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  • हरारे में वैभव सूर्यवंशी का धमाका, 20 रन की तूफानी पारी से तोड़ा महेला जयवर्धने का रिकॉर्ड

    हरारे में वैभव सूर्यवंशी का धमाका, 20 रन की तूफानी पारी से तोड़ा महेला जयवर्धने का रिकॉर्ड


    नई दिल्ली।
    भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भले ही बड़ी पारी नहीं खेली, लेकिन अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से रिकॉर्ड बुक में जगह बना ली। महज 9 गेंदों में 20 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआती पांच पारियों में सर्वाधिक स्ट्राइक रेट से रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरा स्थान हासिल कर लिया।

    9 गेंदों में 20 रन, गेंदबाजों पर बोला हमला

    वैभव ने क्रीज पर उतरते ही आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने 9 गेंदों का सामना करते हुए 3 चौके और 1 छक्का लगाया तथा 222.22 की स्ट्राइक रेट से 20 रन बनाए। हालांकि, बड़ी पारी की ओर बढ़ते हुए पुल शॉट खेलने के प्रयास में वह बाउंड्री पर कैच आउट हो गए, लेकिन उनकी छोटी पारी भी रिकॉर्ड बनाने के लिए काफी साबित हुई।

    महेला जयवर्धने को छोड़ा पीछे

    इस पारी के बाद वैभव सूर्यवंशी ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआती पांच पारियों में सर्वाधिक स्ट्राइक रेट के मामले में श्रीलंका के पूर्व कप्तान महेला जयवर्धने को पीछे छोड़ दिया। वैभव ने अपने पहले पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 112 रन 211.32 की स्ट्राइक रेट से बनाए हैं, जिसमें एक अर्धशतक भी शामिल है। वहीं, महेला जयवर्धने ने अपने शुरुआती पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 201.82 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे।

    युवराज सिंह अब भी नंबर-1

    इस खास सूची में भारत के पूर्व स्टार ऑलराउंडर युवराज सिंह अब भी शीर्ष पर बने हुए हैं। युवराज ने अपने शुरुआती पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 235.09 की शानदार स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की थी। अब तक कोई भी बल्लेबाज उनके इस रिकॉर्ड को नहीं तोड़ सका है।

    सबसे अधिक स्ट्राइक रेट (पहली 5 टी20 अंतरराष्ट्रीय पारियां):

    • युवराज सिंह (भारत) – 235.09
    • वैभव सूर्यवंशी (भारत) – 211.32
    • महेला जयवर्धने (श्रीलंका) – 201.82
    • मोहम्मद अशरफुल (बांग्लादेश) – 201.67
    • रिचर्ड लेवी (दक्षिण अफ्रीका) – 200.00

    निडर बल्लेबाजी से बढ़ा भरोसा

    कम उम्र में वैभव सूर्यवंशी का बेखौफ अंदाज भारतीय क्रिकेट के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरा है। वह पहली ही गेंद से बड़े शॉट खेलने में विश्वास रखते हैं और विपक्षी गेंदबाजी आक्रमण पर दबाव बनाने की क्षमता रखते हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 में उनकी पारी भले ही लंबी नहीं चली, लेकिन उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और लगातार ऊंची स्ट्राइक रेट यह संकेत देती है कि आने वाले समय में वह भारतीय टी20 टीम के अहम मैच विजेता खिलाड़ियों में शामिल हो सकते हैं।

  • सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया, हरारे में दूसरे टी20 में भारत का पलड़ा फिर दिख रहा भारी

    सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया, हरारे में दूसरे टी20 में भारत का पलड़ा फिर दिख रहा भारी

    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का दूसरा मुकाबला 25 जुलाई को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। पहला मैच सात विकेट से जीतकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर चुकी भारतीय टीम अब दूसरा मुकाबला जीतकर सीरीज अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। युवा खिलाड़ियों से सजी टीम ने पहले मैच में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में संतुलित प्रदर्शन किया था, जिससे टीम प्रबंधन के सामने विजयी संयोजन को बरकरार रखने का विकल्प मजबूत माना जा रहा है।

    पहले मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा करते हुए आत्मविश्वास से भरा प्रदर्शन किया। शीर्ष क्रम ने टीम को मजबूत शुरुआत दी, जबकि मध्यक्रम ने बिना किसी दबाव के जीत सुनिश्चित कर दी। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने तेज अर्धशतक लगाकर अपनी प्रतिभा का शानदार परिचय दिया और टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी संयमित नेतृत्व करते हुए खिलाड़ियों का प्रभावी उपयोग किया, जिससे टीम पूरे मैच में नियंत्रण में दिखाई दी।

    गेंदबाजी विभाग में तेज गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों पर दबाव बनाया। नई गेंद से मिले अतिरिक्त उछाल का भारतीय गेंदबाजों ने पूरा फायदा उठाया। मयंक यादव की रफ्तार और सटीक लाइन-लेंथ ने विपक्षी बल्लेबाजी को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। अन्य युवा गेंदबाजों ने भी अनुशासित प्रदर्शन करते हुए टीम की जीत की मजबूत नींव रखी। ऐसे में दूसरे मुकाबले में भी भारतीय टीम उसी गेंदबाजी संयोजन के साथ उतर सकती है।

    संभावित प्लेइंग इलेवन में बड़े बदलाव की संभावना कम मानी जा रही है। पहले मैच में सभी विभागों के संतुलित प्रदर्शन को देखते हुए टीम प्रबंधन विजयी संयोजन पर भरोसा जता सकता है। हालांकि अंतिम एकादश को लेकर फैसला मैच से पहले पिच और परिस्थितियों का आकलन करने के बाद लिया जाएगा। यदि कोई बदलाव होता भी है तो वह गेंदबाजी विभाग में सीमित हो सकता है।

    हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों और तेज गेंदबाजों दोनों के लिए उपयोगी मानी जाती है। मैच के शुरुआती चरण में नई गेंद को अतिरिक्त उछाल और हल्की मूवमेंट मिल सकती है, जिससे तेज गेंदबाजों को मदद मिलने की संभावना रहती है। जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, बल्लेबाजी अपेक्षाकृत आसान होती जाती है। स्पिनरों को यहां बहुत अधिक सहायता मिलने की उम्मीद नहीं है, इसलिए तेज गेंदबाज एक बार फिर निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। इस मैदान पर 170 से 180 रन का स्कोर प्रतिस्पर्धी माना जाता है।

    रिकॉर्ड की बात करें तो हरारे में भारत का प्रदर्शन पिछले कुछ वर्षों में काफी मजबूत रहा है। हाल के मुकाबलों में भारतीय टीम ने लगातार प्रभावशाली जीत दर्ज की है और मौजूदा फॉर्म भी उसके पक्ष में दिखाई देता है। दूसरी ओर, जिम्बाब्वे अपने घरेलू मैदान का लाभ उठाकर सीरीज में वापसी की कोशिश करेगा। मेजबान टीम के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा होगा, क्योंकि हार की स्थिति में वह सीरीज गंवा देगी।

    मौजूदा फॉर्म, टीम संतुलन और पहले मैच के प्रदर्शन को देखते हुए भारत को दूसरे टी20 में भी मजबूत दावेदार माना जा रहा है। यदि भारतीय बल्लेबाज शुरुआती बढ़त बनाए रखते हैं और तेज गेंदबाज नई गेंद का प्रभावी उपयोग करते हैं, तो टीम के पास लगातार दूसरी जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम करने का सुनहरा अवसर रहेगा।

  • रिंकू सिंह की वापसी तय, वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी निगाहें, जिम्बाब्वे दौरे पर बदली नजर आएगी टीम इंडिया

    रिंकू सिंह की वापसी तय, वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी निगाहें, जिम्बाब्वे दौरे पर बदली नजर आएगी टीम इंडिया

    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का आगाज गुरुवार (23 जुलाई) से हरारे स्पोर्ट्स क्लब में हो रहा है। इंग्लैंड दौरा खत्म होने के सिर्फ तीन दिन बाद भारतीय टीम एक बार फिर मैदान पर उतरने जा रही है। वहीं जिम्बाब्वे ने भी हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ अपनी घरेलू सीरीज समाप्त की है।

    करीब दो साल पहले भारत ने जिम्बाब्वे का दौरा किया था। तब टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद युवा टीम को पहले मुकाबले में हार मिली थी, लेकिन इसके बाद लगातार चार मैच जीतकर भारत ने सीरीज अपने नाम कर ली थी। इस बार भी टीम इंडिया युवा खिलाड़ियों के साथ नए प्रयोग करने उतरेगी।

    कप्तानी और टीम पर दबाव
    श्रेयस अय्यर की परीक्षा: इस सीरीज का सबसे बड़ा दबाव कप्तान श्रेयस अय्यर पर रहेगा। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे को मिलाकर उनकी कप्तानी में भारत लगातार सात टी20 मुकाबले नहीं जीत पाया है। श्रेयस अय्यर पहले सात टी20 मैचों में जीत हासिल न करने वाले दुनिया के सिर्फ चौथे फुल मेंबर कप्तान बने हैं।

    जिम्बाब्वे का प्रदर्शन: सिकंदर रजा की कप्तानी वाली टीम इसी साल टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी टीमों को हरा चुकी है। हालांकि हालिया फॉर्म उनकी चिंता बढ़ाती है, क्योंकि टीम अपने पिछले छह टी20 मुकाबलों में से पांच हार चुकी है।

    हेड-टू-हेड आंकड़े
    दोनों टीमों के बीच अब तक 14 टी20 मुकाबले हुए हैं, जिनमें:

    भारत की जीत: 11 मैच

    जिम्बाब्वे की जीत: 03 मैच

    हरारे की पिच और मौसम
    पिच का हाल: हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच पर हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए वनडे मुकाबलों में कोई भी टीम 250 रन नहीं बना सकी थी। जिम्बाब्वे की सर्दियों में नई गेंद से तेज गेंदबाजों को नमी का फायदा मिलने की उम्मीद है।

    मौसम: मौसम साफ रहने का अनुमान है। तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है।

    वैभव सूर्यवंशी पर फिर होंगी निगाहें
    15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर भारतीय टीम के सबसे चर्चित खिलाड़ी होंगे। इंग्लैंड दौरे पर उनका प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा था, लेकिन हरारे उनके लिए खास मैदान है। इसी मैदान पर उन्होंने अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में 80 गेंदों पर 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी।

    रिंकू की वापसी और 3 खिलाड़ियों का हो सकता है डेब्यू
    भारतीय बल्लेबाजी क्रम में रिंकू सिंह की वापसी लगभग तय मानी जा रही है। वहीं तेज गेंदबाज अशोक शर्मा, मयंक यादव, बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर हर्ष दुबे, विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह और तेज गेंदबाज यश ठाकुर पहली बार भारत के लिए टी20 खेलने की दौड़ में हैं।

    डेब्यू की संभावना: संभावना है कि अशोक शर्मा, हर्ष दुबे और यश ठाकुर को पहले मैच में डेब्यू का मौका मिले।

    विशेष आंकड़ा: भारत के लिए जिम्बाब्वे में अब तक 22 खिलाड़ियों ने टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया है। यह भारत के बाहर किसी एक देश में सबसे ज्यादा डेब्यू का दूसरा आंकड़ा है।

    अभिषेक शर्मा की चुनौती: अभिषेक शर्मा 2026 में टी20 क्रिकेट में 9 बार शून्य पर आउट हो चुके हैं, जो एक कैलेंडर वर्ष में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा है।

    दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11
    भारत की संभावित XI:

    अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे/रवि बिश्नोई, अशोक शर्मा/मयंक यादव, यश ठाकुर, प्रिंस यादव।

    जिम्बाब्वे की संभावित XI:

    ब्रायन बेनेट, वेस्ली मधेवेरे, तदिवानाशे मारुमानी (विकेटकीपर)/तफादज़वा त्सिगा, डियोन मायर्स, सिकंदर रजा (कप्तान), रयान बर्ल, मिल्टन शुम्बा, ब्रैड इवांस, न्यूमैन न्यामहुरी, रिचर्ड नगारवा, ब्लेसिंग मुज़रबानी।

    दोनों टीमों का टी20 स्क्वाड
    भारतीय टीम का स्क्वाड:

    अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, श्रेयस अय्यर (कप्तान), शिवम दुबे, रिंकू सिंह, सूर्यांश शेडगे, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव, वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह, हर्ष दुबे, रवि बिश्नोई।

    जिम्बाब्वे टीम का स्क्वाड:

    ब्रायन बेनेट, तदिवानाशे मारुमानी (विकेटकीपर), डियोन मायर्स, सिकंदर रजा (कप्तान), रयान बर्ल, ब्रैड इवांस, वेलिंगटन मसाकाद्जा, वेस्ली मधेवेरे, मिल्टन शुम्बा, रिचर्ड नगारवा, तनाका चिवांगा, ब्लेसिंग मुजरबानी, बेन करन, तफादजवा त्सिगा, न्यूमैन न्यामहुरी।

  • हरारे में वापसी को तैयार वैभव सूर्यवंशी, कहा- प्रक्रिया पर भरोसा है, बड़ी पारी खेलने की कोशिश करूंगा

    हरारे में वापसी को तैयार वैभव सूर्यवंशी, कहा- प्रक्रिया पर भरोसा है, बड़ी पारी खेलने की कोशिश करूंगा


    नई दिल्ली ।  भारत और जिम्बाब्वे के बीच 23 जुलाई से हरारे में शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज से पहले युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन और तैयारी को लेकर भरोसा जताया है। इंग्लैंड के खिलाफ हालिया टी20 सीरीज में लगातार तीन मैचों में बड़ी पारी नहीं खेल पाने के बावजूद वैभव ने कहा कि क्रिकेट में फॉर्म का ऊपर-नीचे होना सामान्य बात है और उनका पूरा ध्यान प्रक्रिया पर कायम रहने तथा टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर है।

    बीसीसीआई टीवी से बातचीत में वैभव ने कहा कि पिछले चार महीनों में उनके क्रिकेट करियर में कई उतार-चढ़ाव आए हैं, लेकिन यही खेल की प्रकृति है। उन्होंने कहा कि वह अपनी तैयारियों पर पूरा भरोसा रखते हैं और कोचिंग स्टाफ से उन्हें लगातार सही मार्गदर्शन और अभ्यास का पूरा सहयोग मिल रहा है। इससे उनका आत्मविश्वास मजबूत हुआ है।

    वैभव ने हरारे स्पोर्ट्स क्लब को अपने करियर का बेहद खास मैदान बताया। उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले इसी मैदान पर भारत ने अंडर-19 विश्व कप का फाइनल जीता था, जो उनके जीवन का अविस्मरणीय पल है। उसी मैदान पर फिर से भारत की सीनियर टीम का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलना उनके लिए गर्व की बात है।

    युवा बल्लेबाज ने कहा कि हरारे की पिच और परिस्थितियों की उन्हें अच्छी समझ है, क्योंकि अंडर-19 विश्व कप के दौरान यहां कई मुकाबले खेल चुके हैं। उनका मानना है कि उस टूर्नामेंट से मिले अनुभव का फायदा अब इस टी20 सीरीज में मिलेगा और वह उसी आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेंगे।

    उन्होंने कहा कि अभ्यास के दौरान जिस तरह की तैयारी की है, उसी पर भरोसा रखते हुए अपने स्वाभाविक खेल को जारी रखेंगे। उनका लक्ष्य व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान देना है। वैभव ने उम्मीद जताई कि हरारे में उनका पिछला शानदार प्रदर्शन इस बार भी उन्हें बड़ी पारी खेलने का आत्मविश्वास देगा।

    गौरतलब है कि अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों में 175 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर भारत को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। अब क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें एक बार फिर हरारे में उनकी बल्लेबाजी पर टिकी होंगी।

  • श्रेयस अय्यर की कप्तानी में हरारे में युवा ब्रिगेड का शक्ति परीक्षण: प्रभसिमरन, हर्ष, अशोक और यश में से किसे मिलेगा डेब्यू का मौका?

    श्रेयस अय्यर की कप्तानी में हरारे में युवा ब्रिगेड का शक्ति परीक्षण: प्रभसिमरन, हर्ष, अशोक और यश में से किसे मिलेगा डेब्यू का मौका?

    नई दिल्ली । इंग्लैंड दौरे की समाप्ति के उपरांत भारतीय क्रिकेट टीम अब जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में अपनी चुनौती पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है। 23 जुलाई से हरारे स्पोर्ट्स क्लब में शुरू हो रही इस श्रृंखला के लिए भारतीय चयनकर्ताओं ने श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में युवा और ऊर्जावान खिलाड़ियों से सुसज्जित टीम की घोषणा की है। इस दौरे का सबसे मुख्य आकर्षण राष्ट्रीय टीम में शामिल किए गए चार नए चेहरे—विकेटकीपर बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह, स्पिन ऑलराउंडर हर्ष दुबे, तथा तेज गेंदबाज अशोक शर्मा और यश ठाकुर हैं। घरेलू प्रतियोगिताओं एवं इंडियन प्रीमियर लीग में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के बल पर राष्ट्रीय टीम का टिकट हासिल करने वाले इन खिलाड़ियों के बीच प्लेइंग इलेवन में स्थान बनाकर नीली जर्सी पहनने की होड़ लगी हुई है।

    टीम प्रबंधन के सामने पहले मुकाबले की अंतिम एकादश के चयन को लेकर सुखद धर्मसंकट की स्थिति निर्मित हो गई है। पंजाब किंग्स के लिए अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का लोहा मनवा चुके प्रभसिमरन सिंह शीर्ष क्रम में एक विस्फोटक बल्लेबाज और बैकअप विकेटकीपर के रूप में एक मजबूत विकल्प प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने टी20 प्रारूप में 150 से अधिक की स्ट्राइक रेट से निरंतर रन बनाए हैं। दूसरी ओर, बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर हर्ष दुबे निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी और किफायती गेंदबाजी से टीम संतुलन को मजबूती प्रदान कर सकते हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे डेब्यू कर चुके हर्ष टी20 प्रारूप में भी अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रभाव छोड़ने के लिए पूरी तरह मुस्तैद दिख रहे हैं।

    गेंदबाजी आक्रमण को धार देने के लिए राजस्थान के 145-150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकने वाले अशोक शर्मा और डेथ ओवरों के विशेषज्ञ माने जाने वाले विदर्भ के यश ठाकुर कड़े दावेदार हैं। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में सर्वाधिक विकेट लेने वाले अशोक शर्मा अपनी तीखी गति से जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को परेशानी में डाल सकते हैं, जबकि घरेलू क्रिकेट और इंडिया-ए के लिए 110 विकेट चटका चुके यश ठाकुर अंतिम ओवरों में अपनी सटीक यॉर्कर गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। भारतीय टीम प्रबंधन परिस्थितियों और पिच के मिजाज को ध्यान में रखते हुए कम से कम दो नए खिलाड़ियों को पदार्पण का अवसर दे सकता है।

    तीन मैचों की इस टी20 श्रृंखला का दूसरा मुकाबला 25 जुलाई तथा अंतिम मैच 26 जुलाई को हरारे में ही आयोजित किया जाएगा। आगामी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का ध्यान इस श्रृंखला के माध्यम से बेंच स्ट्रेंथ को परखने पर केंद्रित है। युवा खिलाड़ियों के पास अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी उपयोगिता साबित करने का यह स्वर्णिम अवसर होगा। मुख्य कोच और कप्तान श्रेयस अय्यर की रणनीतिक योजना में इन नए चेहरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है, और क्रिकेट विशेषज्ञों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 23 जुलाई को हरारे के मैदान पर कौन सा युवा खिलाड़ी भारत के लिए अपनी पहली टी20 कैप हासिल करने में सफल रहता है।