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  • हनुमान जी की पूजा: मंगलवार का महाउपाय और सरल उपाय

    हनुमान जी की पूजा: मंगलवार का महाउपाय और सरल उपाय


    नई दिल्ली। हनुमान जी, जिन्हें राम भक्तों में बजरंगी या महाबली संकट मोचन के नाम से जाना जाता है, हिन्दू धर्म में शक्ति, बुद्धि और साहस के प्रतीक हैं। सनातन परंपरा में हनुमान साधना का विशेष महत्व माना गया है, क्योंकि उनकी कृपा से भय, रोग, बाधाएं और कष्ट दूर होते हैं। मंगलवार को उनकी पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

    1. हनुमान चालीसा का पाठ

    हनुमान जी की महिमा का गुणगान करना उनके प्रसन्न होने का प्रमुख मार्ग है। मंगलवार को हनुमान चालीसा का सात बार पाठ करने से:

    दुर्भाग्य दूर होता है
    मानसिक शांति मिलती है
    सौभाग्य और सफलता प्राप्त होती है
    साधक पर हर समय बजरंगी की कृपा बनी रहती है
    चालीसा पढ़ते समय अपने मनोकामनाओं का ध्यान करें और पूरी श्रद्धा से पढ़ें।

    2. सिंदूर का महाउपाय

    हनुमान जी को सिंदूर बहुत प्रिय है। इसलिए मंगलवार की पूजा में उन्हें सिंदूर का चोला चढ़ाना विशेष फलदायी है।
    सिंदूर अर्पित करते समय मंत्र का उच्चारण करें:

    “सिंदूरं रक्तवर्णं च सिंदूरतिलकप्रिये, भक्तायन दत्तं मया देव सिंदूरं प्रतिगृह्यताम्”

    इस मंत्र का पाठ करते समय अपनी मनोकामनाओं को हृदय में संजोएं। मान्यता है कि सच्चे मन से यह उपाय करने पर हनुमान जी सभी कष्ट दूर करते हैं और इच्छाओं की पूर्ति करते हैं।

    3. भोग और प्रसाद

    हनुमान जी को भोग अर्पित करना भी उनकी प्रसन्नता का मार्ग है। मंगलवार को पूजा करते समय आप निम्न चीजें अर्पित कर सकते हैं:

    बूंदी
    लड्डू
    चूरमा
    गुड़
    चना
    ये सामग्री बजरंगी जी को अत्यंत प्रिय मानी जाती हैं। भोग अर्पित करते समय भक्तों को अपनी श्रद्धा और भावनाओं को पूर्ण रूप से व्यक्त करना चाहिए।

    4. साधारण नियम और मंत्र
    पूजा के समय स्वच्छ कपड़े पहनें और ब्रह्म मुहूर्त या सुबह का समय श्रेष्ठ मानें।
    मंत्र जाप और भोग के साथ मन में किसी भी प्रकार का द्वेष या नकारात्मकता न रखें।
    पूजा के बाद भोग का वितरण कर दें और शांति भाव बनाए रखें।

    मंगलवार को हनुमान जी की पूजा, हनुमान चालीसा का पाठ, सिंदूर का चोला अर्पित करना, प्रिय भोग चढ़ाना, और श्रद्धा भाव से साधना करना अत्यंत फलदायी है। इन उपायों से सभी कष्ट, भय, रोग और बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में सफलता, सौभाग्य और मानसिक शांति प्राप्त होती है।

  • Bada Mangal 2026: हनुमान भक्तों के लिए खास साल, ज्येष्ठ मास में पड़ेंगे 8 बड़ा मंगल, दोगुना पुण्य कमाने का मौका

    Bada Mangal 2026: हनुमान भक्तों के लिए खास साल, ज्येष्ठ मास में पड़ेंगे 8 बड़ा मंगल, दोगुना पुण्य कमाने का मौका


    नई दिल्ली। भगवान हनुमान के भक्तों के लिए साल 2026 बेहद खास रहने वाला है। ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले बड़ा मंगल का पर्व इस बार विशेष महत्व लेकर आ रहा है। आमतौर पर जहां चार या पांच बड़ा मंगल होते हैं, वहीं इस साल पूरे आठ बड़ा मंगल पड़ेंगे, जिससे श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना और पुण्य कमाने के अधिक अवसर मिलेंगे।

    बड़ा मंगल के दिन हनुमान जी की विशेष पूजा की जाती है। खासकर उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में यह पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, सुंदरकांड का पाठ किया जाता है और जगह-जगह भंडारों का आयोजन भी होता है। मान्यता है कि ज्येष्ठ माह के मंगलवार को बजरंगबली की पूजा करने से वे जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

    बड़ा मंगल 2026 की तारीखें

    साल 2026 में ज्येष्ठ मास के दौरान पड़ने वाले बड़ा मंगल इस प्रकार हैं-

    पहला बड़ा मंगल – 5 मई 2026

    दूसरा बड़ा मंगल – 12 मई 2026

    तीसरा बड़ा मंगल – 19 मई 2026

    चौथा बड़ा मंगल – 26 मई 2026

    पांचवां बड़ा मंगल – 2 जून 2026

    छठा बड़ा मंगल – 9 जून 2026

    सातवां बड़ा मंगल – 16 जून 2026

    आठवां बड़ा मंगल – 23 जून 2026

    क्यों पड़ रहे हैं 8 बड़ा मंगल

    इस बार आठ बड़ा मंगल पड़ने की खास वजह अधिकमास है। हिंदू पंचांग के अनुसार विक्रम संवत 2083 में 12 की बजाय 13 महीने होंगे। हर तीन साल में सौर और चंद्र कैलेंडर के बीच लगभग 33 दिनों के अंतर को संतुलित करने के लिए अधिकमास जोड़ा जाता है। अधिकमास जिस महीने में पड़ता है, वह महीना लगभग दोगुना हो जाता है। साल 2026 में अधिकमास ज्येष्ठ महीने में ही जुड़ रहा है, जिसकी वजह से यह महीना लंबा हो जाएगा।

    60 दिन तक चलेगा ज्येष्ठ मास

    इस साल ज्येष्ठ मास की शुरुआत 2 मई 2026 से होगी। वहीं अधिकमास 17 मई 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक रहेगा। इस कारण ज्येष्ठ मास लगभग 60 दिन तक, यानी 29 जून 2026 तक चलेगा। लंबे ज्येष्ठ महीने के कारण इस दौरान कुल आठ मंगलवार पड़ेंगे और सभी को बड़ा मंगल के रूप में मनाया जाएगा। इस तरह भक्तों को अन्य वर्षों की तुलना में बजरंगबली की आराधना के अधिक अवसर मिलेंगे और मान्यता के अनुसार दोगुना पुण्य प्राप्त हो सकता है।

    डिस्क्लेमर: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य स्रोतों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना है।