Tag: Harbhajan Singh

  • राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह से की भेंट, पंजाब से जुड़े मुद्दों पर केंद्र से सहयोग का आग्रह

    राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह से की भेंट, पंजाब से जुड़े मुद्दों पर केंद्र से सहयोग का आग्रह

    नई दिल्ली । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से राज्यसभा सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने शनिवार को नई दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच पंजाब से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुलाकात को राज्य के विकास, जनकल्याण और कानून-व्यवस्था की स्थिति को मजबूत करने के संदर्भ में अहम माना जा रहा है। हरभजन सिंह ने इस मुलाकात की जानकारी स्वयं साझा करते हुए बताया कि उन्होंने केंद्र सरकार से पंजाब के हितों की रक्षा और विकास कार्यों को गति देने के लिए सहयोग की अपील की है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब हरभजन सिंह के राजनीतिक रुख को लेकर भी चर्चा बनी हुई है और उनकी यह मुलाकात राजनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    हरभजन सिंह भारतीय क्रिकेट टीम के एक सफल और अनुभवी खिलाड़ी रहे हैं, जिन्होंने अपनी गेंदबाजी से देश को कई महत्वपूर्ण जीत दिलाने में योगदान दिया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और राज्यसभा सांसद के रूप में पंजाब के मुद्दों को उठाने का कार्य किया। हाल के वर्षों में वे पंजाब से जुड़े विभिन्न सामाजिक और प्रशासनिक विषयों पर सक्रिय रूप से अपनी राय रखते रहे हैं। अमित शाह से उनकी यह मुलाकात ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य में सुरक्षा व्यवस्था, विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को लेकर केंद्र और राज्य के बीच समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।

    सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान पंजाब की वर्तमान परिस्थितियों, कानून-व्यवस्था की चुनौतियों और विकास परियोजनाओं को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। हरभजन सिंह ने राज्य के हितों को प्राथमिकता देने की बात रखते हुए केंद्र से सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब के विकास के लिए मजबूत समन्वय और प्रभावी नीतियों की आवश्यकता है, जिससे आम जनता को सीधे लाभ मिल सके। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी विभिन्न मुद्दों को ध्यान से सुना और आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।

    यह मुलाकात इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि राजनीतिक हलकों में हरभजन सिंह के हालिया रुख को लेकर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। पंजाब में कुछ राजनीतिक समूहों द्वारा इस मुलाकात को लेकर अलग-अलग राय व्यक्त की जा रही है, जबकि समर्थक इसे विकास के दृष्टिकोण से एक सकारात्मक कदम मान रहे हैं। राज्यसभा सांसद के रूप में हरभजन सिंह लगातार पंजाब से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय मंच पर उठाने का प्रयास कर रहे हैं और यह मुलाकात भी उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है।

    कुल मिलाकर यह बैठक पंजाब की राजनीति और विकास के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखी जा रही है, जिसमें केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया गया है।

  • Harbhajan Singh की सुरक्षा पर HC सख्त: कहा- परिवार को खरोंच तक नहीं आनी चाहिए

    Harbhajan Singh की सुरक्षा पर HC सख्त: कहा- परिवार को खरोंच तक नहीं आनी चाहिए


    नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर Harbhajan Singh की सुरक्षा को लेकर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पंजाब सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं कि हरभजन सिंह और उनके परिवार को किसी भी प्रकार की शारीरिक क्षति नहीं पहुंचनी चाहिए। यह आदेश उनकी सुरक्षा बहाल करने की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया।

    दरअसल, 24 अप्रैल को हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी छोड़कर Bharatiya Janata Party (BJP) का दामन थामा। इसके तुरंत बाद पंजाब पुलिस ने उनकी सुरक्षा वापस ले ली थी। हालांकि, बाद में केंद्र सरकार ने जालंधर स्थित उनके घर के बाहर CRPF की तैनाती कर दी। लेकिन कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह पर्याप्त नहीं है और परिवार की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

    याचिका में हरभजन सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी सुरक्षा बिना किसी नोटिस और खतरे के ताजा आकलन के हटा दी गई, जिसे उन्होंने मनमाना निर्णय बताया। इसके बाद कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 12 मई को होगी। जस्टिस जगमोहन बंसल ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करे कि हरभजन सिंह और उनके परिवार के किसी भी सदस्य को शारीरिक नुकसान न पहुंचे।

    सुरक्षा हटने के बाद उनके घर के बाहर विरोध प्रदर्शन भी हुआ। AAP कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की और दीवारों पर ‘गद्दार’ लिखा। याचिका में यह भी कहा गया कि 25 और 26 अप्रैल को उनके घर पर भीड़ ने हमला किया, लेकिन स्थानीय पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उस समय हरभजन सिंह मुंबई में थे और उन्हें इस घटना की जानकारी फोन के जरिए मिली।

    याचिका में यह भी कहा गया कि सुरक्षा हटाने के बाद पुलिस को जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन जमीन पर ऐसा कुछ नहीं हुआ। हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार अब पंजाब सरकार को हरभजन सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।

    इस मामले ने सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक बदलाव के बीच संतुलन के सवाल को भी उजागर किया है। हरभजन सिंह की याचिका और कोर्ट के आदेश ने साफ कर दिया कि किसी भी नागरिक, खासकर सार्वजनिक जीवन से जुड़े नेताओं की सुरक्षा सर्वोपरि है।

  • हरभजन सिंह की सुरक्षा वापसी से बढ़ा विवाद, जालंधर आवास पर बदली व्यवस्था..

    हरभजन सिंह की सुरक्षा वापसी से बढ़ा विवाद, जालंधर आवास पर बदली व्यवस्था..


    नई दिल्ली।
    पंजाब में एक अहम प्रशासनिक निर्णय सामने आया है, जिसमें राज्यसभा सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज खिलाड़ी हरभजन सिंह की सुरक्षा व्यवस्था को वापस ले लिया गया है। इस फैसले के बाद जालंधर स्थित उनके आवास के बाहर तैनात सुरक्षा कर्मियों को हटा दिया गया, जिससे राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

    लंबे समय से उन्हें राज्य की ओर से उच्च स्तरीय सुरक्षा प्रदान की जा रही थी, जिसे अब अचानक समाप्त कर दिया गया है।
    जानकारी के अनुसार, यह बदलाव राज्य सरकार के निर्णय के तहत किया गया है। सुरक्षा हटने के बाद उनके आवास के बाहर का माहौल पूरी तरह बदल गया है और पहले मौजूद सुरक्षा व्यवस्था अब वहां दिखाई नहीं दे रही है। इस घटनाक्रम की पुष्टि उनके निजी सहायक द्वारा भी की गई है, जिसमें बताया गया कि सरकारी निर्देशों के बाद सुरक्षा कर्मियों को वापस बुला लिया गया है।

    इस फैसले के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। हाल के दिनों में राज्य की राजनीति में कुछ बदलाव और आरोप-प्रत्यारोप के माहौल के बीच यह निर्णय और अधिक चर्चा का विषय बन गया है। विभिन्न राजनीतिक हलकों में इसे अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है और इस पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

    हरभजन सिंह लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और राज्यसभा सांसद के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा में बदलाव को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक माना जा रहा है। हालांकि इस फैसले के पीछे के विस्तृत कारणों को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    इसी बीच राज्य में पहले से चल रही राजनीतिक बयानबाजी और विरोध प्रदर्शनों ने माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। कुछ जगहों पर हुए विरोध प्रदर्शनों और आरोपों के बाद यह मामला और भी चर्चा में आ गया है, जिससे स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    फिलहाल इस पूरे मामले पर हरभजन सिंह की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। उनकी चुप्पी के कारण भी इस निर्णय को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। आने वाले समय में यह मामला किस दिशा में जाएगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

  • हरभजन सिंह की प्रतिक्रिया में सामने आया निर्णायक क्षण का विश्लेषण, एक अच्छा थ्रो और सटीक फील्डिंग से बदल सकता था आईपीएल मुकाबले का परिणाम

    हरभजन सिंह की प्रतिक्रिया में सामने आया निर्णायक क्षण का विश्लेषण, एक अच्छा थ्रो और सटीक फील्डिंग से बदल सकता था आईपीएल मुकाबले का परिणाम


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला गया मुकाबला एक बार फिर इस बात का उदाहरण बन गया कि टी20 क्रिकेट में छोटे क्षण भी पूरे मैच की दिशा तय कर सकते हैं। हैदराबाद में खेले गए इस मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 242 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसमें अभिषेक शर्मा की नाबाद 135 रन की पारी सबसे बड़ा अंतर साबित हुई। उनकी बल्लेबाजी ने न केवल टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया बल्कि दिल्ली कैपिटल्स के गेंदबाजी आक्रमण को भी लगातार दबाव में रखा।

    अभिषेक शर्मा की यह पारी केवल रन बनाने तक सीमित नहीं रही बल्कि इसमें मैच की दिशा तय करने वाले कई महत्वपूर्ण मोड़ भी शामिल थे। शुरुआती चरण में जब वह 49 रन पर खेल रहे थे, उस समय एक रन आउट का स्पष्ट अवसर दिल्ली कैपिटल्स के पास था। वह एक रन लेने के प्रयास में क्रीज से काफी बाहर थे, लेकिन विकेटकीपर तक गेंद सही तरीके से नहीं पहुंच सकी और यह मौका चूक गया। यही क्षण मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ क्योंकि इसके बाद अभिषेक शर्मा ने पूरी तरह आक्रामक बल्लेबाजी शुरू कर दी और गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाते रहे।

    पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने इस घटना को लेकर कहा कि यह मुकाबले का सबसे अहम क्षण था और यदि उस समय अभिषेक शर्मा आउट हो जाते तो खेल का परिणाम काफी अलग हो सकता था। उनके अनुसार उच्च स्कोरिंग मुकाबलों में ऐसे छोटे अवसर बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और एक सटीक थ्रो या बेहतर फील्डिंग पूरे खेल की दिशा बदल सकती है। उनका मानना था कि यह वही क्षण था जिसने दिल्ली कैपिटल्स को बड़े नुकसान की ओर धकेल दिया।

    मैच के नौवें ओवर में हुआ यह रन आउट का अवसर उस समय आया जब अभिषेक शर्मा तेजी से रन लेने के प्रयास में क्रीज से बाहर थे। विकेटकीपर की ओर से आया थ्रो सही नियंत्रण में नहीं आ सका और गेंद पकड़ने में हुई देरी ने उन्हें बचा लिया। यह चूक दिल्ली कैपिटल्स के लिए भारी साबित हुई क्योंकि इसके बाद अभिषेक ने अपनी पारी को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया और बड़े शॉट्स की झड़ी लगा दी। उन्होंने 68 गेंदों पर 10 छक्कों और 10 चौकों की मदद से नाबाद 135 रन बनाए।

    दिल्ली कैपिटल्स की बल्लेबाजी जब लक्ष्य का पीछा करने उतरी तो टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। बड़े लक्ष्य के सामने नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से रन गति पर लगातार असर पड़ा। मध्य क्रम के बल्लेबाज भी उस स्थिरता को नहीं ला सके जिसकी आवश्यकता थी। सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाजों ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए विपक्षी टीम को खुलकर खेलने का अवसर नहीं दिया और अंततः उन्हें 195 रनों पर रोक दिया गया।

    यह मुकाबला इस बात को रेखांकित करता है कि टी20 क्रिकेट में एक गलती या एक अवसर का उपयोग न कर पाना पूरे परिणाम को प्रभावित कर सकता है। अभिषेक शर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी और दिल्ली कैपिटल्स की फील्डिंग चूक ने मिलकर इस मैच को पूरी तरह एकतरफा बना दिया, जबकि हरभजन सिंह की टिप्पणी ने इस निर्णायक क्षण के महत्व को और स्पष्ट कर दिया।

  • संसद से सड़क तक छिड़ी अश्लीलता के विरुद्ध जंग: हरभजन सिंह के विचारों से सहमत हुए बिजनेसमैन राज कुंद्रा, कड़े सरकारी एक्शन की अपील

    संसद से सड़क तक छिड़ी अश्लीलता के विरुद्ध जंग: हरभजन सिंह के विचारों से सहमत हुए बिजनेसमैन राज कुंद्रा, कड़े सरकारी एक्शन की अपील

    नई दिल्ली। आज के डिजिटल युग में इंटरनेट की सुलभता ने जहाँ विकास के नए द्वार खोले हैं, वहीं बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर इसके नकारात्मक प्रभावों ने समाज के सामने एक गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। इसी कड़ी में बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और जाने-माने बिजनेसमैन राज कुंद्रा ने इंटरनेट पर परोसे जा रहे अश्लील कंटेंट और अनियंत्रित वेबसाइट्स के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है। राज कुंद्रा का यह बयान पूर्व क्रिकेटर और ‘आम आदमी पार्टी’ के सांसद हरभजन सिंह द्वारा हाल ही में संसद में उठाए गए उस मुद्दे के समर्थन में आया है, जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया पर बच्चों के बढ़ते एक्सपोजर पर चिंता जताई थी।

    हरभजन सिंह ने संसद सत्र के दौरान यह मुद्दा प्रभावी ढंग से रखा था कि इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के अत्यधिक उपयोग से बच्चों की सामाजिक और मानसिक स्थिति प्रभावित हो रही है। उन्होंने मांग की थी कि ऐसे कंटेंट तक बच्चों की पहुंच सीमित होनी चाहिए ताकि उनके कोमल मन को दूषित होने से बचाया जा सके। हरभजन के इस विचार का समर्थन करते हुए राज कुंद्रा ने स्पष्ट कहा कि आज इंटरनेट पर मौजूद “फ्री और बिना किसी कंट्रोल” वाले कंटेंट ने समाज के लिए संकट पैदा कर दिया है। कुंद्रा के अनुसार, अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री बहुत ही आसानी से कम उम्र के बच्चों तक पहुंच रही है, जिसे रोकने के लिए ऐसी वेबसाइट्स पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना अनिवार्य है।

    राज कुंद्रा ने केवल भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर हो रहे बदलावों का उदाहरण देते हुए कहा कि कई अन्य देशों में इस तरह के सख्त बैन पहले से ही लागू हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया का एक्सेस पूरी तरह से लिमिटेड यानी सीमित कर दिया जाना चाहिए। कुंद्रा ने जोर देकर कहा कि यद्यपि उनके पास प्रतिक्रिया देने के लिए और भी कई मुद्दे हैं, लेकिन वर्तमान में बच्चों का भविष्य और समाज की सुरक्षा सबसे अधिक महत्वपूर्ण है, जिस पर तुरंत कड़े नियमों की आवश्यकता है।

    दिलचस्प बात यह है कि राज कुंद्रा का यह बयान उनके अपने अतीत के कारण भी चर्चा का विषय बना हुआ है। साल 2021 में राज कुंद्रा पर एडल्ट कंटेंट बनाने और उसे ऐप के जरिए प्रसारित करने के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके चलते उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ी थी। हालांकि, बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। इसके अतिरिक्त, आईपीएल के दौरान सट्टेबाजी जैसे विवादों में भी उनका नाम उछला था। इन तमाम विवादों के बीच, राज कुंद्रा ने अब जिस तरह से अश्लील कंटेंट के खिलाफ मोर्चा संभाला है, वह सोशल मीडिया और पब्लिक डोमेन में नई बहस को जन्म दे रहा है। उन्होंने समाज के व्यापक हित को सर्वोपरि रखते हुए इंटरनेट सुरक्षा और बच्चों के डिजिटल संरक्षण पर सरकार से सख्त नीति बनाने की अपील की है।

  • हरभजन सिंह का बयान: हार्दिक के लिए रोहित की सलाह से बदल सकती है मुंबई की किस्मत

    हरभजन सिंह का बयान: हार्दिक के लिए रोहित की सलाह से बदल सकती है मुंबई की किस्मत


    नई दिल्ली। हरभजन सिंह का मानना ​​है कि मुंबई इंडियंस को आईपीएल 2026 में रोहित शर्मा का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए। उनके अनुसार रोहित को सिर्फ बल्लेबाजी के लिए इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में नहीं बल्कि पूरे मैच के दौरान मैदान पर रखना टीम के लिए ज्यादा फायदेमंद होगा।

    हरभजन सिंह ने जियोहॉटस्टार पर बातचीत के दौरान कहा कि रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ी की मौजूदगी मैदान पर टीम के लिए बेहद अहम होती है। खासकर जब मैच कठिन स्थिति में हो और कप्तान को रणनीतिक फैसले लेने हों, तब रोहित जैसे अनुभवी खिलाड़ी का साथ बहुत काम आता है।

    उन्होंने कहा, “रोहित शर्मा को 12वें खिलाड़ी के तौर पर इस्तेमाल किया गया है जो सिर्फ बल्लेबाजी करता है, लेकिन मुझे लगता है कि जिस तरह के नेतृत्वकर्ता वह रहे हैं, उन्हें मैदान पर होना चाहिए। मुश्किल मैचों में, जब आपको कुछ खास फैसले लेने होते हैं, तब वह कप्तान के लिए बहुत मददगार हो सकते हैं।”

    हार्दिक पांड्या को मिल सकता है अनुभव का फायदा
    हरभजन सिंह का मानना है कि Hardik Pandya के लिए भी रोहित शर्मा की मौजूदगी मैदान पर काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। रोहित लंबे समय तक मुंबई इंडियंस के कप्तान रहे हैं और उनकी रणनीतिक समझ काफी मजबूत है।

    ऐसे में जब मैच के दौरान मुश्किल फैसले लेने हों या रणनीति बदलने की जरूरत पड़े, तब रोहित शर्मा का अनुभव टीम और कप्तान दोनों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    आकाश चोपड़ा ने भी किया समर्थन
    पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज Aakash Chopra ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए कहा कि रोहित शर्मा को पूरा मैच खेलना चाहिए। उन्होंने कहा कि रोहित इस समय फिट हैं और अच्छी फॉर्म में भी नजर आ रहे हैं, इसलिए टीम को इसका फायदा उठाना चाहिए।

    आकाश चोपड़ा के अनुसार ओपनिंग बल्लेबाज के लिए मैच से पहले मैदान पर रहना और खेल की परिस्थितियों को समझना बेहद जरूरी होता है। अगर कोई ओपनर लंबे समय तक डगआउट में बैठा रहे और फिर सीधे बल्लेबाजी करने आए, तो यह उसके लिए स्वाभाविक स्थिति नहीं होती।

    उन्होंने कहा, “अगर आप फिट हैं, तो आपको पूरा मैच खेलना चाहिए। खासकर जब आप दूसरी पारी में बल्लेबाजी कर रहे हों तो आपको इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में नहीं आना चाहिए। एक ओपनर को डगआउट से 20 ओवर देखने की आदत नहीं होती।”

    पिछले दो सीजन में इम्पैक्ट प्लेयर की भूमिका
    दरअसल पिछले दो आईपीएल सीजन में Rohit Sharma को कई मुकाबलों में इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर इस्तेमाल किया गया था। वह ज्यादातर समय डगआउट में बैठे रहते थे और सिर्फ बल्लेबाजी के लिए मैदान पर आते थे। उस समय इसकी मुख्य वजह उनकी फिटनेस बताई जा रही थी। हालांकि पिछले 6 से 8 महीनों में रोहित शर्मा ने अपनी फिटनेस पर काफी मेहनत की है और अब वह टीम के सबसे फिट खिलाड़ियों में गिने जा रहे हैं।

    मुंबई इंडियंस के लिए बड़ा फैसला
    गौरतलब है कि Rohit Sharma की कप्तानी में Mumbai Indians ने पांच बार आईपीएल का खिताब जीता है। उनकी कप्तानी में टीम ने कई यादगार सफलताएं हासिल की थीं। हालांकि 2024 सीजन में टीम मैनेजमेंट ने बड़ा फैसला लेते हुए रोहित शर्मा की जगह Hardik Pandya को कप्तान नियुक्त कर दिया था। इसके बाद से टीम की रणनीति में कई बदलाव देखने को मिले हैं।

    अब आईपीएल 2026 की शुरुआत के बाद ही यह साफ होगा कि मुंबई इंडियंस रोहित शर्मा को पूरे मैच के लिए मैदान पर उतारती है या फिर उन्हें पहले की तरह इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर ही इस्तेमाल किया जाता है।

    हरभजन सिंह और आकाश चोपड़ा जैसे क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि रोहित शर्मा का अनुभव और नेतृत्व क्षमता मुंबई इंडियंस के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में अगर उन्हें पूरे मैच के दौरान मैदान पर रखा जाए तो यह टीम और कप्तान हार्दिक पांड्या दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

  • कीर्ति आजाद के बेतुके बयान पर भड़के भारतीय क्रिकेट के बड़े दिग्गज, हरभजन ने भी जमकर लताड़ लगाई

    कीर्ति आजाद के बेतुके बयान पर भड़के भारतीय क्रिकेट के बड़े दिग्गज, हरभजन ने भी जमकर लताड़ लगाई


    नई दिल्ली। न्यूजीलैंड को परास्त करके टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम करने के बाद पूरे भारत में खुशियां मनाई जा रही थी। देशभर में जश्न का महौल था। टीम इंडिया को जैसे ही ट्रॉफी मिली तो टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर अगले ही दिन अहमदाबाद के हनुमान मंदिर में गए जिसके लेकर पूर्व क्रिकेटर और TMC सांसद कीर्ति आजाद ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने ट्रॉफी को मंदिर ले जाए जाने पर आपत्ति जताई।

    दिग्गज क्रिकेटर्स ने बयान की निंदा की
    न्यूज एजेंसी IANS द्वारा जब गौतम गंभीर ने कीर्ति आजाद के इस बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि “वैसे तो इस सवाल का जवाब देना ही ठीक नहीं है। यह देश के लिए बड़ा पल है। मुझे लगता है कि जरूरी यह है कि हमें वर्ल्ड कप सेलिब्रेट करना चाहिए। ऐसे बयान सिर्फ आपकी उपलब्धियों को कम करेंगे। अगर आप ऐसे बयान देते हैं, तो आप अपने खिलाड़ियों का अपमान कर रहे हैं।”

    उनके अलावा हरभजन सिंह ने भी उनके बयान की निंदा की। हरभजन ने कहा “यह बेतुका है कि कोई ट्रॉफी को मंदिर ले जाने वाले खिलाड़ियों की घटना को राजनीतिक रंग दे रहा है। कीर्ति खुद एक पूर्व खिलाड़ी हैं, इसलिए उनसे ऐसा बोलने की उम्मीद नहीं थी। शायद वह राजनीति को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं और भूल गए हैं कि वह एक स्पोर्ट्समैन हैं।”

    ईशान किशन ने भी प्रतिक्रिया दी
    टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी जीतने के बाद अपने गृह नगर पटना पहुंचे ईशान किशन से जब एयरपोर्ट पर पत्रकारों ने पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद के विवादित बयान पर उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही तो उन्होंने निराशा जाहिर करते हुए कहा कि “इतना अच्छा वर्ल्ड कप जीते। आप लोग अच्छे सवाल करिएगा। ये कीर्ति आजाद क्या बोले? इस पर मैं क्या बोलूं? कुछ अच्छा सवाल करिए।”

  • रोहित-कोहली के भविष्य पर हरभजन का खुला बयान, सोशल मीडिया पर बना चर्चा का विषय

    रोहित-कोहली के भविष्य पर हरभजन का खुला बयान, सोशल मीडिया पर बना चर्चा का विषय

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने हाल ही में रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर चिंता जताई है। हरभजन का कहना है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसे लोग दोनों दिग्गज खिलाड़ियों के भविष्य के बारे में निर्णय ले रहे हैं जिन्होंने अपने करियर में कुछ खास हासिल नहीं किया।

    हालांकि हरभजन ने उम्मीद जताई कि रोहित और कोहली 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप तक खेलते रहेंगे। वर्तमान में रोहित 38 वर्ष के और विराट कोहली 37 वर्ष के हैं, और ये दोनों केवल वनडे प्रारूप में सक्रिय हैं। उनके वनडे विश्व कप तक खेलते रहने को लेकर अभी टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर ने कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है।

    हरभजन ने जताई अपनी चिंता

    हरभजन ने कहा  ये मेरी समझ से परे है। मैं इसका जवाब नहीं दे पाऊंगा। मैं खुद खिलाड़ी रहा हूं और जो मैं देख रहा हूं, वह मेरे साथ भी हुआ है। कई साथियों के साथ ऐसा हुआ, लेकिन ये दुर्भाग्यपूर्ण है। भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में 417 विकेट लेने वाले इस स्पिनर ने कोहली और रोहित के साथ किए जा रहे व्यवहार पर कहा, जब मैं विराट कोहली जैसे खिलाड़ी को देखता हूं, जो अभी भी शानदार प्रदर्शन कर रहा है, तो मुझे बहुत खुशी होती है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनके भविष्य के बारे में फैसला ऐसे लोग कर रहे हैं जिन्होंने अपने करियर में कुछ खास हासिल नहीं किया।

    रोहित-कोहली युवा पीढ़ी के लिए मिसाल हैं

    हरभजन ने उम्मीद जताई कि वनडे विश्व कप तक रोहित और कोहली शानदार फॉर्म में रहेंगे और युवा खिलाड़ियों के लिए मानक स्थापित करेंगे। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों के हालिया प्रदर्शन की भी तारीफ की।  विराट कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू मैदान पर लगातार दो शतक लगाए हैं जबकि रोहित शर्मा ने पिछली चार पारियों में दो अर्धशतक और एक शतक बनाया। हरभजन ने कहा, उन्होंने हमेशा रन बनाए हैं और भारत के लिए लगातार अच्छा योगदान दिया है। उन्होंने बल्लेबाज के रूप में शानदार प्रदर्शन किया है और टीम के कप्तान भी रहे हैं।

    हरभजन ने जोड़ते हुए कहा

    वे युवा पीढ़ी के लिए उदाहरण पेश कर रहे हैं और दिखा रहे हैं कि चैंपियन बनने के लिए क्या करना पड़ता है। इसलिए विराट कोहली और रोहित शर्मा को सही उदाहरण पेश करने के लिए बधाई।