि कुछ फलाहार का सेवन करते हैं। इस दिन लहसुन, प्याज, मांसाहार और नशीली वस्तुओं से दूर रहने की सलाह दी जाती है। व्रत का पारण सूर्यास्त के बाद या पूजा सम्पन्न होने के बाद किया जाता है।

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगलवार का व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है जिनकी कुंडली में मंगल दोष हो या जो भूमि, भवन, नौकरी, व्यापार अथवा विवाह संबंधी बाधाओं का सामना कर रहे हों। ऐसा माना जाता है कि श्रद्धापूर्वक व्रत करने से मंगल ग्रह मजबूत होता है और जीवन में सकारात्मक परिणाम मिलने लगते हैं।

    मंगलवार के दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व बताया गया है। गरीब और जरूरतमंद लोगों को गुड़, मसूर की दाल, लाल वस्त्र या भोजन का दान करना शुभ माना जाता है। यह पुण्य के साथ-साथ ग्रहों की अनुकूलता बढ़ाने वाला भी माना जाता है।

    धार्मिक दृष्टि से मंगलवार का व्रत केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मसंयम, अनुशासन और सेवा की भावना को भी मजबूत करता है। श्रद्धा, भक्ति और सच्चे मन से किए गए व्रत-पूजन से भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, शांति, साहस तथा सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।

  • मंगलवार को करें ये खास उपाय, हनुमानजी की कृपा से दूर होंगे संकट और चमकेगा भाग्य

    मंगलवार को करें ये खास उपाय, हनुमानजी की कृपा से दूर होंगे संकट और चमकेगा भाग्य


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित माना गया है। मंगलवार का दिन विशेष रूप से भगवान हनुमान की आराधना के लिए जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन बजरंगबली की पूजा करने से भय, रोग, शत्रु बाधा और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है। यही कारण है कि देशभर के हनुमान मंदिरों में मंगलवार को श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ देखने को मिलती है।

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगलवार का संबंध मंगल ग्रह से भी माना जाता है। मंगल ग्रह साहस, ऊर्जा, पराक्रम, भूमि, संपत्ति और नेतृत्व क्षमता का कारक है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल कमजोर हो या मंगल दोष हो, तो मंगलवार के दिन किए गए धार्मिक उपाय लाभकारी माने जाते हैं। इस दिन सुबह स्नान के बाद स्वच्छ लाल या केसरिया वस्त्र धारण कर भगवान हनुमान का स्मरण करना शुभ माना जाता है।

    मंगलवार को हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ विशेष फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इनका श्रद्धा और विश्वास के साथ पाठ करने से मानसिक तनाव कम होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। हनुमान मंदिर में जाकर सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और गुड़-चना अर्पित करना भी शुभ माना जाता है।

    धार्मिक ग्रंथों के अनुसार मंगलवार को जरूरतमंद लोगों को दान करने का विशेष महत्व है। इस दिन लाल वस्त्र, मसूर की दाल, गुड़, तांबे की वस्तुएं या भोजन का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही यह मंगल ग्रह के अशुभ प्रभावों को कम करने में भी सहायक माना जाता है।

    मंगलवार के दिन कुछ कार्यों से बचने की सलाह भी दी जाती है। कई परंपराओं में इस दिन अनावश्यक विवाद, क्रोध और कटु वचन बोलने से बचने की बात कही गई है। माना जाता है कि ऐसा करने से मंगल ग्रह का सकारात्मक प्रभाव कम हो सकता है। इसके अलावा घर में शांति और सौहार्द का वातावरण बनाए रखना भी शुभ माना जाता है।

    ज्योतिषाचार्यों के अनुसार जो लोग नौकरी, व्यापार या करियर में लगातार बाधाओं का सामना कर रहे हैं, वे मंगलवार को हनुमानजी के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाकर प्रार्थना करें। यह उपाय आत्मविश्वास बढ़ाने और मानसिक मजबूती प्रदान करने वाला माना जाता है। वहीं विद्यार्थी इस दिन अध्ययन शुरू करने से पहले हनुमानजी का स्मरण करें तो एकाग्रता में वृद्धि हो सकती है।

    कुल मिलाकर मंगलवार केवल पूजा-पाठ का दिन नहीं, बल्कि आत्मबल, अनुशासन, सेवा और सकारात्मक सोच को अपनाने का भी संदेश देता है। श्रद्धा, संयम और सद्कर्म के साथ बिताया गया मंगलवार जीवन में सुख, शांति और सफलता का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।

  • भोजशाला में हनुमान चालीसा पाठ, हाईकोर्ट फैसले के बाद बढ़ी श्रद्धा

    भोजशाला में हनुमान चालीसा पाठ, हाईकोर्ट फैसले के बाद बढ़ी श्रद्धा


    धार मध्य प्रदेश। धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला-कमाल मौला परिसर को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के इंदौर बेंच के फैसले के बाद शनिवार सुबह परिसर में धार्मिक गतिविधियों का माहौल देखने को मिला। कोर्ट के निर्णय के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी भोजशाला पहुंचे और पूजा-अर्चना की।

    श्रद्धालुओं ने परिसर में स्थित मां वाग्देवी स्थल और यज्ञ कुंड के पास पहुंचकर विधिवत दर्शन किए और हनुमान चालीसा का पाठ किया। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और प्रशासन की निगरानी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

    हाईकोर्ट के फैसले का प्रभाव, पूजा के अधिकार को लेकर चर्चा
    हाईकोर्ट के आदेश में भोजशाला परिसर को ऐतिहासिक रूप से राजा भोज कालीन वाग्देवी मंदिर से संबंधित माना गया है। फैसले के बाद हिंदू पक्ष को पूजा-अर्चना का अधिकार मिलने के बाद परिसर में गतिविधियां बढ़ गई हैं।
    हिंदू पक्ष के वकील के अनुसार, कोर्ट ने वर्ष 2003 के ASI आदेश को आंशिक रूप से निरस्त किया है, जिसमें मुस्लिम समुदाय को तय समय पर नमाज की अनुमति दी गई थी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि परिसर संरक्षित स्मारक रहेगा और इसकी निगरानी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधीन ही होगी।

    श्रद्धालुओं में उत्साह, वर्षों बाद पूजा का अवसर मिलने का दावा
    पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने कहा कि उन्हें वर्षों बाद बिना किसी रोक-टोक के दर्शन और पूजा करने का अवसर मिला है। श्रद्धालुओं का कहना है कि भोजशाला परिसर उनके लिए आस्था का केंद्र है और यह स्थान प्राचीन मंदिर का स्वरूप रखता है। भोज उत्सव समिति के पदाधिकारियों ने भी परिसर में पहुंचकर पुष्प अर्पित किए और धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया।

    कानूनी प्रक्रिया अभी जारी, सुप्रीम कोर्ट जाने की संभावना
    मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की संभावना भी बनी हुई है। मुस्लिम पक्ष के सुप्रीम कोर्ट जाने की संभावना को देखते हुए हिंदू पक्ष ने पहले से ही कैविएट याचिकाएं दायर कर दी हैं, ताकि मामले में सुनवाई के दौरान उनका पक्ष भी सुना जा सके।

    भोजशाला मामला एक बार फिर धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक दावों के बीच चर्चा का केंद्र बन गया है। फिलहाल हाईकोर्ट के फैसले के बाद परिसर में पूजा-अर्चना शुरू हो गई है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।

  • भारतीय सिनेमा के ये बड़े नाम नियम से करते हैं हनुमान चालीसा का पाठ, देखें पूरी लिस्ट..

    भारतीय सिनेमा के ये बड़े नाम नियम से करते हैं हनुमान चालीसा का पाठ, देखें पूरी लिस्ट..


    नई दिल्ली।भारतीय संस्कृति में हनुमान चालीसा की महिमा अपरंपार है और इसका प्रभाव केवल आम जनता तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मनोरंजन और खेल जगत की बड़ी हस्तियां भी इसकी शक्ति की कायल हैं। हाल के दिनों में एक मशहूर क्रिकेटर का वीडियो खूब चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया कि वे अपनी सबसे महंगी कार में सफर करते समय भी हनुमान चालीसा सुनना पसंद करते हैं। इंटरनेट पर हनुमान चालीसा के विभिन्न संस्करणों को मिलने वाले अरबों व्यूज इस बात का प्रमाण हैं कि यह स्तुति लोगों के दिलों में कितनी गहराई तक बसी है। ताज्जुब की बात यह है कि केवल हिंदू कलाकार ही नहीं, बल्कि कई मुस्लिम सेलिब्रिटीज भी हनुमान चालीसा को अपनी दिनचर्या का हिस्सा मानते हैं और इसे सुनने से मिलने वाली मानसिक शांति का जिक्र कर चुके हैं।

    अभिनय की दुनिया के दिग्गज अक्षय कुमार ने अपनी पसंद का खुलासा करते हुए बताया कि वे वर्कआउट के दौरान और सामान्य समय में भी हनुमान चालीसा और भजनों को सुनना पसंद करते हैं। उनके अनुसार, यह उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। वहीं, मशहूर गायक सोनू निगम का हनुमानजी के प्रति अटूट विश्वास किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने एक पुराने वाकये को याद करते हुए साझा किया था कि एक बड़े हादसे में वे बाल-बाल बचे थे, जिसका पूरा श्रेय वे संकटमोचन की कृपा को देते हैं। वे अपने हर बड़े मंच पर जाने से पहले हनुमान चालीसा का पाठ जरूर करते हैं। अपनी फिटनेस के लिए मशहूर शिल्पा शेट्टी भी साझा कर चुकी हैं कि ऊर्जा के स्तर को बढ़ाए रखने के लिए हनुमान चालीसा का श्रवण उनके लिए सबसे अच्छा विकल्प है।

    युवा पीढ़ी के लोकप्रिय अभिनेता विकी कौशल ने भी बताया है कि सुबह जल्दी शूटिंग पर जाते समय वे अपनी गाड़ी में हनुमान चालीसा चलाकर ही दिन की शुरुआत करते हैं। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन न केवल इसे सुनते हैं, बल्कि एक विशेष सामूहिक गायन में उन्होंने इस पावन स्तुति को अपनी आवाज भी दी है। खेल जगत के उभरते सितारे सूर्यकुमार यादव भी स्नान के पश्चात नियम से इसका श्रवण करते हैं। इस सूची में सबसे प्रभावशाली नाम उन मुस्लिम कलाकारों के हैं, जिन्होंने धर्म की दीवारों से ऊपर उठकर इस स्तुति को अपनाया है। इनमें दानिश अख्तर का नाम शामिल है, जिन्होंने एक पौराणिक भूमिका निभाने के दौरान हनुमान चालीसा पढ़ना शुरू किया था और अब यह उनकी आदत में शुमार है। वहीं मशहूर अभिनेत्री नरगिस फाखरी ने भी स्पष्ट किया है कि जब उन्हें मानसिक तनाव या घबराहट महसूस होती है, तो वे शांति पाने के लिए अक्सर हनुमान चालीसा सुनती हैं।

    इन सितारों की आस्था यह सिद्ध करती है कि भक्ति और श्रद्धा की कोई जाति या सीमा नहीं होती। जब बात मन की शांति और संकट से उबरने की आती है, तो हनुमान चालीसा एक ऐसा सार्वभौमिक माध्यम बन जाता है जिससे हर कोई जुड़ाव महसूस करता है। चकाचौंध से भरी इस इंडस्ट्री में ये कलाकार अपनी जड़ों और आध्यात्मिकता को इस स्तुति के माध्यम से जीवित रखे हुए हैं। संकटमोचन की यह चालीसा आज के तनावपूर्ण दौर में इन सेलिब्रिटीज के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है, जो न केवल उन्हें आत्मिक शक्ति प्रदान करती है बल्कि जीवन की चुनौतियों का सामना करने का साहस भी देती है।

  • भोजशाला में गूंजा हनुमान चालीसा पाठ धार में सत्याग्रह के बीच पहुंचे प्रवीण तोगड़िया

    भोजशाला में गूंजा हनुमान चालीसा पाठ धार में सत्याग्रह के बीच पहुंचे प्रवीण तोगड़िया


    धार । मध्य प्रदेश के धार जिले स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर एक बार फिर धार्मिक गतिविधियों और सत्याग्रह के कारण चर्चा में आ गया है। यहां हिंदू समाज के लोगों ने एकत्र होकर शांतिपूर्ण सत्याग्रह किया और सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ तथा पूजन किया। पूरे परिसर में धार्मिक माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं की मौजूदगी से वातावरण भक्तिमय हो गया।

    इस दौरान अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया भी भोजशाला पहुंचे और परिसर का अवलोकन किया। उनके आगमन को लेकर पहले से ही तैयारी की गई थी और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई थी।

    अवलोकन के दौरान भोज उत्सव समिति के गोपाल शर्मा ने तोगड़िया को भोजशाला की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने परिसर के महत्व और इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं को सामने रखा जिससे तोगड़िया ने भी गंभीरता से पूरे स्थल का निरीक्षण किया।

    मीडिया से बातचीत करते हुए प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि वह लंबे समय से इस स्थल से जुड़े रहे हैं और वर्षों पहले यहां ताला खुलवाने के आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। उन्होंने बताया कि वह एक बार फिर यहां दर्शन करने के उद्देश्य से आए हैं और इस स्थान के प्रति उनकी आस्था और जुड़ाव बना हुआ है।

    सत्याग्रह के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे जिन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी धार्मिक आस्था का प्रदर्शन किया। आयोजन के दौरान अनुशासन बनाए रखा गया और किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति सामने नहीं आई।

    भोजशाला का यह आयोजन एक बार फिर इस ऐतिहासिक स्थल को चर्चा के केंद्र में ले आया है जहां धार्मिक और सामाजिक गतिविधियां समय समय पर लोगों का ध्यान आकर्षित करती रहती हैं। प्रशासन भी ऐसे आयोजनों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क नजर आ रहा है।

  • हनुमान जन्मोत्सव विशेष : अष्ट सिद्धि और नव निधि के दाता, संकट मोचन हनुमान

    हनुमान जन्मोत्सव विशेष : अष्ट सिद्धि और नव निधि के दाता, संकट मोचन हनुमान


    नई दिल्ली । चैत्र पूर्णिमा यानी गुरुवार 2 अप्रैल को पूरे देश में भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है हनुमान जी त्रेतायुग में वानरराज केसरी और माता अंजना के घर अवतरित हुए थे धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी चिरंजीवी हैं और उनकी कृपा कलियुग में भी भक्तों पर बनी रहती है

    गोस्वामी तुलसीदास रचित ‘हनुमान चालीसा’ हनुमान जी की भक्ति का सबसे सरल और प्रभावशाली माध्यम है इसमें कहा गया है “अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता, अस वर दीन जानकी माता” अर्थात माता सीता ने हनुमान जी को आठ दिव्य शक्तियां और नौ प्रकार की संपत्तियों का वरदान दिया था

    हनुमान जी में इन शक्तियों का अद्भुत प्रयोग करने का सामर्थ्य था यही कारण है कि वे किसी भी रूप में प्रकट हो सकते थे पल में किसी भी स्थान पर पहुंच सकते थे और असंभव कार्यों को भी संभव कर सकते थे हनुमान चालीसा के नियमित पाठ से भक्तों को इन दिव्य शक्तियों का आशीर्वाद प्राप्त होता है संकट मोचन की कृपा से सभी कष्ट दूर होते हैं साहस बढ़ता है और जीवन में सफलता मिलती है

    आइए जानते हैं हनुमान जी की अष्ट सिद्धियां और नव निधियां :

    अष्ट सिद्धियां – आठ दिव्य शक्तियां हैं

    अणिमा : बहुत सूक्ष्म रूप धारण करने की शक्ति

    महिमा : इच्छानुसार बहुत बड़ा रूप धारण करने की शक्ति

    गरिमा : शरीर को अत्यंत भारी बनाने की शक्ति

    लघिमा : शरीर को अत्यंत हल्का बनाने की शक्ति

    प्राप्ति : किसी भी वस्तु को तुरंत प्राप्त करने की शक्ति

    प्राकाम्य : इच्छानुसार किसी भी जगह पहुंचने, जल या आकाश में रहने की शक्ति

    ईशित्व : दैवीय शक्तियों का नियंत्रण

    वशित्व : इंद्रियों और मन पर पूर्ण नियंत्रण

    नव निधियां – नौ प्रकार की दिव्य संपत्तियां हैं

    पद्म निधि : स्वर्ण-चांदी का संग्रह और दान करने वाला सात्विक स्वभाव

    महापद्म निधि : धार्मिक कार्यों में धन लगाने वाला स्वभाव

    नील निधि : तीन पीढ़ियों तक चलने वाली संपत्ति

    मुकुंद निधि : राज्य और सत्ता से संबंधित संपत्ति

    नंद निधि : कुल का आधार बनने वाली संपत्ति

    मकर निधि : अस्त्र-शस्त्रों का संग्रह

    कच्छप निधि : स्वयं उपभोग करने योग्य संपत्ति

    शंख निधि : एक पीढ़ी तक रहने वाली संपत्ति

    खर्व निधि : मिश्रित फलों वाली संपत्ति

    हनुमान जन्मोत्सव के दिन इन दिव्य शक्तियों और संपत्तियों का स्मरण भक्तों के जीवन में आध्यात्मिक शक्ति साहस और सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है यह पर्व हमें भक्ति और निष्ठा की महत्ता भी याद दिलाता है

  • मंगलवार: हनुमानजी की आराधना से कठिनाइयाँ दूर, जीवन में आएगी सुख-समृद्धि

    मंगलवार: हनुमानजी की आराधना से कठिनाइयाँ दूर, जीवन में आएगी सुख-समृद्धि

    नई दिल्ली। हिंदू धार्मिक परंपरा में मंगलवार का दिन भगवान हनुमान की विशेष आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मंगलवार को हनुमानजी की पूजा-अर्चना करने से जीवन में बाधाएँ कम होती हैं, मानसिक शांति मिलती है और सुख-समृद्धि आती है। इस दिन किये गए विशेष उपायों से देवी-देवताओं की कृपा पाकर कठिनाइयों से भी मुक्ति मिल सकती है।

    धार्मिक आस्था के अनुसार मंगलवार को सुबह स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करने के बाद हनुमान चालीसा, बजरंगबाण या मारुति स्तोत्र का पाठ करने से जीवन में आने वाली परेशानियों का नाश होता है और संकट दूर हो जाते हैं। हनुमान चालीसा की भक्ति से हनुमानजी संकटों से रक्षा करते हैं और भक्त को साहस तथा शक्ति प्रदान करते हैं।

    इस दिन श्रीराम के नाम का स्मरण तथा जाप भी अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। हनुमानजी को प्रभु राम का नाम अत्यंत प्रिय है, इसलिए मंगलवार के दिन राम नाम का उच्चारण निरंतर करने से मन और बुद्धि में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    आस्था अनुसार मंगलवार को तुलसी के पास दीपक जलाना भी शुभ फलदायी होता है। तुलसी के पास जल या दीपक प्रज्वलित करने से घर में सकारात्मक वातावरण बनता है और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। तुलसी के उपाय से गृहस्थ जीवन में सुख-शांति तथा लक्ष्मीजी का आगमन भी माना जाता है।

    लाल जनेऊ अर्पण तथा विशेष विधि से पूजा करना भी मंगलमय फल देता है। मंगलवार को मंदिर में जाकर या घर में ही हनुमानजी को लाल जनेऊ अर्पित करने से कार्यों में आ रही बाधाएँ दूर होती हैं और बिगड़े हुए कार्यों के सफल होने की संभावनाएँ बढ़ती हैं।

    अन्य उपायों में हनुमानजी के मंदिर में दीपक जलाना, लाल या केसरिया वस्त्र धारण कर पूजा करना और प्रसाद के रूप में गुड़-चना, मेवा-फल अर्पित करना शामिल है। इस प्रकार की भक्ति और उपायों से मनोबल उच्च रहता है तथा जीवन में आने वाली कठिनाइयाँ बलवान उपाय के रूप में कमजोर पड़ती हैं।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंगलवार को हनुमानजी की भक्ति निरंतर करने से न केवल भौतिक जीवन की समस्याओं का समाधान होता है, बल्कि मानसिक संतुलन, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति भी प्राप्त होती है। इससे घर-परिवार में समृद्धि तथा संतोषपूर्ण जीवन का अनुभव होता है, जिससे भक्त का संपूर्ण कल्याण सुनिश्चित होता है।