Tag: Hardeep Singh Puri

  • महानदी ऑफशोर बेसिन में शुरू हुई पहली डीपवॉटर ड्रिलिंग भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम

    महानदी ऑफशोर बेसिन में शुरू हुई पहली डीपवॉटर ड्रिलिंग भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम


    नई दिल्ली। भारत ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए महानदी ऑफशोर बेसिन में पहले अप्रेजल वेल की ड्रिलिंग शुरू कर दी है। केंद्र सरकार ने इस परियोजना को देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक नए युग की शुरुआत बताया है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यह उपलब्धि पिछले एक दशक में किए गए व्यापक नीतिगत सुधारों और ऊर्जा क्षेत्र में अपनाई गई नई रणनीतियों का परिणाम है। उनका कहना है कि इस पहल से न केवल नए हाइड्रोकार्बन संसाधनों की खोज को गति मिलेगी बल्कि भारत की आयातित ऊर्जा पर निर्भरता भी धीरे धीरे कम होगी।

    महानदी ऑफशोर बेसिन में शुरू किया गया एमएन डीडब्ल्यूएन18 1 एचडी अप्रेजल वेल चार प्रस्तावित डीपवॉटर कुओं में पहला है। इन सभी कुओं के जरिए देश के सबसे संभावनाशील अपतटीय क्षेत्रों में मौजूद तेल और गैस संसाधनों का चरणबद्ध आकलन किया जाएगा। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार इस परियोजना में अत्याधुनिक डीपवॉटर ड्रिलिंग तकनीक का उपयोग किया जाएगा जिससे समुद्र की गहराई में छिपे संभावित हाइड्रोकार्बन भंडारों की पहचान और उनका दोहन आसान हो सकेगा।

    हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि पिछले दस वर्षों में सरकार ने एक्सप्लोरेशन एंड प्रोडक्शन क्षेत्र में कई ऐतिहासिक सुधार लागू किए हैं जिनसे इस क्षेत्र की कार्यप्रणाली पूरी तरह बदल गई है। उन्होंने कहा कि आज शुरू हुई ड्रिलिंग केवल समुद्र की तलहटी में खुदाई भर नहीं है बल्कि यह भारत की भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा की मजबूत नींव रखने का कार्य है। उनके अनुसार ड्रिलिंग का प्रत्येक मीटर देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ाएगा और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    मंत्री ने इस अवसर पर ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन ओएनजीसी ऑयल इंडिया लिमिटेड डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हाइड्रोकार्बन्स तकनीकी साझेदारों और इस परियोजना से जुड़े सभी विशेषज्ञों को बधाई दी। उन्होंने विश्वास जताया कि महानदी ऑफशोर बेसिन में शुरू हुई यह पहल भविष्य में भारत के अपतटीय तेल और गैस अन्वेषण को नई गति देगी तथा घरेलू उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करेगी।

    हरदीप पुरी ने सरकार द्वारा लागू किए गए प्रमुख सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन एंड लाइसेंसिंग पॉलिसी लागू होने के बाद ऊर्जा क्षेत्र में पारदर्शिता और निवेश दोनों बढ़े हैं। इसके साथ ही नामांकन आधारित पुरानी व्यवस्था को समाप्त कर ओपन एकरेज लाइसेंसिंग प्रोग्राम लागू किया गया जिससे निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को अधिक अवसर मिले। सरकार ने पारदर्शी रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल अपनाने के साथ पहले प्रतिबंधित रहे लगभग 99 प्रतिशत ऑफशोर नो गो क्षेत्रों को भी अन्वेषण के लिए खोल दिया है। इन कदमों से ऊर्जा क्षेत्र में निवेशकों का भरोसा काफी मजबूत हुआ है।

    मंत्री के अनुसार वर्ष 2014 के बाद देश के कुल सक्रिय एक्सप्लोरेशन क्षेत्र का लगभग 81 प्रतिशत हिस्सा आवंटित किया जा चुका है। ओपन एकरेज लाइसेंसिंग प्रोग्राम के तहत अब तक लगभग 3.8 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले 172 एक्सप्लोरेशन ब्लॉक आवंटित किए गए हैं जिनमें 4.3 अरब डॉलर से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता प्राप्त हुई है। यह दर्शाता है कि भारत का ऊर्जा क्षेत्र वैश्विक निवेशकों के लिए तेजी से आकर्षण का केंद्र बन रहा है।

    सरकार के आंकड़ों के अनुसार केवल वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ही देश में लगभग 674 वेल की ड्रिलिंग की गई। इसी अवधि में पांच नई हाइड्रोकार्बन खोजें हुईं और सात खोजों का व्यावसायिक उत्पादन भी शुरू किया गया। इन उपलब्धियों के आधार पर सरकार को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में घरेलू तेल और गैस उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में स्वदेशी संसाधनों की भूमिका और मजबूत होगी।

  • भारत में घरेलू उपभोक्ताओं को ईंधन की कोई कमी नहीं होगी : हरदीप सिंह पुरी

    भारत में घरेलू उपभोक्ताओं को ईंधन की कोई कमी नहीं होगी : हरदीप सिंह पुरी


    नई दिल्ली।
    केंद्रीय पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को भरोसा दिलाया कि भारत में घरेलू उपभोक्ताओं को पेट्रोलियम पदार्थों (पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और पीएनजी) की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि देश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

    केंद्रीय पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री ने ‘एक्स’ पोस्ट पर जारी एक बयान में ये भरोसा दिलाया कि भारत में घरेलू उपभोक्ताओं को ईंधन की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि देश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और वैश्विक तनाव के बावजूद निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। हरदीप सिंह पुरी ने भरोसा दिलाया कि भारत में घरेलू कंज्यूमर्स के लिए एनर्जी की कोई कमी नहीं है और घबराने की कोई बात नहीं है। पेट्रोलियम मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत का ऊर्जा आयात अलग-अलग सोर्स और रास्तों से लगातार हो रहा है।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने यह पक्का करने के लिए कई कदम उठाए हैं कि घरेलू उपभोक्ताओं को सीएनजी और पीएनजी की 100 फीसदी सप्लाई हो, और पश्चिम एशिया के मौजदा हालात के बावजूद दूसरी इंडस्ट्रीज़ को उनकी सप्लाई का 70 से 80 फीसदी मिलता रहे। पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि सरकार देश के घरेलू उपभोक्तओं को सस्ती एनर्जी की बिना रुकावट सप्लाई पक्का करने के लिए कमिटेड है।

    हरदीप सिंह पुरी ने जारी बयान में कहा कि आज मीडिया के लोगों के साथ इनफॉर्मल बातचीत में हमने इस बात पर चर्चा की कि भारत में एनर्जी का इंपोर्ट अलग-अलग सोर्स और रास्तों से लगातार हो रहा है। उन्होंने कहा कि घरेलू कंज्यूमर्स के लिए कोई कमी नहीं है और घबराने की कोई बात नहीं है।

  • शर्म की असली वजह क्या? एपस्टीन फाइल्स और अडानी केस को लेकर राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा वार

    शर्म की असली वजह क्या? एपस्टीन फाइल्स और अडानी केस को लेकर राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा वार


    नई दिल्ली । लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए सियासी बहस को नई धार दे दी है। एआई समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अर्धनग्न प्रदर्शन को प्रधानमंत्री द्वारा शर्मनाक बताए जाने पर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए पलटवार किया और कहा कि असली शर्म प्रदर्शन नहीं बल्कि उन मामलों पर सरकार की चुप्पी है जिनमें गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री उनके एक मंत्री और एक करीबी सहयोगी का नाम सामने आना चिंता का विषय है और यही वास्तव में शर्म की बात है।

    राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा मोदी जी आप शर्म की बात करते हो? शर्म की बात यह है कि एपस्टीन फाइल्स में आपका आपके मंत्री और आपके मित्र का नाम साथ में आ रहा है। ऐसे घिनौने अपराधी के साथ नाम जुड़ना ही शर्मनाक है। उन्होंने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इस समझौते से देश के किसानों टेक्सटाइल उद्योग और डेटा सुरक्षा को नुकसान पहुंचा है। उनके मुताबिक सरकार ने देशहित से समझौता किया है और इन मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।

    राहुल जिस संदर्भ का जिक्र कर रहे हैं उसमें केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम भी चर्चा में आया था। हालांकि पुरी ने स्पष्ट किया है कि उनके संबंध केवल आधिकारिक और कार्यगत थे। इसी प्रकरण में प्रधानमंत्री मोदी के एक विदेशी दौरे का उल्लेख भी सामने आने की बात कही गई थी जिस पर संसद में पहले भी हंगामा हो चुका है। अब राहुल गांधी ने उसी मुद्दे को फिर से उठाकर सरकार पर नैतिक जवाबदेही का दबाव बनाने की कोशिश की है।

    इसके साथ ही राहुल गांधी ने उद्योगपति गौतम अडानी पर अमेरिका में चल रहे मामलों को लेकर भी प्रधानमंत्री को घेरा। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक कारोबारी तक सीमित नहीं है बल्कि सत्ता और पूंजी के रिश्तों से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने आरोप लगाया कि 14 महीनों से इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई जो अपने आप में कई संदेह पैदा करती है। राहुल ने अनिल अंबानी का नाम लेते हुए भी सरकार और बड़े उद्योगपतियों की नजदीकियों पर सवाल उठाए और कहा कि कांग्रेस एक इंच भी पीछे नहीं हटेगी तथा देशहित के मुद्दों पर आवाज उठाती रहेगी।

    यह पूरा विवाद नई दिल्ली में आयोजित एआई समिट से जुड़ा है जहां कांग्रेस यूथ कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री मोदी ने मेरठ की सभा में कड़ी टिप्पणी की थी। उन्होंने इसे कांग्रेस की गंदी और शर्म वाली राजनीति बताते हुए कहा था कि देश की सबसे पुरानी पार्टी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि खराब कर रही है। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया।

    कांग्रेस के प्रदर्शन की आलोचना केवल सत्तापक्ष तक सीमित नहीं रही। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में इस तरह की हरकत से देश की छवि धूमिल होती है। वहीं बसपा प्रमुख मायावती समेत कई विपक्षी नेताओं ने भी कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाए। इसके बावजूद कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं का समर्थन किया और इसे लोकतांत्रिक विरोध बताया।

    सियासत के इस तीखे दौर में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो चुका है। एक ओर प्रधानमंत्री कांग्रेस की राजनीति को शर्मनाक बता रहे हैं तो दूसरी ओर राहुल गांधी सरकार की नीतियों अंतरराष्ट्रीय संबंधों और कारोबारी गठजोड़ पर सवाल उठाकर जवाब मांग रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और चुनावी मंचों पर और अधिक गूंजने की संभावना है।

  • वैश्विक व्यापार में भारत का बड़ा धमाका: PM मोदी ने किया इंडिया एनर्जी वीक का उद्घाटन, भारत-EU फ्री ट्रेड समझौते पर लगी मुहर

    वैश्विक व्यापार में भारत का बड़ा धमाका: PM मोदी ने किया इंडिया एनर्जी वीक का उद्घाटन, भारत-EU फ्री ट्रेड समझौते पर लगी मुहर


    नई दिल्ली।
    ऐतिहासिक व्यापार समझौता भारत-ईयू एफटीए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक 2026 का उद्घाटन करते हुए वैश्विक मंच पर एक बड़ी कूटनीतिक जीत की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच बहुप्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर सहमति बन गई है। यह समझौता न केवल दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को करीब लाएगा, बल्कि वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 25% हिस्सा भी कवर करेगा। पीएम ने कहा कि यह डील भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को विश्व स्तर पर मजबूती देगी और सर्विस सेक्टर के लिए विकास के नए द्वार खोलेगी। साथ ही, यह पिछले साल ब्रिटेन के साथ हुए समझौते को भी और अधिक शक्ति प्रदान करेगा।

    ऊर्जा अर्थव्यवस्था के रूप में भारत का उदय पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि आज भारत केवल एक बाजार नहीं, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र की एक महाशक्ति बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा ग्रीन हाइड्रोजन और बायोफ्यूल जैसे क्षेत्रों में भारत की प्रगति दुनिया के लिए मिसाल है। कार्यक्रम में मौजूद संयुक्त अरब अमीरात के मंत्रियों और वैश्विक विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में हो रहे निरंतर सुधारों ने निवेश के माहौल को दुनिया में सबसे बेहतर बना दिया है।

    इंडिया एनर्जी वीक 2026: क्या है खास? गोवा में 30 जनवरी तक चलने वाला यह तीन दिवसीय कार्यक्रम ऊर्जा जगत का सबसे बड़ा आयोजन है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और गोवा के सीएम प्रमोद सावंत की मौजूदगी में शुरू हुए इस सम्मेलन में 75,000 से अधिक एनर्जी प्रोफेशनल्स हिस्सा ले रहे हैं। 700 से अधिक प्रदर्शक और 550 विशेषज्ञ वक्ता शामिल हैं। इसमें तेल, गैस के साथ-साथ AI, डिजिटलाइजेशन और नेट-जीरो पाथवे जैसे 11 थीमेटिक जोन बनाए गए हैं। 12 से ज्यादा देशों के पवेलियन और 120 से अधिक तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। यह आयोजन भारत के उस विजन को दर्शाता है जहां विकास और पर्यावरण संरक्षण नेट-जीरो एक साथ चलते हैं। इस समझौते और समिट से भारत में करोड़ों के विदेशी निवेश और हजारों रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।